# 10वीं सालगिरह पर गैरेज को बनाया स्टूडियो और फिर बिखेरा 'बेबी डॉल' का जादू, जानिए बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर के संघर्ष और नए सफर की कहानी

> बॉलीवुड गायिका कनिका कपूर ने विवाह के बाद संगीत से दूरी बनाई थी, लेकिन तलाक के बाद आर्थिक आत्मनिर्भरता और कड़ी मेहनत से 'बेबी डॉल' जैसा सुपरहिट गाना देकर इंडस्ट्री में अपनी मजबूत जगह बनाई।

**Type:** article · **Category:** बॉलीवुड · **Published:** 2026-08-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bollywood/10vin-salagiraha-para-gaireja-ko-banaya-studiyo-aura-phira-bikhera-bebi-dola-ka-jadu-janie-bolivuda-singara-kanika-kapoor-ke-sngha-19188 · **Language:** Hindi
**Tags:** कनिका कपूर, बेबी डॉल, बॉलीवुड न्यूज, गौतम हाथीरमानी, रागिनी एमएमएस 2, फिल्मफेयर अवॉर्ड

बॉलीवुड की प्रख्यात गायिका कनिका कपूर के सुपरहिट गाने 'बेबी डॉल' की धुन भले ही आज भी हर शादी और पार्टी की जान बनी हुई है, लेकिन इस शानदार कामयाबी के पीछे उनके संघर्ष, दृढ़ इच्छाशक्ति और जीवन के उतार-चढ़ाव की एक प्रेरणादायक कहानी छिपी है। लखनऊ के एक पारंपरिक परिवार में जन्मी कनिका कपूर ने कम उम्र में संगीत की दुनिया में अपने कदम रख दिए थे, लेकिन लगभग 18 साल की उम्र में विवाह के बाद उन्हें अपने संगीत करियर से लंबे समय तक दूर रहना पड़ा। तीन बच्चों के पालन-पोषण और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच भी उन्होंने संगीत के प्रति अपने जुनून को कभी मरने नहीं दिया। साल 2012 में वैवाहिक जीवन के समाप्त होने के बाद, उन्होंने अपनी पहचान और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए दोबारा शून्य से शुरुआत की और बॉलीवुड में अपनी सफलता का परचम लहराया। इसके साथ ही, निजी जिंदगी में मुश्किलों का सामना करने के बाद मई 2022 में उन्होंने अपने 15 साल पुराने दोस्त गौतम हाथीरमानी के साथ एक नए सुखी जीवन की शुरुआत भी की।

## लखनऊ में संगीत की शिक्षा से लेकर लंदन जाने तक का शुरुआती सफर
कनिका कपूर का जन्म 21 अगस्त 1978 को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुआ था। उनका बचपन एक बड़े और संपन्न परिवार के बीच बीता, जहां संगीत का माहौल हमेशा से मौजूद था। बेहद कम उम्र में ही उन्होंने शास्त्रीय संगीत की बाकायदा तालीम लेनी शुरू कर दी थी। उनके सुरों की प्रतिभा इतनी प्रभावशाली थी कि बचपन के दिनों में ही वह ऑल इंडिया रेडियो के लिए गायन करने लगी थीं। इसके अलावा, उन्होंने अपने शुरुआती दिनों में सुप्रसिद्ध भजन गायक अनूप जलोटा के साथ भी कई संगीत कार्यक्रमों और मंच पर अपनी प्रस्तुतियां दी थीं। संगीत में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद, कनिका ने मुंबई आकर इस क्षेत्र में अपना बड़ा करियर बनाने का प्रयास भी किया था।

हालांकि, जब उनका करियर आकार ले रहा था, तभी उनकी जिंदगी ने एक नया मोड़ लिया। महज 18 साल की उम्र के आसपास उनकी शादी राज चंडोक के साथ हो गई और विवाह के बाद वह ब्रिटेन की राजधानी लंदन जाकर बस गईं। लंदन में रहते हुए उन्होंने तीन बच्चों को जन्म दिया और पूरी तरह से अपने परिवार तथा बच्चों के पालन-पोषण में व्यस्त हो गईं। घरेलू जिम्मेदारियों के इस दौर में उनका संगीत करियर काफी पीछे छूट गया। लेकिन कनिका के भीतर संगीत का दीया हमेशा प्रज्वलित रहा और उन्होंने अपने गायन के अभ्यास को कभी पूरी तरह से नहीं छोड़ा।

