# 7वीं पास जॉन प्रकाश राव जनुमाला कैसे बने कॉमेडी किंग जॉनी लीवर, 300 से अधिक फिल्मों में दर्ज कराया नाम

> मुंबई की सड़कों पर पेन बेचने वाले जॉन प्रकाश राव जनुमाला के जॉनी लीवर बनने और 300 से ज्यादा बॉलीवुड फिल्मों में सफलता हासिल करने का सफर बेहद प्रेरणादायक है।

**Type:** article · **Category:** बॉलीवुड · **Published:** 2026-08-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bollywood/7vin-pasa-john-prakasa-rao-janumala-kaise-bane-komedi-kinga-johnny-lever-300-se-adhika-philmon-men-darja-karaya-nama-16455 · **Language:** Hindi
**Tags:** जॉनी लीवर, जॉन प्रकाश राव जनुमाला, सुनील दत्त, बाजीगर, फिल्मफेयर अवॉर्ड, बॉलीवुड कॉमेडियन, हिंदुस्तान यूनिलीवर

भारतीय सिनेमा में अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और अद्भुत मिमिक्री के दम पर दर्शकों को हंसाने वाले दिग्गज कलाकार जॉनी लीवर का असली नाम जॉन प्रकाश राव जनुमाला है। 14 अगस्त 1957 को आंध्र प्रदेश के प्रकाशम क्षेत्र में जन्मे इस कलाकार का बचपन मुंबई की तंग गलियों और आर्थिक तंगी के बीच बीता। पारिवारिक जिम्मेदारियों और कमजोर माली हालत की वजह से उन्हें महज सातवीं कक्षा के बाद अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी। बेहद कम उम्र में ही परिवार का संबल बनने के लिए उन्होंने रास्ते तलाशे और मुंबई की सड़कों पर उतरकर पेन बेचना शुरू किया। हालांकि उनके पेन बेचने का तरीका आम दुकानदारों जैसा नहीं था, वह बॉलीवुड के बड़े कलाकारों की मिमिक्री करते हुए राहगीरों का ध्यान अपनी ओर खींचते थे और देखते ही देखते अपनी अनोखी शैली से पेन बेच देते थे।

## सड़कों से हिंदुस्तान यूनिलीवर तक का सफर और मिला नया नाम
सड़कों पर लोगों का मनोरंजन करते-करते मिमिक्री ही उनकी सबसे बड़ी पहचान बनने लगी। इसके बाद उन्हें हिंदुस्तान यूनिलीवर कंपनी में नौकरी मिल गई। नौकरी के दौरान भी उनका यह हुनर छुपा नहीं रहा और वह दफ्तर में अपने सहकर्मियों तथा बड़े अधिकारियों की मिमिक्री करके माहौल को खुशनुमा बनाए रखते थे। कंपनी के एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में उन्होंने अपनी मिमिक्री प्रस्तुति से ऐसा समां बांधा कि वहां मौजूद साथी कर्मचारियों ने उन्हें प्यार और मजाक में 'जॉनी लीवर' कहना शुरू कर दिया। हिंदुस्तान यूनिलीवर से मिला यही नाम आगे चलकर मनोरंजन जगत में उनकी असली और अमर पहचान बन गया।

## नौकरी छोड़कर लाइव स्टेज शो में बनाई जगह
दफ्तर और स्थानीय कार्यक्रमों से शुरू हुआ यह सिलसिला धीरे-धीरे बड़े मंचों तक पहुंचने लगा। जॉनी लीवर ने पेशेवर रूप से स्टेज शो करने शुरू किए और उस दौर के कई स्थापित और मशहूर कलाकारों के साथ मंच साझा किया। उनकी जबरदस्त कॉमेडी और लोगों को बांधकर रखने की कला की बदौलत उन्हें बड़े आयोजनों के आमंत्रण मिलने लगे। आखिरकार मनोरंजन की दुनिया में अपना भविष्य देखते हुए उन्होंने 1981 के आसपास हिंदुस्तान यूनिलीवर की नौकरी को अलविदा कह दिया। नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने पूरी तरह से लाइव परफॉर्मेंस, मिमिक्री और स्टेज शो के जरिए अपनी स्वतंत्र पहचान गढ़नी शुरू कर दी।

