80वें स्वतंत्रता दिवस पर अल्ट्रा प्ले पर उपलब्ध हैं ये 10 देशभक्ति फिल्में, देखें बॉर्डर और सरफरोश की लिस्ट 80वें स्वतंत्रता दिवस के खास मौके पर अल्ट्रा प्ले 10 चुनिंदा देशभक्ति फिल्मों का संग्रह पेश कर रहा है, जिसमें बॉर्डर, सरफरोश और शहीद जैसी ऐतिहासिक कृतियां शामिल हैं। भारत अपने 80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर को राष्ट्रीय गर्व और उत्साह के साथ मना रहा है। यह पावन पर्व केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराने या देशभक्ति के गीत गुनगुनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन अनगिनत अमर शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों और सीमा पर मुस्तैद वीर जवानों के अद्वितीय साहस, अनवरत संघर्ष और सर्वोच्च बलिदान को आदरपूर्वक नमन करने का क्षण है। भारतीय फिल्म उद्योग ने हमेशा से ही इन राष्ट्रीय भावनाओं को परदे पर सजीव रूप में प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सिनेमा की इन कालजयी कृतियों में जहां एक ओर भारत माता के रक्षकों की बहादुरी दर्ज है, वहीं दूसरी ओर देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते प्राण न्योछावर करने वाले युवाओं की शौर्य गाथाएं भी पिरोई गई हैं। यदि आप इस खास मौके पर राष्ट्रीय भावना से सराबोर फिल्में देखने की योजना बना रहे हैं, तो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म अल्ट्रा प्ले पर उपलब्ध 10 चुनिंदा और यादगार फिल्मों की सूची आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। स्वाधीनता संग्राम और महान क्रांतिकारियों की गाथाएं भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और क्रांतिकारियों के अदम्य साहस को भारतीय सिनेमा ने बेहद गहराई के साथ चित्रित किया है। वर्ष 1965 में प्रदर्शित हुई फिल्म शहीद इस दिशा में एक मील का पत्थर मानी जाती है। दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार अभिनीत इस फिल्म में अमर शहीद भगत सिंह के जीवन, उनके क्रांतिकारी विचारों और मातृभूमि के प्रति उनके अटूट समर्पण को बहुत ही प्रभावकारी ढंग से उभारा गया है। इसी महान क्रांति की गाथा को आगे बढ़ाते हुए साल 2002 में बनी फिल्म 23 मार्च 1931: शहीद दर्शकों के सामने आई। यह फिल्म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के सामूहिक संघर्ष, वैचारिक दृढ़ता और देश की बलिवेदी पर दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान को पूरी निष्ठा के साथ नमन करती है। इसके अलावा, वर्ष 1981 में आई विशाल कैनवास की फिल्म क्रांति ब्रिटिश हुकूमत के अत्याचारों के विरुद्ध विभिन्न वर्गों के भारतीयों की एकजुटता और स्वाधीनता के लिए छेड़े गए सशस्त्र संग्राम की ओजस्वी दास्तान बयां करती है। युद्धभूमि के शूरवीर और सीमा पर सैनिकों का जज्बा सैन्य पराक्रम और युद्धभूमि में भारतीय सेना के अदम्य साहस पर आधारित फिल्में हमेशा से दर्शकों के दिलों में देशभक्ति का संचार करती रही हैं। वर्ष 1997 में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म बॉर्डर 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की पृष्ठभूमि पर निर्मित एक कालजयी कृति है। यह फिल्म लोंगेवाला की प्रसिद्ध लड़ाई में तैनात भारतीय सैनिकों की अदम्य वीरता, आपस में घनिष्ठ भ्रातृत्व और देश रक्षा के लिए दिए गए आत्मबलिदान को संवेदनशीलता के साथ दर्शाती है। इसी कड़ी में, वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध की भीषण परिस्थितियों और वास्तविक घटनाओं को बड़े पैमाने पर प्रस्तुत करने वाली फिल्म एलओसी: कारगिल अत्यंत खास है। यह फिल्म दुर्गम पहाड़ियों और शून्य से नीचे के तापमान में भारतीय जांबाजों के अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प की संघर्षपूर्ण दास्तान को