# वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने का नया मौका, चुनाव आयोग पूरे बिहार में चलाएगा सघन अभियान

> चुनाव आयोग 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक बिहार में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण करने जा रहा है, जिसमें नए युवाओं और दिव्यांग नागरिकों को जोड़ने पर खास जोर रहेगा।

**Type:** article · **Category:** बिहार · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bihar/votara-lista-men-nama-darja-karane-ka-naya-mauka-election-commission-pure-bihar-men-chalaega-saghana-abhiyana-56692 · **Language:** Hindi
**Tags:** बिहार वोटर लिस्ट, चुनाव आयोग, मतदाता सूची पुनरीक्षण, मतदाता पहचान पत्र, सक्षम ऐप, मुख्य निर्वाचन अधिकारी

बिहार के जिन पात्र नागरिकों के नाम पूर्व में मतदाता सूची में शामिल होने से रह गए थे, उन्हें निर्वाचक नामावली से जोड़ने के लिए चुनाव आयोग एक नया सघन अभियान आरंभ करने जा रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के अनुसार, राज्य भर में 12 नवंबर से लेकर 11 दिसंबर तक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) की कवायद संचालित होगी। इस पूरी प्रक्रिया के लिए पात्रता की कट-ऑफ तारीख एक जनवरी, 2027 तय की गई है। इस दौरान उन सभी वयस्क नागरिकों, योग्य युवाओं तथा दिव्यांग व्यक्तियों पर मुख्य ध्यान केंद्रित रहेगा, जिनका नाम अब तक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो सका है।

## सुगम मतदान और व्यापक भागीदारी के लिए उच्चस्तरीय विमर्श
मतदान व्यवस्था को समावेशी बनाने और वंचित वर्गों को सक्रिय करने के उद्देश्य से अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी माधव कुमार सिंह के नेतृत्व में राज्य स्तरीय सुगम निर्वाचन संचालन समिति (एसएससीएई) की अहम बैठक आयोजित की गई। इस सत्र में मुख्य रूप से दिव्यांग नागरिकों की चुनावी सहभागिता बढ़ाने, पोलिंग बूथों पर जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने और छूटे हुए लोगों को पंजीकृत करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासनिक स्तर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शारीरिक रूप से अक्षम मतदाताओं को अपनी लोकतांत्रिक शक्ति का इस्तेमाल करने में किसी प्रकार की अड़चन न आए।

## आवेदन के लिए उपलब्ध डिजिटल और ऑफलाइन विकल्प
नागरिकों की सहूलियत के संबंध में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी पूनम कुमारी ने स्पष्ट किया कि आवेदन प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है। पूनम कुमारी ने बताया, "पात्र दिव्यांगजन ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।" चुनावी रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के लिए अलग-अलग प्रपत्र निर्धारित हैं। नया पंजीकरण कराने के इच्छुक व्यक्ति प्रपत्र-6 भरकर दे सकते हैं। यदि किसी प्रविष्टि को सूची से विलोपित कराना हो तो प्रपत्र-7 का उपयोग होगा। वहीं पते में परिवर्तन, व्यक्तिगत विवरण में संशोधन, डुप्लीकेट पहचान पत्र जारी कराने अथवा स्वयं को दिव्यांग मतदाता के रूप में चिह्नित कराने हेतु प्रपत्र-8 भरने का प्रावधान किया गया है।

## डिजिटल टूल्स और हेल्पलाइन व्यवस्था की पड़ताल
बैठक में मतदाता सेवाओं को तकनीक के जरिए घर-घर पहुंचाने वाले माध्यमों का भी परीक्षण किया गया। इसमें निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल, टोल-फ्री हेल्पलाइन 1950, विशेष रूप से तैयार किए गए 'सक्षम' ऐप तथा 'ईसीआईनेट' ऐप के कामकाज का जायजा लिया गया, ताकि नागरिकों को कहीं से भी सहायता मिल सके। इस समीक्षा बैठक में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक प्रियदर्शी, मनोज कुमार सिंह, रत्नांबर निलय और उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक एनके अग्रवाल समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

