1962 की 'प्रोफेसर' के एक गाने की धुन ने 1990 में बदली दो फिल्मों की तकदीर, एक हिट तो दूसरी हुई फ्लॉप 1962 में आई शम्मी कपूर की फिल्म 'प्रोफेसर' के एक गाने की धुन दशकों बाद भी सुनाई दी, पहले पाकिस्तानी फिल्म 'दूरियां' में और फिर 1990 में 'आशिकी' और 'आंधियां' जैसी दो फिल्मों में, जिनमें से एक सुपरहिट रही तो दूसरी फ्लॉप हो गई। बॉलीवुड में कई बार एक गाने की धुन इतनी असरदार होती है कि वो दशकों बाद दूसरी फिल्मों में भी सुनाई देती है। ऐसी ही एक कहानी है साल 1962 में आई फिल्म 'प्रोफेसर' के एक गाने की, जिसकी धुन तीन अलग-अलग फिल्मों में दोबारा इस्तेमाल हुई। इनमें से दो फिल्में सुपरहिट रहीं तो एक फ्लॉप हो गई। शम्मी कपूर की 'प्रोफेसर' और शंकर-जयकिशन का जादू 60 के दशक में शम्मी कपूर और कल्पना मोहन की जोड़ी वाली म्यूजिकल कॉमेडी फिल्म 'प्रोफेसर' का निर्देशन लेख टंडन ने किया था और इसे एफसी मेहरा ने प्रोड्यूस किया था। फिल्म में ललिता पवार, टुनटुन, इफ्तिखार और सलीम खान भी अहम किरदारों में नजर आए थे। फिल्म की कहानी शशि भूषण ने लिखी थी, जबकि स्क्रीनप्ले और डायलॉग अबरार अल्वी की कलम से निकले थे। गाने हसरत जयपुरी और शैलेंद्र ने लिखे थे और संगीत शंकर-जयकिशन की जोड़ी ने तैयार किया था, जिसके लिए उन्हें बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। 'प्रोफेसर' लेख टंडन के करियर की पहली डायरेक्शन वाली फिल्म थी। गुरु दत्त से देव आनंद तक, कई सितारों ने ठुकराई फिल्म दिलचस्प बात यह है कि यह फिल्म शुरू में शम्मी कपूर के लिए बनी ही नहीं थी। गुरु दत्त इसे किशोर कुमार और वहीदा रहमान को लेकर बनाना चाहते थे। उस दौर में किसी भी फिल्म की तीन रील बनाकर पहले सेंसर बोर्ड को दिखानी पड़ती थी। सेंसर बोर्ड ने जब आपत्ति जताई तो गुरु दत्त ने प्रोजेक्ट बीच में ही छोड़ दिया। इसके बाद देवानंद और राज कपूर के पास भी यह फिल्म गई, लेकिन दोनों ने इसे करने से मना कर दिया। आखिरकार यह फिल्म शम्मी कपूर के पास पहुंची। हालांकि शम्मी कपूर की शर्त थी कि इसे शक्ति सामंत या नासिर हुसैन डायरेक्ट करें, लेकिन लेख टंडन इसके लिए राजी नहीं हुए और उन्होंने स्क्रिप्ट किसी और को देने से इनकार कर दिया। बन गई सुपरहिट फिल्म, गाने-गाने में छाया जादू आखिरकार जो फिल्म बनकर तैयार हुई, उसने दर्शकों का दिल जीत लिया। पूरी फिल्म में शम्मी कपूर का जलवा दिखा और फिल्म के विजुअल्स भी काफी आकर्षक बने। शंकर-जयकिशन के संगीत ने कमाल कर दिया और लगभग हर गाना हिट साबित हुआ। इनमें 'हमारे गांव कोई आएगा' (आशा भोसले-लता मंगेशकर), 'आवाज देकर हमें तुम बुलाओ' (मोहम्मद रफी-लता मंगेशकर), 'खुली पलक में झूठा गुस्सा' (मोहम्मद रफी), 'ऐ गुलबदन' (मोहम्मद रफी) और 'मैं चली मैं चली, पीछे पीछे जहां' (लता मंगेशकर-मोहम्मद रफी) शामिल थे। करीब 50 लाख रुपए के बजट में बनी इस फिल्म ने 1 करोड़ रुपए की कमाई की और यह हिट साबित हुई। 1962 में रिलीज हुई फिल्मों में यह तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म रही। वही धुन, पाकिस्तान होते हुए तीन गानों में लौटी फिल्म के गाने 'मैं चली मैं चली, पीछे पीछे जहां' की धुन ने आगे चलकर तीन और गानों को जन्म दिया। इनमें से एक गाना 1984 में रिलीज हुई पाकिस्तानी फिल्म 'दूरियां' में सुनाई दिया, जिसके बोल थे, 'बस एक तेरे सिवा, कोई नहीं है मेरा'। सबसे दिलचस्प मोड़ यहीं से शुरू होता है। इसी पाकिस्तानी गाने की धुन को 1990 में दो अलग-अलग हिंदी फिल्मों में इस्तेमाल किया गया, जिनके नाम थे 'आशिकी' और 'आंधियां'। इन दोनों फिल्मों की किस्मत बिल्कुल अलग निकली, जहां 'आशिकी' सुपरहिट रही, वहीं 'आंधियां' पूरी तरह फ्लॉप हो गई। 