भव्य रूप में सामने लाती है। वहीं दूसरी तरफ, वर्ष 1967 में आई फिल्म उपकार देश की दो सबसे बड़ी ताकतों यानी किसान और जवान को एक सूत्र में पिरोते हुए ऐतिहासिक नारे 'जय जवान, जय किसान' की मूल भावना को रूपहले पर्दे पर अमर कर देती है। आतंकवाद, भ्रष्टाचार और आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियां स्वतंत्रता केवल बाहरी दुश्मनों से रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा, प्रशासनिक ईमानदारी और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। वर्ष 1999 में आई चर्चित फिल्म सरफरोश एक निष्ठावान पुलिस अधिकारी के कर्तव्यबोध और सीमा पार से संचालित होने वाले अवैध हथियारों के नेटवर्क तथा आतंकवाद के खिलाफ उसके अथक संघर्ष को यथार्थवादी ढंग से पेश करती है। वर्ष 1986 की एक्शन ड्रामा फिल्म कर्मा राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाले आतंकवादी संगठनों के खिलाफ एक अनोखे सैन्य अभियान की कहानी बुनती है। भ्रष्टाचार के खिलाफ जनचेतना जगाने वाली फिल्म इंडियन व्यक्तिगत ईमानदारी को देशसेवा का सबसे बड़ा माध्यम मानकर प्रस्तुत करती है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2000 में आई फिल्म पुकार एक सैनिक के जीवन में व्यक्तिगत भावनाओं, प्रेम और राष्ट्र के प्रति कठोर सैन्य कर्तव्य के बीच उपजने वाले गहन मानसिक द्वंद्व को बेहद खूबसूरती से चित्रित करती है। अल्ट्रा प्ले पर क्लासिक सिनेमा का समृद्ध खजाना स्वतंत्रता दिवस के इस पावन पर्व पर ये सभी 10 फिल्में दर्शकों को भारत के गौरवशाली इतिहास और जांबाजों के त्याग की याद दिलाती हैं। डिजिटल स्ट्रीमिंग सेवा अल्ट्रा प्ले अपने प्लेटफॉर्म पर हिंदी सिनेमा की इन अमूल्य क्लासिक कृतियों के साथ-साथ लोकप्रिय मनोरंजक फिल्मों, क्षेत्रीय भाषाई सिनेमा की सर्वश्रेष्ठ रचनाओं और एक्सक्लूसिव डिजिटल कंटेंट का विशाल संग्रह पेश करती है। दर्शक अपनी सुविधा अनुसार इस प्लेटफॉर्म पर इन सभी यादगार फिल्मों का आनंद लेकर आजादी के पर्व को खास अंदाज में मना सकते हैं। इसका आप पर असर दर्शकों के लिए: स्वतंत्रता दिवस की छुट्टियों के दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध इन 10 क्लासिक देशभक्ति फिल्मों को देखकर आप इतिहास, सैनिकों के बलिदान और राष्ट्रीय चेतना को फिर से महसूस कर सकते हैं। सवाल-जवाब 1. भारत इस साल कौन सा स्वतंत्रता दिवस मना रहा है? भारत इस साल अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। 2. अल्ट्रा प्ले पर 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर कौन सी फिल्म उपलब्ध है? 1997 में रिलीज हुई फिल्म 'बॉर्डर' 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय सैनिकों की वीरता और बलिदान पर आधारित है। 3. भगत सिंह के जीवन और संघर्ष पर कौन-कौन सी फिल्में लिस्ट में शामिल हैं? इस लिस्ट में 1965 की फिल्म 'शहीद' और 2002 की फिल्म '23 मार्च 1931: शहीद' शामिल हैं, जो भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के संघर्ष को दर्शाती हैं। 4. 1999 के कारगिल युद्ध पर आधारित कौन सी फिल्म अल्ट्रा प्ले पर देखी जा सकती है? कारगिल युद्ध की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म 'एलओसी: कारगिल' अल्ट्रा प्ले पर उपलब्ध है, जो सैनिकों के साहस को बड़े पैमाने पर दिखाती है। 5. अल्ट्रा प्ले प्लेटफॉर्म पर किस तरह की फिल्में और कंटेंट उपलब्ध हैं? अल्ट्रा प्ले पर हिंदी सिनेमा की यादगार क्लासिक फिल्में, लोकप्रिय मनोरंजन, क्षेत्रीय पसंदीदा सिनेमा और एक्सक्लूसिव कंटेंट का संग्रह मौजूद है। https://trendkia.com/bollywood/80ven-svatntrata-divasa-para-ultra-play-para-upalabdha-hain-ye-10-deshabhakti-philmen-dekhen-border-aura-sarfarosh-ki-lista-16784 TrendKia — Har trend, sabse pehle.