33 लगातार फ्लॉप भी जिनका जलवा न डिगा सके, रूस तक छाए रहे मिथुन चक्रवर्ती गौरांग से मिथुन बने इस कलाकार ने 'डिस्को डांसर' के जिमी से रूस और सोवियत संघ तक धूम मचाई, और 1993 से 1998 के बीच लगातार 33 फिल्में पिटने के बाद भी स्टारडम कायम रखा। हिंदी सिनेमा में जब अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र और जीतेंद्र जैसे नाम पर्दे पर राज कर रहे थे, उसी दौर में एक ऐसा कलाकार उभरा जिसने इन दिग्गजों को सीधी टक्कर दी। यह नाम है मिथुन चक्रवर्ती। उनका जिक्र होते ही दर्शकों के दिमाग में सबसे पहले 'डिस्को डांसर' का जिमी और वे चटकीले डांस स्टेप्स तैर जाते हैं, जिन्होंने सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि सात समंदर पार के लोगों को भी झूमने पर मजबूर कर दिया था। कोलकाता का गौरांग, जो बना मिथुन 16 जून 1950 को कोलकाता में जन्मे इस अभिनेता का असली नाम गौरांग चक्रवर्ती है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) में अभिनय की बारीकियां सीखीं। उनके जीवन ने एक नया मोड़ तब लिया जब परिवार में एक दुखद घटना घटी, और इसी के बाद उन्होंने अभिनय को अपना करियर बनाने का फैसला लिया। पहली ही फिल्म और सीधे नेशनल अवॉर्ड मिथुन ने पर्दे पर अपनी शुरुआत साल 1976 की फिल्म 'मृगया' से की। खास बात यह रही कि अपनी पहली ही फिल्म के अभिनय से उन्होंने सबका ध्यान खींचा और बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड अपने नाम कर लिया। लेकिन इतनी शानदार शुरुआत के बावजूद इंडस्ट्री में पैर जमाने के लिए उन्हें लंबा संघर्ष करना पड़ा। जिमी की धुन पर थिरकी दुनिया असली पलटाव आया साल 1982 में, जब 'डिस्को डांसर' रिलीज हुई। इस फिल्म का जिमी किरदार और इसके गाने लोगों के दिलों में बस गए। भारत में तो यह फिल्म सुपरहिट रही ही, लेकिन इसकी सबसे बड़ी कामयाबी रूस और सोवियत संघ के देशों में दिखी। वहां मिथुन की लोकप्रियता किसी अंतरराष्ट्रीय सुपरस्टार से कम नहीं थी। बच्चों से लेकर बड़ों तक, सब उनके डांस स्टेप्स की नकल करते, उन्हीं की तरह हेयरस्टाइल रखते और घरों में उनके पोस्टर सजाते थे। उनकी फिल्म देखने के लिए थिएटरों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग जाती थीं, और दर्शक उनकी अगली फिल्म का बेसब्री से इंतजार करते थे। हिट फिल्मों की लड़ी और पद्मिनी संग जोड़ी 'डिस्को डांसर' की कामयाबी के बाद मिथुन ने पद्मिनी कोल्हापुरे के साथ 'प्यार झुकता नहीं' की, जो सुपरहिट साबित हुई और इस जोड़ी को दर्शकों ने खूब सराहा। इसके अलावा उन्होंने 'डांस डांस', 'कमांडो', 'कसम पैदा करने वाले की' और 'अग्निपथ' जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया। 33 फ्लॉप, फिर भी स्टारडम बरकरार हर सितारे की तरह मिथुन के करियर में भी एक कठिन दौर आया। साल 1993 से 1998 के बीच उनकी लगातार 33 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर पिट गईं। हैरानी की बात यह है कि इतनी असफलताओं के बावजूद उनकी लोकप्रियता और स्टारडम पर कोई खास फर्क नहीं पड़ा। अभिनय से आगे का सफर मिथुन सिर्फ एक कलाकार ही नहीं, बल्कि कामयाब बिजनेसमैन भी हैं और होटल इंडस्ट्री में उन्होंने अलग पहचान बनाई है। अभिनय में उनके योगदान के लिए उन्हें तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। साल 2024 में उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसका आप पर असर अगर आप बॉलीवुड और रेट्रो सिनेमा के शौकीन हैं, तो यह कहानी मिथुन चक्रवर्ती के उस सफर की झलक देती है जो संघर्ष से शुरू होकर अंतरराष्ट्रीय स्टारडम तक पहुंचा। • सिनेमा प्रेमियों के लिए: 'डिस्को डांसर', 'प्यार झुकता नहीं' और 'अग्निपथ' जैसी फिल्में आज भी रेट्रो नाइट और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर देखी जा सकती हैं। • नए कलाकारों के लिए: 33 लगातार फ्लॉप के बाद भी टिके रहना यह सिखाता है कि असफलता करियर का अंत नहीं होती। सवाल-जवाब 1. मिथुन चक्रवर्ती का असली नाम क्या है और उनका जन्म कब हुआ? उनका असली नाम गौरांग चक्रवर्ती है और उनका जन्म 16 जून 1950 को कोलकाता में हुआ था। 2. मिथुन को अपनी पहली फिल्म के लिए कौन सा पुरस्कार मिला? उन्हें साल 1976 की फिल्म 'मृगया' में अभिनय के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला था। 3. उनके करियर में 33 फ्लॉप का दौर कब आया? साल 1993 से 1998 के बीच उनकी लगातार 33 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रहीं, फिर भी उनका स्टारडम बना रहा। 4. मिथुन को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार कब मिला? उन्हें साल 2024 में भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया। https://trendkia.com/bollywood/33-lagatara-phlopa-bhi-jinaka-jalava-na-diga-sake-rusa-taka-chhae-rahe-mithuna-c-1106 TrendKia — Har trend, sabse pehle.