{
  "type": "article",
  "title": "33 दिनों में 169 करोड़ कमाने वाली 'हनुमान अंश' की टीम ने लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ से की मुलाकात",
  "summary": "नीम करोली बाबा के जीवन पर बनी फिल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर 169.20 करोड़ रुपये का ग्रॉस बिजनेस कर लिया है। सफलता के बीच निर्देशक विशाल चतुर्वेदी और टीम ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की।",
  "content": "सिनेमाघरों में लगातार 33 दिनों से दर्शकों को आकर्षित कर रही आध्यात्मिक फिल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी सफलता का एक नया अध्याय लिखा है। बिना किसी भारी-भरकम व्यावसायिक प्रचार के प्रदर्शित हुई इस फिल्म का भारत में कुल ग्रॉस कलेक्शन अब 169.20 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। जल्द ही 170 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आंकड़ा पार करने की ओर अग्रसर इस फिल्म की निर्माता टीम, निर्देशक विशाल चतुर्वेदी और कलाकारों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके लखनऊ स्थित आधिकारिक आवास पर औपचारिक मुलाकात की है। इस विशेष बैठक के दौरान फिल्म में दर्शाए गए नीम करोली बाबा के आध्यात्मिक जीवन और नाथ संप्रदाय से जुड़े प्रसंगों पर विस्तृत बातचीत हुई।\n\nलखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर हुई विशेष मुलाकात\nउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित इस शिष्टाचार भेंट में फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, निर्माताओं और कलाकारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स (X) पर इस मुलाकात की तस्वीरें भी जारी की गईं। तस्वीरों में शोभिनव सत्य और फिल्म निर्माण से जुड़े अन्य सदस्य मुख्यमंत्री से संवाद करते दिखाई दिए। बैठक के दौरान टीम ने मुख्यमंत्री को फिल्म निर्माण की प्रक्रिया, इसके शोध और बाबा के जीवन से जुड़े विभिन्न आध्यात्मिक आयामों के बारे में जानकारी दी।\n\n \nबातचीत का मुख्य केंद्र फिल्म में चित्रित नीम करोली बाबा का जीवन दर्शन, उनकी हनुमान भक्ति और नाथ संप्रदाय के संतों के साथ उनके संबंध रहे। फिल्म निर्माताओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि कहानी में गोरखनाथ और नाथ परंपरा से जुड़ी मान्यताओं को किस प्रकार सम्मानपूर्वक शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने भी फिल्म के प्रयासों और इसके आध्यात्मिक संदेश की सराहना की।\n\nनाथ संप्रदाय और नीम करोली बाबा का आध्यात्मिक संबंध\nनाथ संप्रदाय सनातन धर्म की एक प्राचीन और साधना प्रधान परंपरा है, जिसका सीधा संबंध भगवान शिव और महायोगी गोरखनाथ से जोड़ा जाता है। इस संप्रदाय में योग, हठयोग, ध्यान, साधना और सांसारिक मोह से विरक्ति यानी वैराग्य को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। फिल्म 'हनुमान अंश' में नीम करोली बाबा के शुरुआती जीवन को इसी परंपरा के आलोक में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।\n\nफिल्म के निर्देशक और लेखक विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि नीम करोली बाबा ने अपनी शुरुआती आध्यात्मिक साधना के दौरान नाथ परंपरा से जुड़े उच्च कोटि के संतों का सान्निध्य प्राप्त किया था। इसी पावन संगति और कठोर साधना के माध्यम से उनके व्यक्तित्व में अलौकिक शक्तियों और दिव्य चेतना का विकास हुआ। फिल्म में इस पहलू को प्रमुखता से दिखाकर दर्शकों को बाबा की आध्यात्मिक यात्रा के अनछुए पक्षों से अवगत कराया गया है।\n\n33 दिनों का लंबा सफर और 170 करोड़ का बॉक्स ऑफिस लक्ष्य\nविशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी 'हनुमान अंश' मुख्य रूप से प्रसिद्ध संत नीम करोली बाबा, जिन्हें उनके भक्त प्यार से महाराज-जी भी कहते हैं, की शिक्षाओं पर आधारित है। फिल्म में उनके हनुमान भक्ति के प्रति अटल विश्वास, जनसेवा, करुणा और प्रेम के संदेश को बड़े पर्दे पर उतारा गया है। धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना से भरपूर यह कहानी दर्शकों के दिलों को छूने में सफल रही है।\n\nरिलीज के 33 दिन बीत जाने के बाद भी सिनेमाघरों में दर्शकों की निरंतर उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि फिल्म को मजबूत वर्ड ऑफ माउथ का फायदा मिला है। भारत में 169.20 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन दर्ज करने के बाद अब हर किसी की नजर इसके 170 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने पर टिकी है। किसी भी गैर-कमर्शियल और आध्यात्मिक ड्रामा फिल्म के लिए इतने लंबे समय तक बॉक्स ऑफिस पर टिके रहना एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।