# आधी रात को जुहू बीच की सैर और ताज का डिस्को, विनोद खन्ना और अमिताभ बच्चन के अनसुने किस्से

> सिल्वर स्क्रीन पर प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना के बीच असल जिंदगी में गहरा याराना था, जिसकी शुरुआत उनके शुरुआती संघर्ष के दिनों में हुई थी।

**Type:** article · **Category:** बॉलीवुड · **Published:** 2026-10-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bollywood/adhi-rata-ko-juhu-beach-ki-saira-aura-taj-ka-disko-vinod-khanna-aura-amitabh-bachchan-ke-anasune-kisse-43567 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना, बॉलीवुड किस्से, मुकद्दर का सिकंदर, अमर अकबर एंथनी, हिंदी सिनेमा

सिनेमा के पर्दे पर कई दशक पहले दो चमकते चेहरों के बीच कड़ी टक्कर की चर्चाएं आम थीं, लेकिन असल जिंदगी में उनके बीच एक बेमिसाल और सहज दोस्ती पनप रही थी। 6 अक्टूबर 1946 को जन्मे विनोद खन्ना और अमिताभ बच्चन जब हिंदी सिनेमा में अपने पैर जमाने की जद्दोजहद कर रहे थे, तभी दोनों का आमना-सामना हुआ। फिल्म ‘रेशमा और शेरा’ के सेट पर शुरू हुआ यह परिचय जल्द ही एक अटूट रिश्ते में तब्दील हो गया। उस दौर में जब दोनों कलाकार अपने करियर के शुरुआती संघर्ष से जूझ रहे थे, तब सेट पर साझा किए गए पलों ने इस रिश्ते की मजबूत नींव रखी।

## शूटिंग के ब्रेक से लेकर आधी रात के सफर तक
फिल्मों की शूटिंग के दौरान दोनों का तालमेल देखते ही बनता था। काम के बीच जब भी लंच ब्रेक होता, दोनों अक्सर एक साथ बैठकर खाना खाते थे। कई बार ऐसा भी होता था कि वे मेकअप रूम में बैठकर घंटों गंभीर और मजेदार विषयों पर गपशप करते रहते थे। दिनभर की कड़ी मेहनत और पैकअप के बाद भी उनका साथ खत्म नहीं होता था। दोनों कार में सवार होकर देर रात की ड्राइव पर निकल जाते थे और जुहू बीच की शांत लहरों के किनारे पहुंचकर लंबा वक्त बिताया करते थे।

## ताज होटल का डिस्को क्लब और वो मजेदार वाकया
अमिताभ बच्चन ने अपने एक संस्मरण में दोनों के जुड़ाव से जुड़ा एक बेहद मजेदार किस्सा साझा किया था। उस जमाने में मुंबई के मशहूर ताज होटल में एक बेहद लोकप्रिय डिस्को क्लब हुआ करता था। विनोद खन्ना के पास उस प्रतिष्ठित क्लब की सदस्यता थी, जबकि अमिताभ बच्चन उसके सदस्य नहीं थे। जब भी दोनों का मन क्लब जाने का होता, विनोद खन्ना बिना किसी हिचकिचाहट के अपने साथी अमिताभ को अपने साथ क्लब के भीतर ले जाते थे। यह छोटी सी घटना यह दर्शाती है कि दोनों के रिश्ते में औपचारिकता की कोई जगह नहीं थी और विनोद अपने दोस्त का ख्याल किस सादगी से रखते थे।

## सिनेमाई पर्दे पर ब्लॉकबस्टर जोड़ी और पर्दे के पीछे का सच
सत्तर के दशक में जब अमिताभ बच्चन का सितारा बुलंदी पर था, उसी वक्त विनोद खन्ना भी अपनी अदाकारी और स्टाइल से दर्शकों के दिलों पर राज कर रहे थे। दोनों कलाकारों ने कई यादगार फिल्मों में एक साथ स्क्रीन साझा की। ‘हेरा फेरी’, ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘परवरिश’ और ‘मुकद्दर का सिकंदर’ जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी। दर्शकों ने पर्दे पर उनकी केमिस्ट्री को हाथों-हाथ लिया। कभी वे जिगरी दोस्त बने तो कभी भाइयों के किरदार में नजर आए। उदाहरण के लिए, ‘मुकद्दर का सिकंदर’ की कहानी का मूल आधार ही उनकी दोस्ती थी, जबकि ‘परवरिश’ में दोनों ने भाइयों की भूमिका बखूबी निभाई थी। वहीं ‘अमर अकबर एंथनी’ में उनका अभिनय आज भी दर्शकों को खूब लुभाता है।

## प्रतिद्वंद्विता की अफवाहों पर विनोद खन्ना का दो टूक जवाब
उस दौर में पत्र-पत्रिकाओं में दोनों के बीच पेशेवर प्रतिद्वंद्विता को लेकर तरह-तरह के दावे किए जाते थे। मीडिया अक्सर उन्हें एक-दूसरे का सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी साबित करने में जुटा रहता था। हालांकि, विनोद खन्ना ने साल 2006 में दिए गए एक साक्षात्कार में इन तमाम बातों को सिरे से नकार दिया था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि उनके बीच दुश्मनी या तकरार की बातें पूरी तरह से मीडिया की उपज थीं और वास्तविकता यह थी कि वे दोनों हमेशा से बेहद अच्छे दोस्त रहे। 27 अप्रैल 2017 को विनोद खन्ना इस दुनिया को अलविदा कह गए, लेकिन दोनों दिग्गजों के ये किस्से आज भी उनकी आत्मीयता की गवाही देते हैं।