## सुनील दत्त की नजर और बॉलीवुड में पहला बड़ा ब्रेक
स्टेज शो के दौरान उनके करियर को सबसे बड़ा मोड़ तब मिला जब मशहूर अभिनेता सुनील दत्त की नजर उनकी असाधारण कॉमेडी प्रतिभा पर पड़ी। सुनील दत्त उनकी कला से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने जॉनी लीवर को अपनी फिल्म 'दर्द का रिश्ता' के जरिए बॉलीवुड में पहला मौका दिया। सिनेमा की दुनिया में कदम रखने के शुरुआती दौर में उन्हें छोटे और सहायक किरदार ही दिए गए, लेकिन अपनी अलग कॉमिक शैली, चेहरे के हाव-भाव और टाइमिंग से वह छोटे दृश्यों में भी दर्शकों का ध्यान खींचने में सफल रहे।

## 300 से अधिक फिल्में, यादगार किरदार और राष्ट्रीय पुरस्कार
शुरुआती संघर्ष के बाद आई फिल्म 'बाजीगर' ने जॉनी लीवर की लोकप्रियता में चार चांद लगा दिए और उन्हें बॉलीवुड का सबसे लोकप्रिय कॉमेडियन बना दिया। इसके बाद वह हिंदी सिनेमा की फिल्मों की एक ऐसी जरूरत बन गए, जिनकी स्क्रीन पर मौजूदगी मात्र से ही दर्शक सिनेमाघरों में हंसने के लिए मजबूर हो जाते थे। अपने लंबे करियर में उन्होंने 'बाबूलाल', 'छोटा छत्री' और 'असलम भाई' जैसे कई कालजयी और बेहद लोकप्रिय किरदार निभाए। जॉनी लीवर की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि रोल चाहे कितना भी छोटा क्यों न हो, वह अपनी संवाद अदायगी और एक्सप्रेशन से उसे सदाबहार बना देते थे। अपने करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय करने वाले इस महान कलाकार को 'दीवाना मस्ताना' और 'दूल्हे राजा' जैसी फिल्मों के लिए प्रतिष्ठित फिल्मफेयर बेस्ट कॉमेडियन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया। फिल्मों के अलावा उन्होंने टीवी की दुनिया में भी कई शो के जरिए अपनी कॉमेडी की अमिट छाप छोड़ी है।

## सवाल-जवाब

### 1. जॉनी लीवर का असली नाम क्या है?
जॉनी लीवर का असली नाम जॉन प्रकाश राव जनुमाला है।

### 2. जॉनी लीवर का जन्म कब और कहां हुआ था?
उनका जन्म 14 अगस्त 1957 को आंध्र प्रदेश के प्रकाशम इलाके में हुआ था।

### 3. जॉनी लीवर को फिल्मों में पहला बड़ा मौका किसने दिया था?
उन्हें पहला बड़ा मौका अभिनेता सुनील दत्त ने फिल्म 'दर्द का रिश्ता' में दिया था।

### 4. जॉनी लीवर ने किन फिल्मों के लिए फिल्मफेयर बेस्ट कॉमेडियन अवॉर्ड जीता है?
उन्होंने फिल्म 'दीवाना मस्ताना' और 'दूल्हे राजा' के लिए फिल्मफेयर बेस्ट कॉमेडियन अवॉर्ड जीता है।

### 5. जॉनी लीवर के कुछ सबसे मशहूर फिल्मी किरदार कौन से हैं?
उनके सबसे लोकप्रिय किरदारों में 'बाबूलाल', 'छोटा छत्री' और 'असलम भाई' शामिल हैं।

## प्रेरणा और सबक
**प्रेरणा और सीख:**

- **कठिन परिस्थितियों से न हारना:** आर्थिक तंगी और सातवीं के बाद पढ़ाई छूटने के बावजूद उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और अपनी पहचान बनाई।
- **अपनी विशिष्ट प्रतिभा को पहचानना:** रास्ते पर पेन बेचते समय भी अपनी मिमिक्री कला का उपयोग कर उन्होंने साबित किया कि प्रतिभा हर जगह चमकती है।
- **काम में निरंतरता और लगन:** नौकरी करते हुए भी अपने हुनर को जिंदा रखा और 1981 में पूरा समय कला को देने का बड़ा फैसला लिया।
- **हर मौके को भुनाना:** छोटे किरदारों में भी अपने अभिनय और एक्सप्रेशन से ऐसी छाप छोड़ी कि 300 से अधिक फिल्मों के स्टार बन गए।

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