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  "type": "article",
  "title": "तीन साल से हिरासत में बंद बांग्लादेशी नागरिक मन्ना पूर्णिया जेल की खिड़की तोड़कर फरार",
  "summary": "पूर्णिया सेंट्रल जेल के संसीमन केंद्र से तीन साल से बंद बांग्लादेशी नागरिक मन्ना खिड़की का रॉड तोड़कर फरार हो गया, पुलिस ने खजांची हाट थाने में केस दर्ज कर तलाश शुरू की है।",
  "content": "बिहार के पूर्णिया सेंट्रल जेल के अंदर बने संसीमन केंद्र से एक बांग्लादेशी नागरिक फरार हो गया है, जो पिछले तीन साल से वहां बंद था। आरोपी की पहचान मन्ना के रूप में हुई है, जो बांग्लादेश के नारायणपुर जिले के अजीज नगर थाना क्षेत्र का रहने वाला है और जमशेद जलक सिकंदर शाह का बेटा बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक मन्ना ने संसीमन केंद्र की खिड़की का रॉड तोड़कर जेल परिसर से बाहर निकलने में कामयाबी हासिल की।\n\nएसएसपी ने दी घटना की जानकारी\nएसएसपी डॉक्टर शौर्य सुमन ने बताया कि इस पूरे मामले में खजांची हाट थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है और फरार बांग्लादेशी कैदी की तलाश शुरू कर दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि जिला पदाधिकारी ने घटना की जांच के लिए एक टीम गठित की है। यह टीम पता लगाएगी कि जेल के भीतर बने संसीमन केंद्र से मन्ना आखिर किस तरह फरार होने में सफल रहा और इस चूक के लिए कौन जिम्मेदार है। पुलिस इन सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रही है।\n\n2023 में सुपौल से हुई थी गिरफ्तारी\nमामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो साल 2023 में सुपौल जिले के बिहपुर इलाके में एसएसबी के जवानों ने मन्ना को पकड़ा था। उस वक्त जांच में सामने आया था कि उसके पास भारत में दाखिल होने के लिए न तो पासपोर्ट था, न वीजा और न ही कोई अन्य वैध दस्तावेज। इसी आधार पर उसी साल यानी 2023 में उसे सुपौल से पूर्णिया सेंट्रल जेल के संसीमन केंद्र भेज दिया गया था। तभी से वह इसी केंद्र में निगरानी में रखा गया था। बताया जाता है कि पूर्णिया सेंट्रल जेल के इसी संसीमन केंद्र में मन्ना के अलावा भी कई अन्य विदेशी कैदी बंद हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर अब सवाल खड़े हो गए हैं।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: जेल में बंद विदेशी नागरिकों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने से देशभर की जेलों में सुरक्षा जांच सख्त हो सकती है, खासकर उन कैदियों के लिए जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं थे।\n\n• पूर्णिया, बिहार में: स्थानीय पुलिस अब फरार बांग्लादेशी नागरिक मन्ना की तलाश में जुटी है, जिससे इलाके में गश्त और सुरक्षा जांच बढ़ सकती है।\n• जेल प्रशासन पर असर: जिला पदाधिकारी की जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मन्ना कौन है और वह कहां से फरार हुआ?\nमन्ना एक बांग्लादेशी नागरिक है जो पूर्णिया सेंट्रल जेल के संसीमन केंद्र से फरार हुआ है।\n\n2. मन्ना कितने समय से जेल में बंद था?\nवह पिछले तीन साल से पूर्णिया सेंट्रल जेल के संसीमन केंद्र में बंद था।\n\n3. मन्ना जेल से किस तरह फरार हुआ?\nउसने संसीमन केंद्र की खिड़की का रॉड तोड़कर फरार होने में कामयाबी हासिल की।\n\n4. इस मामले में एफआईआर कहां दर्ज हुई है?\nइस मामले में खजांची हाट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।\n\n5. मन्ना को पहली बार कब और कहां गिरफ्तार किया गया था?\nसाल 2023 में सुपौल जिले के बिहपुर इलाके में एसएसबी के जवानों ने मन्ना को गिरफ्तार किया था।\n\n6. मन्ना को पूर्णिया जेल क्यों भेजा गया था?\nगिरफ्तारी के वक्त उसके पास भारत में दाखिल होने के लिए पासपोर्ट, वीजा या कोई अन्य वैध दस्तावेज नहीं था, इसलिए 2023 में ही उसे सुपौल से पूर्णिया सेंट्रल जेल के संसीमन केंद्र भेज दिया गया था।\n\n7. फरारी की जांच के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?\nजिला पदाधिकारी ने घटना की जांच के लिए एक टीम गठित की है, जो यह पता लगाएगी कि चूक कैसे हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।\n\n8. क्या इस संसीमन केंद्र में और भी विदेशी कैदी बंद हैं?\nहां, बताया जाता है कि पूर्णिया सेंट्रल जेल के इसी संसीमन केंद्र में मन्ना के अलावा कई अन्य विदेशी कैदी भी बंद हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/bihar/tina-sala-se-hirasata-men-bnda-bangladeshi-nagarika-manna-purnia-jela-ki-khiraki-torakara-pharara-3901",
  "category": "बिहार",
  "publishedAt": "2026-07-01",
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    "पूर्णिया जेल फरारी",
    "बांग्लादेशी कैदी फरार",
    "संसीमन केंद्र",
    "एसएसपी शौर्य सुमन",
    "सुपौल एसएसबी गिरफ्तारी",
    "बिहार जेल सुरक्षा"
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