# ज़िंदा लोगों को कागज़ पर मृत दिखाकर हड़पे साढ़े चार लाख, पूर्वी चंपारण में कबीर अंत्येष्टि योजना में बड़ा घोटाला

> बिहार के पूर्वी चंपारण की दरमाहा पंचायत में कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत करीब साढ़े चार लाख रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। जिंदा लोगों के नाम पर मृत्यु का पैसा निकाला गया और APL श्रेणी के अपात्रों को योजना का लाभ दिया गया।

**Type:** article · **Category:** बिहार · **Published:** 2026-06-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bihar/zinda-logon-ko-kagaza-para-mrita-dikhakara-harape-sarhe-chara-lakha-east-champaran-men-kabir-antayeshti-yojana-men-bara-ghotala-2141 · **Language:** Hindi
**Tags:** कबीर अंत्येष्टि योजना घोटाला, पूर्वी चंपारण भ्रष्टाचार, दरमाहा पंचायत गबन, बिहार सरकारी योजना घोटाला, BPL योजना गबन, शालिनी मिश्रा, पंचायत भ्रष्टाचार बिहार, मोतिहारी समाचार

## ज़िंदा को मृत दिखाया, सरकारी पैसा हड़पा
बिहार के मोतिहारी में पूर्वी चंपारण जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कल्याणपुर प्रखंड की दरमाहा पंचायत में पंचायत कर्मियों और अधिकारियों ने मिलकर कबीर अंत्येष्टि योजना की सरकारी राशि का जमकर गबन किया। इस घोटाले में जो बात सबसे ज़्यादा चौंकाती है, वह यह है कि जिंदा लोगों को कागज़ों पर मृत दिखाकर उनके नाम पर अंतिम संस्कार की सरकारी राशि निकाल ली गई।

## क्या है कबीर अंत्येष्टि योजना?
यह योजना गरीबी रेखा से नीचे जीवन जीने वाले BPL परिवारों को उनके किसी स्वजन की मृत्यु पर कफन और अंतिम संस्कार के खर्च के लिए सरकारी आर्थिक मदद देती है। मकसद यह है कि कोई गरीब परिवार अपने मृत सदस्य के अंतिम संस्कार के लिए मोहताज न रहे। लेकिन दरमाहा पंचायत में इस इंसानी योजना का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया।

## किस तरह किया गया गबन?
जांच में सामने आया कि पंचायत स्तर पर नियमों को ताक पर रखकर कई जीवित लोगों के नाम पर योजना की राशि निकाली गई। इसके अलावा APL श्रेणी के उन लोगों को भी लाभ दे दिया गया, जो इस योजना के लिए पात्र ही नहीं हैं। जिन असली ज़रूरतमंद BPL परिवारों के लिए यह योजना बनाई गई थी, वे मदद से वंचित रहे। आरोप है कि मुखिया और पंचायत कर्मियों की मिलीभगत से करीब साढ़े चार लाख रुपये की सरकारी राशि गलत तरीके से निकाली गई।

## विधायक की शिकायत, जांच में हुआ पर्दाफाश
यह मामला लगातार 20 सूत्री की बैठकों में उठता रहा। स्थानीय विधायक शालिनी मिश्रा ने इस पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी से जांच की मांग की। जिलाधिकारी के निर्देश पर डीआरडीए निदेशक कुंदन कुमार ने जांच कराई। जांच रिपोर्ट में साढ़े चार लाख रुपये के गबन की पुष्टि हो गई। डीआरडीए निदेशक कुंदन कुमार ने खुद स्वीकार किया कि योजना के तहत राशि अनियमित तरीके से निकाली गई है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है और आगे की कार्रवाई प्रशासनिक स्तर पर होगी।

## पूर्वी चंपारण में घोटालों की कतार
यह कोई इकलौता मामला नहीं है। हाल के दिनों में पूर्वी चंपारण में एक के बाद एक सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी की खबरें सामने आती रही हैं। केसरिया और पताही में बिना सड़क बनाए पुलिया निर्माण का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब कबीर अंत्येष्टि योजना में यह कथित घोटाला उजागर हुआ है। अब सवाल यह उठ रहा है कि अगर जिले की बाकी पंचायतों की भी गहन जांच हो, तो गबन की कुल राशि लाखों से बढ़कर करोड़ों तक पहुंच सकती है।

## इसका आप पर असर
- **बिहार में:** गरीब परिवारों के लिए बनाई गई सरकारी कल्याण योजनाओं का पैसा जमीनी स्तर पर पहुंचने से पहले ही हड़पा जा रहा है, जिससे असली ज़रूरतमंद मदद से वंचित रह जाते हैं।
- **पूर्वी चंपारण में:** जिले की अन्य पंचायतों में भी इसी तरह के गबन की आशंका जताई जा रही है और यदि व्यापक जांच हो तो घोटाले की राशि करोड़ों में पहुंच सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. कबीर अंत्येष्टि योजना क्या है और यह किसके लिए है?
यह बिहार सरकार की एक कल्याण योजना है जो गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन जीने वाले परिवारों को उनके स्वजन के निधन पर कफन और अंतिम संस्कार के खर्च के लिए आर्थिक सहायता देती है।

### 2. इस घोटाले में कितनी राशि का गबन हुआ?
विभागीय जांच रिपोर्ट में करीब साढ़े चार लाख रुपये (₹4,50,000) के गबन की पुष्टि हुई है।

### 3. यह घोटाला किस जगह हुआ?
यह मामला बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड की दरमाहा पंचायत में सामने आया।

### 4. घोटाले को कैसे अंजाम दिया गया?
जिंदा लोगों के नाम पर मृत्यु की राशि निकाली गई और APL श्रेणी के अपात्र लोगों को BPL परिवारों के लिए बनी योजना का लाभ दे दिया गया।

### 5. इस मामले की जांच किसने कराई?
स्थानीय विधायक शालिनी मिश्रा की मांग पर जिलाधिकारी के निर्देश से डीआरडीए निदेशक कुंदन कुमार ने जांच कराई।

### 6. जांच के बाद अब क्या होगा?
जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है और आगे की कार्रवाई प्रशासनिक स्तर पर की जाएगी।

### 7. क्या पूर्वी चंपारण में पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं?
हां, केसरिया और पताही में बिना सड़क बनाए पुलिया निर्माण का मामला भी हाल ही में सामने आया था।

### 8. क्या जिले की अन्य पंचायतों में भी जांच होगी?
इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि अगर जिले की अन्य पंचायतों की भी गहन जांच हो तो गबन की राशि लाखों से बढ़कर करोड़ों तक पहुंच सकती है।

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