'आंधियां': वही धुन लेकिन बॉक्स ऑफिस पर नाकाम 'आंधियां' 8 जून 1990 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इसमें शत्रुघ्न सिन्हा, मुमताज, प्रसेनजीत चटर्जी और मधु श्री जैसे कलाकार नजर आए। फिल्म का निर्देशन डेविड धवन ने किया था, डायलॉग अनीस बज्मी ने लिखे थे और स्क्रीनप्ले राम केलकर की कलम से निकला था। इसे पहलाज निहलानी ने प्रोड्यूस किया था और संगीत बप्पी लाहिड़ी ने दिया था। फिल्म का गाना 'दुनिया में तेरे सिवा, कोई नहीं है मेरा' अनुराधा पौडवाल और उदित नारायण ने गाया था, और इसकी मूल धुन 'प्रोफेसर' फिल्म के गाने 'मैं चली मैं चली, पीछे पीछे जहां' से प्रेरित थी। इतनी दिलचस्प विरासत वाली धुन के बावजूद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई। 'आशिकी': जिस फिल्म ने हिंदी सिनेमा की दिशा ही बदल दी 1990 में ही एक और म्यूजिकल रोमांटिक फिल्म 'आशिकी' रिलीज हुई, जिसने हिंदी सिनेमा को हमेशा के लिए बदल दिया। महेश भट्ट के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में राहुल रॉय और अनु अग्रवाल लीड रोल में थे। नदीम-श्रवण का संगीत ब्लॉकबस्टर साबित हुआ और गीत समीर ने लिखे थे। कुमार सानू और अनुराधा पौडवाल की आवाज में गाए गाने पूरे देश में गूंजे, हर गली-मोहल्ले, बस-ऑटो और पान की दुकानों तक इनकी धुन पहुंच गई थी। इसी फिल्म का गाना 'जाने जिगर जाने मन, तुझको है तेरी कसम' भी 1962 की 'प्रोफेसर' फिल्म के गाने 'मैं चली मैं चली, पीछे पीछे जहां' से प्रेरित था, हालांकि असल में यह पाकिस्तानी फिल्म 'दूरियां' के गाने 'बस एक तेरे सिवा, कोई नहीं है मेरा' से ही कॉपी किया गया था। 'आशिकी' ने बॉलीवुड में लंबे समय से चले आ रहे एक्शन फिल्मों के दौर को लगभग खत्म कर दिया था। इस फिल्म को महेश भट्ट ने टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया था। यह राहुल रॉय और अनु अग्रवाल दोनों की डेब्यू फिल्म थी। 'आशिकी' ने रातोंरात राहुल रॉय, अनु अग्रवाल, संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण, सिंगर कुमार सानू और गीतकार समीर अंजान को स्टार बना दिया। कहा जाता है कि फिल्म की कहानी का काफी हिस्सा इन्हीं की निजी लव लाइफ से प्रेरित था। महज 90 लाख रुपए के बजट में बनी इस फिल्म ने 5 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की और यह उस दौर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में गिनी गई। सवाल-जवाब 1. 'प्रोफेसर' फिल्म किसने डायरेक्ट की थी? फिल्म का निर्देशन लेख टंडन ने किया था और यह उनके करियर की पहली डायरेक्टोरियल फिल्म थी। 2. 'प्रोफेसर' फिल्म पहले किसे लेकर बनाई जानी थी? गुरु दत्त इसे किशोर कुमार और वहीदा रहमान के साथ बनाना चाहते थे, लेकिन सेंसर बोर्ड की आपत्ति के बाद उन्होंने प्रोजेक्ट छोड़ दिया था। 3. 'प्रोफेसर' फिल्म का बजट और कमाई कितनी थी? फिल्म करीब 50 लाख रुपए में बनी थी और इसने 1 करोड़ रुपए की कमाई की थी। 4. 'प्रोफेसर' के किस गाने की धुन आगे इस्तेमाल हुई? गाने 'मैं चली मैं चली, पीछे पीछे जहां' की धुन आगे तीन और गानों में सुनाई दी। 5. यह धुन पाकिस्तानी फिल्म में कैसे पहुंची? 1984 में रिलीज हुई पाकिस्तानी फिल्म 'दूरियां' के गाने 'बस एक तेरे सिवा, कोई नहीं है मेरा' में यही धुन सुनाई दी थी। 6. 1990 में इस धुन का इस्तेमाल किन फिल्मों में हुआ? 1990 में यह धुन 'आशिकी' और 'आंधियां' दोनों फिल्मों के गानों में इस्तेमाल हुई। 7. 'आशिकी' और 'आंधियां' में से कौन सी फिल्म हिट रही? 'आशिकी' सुपरहिट रही और इसने 90 लाख के बजट में 5 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाए, जबकि 'आंधियां' बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई। 8. 'आशिकी' फिल्म को किसने डायरेक्ट किया था? 'आशिकी' का निर्देशन महेश भट्ट ने किया था और इसे उन्होंने टी-सीरीज के गुलशन कुमार के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया था। https://trendkia.com/bollywood/1962-ki-professor-ke-eka-gane-ki-dhuna-ne-1990-men-badali-do-philmon-ki-takadira-eka-hita-to-dusari-hui-phlopa-5237 TrendKia — Har trend, sabse pehle.