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  "title": "व्यापार नहीं, विरासत के लिए मरूआ की खेती: दरभंगा के किसान बच्चों को दिखा रहे पुरखों का अनाज, सेहत के लिए वरदान",
  "summary": "दरभंगा के किसान नवीन कुमार मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि अगली पीढ़ी को परंपरा से जोड़ने के लिए मरूआ उगा रहे हैं। कैल्शियम, आयरन और फाइबर से भरपूर यह अनाज डायबिटीज के मरीजों के लिए दवा जैसा माना जाता है।",
  "content": "मुनाफा नहीं, मकसद है परंपरा\nदरभंगा के किसान नवीन कुमार की खेती की सोच बाकियों से अलग है। वे मरूआ इसलिए नहीं बोते कि इससे कमाई होगी, बल्कि इसलिए कि उनके बच्चे जान सकें कि उनके पूर्वज किस अनाज पर पलते-बढ़ते थे। उनके शब्दों में, यह खेती व्यापार के लिए नहीं, बल्कि एक विरासत को जिंदा रखने के लिए की जा रही है।\n\nनवीन कुमार याद करते हैं कि एक दौर ऐसा भी था जब हर घर के चूल्हे पर मरूआ की रोटी सिंकती थी। वक्त के साथ खानपान बदला और ये पुरानी चीजें धीरे-धीरे रसोई से गायब होती चली गईं। आज की पीढ़ी के लिए यह अनाज लगभग अनजाना हो चुका है।\n\nसेहत का खजाना है यह मोटा अनाज\nनवीन कुमार के मुताबिक मरूआ शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है। इसमें कैल्शियम, आयरन और फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद रहते हैं। यही वजह है कि यह अनाज हड्डियों को मजबूती देता है और शरीर में खून की कमी को दूर करने में मदद करता है।\n\nसबसे खास बात इसका डायबिटीज से जुड़ा फायदा है। नवीन बताते हैं कि शुगर के मरीजों के लिए यह किसी औषधि से कम नहीं। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिसके चलते इसे खाने के बाद शरीर में शुगर एकदम से नहीं, बल्कि धीरे-धीरे बढ़ती है।\n\nधान की तरह होती है खेती\nमरूआ उगाने का तरीका लगभग धान जैसा ही है। सबसे पहले इसकी नर्सरी तैयार की जाती है, यानी बीज की पिछड़ा बुवाई की जाती है। करीब 20-25 दिन में जब पौध तैयार हो जाती है, तो ठीक धान की रोपाई की तरह इन पौधों को खेत में रोपा जाता है। इसके बाद समय-समय पर निराई-गुड़ाई, खाद और पानी का इंतजाम करना पड़ता है।\n\nफसल पककर तैयार होने के बाद इसे काटा जाता है, फिर सुखाकर और कूटकर इसका अनाज अलग निकाला जाता है।\n\nबाजार और धार्मिक महत्व\nइस वक्त बाजार में मरूआ 70-80 रुपये किलो के भाव पर बिक रहा है। मिथिलांचल इलाके में इसका महत्व सिर्फ खानपान तक सीमित नहीं है; जितिया पर्व के मौके पर इसका धार्मिक रूप से भी इस्तेमाल किया जाता है।",
  "url": "https://trendkia.com/bihar/vyapara-nahin-virasata-ke-lie-marua-ki-kheti-darabhnga-ke-kisana-bachchon-ko-dik-535",
  "category": "बिहार",
  "publishedAt": "2026-06-13",
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    "मरूआ की खेती",
    "रागी",
    "मधुमेह आहार",
    "दरभंगा किसान",
    "मिथिलांचल",
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    "पोषण"
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  "site": "TrendKia"
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