## 10वीं शादी की सालगिरह पर गैरेज को स्टूडियो बनाने की अनोखी जिद
वैवाहिक जीवन की व्यस्तताओं के दौरान भी कनिका कपूर के मन में अपने संगीत के सपने को पूरा करने की ललक हमेशा कायम रही। उन्होंने एक साक्षात्कार में अपनी जिंदगी से जुड़ा एक बेहद भावुक किस्सा साझा किया था। उन्होंने बताया कि जब उनकी शादी की 10वीं सालगिरह आने वाली थी, तब उन्होंने अपने तत्कालीन पति से किसी हीरे के गहने या महंगे तोहफे की मांग करने के बजाय अपना खुद का एक संगीत एल्बम रिकॉर्ड करने की इच्छा जताई। संगीत के प्रति उनका यह समर्पण ही था कि उन्होंने अपने घर के गैरेज को ही एक सर्वसुविधायुक्त रिकॉर्डिंग स्टूडियो में तब्दील कर लिया था और वहीं से अपने गीतों पर काम करना शुरू किया।

हालांकि, आने वाले समय में उनकी निजी जिंदगी में बड़ा संकट आया और साल 2012 में उनका राज चंडोक से तलाक हो गया। इस कठिन मोड़ पर कनिका ने हार मानने के बजाय अपने तीनों बच्चों की अकेले परवरिश करने और वित्तीय रूप से खुद के पैरों पर खड़े होने का मजबूत फैसला लिया। कनिका कपूर का मानना था कि आर्थिक स्वावलंबन और वित्तीय आजादी ही एक महिला को सच्चा आत्मसम्मान और समाज में निडरता से जीने का हौसला प्रदान करती है। इसी सोच के साथ उन्होंने संगीत की दुनिया में अपनी नई पारी की आधिकारिक शुरुआत की।

## 'जुगनी जी' से वापसी और 'बेबी डॉल' के गाने से रातोंरात मिली राष्ट्रीय पहचान
वर्ष 2012 में वैवाहिक जीवन से अलग होने के बाद कनिका कपूर ने संगीत के क्षेत्र में जोरदार वापसी की। उनका पहला स्वतंत्र गीत 'जुगनी जी' रिलीज हुआ, जिसने उन्हें संगीत प्रेमियों के बीच एक नई पहचान दिलाई। लेकिन उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ साल 2014 में आया, जब फिल्म 'रागिनी एमएमएस 2' का धमाकेदार गाना 'बेबी डॉल' दर्शकों के सामने आया। इस गाने ने रिलीज होते ही सफलता के तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिए और कनिका कपूर की विशिष्ट आवाज रातोंरात पूरे देश के कोने-कोने में गूंजने लगी। इस गाने में उनके बेहतरीन गायन के लिए उन्हें प्रतिष्ठित फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

इस ऐतिहासिक सफलता के बाद कनिका कपूर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और बॉलीवुड को एक के बाद एक कई ब्लॉकबस्टर गाने दिए। उनके द्वारा गाए गए गानों में 'चिट्टियां कलाइयां', 'लवली', 'देसी लुक' और 'नचन फर्राटे' जैसे चार्टबस्टर ट्रैक शामिल हैं, जिन्होंने उन्हें भारतीय संगीत उद्योग की सबसे लोकप्रिय और सफल गायिकाओं की पंक्ति में ला खड़ा किया। उनके गानों की ऊर्जा और खास आवाज ने श्रोताओं को अपना दीवाना बना दिया।

## 15 वर्षों की गहरी दोस्ती, दो बार प्रपोजल और मई 2022 का विवाह
करियर में बड़ी सफलता हासिल करने के साथ-साथ कनिका कपूर की व्यक्तिगत जिंदगी में भी प्यार ने दोबारा दस्तक दी। एक साक्षात्कार में कनिका ने बताया कि वह और लंदन के मशहूर व्यवसायी गौतम हाथीरमानी लगभग 15 वर्षों से एक-दूसरे के बहुत अच्छे दोस्त थे। जीवन के सबसे कठिन दौर में गौतम ने कनिका का संबल बनकर उनका हमेशा साथ दिया था। इस गहरी दोस्ती के बीच कनिका ने पहली बार साल 2014 में, यानी 'बेबी डॉल' गाने के सुपरहिट होने के तुरंत बाद, गौतम से शादी की बात कही थी। हालांकि, उस समय गौतम ने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें लगा कि कनिका महज मजाक कर रही हैं।

कनिका ने अपने दिल की बात को दबाने के बजाय साल 2020 में एक बार फिर गौतम के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। इस बार गौतम को अहसास हुआ कि कनिका अपने रिश्ते को लेकर बेहद गंभीर हैं। यहां से उनकी खूबसूरत प्रेम कहानी ने एक औपचारिक रूप लिया। इसके बाद, अगस्त 2021 में गौतम हाथीरमानी ने कनिका कपूर को शादी के लिए विधिवत प्रपोज किया। आखिरकार, मई 2022 में दोनों ने अपने परिवार और करीबियों की मौजूदगी में शादी के बंधन में बंधने का फैसला किया।

