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  "type": "article",
  "title": "1971 में अमिताभ बच्चन का वो साहसी फैसला, जब करियर के शुरुआती दौर में बने विलेन",
  "summary": "अमिताभ बच्चन ने अपने करियर के शुरुआती चरण में एक बड़ा जोखिम उठाते हुए 'परवाना' फिल्म में नकारात्मक भूमिका निभाई थी। यह फिल्म उस दौर में महिला निर्देशक ज्योति स्वरूप द्वारा निर्देशित एक मनोवैज्ञानिक थ्रिलर थी।",
  "content": "फिल्म जगत में अमिताभ बच्चन का सफर कई उतार-चढ़ाव भरा रहा है, लेकिन साल 1971 में उन्होंने एक ऐसा निर्णय लिया जो उनके करियर के लिए बेहद साहसिक कदम माना जाता है। उस समय जब सितारे अपनी छवि को लेकर काफी सतर्क रहते थे, अमिताभ बच्चन ने एक नकारात्मक किरदार निभाने का फैसला किया। यह फिल्म थी 'परवाना', जिसने दर्शकों को उनके अभिनय का एक बिल्कुल अलग और डरावना पहलू दिखाया था।\n\nफिल्म 'परवाना' और इसकी पृष्ठभूमि\nइस फिल्म का निर्देशन ज्योति स्वरूप ने किया था, जो साठ और सत्तर के दशक में फिल्म निर्देशन की कमान संभालने वाली चुनिंदा महिला निर्देशकों में से एक थीं। 'परवाना' एक मनोवैज्ञानिक थ्रिलर फिल्म थी, जिसमें अमिताभ बच्चन के साथ नवीन निश्चल, योगिता बाली और ओम प्रकाश जैसे अनुभवी कलाकार नजर आए थे। इसके अतिरिक्त, फिल्म में शत्रुघ्न सिन्हा ने एक विशेष भूमिका निभाई थी।\n\nकुमार सेन के रूप में अमिताभ बच्चन का अभिनय\nअमिताभ बच्चन ने इस फिल्म में कुमार सेन की भूमिका निभाई थी, जो एक सनकी प्रेमी का किरदार था। फिल्म के संगीत की बागडोर मदन मोहन ने संभाली थी, जबकि गीतों के बोल कैफी आजमी द्वारा लिखे गए थे। यह फिल्म साल 2007 में आई 'जॉनी गद्दार' जैसी फिल्मों की शैली से काफी मिलती-जुलती थी, जहां एक प्रेमी धीरे-धीरे हत्यारा बन जाता है।\n\nकहानी का उतार-चढ़ाव\nफिल्म की पटकथा कुमार सेन के इर्द-गिर्द घूमती है, जो योगिता बाली द्वारा निभाए गए किरदार 'आशा' से गहराई से प्यार करता है। हालांकि, आशा का दिल किसी और पर आ जाता है, जो एक अमीर चाय बागान मालिक राजेश्वर (नवीन निश्चल) होता है। अपनी प्रेमिका को दूसरे का होते देख कुमार सेन का मन ईर्ष्या से भर जाता है और वह अपनी सनक में आशा के चाचा की हत्या कर देता है। इतना ही नहीं, वह इस अपराध का आरोप चतुराई से राजेश्वर पर मढ़ देता है।\n\nफिल्म का दुखद अंत\nफिल्म के अंत में कुमार सेन का चरित्र एक दर्दनाक मोड़ पर पहुंचता है। जब उसे अपने किए पर पछतावा होता है और वह अपनी गलती का एहसास करता है, तो वह सच्चाई को स्वीकार कर लेता है और अंत में आत्महत्या कर लेता है। व्यावसायिक रूप से देखें तो 'परवाना' फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई बड़ा कमाल नहीं दिखा पाई थी और यह फ्लॉप रही थी, लेकिन अमिताभ बच्चन के उस समय के रिस्क ने उन्हें एक वर्सेटाइल अभिनेता के रूप में स्थापित करने की नींव रखी थी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. फिल्म 'परवाना' के निर्देशक कौन थे?\nइस फिल्म का निर्देशन ज्योति स्वरूप ने किया था, जो उस दौर की सक्रिय महिला निर्देशकों में से एक थीं।\n\n2. फिल्म 'परवाना' में अमिताभ बच्चन ने कौन सा किरदार निभाया था?\nअमिताभ बच्चन ने फिल्म में कुमार सेन नाम का किरदार निभाया था, जो अंततः एक हत्यारे की भूमिका में बदल जाता है।\n\n3. फिल्म की कहानी मुख्य रूप से किस बारे में है?\nयह एक मनोवैज्ञानिक थ्रिलर है जिसमें एक प्रेमी अपनी प्रेमिका के प्रति ईर्ष्या के कारण उसके चाचा की हत्या कर देता है और सारा दोष दूसरे व्यक्ति पर मढ़ देता है।\n\n4. क्या 'परवाना' फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थी?\nनहीं, 'परवाना' फिल्म व्यावसायिक रूप से बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी।",
  "url": "https://trendkia.com/bollywood/1971-men-amitabh-bachchan-ka-vo-sahasi-phaisala-jaba-kariyara-ke-shuruati-daura-men-bane-vilena-5856",
  "category": "बॉलीवुड",
  "publishedAt": "2026-07-08",
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    "अमिताभ बच्चन",
    "परवाना फिल्म",
    "बॉलीवुड इतिहास",
    "ज्योति स्वरूप",
    "क्लासिक सिनेमा"
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  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
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