## इसका आप पर असर
यह संस्मरण सिनेमा प्रेमियों को पर्दे की चमक-दमक के पीछे मौजूद दो बड़े कलाकारों की सच्ची दोस्ती की झलक देता है।

- **सिनेमा के दीवानों के लिए:** यह जानकारी क्लासिक फिल्मों को देखने का एक नया नजरिया देती है। दर्शक अब 'मुकद्दर का सिकंदर' और 'अमर अकबर एंथनी' जैसी फिल्मों में उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री को पर्दे के पीछे के गहरे रिश्ते से जोड़कर देख सकते हैं।
- **पेशेवर जीवन की सीख:** कार्यक्षेत्र में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और निजी सम्मान को अलग रखने की अहमियत समझ आती है। एक ही दौर में शीर्ष पर रहने के बावजूद दोनों ने कभी अपनी मित्रता में मीडिया की बनाई प्रतिद्वंद्विता को हावी नहीं होने दिया।
- **सांस्कृतिक विरासत:** मुंबई के 70 के दशक की नाइटलाइफ और सादगी भरे पलों को जानने का अवसर मिलता है। उस समय ताज डिस्को और जुहू बीच पर कलाकारों का बिना किसी तामझाम के घूमना उस दौर की सरलता को दर्शाता है।
- **रिश्तों की कद्र:** जीवन के शुरुआती संघर्ष के दिनों में बने रिश्ते जीवनभर कायम रहते हैं। यह कहानी याद दिलाती है कि स्टारडम चाहे कितना भी बड़ा हो, शुरुआती दिनों के साथी सबसे अनमोल होते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
दोनों कलाकारों के बीच यह अटूट रिश्ता उनके साझा संघर्ष और साथ काम करने के सहज अनुभवों के कारण विकसित हुआ था।

- **शुरुआती संघर्ष का साथ:** दोनों ने फिल्म 'रेशमा और शेरा' में उस समय साथ काम किया जब वे फिल्म उद्योग में अपनी पहचान तलाश रहे थे। एक जैसे हालात और संघर्ष के दौर ने उनके बीच एक स्वाभाविक और गहरा आत्मीय जुड़ाव पैदा कर दिया।
- **एक साथ कई प्रोजेक्ट्स:** सत्तर के दशक में दोनों ने कई बड़ी फिल्मों में सह-कलाकार के तौर पर लंबा समय सेट पर बिताया। शूटिंग के दौरान साथ भोजन करना और मेकअप रूम में विचार साझा करना इस रिश्ते को लगातार खाद-पानी देता रहा।
- **अफवाहों को नजरअंदाज करना:** मीडिया ने जब उन्हें एक-दूसरे का कट्टर प्रतिद्वंद्वी बताना शुरू किया, तब भी उन्होंने इन बातों को अपने रिश्ते पर असर नहीं डालने दिया। दोनों अभिनेताओं ने बाहरी दबावों के बजाय अपने आपसी विश्वास और समझ को प्राथमिकता दी।

## सवाल-जवाब

### 1. अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना की पहली मुलाकात किस फिल्म के दौरान हुई थी?
दोनों कलाकारों की मुलाकात और दोस्ती की शुरुआत फिल्म ‘रेशमा और शेरा’ में साथ काम करने के दौरान हुई थी।

### 2. ताज होटल के डिस्को क्लब से जुड़ा कौन सा किस्सा मशहूर है?
उस समय विनोद खन्ना के पास ताज के डिस्को क्लब की सदस्यता थी जबकि अमिताभ के पास नहीं थी, इसलिए विनोद उन्हें अपने साथ अंदर ले जाया करते थे।

### 3. शूटिंग खत्म होने के बाद दोनों अक्सर कहां जाते थे?
पैकअप होने के बाद दोनों अपनी कार से देर रात तक ड्राइव करते हुए जुहू बीच जाते थे और वहां काफी समय बिताते थे।

### 4. अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना ने किन प्रमुख फिल्मों में साथ काम किया?
दोनों ने ‘हेरा फेरी’, ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘परवरिश’ और ‘मुकद्दर का सिकंदर’ जैसी कई लोकप्रिय फिल्मों में एक साथ अभिनय किया।

### 5. विनोद खन्ना ने दोनों के बीच प्रतिद्वंद्विता की खबरों पर क्या कहा था?
साल 2006 के एक इंटरव्यू में विनोद खन्ना ने साफ किया था कि उनके बीच दुश्मनी की बातें मीडिया की बनाई हुई थीं और वे वास्तव में अच्छे दोस्त थे।

### 6. विनोद खन्ना का निधन कब हुआ था?
विनोद खन्ना का निधन 27 अप्रैल 2017 को हुआ था।

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