\n\nइसका आप पर असर\nफिल्म हनुमान अंश की जबरदस्त बॉक्स ऑफिस सफलता और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निर्माताओं की मुलाकात भारतीय सिनेमा और सांस्कृतिक पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण संकेत देती है।\n\n• भारत में: यह व्यावसायिक सफलता दर्शाती है कि देश में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कहानियों के प्रति दर्शकों का आकर्षण बढ़ा है। इससे नए और स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं को बिना बड़े बजट के सार्थक कहानियां बनाने का हौसला मिलेगा।\n• उत्तर प्रदेश में: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद राज्य में नाथ संप्रदाय और नीम करोली बाबा के कैंची धाम जैसे स्थलों से जुड़े सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिलने की संभावना है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nफिल्म का 33 दिनों तक सिनेमाघरों में टिके रहना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक आयोजित होना मुख्य रूप से नीम करोली बाबा के प्रति जनश्रद्धा और नाथ परंपरा के ऐतिहासिक संदर्भों के कारण संभव हुआ।\n\n• सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ: किसी बड़े विज्ञापन अभियान के बिना भी दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और नीम करोली बाबा में लोगों की अटूट आस्था ने फिल्म को 33 दिनों तक सिनेमाघरों में बनाए रखा।\n• नाथ संप्रदाय से जुड़ाव: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं नाथ परंपरा की गोरखनाथ पीठ के प्रमुख हैं। फिल्म में नीम करोली बाबा के नाथ संप्रदाय से संबंधों का चित्रण होने के कारण टीम ने मुख्यमंत्री से मिलकर ये प्रसंग साझा किए।\n• आध्यात्मिक विषय-वस्तु की मांग: भारतीय दर्शकों में अपनी जड़ों, योग और संत परंपराओं को समझने की बढ़ती रुचि ने हनुमान अंश को 169.20 करोड़ रुपये का ग्रॉस बिजनेस करने में मदद की।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. 'हनुमान अंश' का भारत में अब तक का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कितना है?\nफिल्म ने 33 दिनों के प्रदर्शन के बाद भारत में 169.20 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है और यह जल्द ही 170 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाली है।\n\n2. फिल्म की टीम ने किस मुख्यमंत्री से मुलाकात की?\nफिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, निर्माताओं और कलाकारों ने लखनऊ स्थित आधिकारिक आवास पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की।\n\n3. यह फिल्म किस आध्यात्मिक व्यक्तित्व के जीवन पर आधारित है?\nयह फिल्म प्रसिद्ध संत नीम करोली बाबा (महाराज-जी) के जीवन, हनुमान भक्ति और उनके आध्यात्मिक विचारों पर केंद्रित है।\n\n4. मुख्यमंत्री के साथ बैठक में किस मुख्य विषय पर चर्चा हुई?\nमुलाकात के दौरान नीम करोली बाबा के साधना काल, उनके जीवन दर्शन और नाथ संप्रदाय से उनके ऐतिहासिक व आध्यात्मिक संबंधों पर चर्चा हुई।\n\n5. फिल्म 'हनुमान अंश' के निर्देशक कौन हैं?\nइस आध्यात्मिक ड्रामा फिल्म के लेखक और निर्देशक विशाल चतुर्वेदी हैं।\n\nप्रेरणा और सबक\nहनुमान अंश का 169.20 करोड़ रुपये का कलेक्शन और 33 दिनों का सफल प्रदर्शन रचनात्मक क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक सबक देता है।\n\n• कहानी की प्रामाणिकता: दिखावे और बड़े बजट से अधिक महत्व कहानी की ईमानदारी और दर्शकों के भावनात्मक जुड़ाव का होता है।\n• सांस्कृतिक जड़े: अपनी परंपराओं और अध्यात्म पर आधारित विषय-वस्तु लंबे समय तक दर्शकों का ध्यान आकर्षित रखने में सक्षम होती है।\n• धैर्य और निरंतरता: बिना किसी शोरगुल के लगातार गुणवत्तापूर्ण काम करने से 170 करोड़ रुपये जैसा बड़ा मुकाम भी हासिल किया जा सकता है।",
  "url": "https://trendkia.com/bollywood/33-dinon-men-169-karora-kamane-vali-hanuman-ansh-ki-tima-ne-lucknow-men-cm-yogi-adityanath-se-ki-mulakata-30150",
  "category": "बॉलीवुड",
  "publishedAt": "2026-09-09",
  "tags": [
    "हनुमान अंश",
    "योगी आदित्यनाथ",
    "नीम करोली बाबा",
    "विशाल चतुर्वेदी",
    "बॉक्स ऑफिस कलेक्शन",
    "नाथ संप्रदाय",
    "लखनऊ"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}