# अकादमी पुरस्कारों के लिए क्यों नहीं चुनी गई रणवीर सिंह की धुरंधर, जूरी के विवेक वासवानी ने किया खुलासा

> अकादमी पुरस्कारों के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि की दौड़ से रणवीर सिंह अभिनीत धुरंधर बाहर हो गई। 14 सदस्यीय चयन समिति में इसे सिर्फ 4 मत मिले, जबकि मराठी थ्रिलर गोंधल को चुना गया।

**Type:** article · **Category:** बॉलीवुड · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bollywood/akadami-puraskaron-ke-lie-kyon-nahin-chuni-gai-ranveer-singh-ki-dhurandhar-juri-ke-vivek-vaswani-ne-kiya-khulasa-33803 · **Language:** Hindi
**Tags:** धुरंधर, रणवीर सिंह, गोंधल, ऑस्कर 2027, विवेक वासवानी, संतोष दावखर, फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया

अकादमी पुरस्कारों के 99वें संस्करण में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुनी जाने वाली आधिकारिक प्रविष्टि की होड़ में रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म धुरंधर भी अंतिम दौर तक मजबूती से टिकी हुई थी। टिकट खिड़की पर शानदार कमाई करने के बावजूद यह बड़ी हिंदी फिल्म अंतिम चयन में पिछड़ गई। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया की जूरी ने मराठी सिनेमा की थ्रिलर गोंधल पर अपना भरोसा जताया और उसे वर्ष 2027 के ऑस्कर के लिए भारत की ओर से भेजने का निर्णय लिया।

## जूरी के भीतर मतदान और धुरंधर के बाहर होने का कारण
चयन समिति के सदस्य विवेक वासवानी ने इस चुनाव की आंतरिक प्रक्रिया का ब्योरा साझा करते हुए बताया कि चयनकर्ताओं के बीच क्या बातचीत हुई थी। जब अंतिम चरण में धुरंधर की स्थिति को लेकर सवाल हुआ, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ सदस्यों को सिनेमाई नजरिए से यह पसंद जरूर आई, लेकिन पूरी जूरी इस बात पर सहमत नहीं थी कि यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऑस्कर के स्तर की कसौटियों पर खरी उतरती है।

विवेक वासवानी के अनुसार, फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया की समिति एक ऐसी प्रस्तुति चाहती थी जिसमें भारतीय संस्कृति की वास्तविक और गहरी झलक दिखाई दे। धुरंधर में सांस्कृतिक परिवेश का वह पुट उस गहराई से नजर नहीं आया जैसा देश की मुख्य प्रविष्टि में होना चाहिए था। कुल 14 सदस्यों वाली इस जूरी के बीच जब मतदान कराया गया, तब रणवीर सिंह की इस फिल्म के पक्ष में केवल चार सदस्यों ने अपना वोट दिया, जिसके चलते यह दौड़ से बाहर हो गई।

## 33 दावेदारों के बीच अंतिम तीन में बनी थी कड़ी टक्कर
इस वर्ष ऑस्कर की आधिकारिक दौड़ में शामिल होने के लिए अलग-अलग भाषाओं की कुल 33 फिल्मों ने अपनी दावेदारी पेश की थी। इस व्यापक सूची में भाषाई विविधता का पूरा ध्यान दिखा, जिसमें हिंदी की 14 फिल्में, मराठी की चार, तेलुगु की चार, गुजराती की तीन, तमिल की तीन, मलयालम की एक, नेपाली की एक और नगालैंड से एक फिल्म शामिल थी।

गहन विचार-विमर्श और छंटनी के बाद समिति ने अंतिम तीन फिल्मों को शॉर्टलिस्ट किया था। इन शीर्ष तीन दावेदारों में गोंधल, अंग और मैं वापस आऊंगा शामिल थीं। व्यापक चर्चा और तुलनात्मक समीक्षा के बाद अंततः गोंधल को 2027 के अकादमी पुरस्कारों के लिए देश का आधिकारिक चेहरा घोषित किया गया।

## सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी मराठी थ्रिलर गोंधल की जीत
चयनित फिल्म गोंधल का लेखन और निर्देशन संतोष दावखर ने किया है। यह एक सस्पेंस थ्रिलर है जिसकी पूरी पृष्ठभूमि महाराष्ट्र के लोक-कला रूप और पारंपरिक पूजा अनुष्ठान पर केंद्रित है, जिससे इसे यह शीर्षक भी मिला है। फिल्म का यही सशक्त सांस्कृतिक आधार और प्रामाणिक प्रस्तुति जूरी को सबसे अधिक प्रभावित करने में सफल रही।

गोंधल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सिनेमा प्रेमियों का ध्यान खींचा है और इसे विभिन्न वैश्विक फिल्म समारोहों में प्रदर्शित किया जा चुका है। इसके निर्देशक संतोष दावखर ने 2025 में आयोजित 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) में अपनी इस कलात्मक दृष्टि के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का प्रतिष्ठित सिल्वर पीकॉक पुरस्कार जीता था।

## इसका आप पर असर
यह निर्णय दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों के चयन में बॉक्स ऑफिस कमाई के बजाय क्षेत्रीय पहचान और सांस्कृतिक प्रामाणिकता को अधिक प्राथमिकता मिलती है।

