तिहाड़ जेल में अलग-अलग बैरक में बंद सीजेपी नेता, 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी के साथ मिलीं कई सुविधाएं तिहाड़ जेल में बंद कॉकरोच जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा गया है। उन्हें जेल प्रशासन की तरफ से टीवी, अखबार और भोजन की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के दो वरिष्ठ नेता सौरव दास और आशुतोष रांका वर्तमान में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। जेल प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के दृष्टिकोण से दोनों को परिसर के अपेक्षाकृत कम भीड़भाड़ वाले हिस्सों में रखा है। दोनों नेताओं पर 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों के जरिए नजर रखी जा रही है। दैनिक सुविधाओं के तहत उन्हें टीवी देखने और समाचार पत्र पढ़ने की अनुमति दी गई है। सोने के लिए दोनों को जमीन पर कंबल मुहैया कराए गए हैं। इसके अलावा दैनिक आहार में उन्हें नियमित रूप से दाल, रोटी, चावल और सब्जी परोसी जा रही है। जेल का आवंटन और सुरक्षा व्यवस्था प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, सौरव दास को कैदी नंबर 3752 और आशुतोष रांका को कैदी नंबर 1784 आवंटित किया गया है। शुरुआती चरण में दोनों नेताओं को तिहाड़ की जेल नंबर 2 में एक साथ रखा गया था। हालांकि बाद में प्रशासनिक कारणों से आशुतोष रांका को जेल नंबर 4 में स्थानांतरित कर दिया गया। मौजूदा व्यवस्था के तहत सौरव दास जेल नंबर दो के वार्ड नंबर तीन में बंद हैं, जबकि आशुतोष रांका जेल नंबर चार के वार्ड नंबर 15 में रह रहे हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के तहत दोनों नेताओं की बैरकों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं और नियंत्रण कक्ष से उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिस वार्ड में इन नेताओं को रखा गया है, वहां अन्य बैरकों के कैदियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है ताकि किसी भी प्रकार का अनधिकृत संपर्क न हो सके। दैनिक दिनचर्या और खान-पान की सुविधाएं तिहाड़ जेल के नियमों के तहत दोनों कैदियों के लिए एक निर्धारित समय सारिणी लागू है। सुबह और शाम के समय उन्हें पुलिसकर्मियों तथा जेल वार्डर की सीधी देखरेख में अपने वार्ड के आसपास टहलने और शारीरिक व्यायाम करने की अनुमति मिलती है। सुबह अपनी बैरक से बाहर निकलने के बाद कैदी अपने नित्य कर्म, स्नान और अन्य दैनिक कार्य निपटाते हैं। खान-पान की बात करें तो नाश्ते और दोपहर के भोजन के बीच अधिक अंतराल नहीं रखा जाता। नियमावली के अनुसार कैदियों को सुबह 11 बजे तक दोपहर का भोजन ग्रहण करना अनिवार्य होता है। दोपहर के खाने में कैदियों को चावल, रोटी, दाल और एक सूखी सब्जी दी जाती है। इस समय तिहाड़ जेल में कुल मिलाकर 14 हजार से अधिक कैदी बंद हैं, जिनमें से लगभग तीन-चौथाई कैदी विचाराधीन श्रेणी के हैं। मुलाकात और अन्य चर्चित बंदियों का संदर्भ दोनों नेताओं से मुलाकात के लिए कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके और पार्टी की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह जेल परिसर पहुंचे थे। मुलाकात के दौरान एक नेता की ओर से दूसरे नेता से मिलने का मौखिक अनुरोध जेल अधिकारियों से किया गया था, लेकिन सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए प्रशासन ने इस आग्रह को खारिज कर दिया। जिस जेल नंबर दो में सौरव दास को रखा गया है, उसमें पूर्व में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी रह चुके हैं। इसी जेल के एक अलग उच्च सुरक्षा वाले सेल में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और कार्यकर्ता उमर खालिद को भी रखा गया है। दूसरी ओर, जिस जेल नंबर चार में आशुतोष रांका बंद हैं, वहां अतीत में विपश्यना ध्यान शिविर आयोजित किए जाते रहे हैं और पूर्व में हथियार कारोबारी अभिषेक वर्मा भी वहां बंद रह चुका है। इसका आप पर असर इस घटनाक्रम का राजनीतिक कार्यकर्ताओं और सामान्य नागरिकों पर प्रशासनिक व कानूनी दृष्टिकोण से प्रभाव पड़ता है। • राष्ट्रीय स्तर पर: जेल प्रशासन द्वारा वीआईपी और हाई-प्रोफाइल विचाराधीन बंदियों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल के कड़े पालन को रेखांकित किया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा और नियमित जेल नियमों का संतुलन कैसे बनाया जाता है। • दिल्ली में: तिहाड़ जेल परिसर में बंद 14,000 से अधिक कैदियों और विचाराधीन बंदियों के प्रबंधन व सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासनिक ध्यान केंद्रित रहता है। इससे जेल की क्षमता और सुविधाओं के आवंटन की स्थिति सामने आती है। ऐसा क्यों हुआ तिहाड़ जेल प्रशासन द्वारा दोनों नेताओं को अलग-अलग बैरकों में रखने और 24 घंटे निगरानी करने के पीछे कई प्रशासनिक और सुरक्षात्मक कारण हैं। • सुरक्षा और कानून व्यवस्था: संवेदनशील मामलों में बंद नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें कम भीड़भाड़ वाले हिस्सों में रखना आवश्यक समझा जाता है। इससे जेल के भीतर आपसी गुटबाजी या अप्रिय घटनाओं से बचाव होता है। • आपसी संपर्क पर रोक: सह-आरोपियों या एक ही संगठन के नेताओं के बीच किसी भी प्रकार की अनधिकृत बातचीत को रोकने के लिए प्रशासन उन्हें अलग-अलग जेलों और वार्डों में स्थानांतरित करता है। • निगरानी बनाए रखना: चौबीसों घंटे सीसीटीवी कैमरों के उपयोग से कैदियों की गतिविधियों को ट्रैक किया जाता है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। सवाल-जवाब 1. सौरव दास और आशुतोष रांका को तिहाड़ की किन जेलों में रखा गया है? सौरव दास तिहाड़ की जेल नंबर 2 के वार्ड 3 में बंद हैं, जबकि आशुतोष रांका को जेल नंबर 4 के वार्ड 15 में रखा गया है। 2. जेल प्रशासन द्वारा दोनों नेताओं पर निगरानी के क्या प्रबंध किए गए हैं? दोनों नेताओं के सेल में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और उन पर चौबीसों घंटे निरंतर निगरानी रखी जा रही है। 3. तिहाड़ जेल में सौरव दास और आशुतोष रांका को खाने में क्या दिया जा रहा है? उन्हें प्रतिदिन भोजन में दाल, रोटी, चावल और एक सूखी सब्जी दी जाती है। 4. दोनों नेताओं को जेल में क्या-क्या सुविधाएं मिल रही हैं? उन्हें टीवी देखने, अखबार पढ़ने, फर्श पर कंबल ओढ़कर सोने तथा सुबह-शाम टहलने की अनुमति दी गई है। 5. सीजेपी की ओर से किन लोगों ने जेल में दोनों नेताओं से मुलाकात की? पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके और कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने जेल जाकर दोनों नेताओं से मुलाकात की। https://trendkia.com/bihar/tihar-jail-men-alaga-alaga-bairaka-men-bnda-cjp-neta-24-ghnte-cctv-nigarani-ke-satha-milin-kai-suvidhaen-48564 TrendKia — Har trend, sabse pehle.