# 72वें नेशनल अवार्ड्स में सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म बनी 'श्रीकांत', अभिनेता शरद केलकर ने साझा किए विचार

> 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में राजकुमार राव स्टारर फिल्म 'श्रीकांत' ने सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म का अवॉर्ड जीता है। इस मौके पर अभिनेता शरद केलकर ने फिल्म से जुड़ी भावनाएं व्यक्त कीं।

**Type:** article · **Category:** बॉलीवुड · **Published:** 2026-07-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bollywood/72ven-neshanala-avardsa-men-sarvashreshtha-hindi-philma-bani-srikanth-abhineta-sharad-kelkar-ne-sajha-kie-vichara-11346 · **Language:** Hindi
**Tags:** श्रीकांत फिल्म, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, राजकुमार राव, शरद केलकर, तुषार हिरानंदानी, श्रीकांत बोला

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा के साथ ही भारतीय सिनेमा जगत में उत्साह की लहर दौड़ गई है। इस बार राजकुमार राव के अभिनय से सजी चर्चित फिल्म 'श्रीकांत' ने सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म श्रेणी में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किया है। यह सम्मान केवल एक व्यापारिक या सिनेमाई सफलता का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह दृष्टिबाधित उद्योगपति श्रीकांत बोला की असाधारण जीवन यात्रा, उनके अडिग हौसले और दूरदर्शिता की एक आधिकारिक मान्यता है। सिनेमाघरों में प्रदर्शन के दौरान दर्शकों और समीक्षकों का दिल जीतने वाली यह फिल्म अब देश के सबसे बड़े सिनेमाई मंच पर भी अपनी छाप छोड़ने में सफल रही है।

## पुरस्कार के उद्देश्य और कहानियों के महत्व पर शरद केलकर का नजरिया
फिल्म में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अभिनेता शरद केलकर ने इस बड़ी उपलब्धि पर अपनी हार्दिक खुशी व्यक्त की है। उनका मानना है कि 'श्रीकांत' जैसी रचनाएं महज किसी अभिनय कौशल को प्रदर्शित करने या पुरस्कार हासिल करने के लिए नहीं बनाई जातीं। शरद केलकर ने कहा, "कुछ फिल्में आप अपने अभिनय के लिए करते हैं और कुछ इसलिए, क्योंकि वे आपको याद दिलाती हैं कि कहानियां आखिर क्यों सुनाई जानी चाहिए।" उन्होंने याद किया कि जब निर्देशक तुषार हिरानंदानी इस पटकथा को लेकर उनके पास आए थे, तब टीम के दिमाग में किसी सम्मान की लालसा नहीं थी। पूरी टीम का एकमात्र लक्ष्य यह था कि श्रीकांत बोला की प्रेरणादायक जीवनगाथा और उनके अद्वितीय जज्बे के साथ शत-प्रतिशत न्याय किया जा सके।

## रवि मांथा का किरदार और मानवीय संवेदनाओं का सफर
इस बायोग्राफिकल ड्रामा में शरद केलकर ने उद्योगपति रवि मांथा की भूमिका निभाई थी। रवि मांथा न केवल श्रीकांत के शुरुआती निवेशक थे, बल्कि हर मोड़ पर उनके मार्गदर्शक और सच्चे मित्र के रूप में खड़े रहे। इस किरदार को निभाते हुए शरद केलकर ने विश्वास और मानवीय संबंधों की वास्तविक गहराई को समझा। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि अगर नियत साफ हो और कहानी में ईमानदारी हो, तो वह सीधे दर्शकों के दिलों को छूती है। यह फिल्म यह संदेश भी मजबूती से देती है कि मजबूत इरादों के सामने शारीरिक अक्षमता कभी बाधक नहीं बन सकती।

## समावेशिता की मिसाल और सिनेमाई उत्कृष्टता
तुषार हिरानंदानी के निर्देशन में बनी फिल्म 'श्रीकांत' की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टार कास्ट और निर्माण शैली रही। राजकुमार राव ने दृष्टिबाधित उद्यमी श्रीकांत बोला के किरदार को पर्दे पर अत्यंत जीवंत बना दिया। फिल्म में ज्योतिका, अलाया एफ और शरद केलकर ने अपने सशक्त अभिनय से पूरी कहानी में नई जान फूंक दी। इसके अलावा, इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह रही कि निर्माण टीम ने कई वास्तविक दृष्टिबाधित कलाकारों को अभिनय के अवसर दिए। इससे सिनेमा जगत में समावेशिता का एक नया उदाहरण स्थापित हुआ। राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान साबित करती है कि व्यावसायिक सफलता से परे सच्ची कहानियां हमेशा प्रासंगिक बनी रहती हैं।

## इसका आप पर असर
**दर्शकों और समाज पर प्रभाव:** यह पुरस्कार संदेश देता है कि समावेशी और प्रेरणादायक कहानियां भारतीय सिनेमा में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। इससे दिव्यांग समुदाय को प्रोत्साहन मिलता है और फिल्म निर्माताओं को वास्तविक जीवन की कहानियों पर ध्यान केंद्रित करने की प्रेरणा मिलती है।

## सवाल-जवाब

### 1. 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में किस फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म का पुरस्कार जीता?
राजकुमार राव स्टारर फिल्म 'श्रीकांत' ने सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किया है।

### 2. फिल्म 'श्रीकांत' किस व्यक्ति के जीवन पर आधारित है?
यह फिल्म दृष्टिबाधित उद्योगपति श्रीकांत बोला की प्रेरणादायक जीवनगाथा और संघर्ष पर आधारित है।

### 3. फिल्म 'श्रीकांत' में शरद केलकर ने क्या भूमिका निभाई थी?
शरद केलकर ने बिजनेसमैन रवि मांथा का किरदार निभाया था, जो श्रीकांत के निवेशक, मार्गदर्शक और दोस्त थे।

### 4. फिल्म 'श्रीकांत' के निर्देशक कौन हैं?
इस फिल्म का निर्देशन तुषार हिरानंदानी ने किया है।

### 5. फिल्म 'श्रीकांत' में कौन-कौन से मुख्य कलाकार हैं?
फिल्म में राजकुमार राव के अलावा ज्योतिका, अलाया एफ और शरद केलकर ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।

## प्रेरणा और सबक
**प्रेरणा और सीख:**

- **इरादों की मजबूती:** श्रीकांत बोला का जीवन साबित करता है कि अटूक हौसले के सामने कोई भी शारीरिक बाधा बड़ी नहीं होती।
- **ईमानदार कला:** जब कोई कहानी निस्वार्थ भाव से सुनाई जाती है, तो उसे पुरस्कार और दर्शकों का प्यार दोनों मिलते हैं।
- **समावेशिता का महत्व:** वास्तविक जीवन के दिव्यांग कलाकारों को अवसर देकर फिल्म ने सामाजिक समावेशिता की मिसाल कायम की।
- **भरोसा और मार्गदर्शन:** जीवन या व्यवसाय में सही मेंटर और सहयोगी की भूमिका सफलता के लिए महत्वपूर्ण होती है।

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