- **सिनेमा प्रेमियों के लिए:** बड़े बजट की व्यावसायिक फिल्मों के बजाय दर्शकों का ध्यान अब क्षेत्रीय और लोक संस्कृति पर आधारित स्वतंत्र सिनेमा की ओर बढ़ेगा। इससे दर्शक उन चुनिंदा फिल्मों की खोज करेंगे जो मुख्यधारा की चकाचौंध से दूर वास्तविक कहानियों को पर्दे पर लाती हैं।
- **फिल्म निर्माताओं के लिए:** ऑस्कर जैसी वैश्विक प्रतियोगिताओं की योजना बना रहे निर्माताओं को स्थानीय संस्कृति और प्रामाणिक प्रस्तुति पर निवेश बढ़ाना होगा। सिर्फ बड़े कलाकारों की मौजूदगी या भारी बजट किसी फिल्म को भारत की आधिकारिक प्रविष्टि दिलाने की गारंटी नहीं बन सकता।
- **क्षेत्रीय सिनेमा उद्योग के लिए:** मराठी और अन्य भाषाई फिल्म उद्योगों में काम कर रहे रचनात्मक कलाकारों और तकनीशियनों को वैश्विक स्तर पर बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। इस चयन से क्षेत्रीय परियोजनाओं के लिए वितरण अवसर और अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भागीदारी और सुगम होगी।
- **अवार्ड्स रणनीति के लिए:** जूरी का यह पारदर्शी खुलासा आगामी वर्षों में चयन प्रक्रिया की प्राथमिकताओं को समझने में फिल्मकारों की सीधी मदद करेगा। फिल्म टीमें अब अंतरराष्ट्रीय मंचों के लिए प्रोजेक्ट तैयार करते समय विषयवस्तु की विशिष्टता को केंद्र में रखेंगी।

## ऐसा क्यों हुआ
फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया की 14 सदस्यीय जूरी ने भारत की आधिकारिक ऑस्कर प्रविष्टि के रूप में रणवीर सिंह की धुरंधर के बजाय मराठी फिल्म गोंधल को चुना, जिसके पीछे मुख्य रूप से सांस्कृतिक और विषयगत कारक रहे।

- **सांस्कृतिक प्रामाणिकता की कमी:** चयनकर्ताओं का मानना था कि धुरंधर में भारतीय संस्कृति और परिवेश का वह सशक्त चित्रण नहीं था जो किसी आधिकारिक राष्ट्रीय प्रविष्टि के लिए आवश्यक माना जाता है। जूरी सदस्यों ने पाया कि वैश्विक दर्शकों के सामने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए कहानी में स्थानीय जड़ों का होना बेहद जरूरी था।
- **सीमित जूरी समर्थन:** 14 सदस्यों वाली समिति के मतदान के दौरान धुरंधर के पक्ष में सिर्फ चार मत पड़े। अधिकांश सदस्यों का मत था कि व्यावसायिक रूप से सफल होने के बावजूद यह फिल्म ऑस्कर जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के पैमानों पर सटीक नहीं बैठती।
- **लोक परंपरा पर आधारित मजबूत पटकथा:** विजेता चुनी गई फिल्म गोंधल महाराष्ट्र के पारंपरिक पूजा अनुष्ठान और लोक-प्रदर्शन पर आधारित एक थ्रिलर है। इसकी विषयवस्तु की मौलिकता और सांस्कृतिक गहराई ने समिति के सदस्यों को गहराई से प्रभावित किया।
- **अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पूर्व मान्यता:** गोंधल को कई वैश्विक फिल्म समारोहों में पहले ही सराहा जा चुका था और इसके निर्देशक संतोष दावखर 2025 में 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया में सिल्वर पीकॉक जीत चुके थे। इस स्थापित साख ने समिति के अंतिम निर्णय को इसके पक्ष में मोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

## सवाल-जवाब

### 1. 99वें अकादमी पुरस्कारों के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि कौन सी फिल्म बनी?
मराठी थ्रिलर फिल्म गोंधल को 2027 के ऑस्कर में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है।

### 2. धुरंधर को ऑस्कर की दौड़ से बाहर क्यों होना पड़ा?
जूरी के अनुसार धुरंधर में भारतीय संस्कृति का वह आवश्यक प्रतिनिधित्व नहीं दिखा जो ऑस्कर प्रविष्टि के लिए चाहिए, और 14 सदस्यीय समिति में से इसे केवल 4 वोट मिले।

### 3. अंतिम दौर की शॉर्टलिस्ट में कौन-कौन सी तीन फिल्में शामिल थीं?
अंतिम चयन में जिन तीन फिल्मों पर विचार किया गया, वे थीं गोंधल, अंग और मैं वापस आऊंगा।

### 4. चयन प्रक्रिया में कुल कितनी फिल्मों की जांच की गई थी?
इस वर्ष विभिन्न भाषाओं की कुल 33 फिल्में चयन प्रक्रिया में शामिल थीं, जिनमें 14 हिंदी फिल्में थीं।

### 5. फिल्म गोंधल के निर्देशक कौन हैं?
गोंधल का लेखन और निर्देशन संतोष दावखर ने किया है, जिन्होंने 56वें आईएफएफआई में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का सिल्वर पीकॉक पुरस्कार जीता था।

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