## अतीत का डर, परिवार की स्वीकार्यता और मंडप तक बच्चों का साथ
दूसरी बार शादी के बंधन में बंधने से पहले कनिका कपूर के मन में कुछ गहरे संशय और डर भी थे। चूंकि वह एक तलाकशुदा महिला थीं और तीन बच्चों की मां थीं, इसलिए उन्हें इस बात की चिंता सता रही थी कि क्या गौतम या उनका परिवार उन्हें और उनके बच्चों को पूरी तरह स्वीकार कर पाएगा। हालांकि, जब शादी की बात आगे बढ़ी, तो उनका यह डर पूरी तरह निराधार साबित हुआ। गौतम और उनके परिजनों ने न केवल कनिका को दिल से अपनाया, बल्कि उनके तीनों बच्चों और माता-पिता को भी परिवार के अभिन्न सदस्य के रूप में बेहद प्यार और सम्मान दिया।

मई 2022 में आयोजित हुए भव्य विवाह समारोह में कनिका कपूर के तीनों बच्चे बेहद खुश और उत्साहित नजर आए। शादी के खास पलों में उनके बेटे ने अपनी मां का हाथ थामकर उन्हें विवाह के मंडप तक पहुंचाया, वहीं उनकी दोनों बेटियां शादी की तमाम रस्मों में अपनी मां के साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ी रहीं। यह पल कनिका कपूर और उनके परिवार के लिए बेहद भावुक और यादगार बन गया, जिसने यह साबित किया कि हिम्मत और प्यार से जीवन की हर मुश्किल को आसान बनाया जा सकता है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** यह कहानी महिलाओं के लिए वित्तीय स्वतंत्रता और करियर की दूसरी पारी शुरू करने के महत्व को रेखांकित करती है।

**प्रशंसकों के लिए:** यह संगीत प्रेमियों को प्रेरित करती है कि व्यक्तिगत जीवन की कठिनाइयों के बावजूद कला और दृढ़ संकल्प से नए शिखर छुए जा सकते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. कनिका कपूर का जन्म कहां और कब हुआ था?
कनिका कपूर का जन्म 21 अगस्त 1978 को लखनऊ में हुआ था।

### 2. कनिका कपूर ने बॉलीवुड में रातोंरात सफलता किस गाने से हासिल की?
साल 2014 में रिलीज हुई फिल्म 'रागिनी एमएमएस 2' के सुपरहिट गाने 'बेबी डॉल' से कनिका कपूर को रातोंरात देश भर में पहचान मिली।

### 3. कनिका कपूर ने अपने तत्कालीन पति से 10वीं सालगिरह पर क्या मांगा था?
उन्होंने 10वीं सालगिरह पर हीरे या महंगे तोहफे के बजाय अपना संगीत एल्बम रिकॉर्ड करने की इच्छा जताई थी और अपने गैरेज को स्टूडियो में बदल लिया था।

### 4. कनिका कपूर की दूसरी शादी कब और किससे हुई?
कनिका कपूर की दूसरी शादी मई 2022 में व्यवसायी गौतम हाथीरमानी से हुई, जो उनके करीब 15 साल पुराने दोस्त थे।

### 5. कनिका कपूर को 'बेबी डॉल' गाने के लिए कौन सा पुरस्कार मिला?
उन्हें इस गाने के लिए प्रतिष्ठित फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका का पुरस्कार मिला था।

## प्रेरणा और सबक
**1. वित्तीय आत्मनिर्भरता की ताकत:** कनिका कपूर ने जीवन के कठिन मोड़ पर आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने का फैसला किया, जिसने उन्हें आत्मसम्मान और नए रास्ते दिए।

**2. सपनों के प्रति अटूट निष्ठा:** परिवार की जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने संगीत के प्रति अपने लगाव को जीवित रखा और 10वीं सालगिरह पर गैरेज को स्टूडियो में बदला।

**3. उम्र या परिस्थितियों की कोई सीमा नहीं:** लगभग 18 साल तक संगीत से दूर रहने और तलाक के बाद भी उन्होंने 2012 में नए सिरे से शुरुआत की और राष्ट्रीय पुरस्कार तक हासिल किया।

**4. अतीत को पीछे छोड़कर नया अवसर स्वीकार करना:** संशय और डर के बावजूद उन्होंने दोबारा प्यार और रिश्ते को मौका दिया, जिससे एक खुशहाल सुखी परिवार बना।

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