## इसका आप पर असर
यह अभियान बिहार के उन सभी वयस्कों को अपने लोकतांत्रिक अधिकार सुरक्षित करने का सीधा अवसर देता है जिनके नाम वोटर लिस्ट में नहीं हैं।

- **बिहार में:** राज्य के वे युवा और नागरिक जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाया था, वे 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक आवेदन कर सकते हैं। इसके जरिए आप आगामी चुनावों से पहले अपना वैध मतदाता पहचान पत्र बनवा सकेंगे।
- **भारत में:** डिजिटल वोटर सर्विसेज जैसे 1950 हेल्पलाइन और सक्षम ऐप के इस्तेमाल से अन्य राज्यों के नागरिक भी समझ सकते हैं कि चुनाव आयोग किस तरह नामांकन प्रक्रियाओं को आसान बना रहा है। बाहर रहने वाले प्रवासी बिहारी भी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपना नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म भर सकते हैं।
- **दिव्यांग नागरिकों के लिए:** प्रपत्र-8 के माध्यम से स्वयं को दिव्यांग श्रेणी में दर्ज कराकर मतदान केंद्र पर विशेष सुविधाएं प्राप्त की जा सकती हैं। इसके लिए ऑनलाइन सक्षम ऐप या ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन करने की सुविधा दी गई है।
- **नाम सुधारने वालों के लिए:** अगर आपके वोटर कार्ड में नाम, पता या अन्य विवरण गलत है तो प्रपत्र-8 भरकर उसमें संशोधन कराया जा सकता है। इसके लिए निर्धारित अभियान की समयसीमा के भीतर संबंधित दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करना होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान उन कमियों को दूर करने के लिए शुरू किया गया है जो पूर्व में मतदाता सूची की जांच के दौरान रह गई थीं।

- **पात्र नागरिकों का छूटना:** एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कई योग्य मतदाताओं और युवाओं के नाम सूची में दर्ज होने से वंचित रह गए थे। इस अंतर को पाटने के लिए चुनाव आयोग ने राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है।
- **समावेशी मतदान का लक्ष्य:** प्रशासनिक समीक्षा में यह पाया गया कि दिव्यांगजनों और नए वयस्क नागरिकों की चुनावी भागीदारी को और मजबूत करने की सख्त आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से विशेष संचालन समिति बनाकर बूथ स्तर की सुविधाओं और पंजीकरण पर ध्यान दिया जा रहा है।
- **निर्धारित अर्हता तिथि:** चुनाव आयोग ने एक जनवरी, 2027 को पात्रता की आधार तिथि तय की है, जिससे आने वाले समय में 18 वर्ष पूर्ण करने वाले नए युवाओं को अग्रिम रूप से जोड़ा जा सके।

## सवाल-जवाब

### 1. बिहार में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान कब से कब तक चलेगा?
यह अभियान 12 नवंबर से शुरू होकर 11 दिसंबर तक संचालित किया जाएगा।

### 2. इस मतदाता पुनरीक्षण के लिए पात्रता की कट-ऑफ तारीख क्या है?
इस प्रक्रिया के लिए अर्हता तिथि एक जनवरी, 2027 निर्धारित की गई है।

### 3. मतदाता सूची में नया नाम जुड़वाने के लिए कौन सा फॉर्म भरना होगा?
नया नाम दर्ज कराने के लिए प्रपत्र-6 (फॉर्म 6) भरकर जमा करना होगा।

### 4. अगर वोटर कार्ड में पता या नाम गलत है तो किस फॉर्म का उपयोग करें?
पते में बदलाव, विवरण में संशोधन या पहचान पत्र बदलवाने के लिए प्रपत्र-8 का उपयोग किया जाता है।

### 5. दिव्यांगजन मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए किन सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं?
दिव्यांगजन ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यमों के अलावा सक्षम ऐप और हेल्पलाइन नंबर 1950 का उपयोग कर सकते हैं।

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