2 करोड़ की हनुमान अंश में सेकंड असिस्टेंट डायरेक्टर से नीम करौली बाबा बने शोभिनव सत्या, फिल्म ने कमाए 50 करोड़ 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी फिल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर इतिहास रच दिया है। सेकंड असिस्टेंट डायरेक्टर से नीम करौली बाबा का मुख्य किरदार निभाने वाले शोभिनव सत्या की यह कहानी चमत्कार से कम नहीं है। 7 अगस्त को सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई फिल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी असाधारण सफलता से हर किसी को हैरान कर दिया है। महज 2 करोड़ रुपये के सीमित बजट में बनी इस फिल्म की कुल कमाई 50 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुकी है। लेकिन इस व्यावसायिक सफलता के बीच सबसे दिलचस्प कहानी परदे के पीछे काम करने वाले एक सहायक निर्देशक की है, जिसे अचानक फिल्म में मुख्य किरदार निभाने का मौका मिल गया। कैमरे के पीछे से मुख्य भूमिका तक का सफर विशाल चतुर्वेदी द्वारा निर्देशित फिल्म 'हनुमान अंश' के निर्माण के दौरान शोभिनव सत्या मुख्य रूप से सेकंड असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। शूटिंग के दौरान अचानक मुख्य अभिनेता के बीमार पड़ जाने के कारण फिल्म संकट में आ गई। ऐसे समय में निर्देशक ने शोभिनव सत्या को इस भूमिका के लिए टेस्ट करने का फैसला किया। लगभग 5 घंटे तक चले लंबे स्क्रीन टेस्ट के बाद सत्या को नीम करौली बाबा के प्रतिष्ठित किरदार के लिए चुन लिया गया। आस्था और अभिनय का अनूठा संगम शोभिनव सत्या वर्ष 2009 से नीम करौली बाबा के अनन्य भक्त रहे हैं। ऐसे में उनके लिए यह अभिनय का सामान्य अवसर नहीं बल्कि गहरी व्यक्तिगत आस्था से जुड़ा एक आध्यात्मिक अनुभव साबित हुआ। पर्दे पर उनकी अदाकारी और नीम करौली बाबा के साथ उनके शारीरिक रूप-रंग की समानता को दर्शकों ने बेहद सराहा है। इसके अतिरिक्त, फिल्म में पूर्णिमा तिवारी ने नीम करौली बाबा की पत्नी की भूमिका निभाई है, जबकि विहान शेडगे ने उनके बचपन का किरदार अदा किया है। बॉक्स ऑफिस पर 128 गुना की ऐतिहासिक बढ़त रिलीज़ की शुरुआत में धीमी गति के कारण फिल्म को सिनेमाघरों से हटाए जाने की नौबत आ गई थी। हालांकि, दर्शकों की माउथ पब्लिसिटी के दम पर 24वें दिन मंगलवार को फिल्म ने जबरदस्त उछाल दर्ज किया और 128 गुना की ग्रोथ के साथ 13 करोड़ रुपये की एकदिवसीय कमाई कर डाली। इस अप्रत्याशित सफलता से भावुक हुए निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने इस पूरी यात्रा को एक सच्चा चमत्कार करार दिया है। इसका आप पर असर फिल्म 'हनुमान अंश' की बॉक्स ऑफिस सफलता और शोभिनव सत्या की मुख्य भूमिका में एंट्री सिनेमा प्रेमियों और स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं के लिए कई महत्वपूर्ण संकेत देती है। • सामग्री की शक्ति: सीमित बजट में बनी फिल्में भी अगर मजबूत कहानी पर आधारित हों, तो वे बड़े बजट की फिल्मों को टक्कर दे सकती हैं। दर्शक अब स्टार पावर से ज्यादा विषय-वस्तु को प्राथमिकता दे रहे हैं। • नवागंतुक कलाकारों के लिए अवसर: यह सफलता साबित करती है कि परदे के पीछे काम करने वाले योग्य तकनीशियन भी सही समय आने पर मुख्य भूमिकाओं में कमाल दिखा सकते हैं। प्रतिभा को अब पहचान मिलना आसान हो गया है। • माउथ पब्लिसिटी का असर: शुरुआत में कमजोर प्रदर्शन करने वाली फिल्मों को भी दर्शकों की सकारात्मक समीक्षाओं के बल पर दूसरा जीवन मिल सकता है। इससे अच्छे सिनेमा को लंबे समय तक सिनेमाघरों में टिकने का मौका मिलता है। • आध्यात्मिक विषयों में रुचि: भारतीय दर्शकों के बीच वास्तविक आध्यात्मिक शख्सियतों पर आधारित कहानियों के प्रति रुझान लगातार बढ़ रहा है। यह निर्माताओं को ऐसी सार्थक कथाओं पर काम करने का हौसला देता है। सवाल-जवाब 1. 'हनुमान अंश' में नीम करौली बाबा का किरदार किसने निभाया है? 'हनुमान अंश' में नीम करौली बाबा की मुख्य भूमिका शोभिनव सत्या ने निभाई है, जो पहले इस फिल्म में सेकंड असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे थे। 2. शोभिनव सत्या को यह मुख्य किरदार कैसे मिला? मुख्य अभिनेता के अचानक बीमार पड़ने पर निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने शोभिनव सत्या का करीब 5 घंटे तक स्क्रीन टेस्ट लिया और उन्हें इस रोल के लिए चुन लिया। 3. फिल्म 'हनुमान अंश' का बजट कितना था और इसने कितनी कमाई की? फिल्म करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनाई गई थी और इसने बॉक्स ऑफिस पर 50 करोड़ रुपये से अधिक का बिजनेस किया है। 4. फिल्म 'हनुमान अंश' कब रिलीज हुई थी? यह फिल्म 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। 5. फिल्म में नीम करौली बाबा के बचपन का किरदार किसने निभाया? फिल्म में नीम करौली बाबा के बचपन का किरदार बाल कलाकार विहान शेडगे ने निभाया है। प्रेरणा और सबक शोभिनव सत्या का एक असिस्टेंट डायरेक्टर से मुख्य अभिनेता बनने का सफर और फिल्म की 50 करोड़ की कमाई से कई प्रेरणादायी बातें सीखने को मिलती हैं। • हर अवसर के लिए तैयार रहना: शोभिनव सत्या कैमरे के पीछे काम कर रहे थे, लेकिन जब अचानक मौका मिला तो उन्होंने 5 घंटे का स्क्रीन टेस्ट देकर अपनी क्षमता साबित की। जीवन में अवसर कभी भी आ सकता है। • अपनी आस्था और जुनून पर भरोसा: 2009 से नीम करौली बाबा के प्रति सत्या की गहरी आस्था ने उनके अभिनय को जीवंत बना दिया। जब आप किसी काम से दिल से जुड़ते हैं, तो परिणाम असाधारण होते हैं। • कठिन समय में धैर्य रखना: रिलीज के बाद शुरुआती सुस्ती के बावजूद फिल्म की टीम ने हिम्मत नहीं हारी। सही प्रयास और गुणवत्ता हमेशा देर से ही सही, पहचान जरूर पाती है। https://trendkia.com/bollywood/2-karora-ki-hanuman-ansh-men-second-assistant-director-se-neem-karoli-baba-bane-shobhinav-satya-philma-ne-kamae-50-karora-26401 TrendKia — Har trend, sabse pehle.