अमित राय के निर्देशन में बनी 'ओह माय डॉग' 7 अगस्त को होगी रिलीज़, पटना स्क्रीनिंग में भावुक हुए दर्शक निर्माता निर्देशक अमित राय की नई फिल्म 'ओह माय डॉग' 7 अगस्त को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है। बिहार की लोकेशंस पर शूट हुई इस फिल्म की पटना स्क्रीनिंग में दर्शक इंसान और वफादार जानवर के रिश्ते को देखकर काफी भावुक नज़र आए। बॉलीवुड के जाने-माने निर्देशक अमित राय की नई सिनेमैटिक प्रस्तुति 'ओह माय डॉग' आगामी 7 अगस्त को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बहुप्रतीक्षित फिल्म में बहुमुखी अभिनेता पंकज त्रिपाठी, अनुभवी कलाकार राजेश कुमार और बहुचर्चित अभिनेता बुलू कुमार समेत बिहार की धरती से जुड़े कई प्रतिभावान कलाकारों ने अपने अभिनय का जादू बिखेरा है। आधिकारिक रिलीज़ से पूर्व राजधानी पटना में आयोजित एक विशेष रेड कारपेट स्क्रीनिंग के दौरान जब दर्शकों को इस भावनात्मक कहानी की पहली झलक दिखाई गई, तो सिनेमा हॉल में मौजूद अधिकांश लोग अपने आंसुओं पर काबू नहीं रख सके। इंसान और बेजुबान के बीच की अटूट निष्ठा पर आधारित यह फिल्म न केवल दर्शकों के दिलों को छू रही है, बल्कि यह भी संकेत दे रही है कि यह 7 अगस्त से थिएटर्स में तहलका मचाने वाली है। इंसान और वफादार बेजुबान के अनोखे रिश्ते की कहानी विशेष स्क्रीनिंग के अवसर पर फिल्म के निर्माण और उसके केंद्रीय विचार पर विस्तार से चर्चा करते हुए निर्देशक अमित राय ने बताया कि 'ओह माय डॉग' की आत्मा एक इंसान और उसके पालतू कुत्ते के बीच पनपने वाले अगाध प्रेम और भावनात्मक लगाव पर टिकी हुई है। उन्होंने साझा किया कि यह कहानी केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह गहराई से इस बात की पड़ताल करती है कि संकट और कठिन परिस्थितियों में इंसान तथा जानवर अपने-अपने धर्म और वफादारी के सिद्धांतों को कायम रखने के लिए किस हद तक जा सकते हैं। इस फिल्म का कथानक दर्शकों को हर पल अपने साथ जोड़े रखता है और इंसानियत तथा बेजुबान जानवरों के प्रति करुणा का एक बेहद मजबूत संदेश देता है। यही कारण है कि प्रीमियर के दौरान हॉल में मौजूद हर उम्र के दर्शक भावुक हो गए और स्क्रीनिंग खत्म होने के काफी देर बाद तक सिनेमा हॉल का माहौल बेहद भावनात्मक बना रहा। बिहार की ऐतिहासिक और सुंदर लोकेशंस पर हुई शूटिंग इस फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता इसका स्थानीय परिवेश और इसकी यथार्थवादी शूटिंग है। 'ओह माय डॉग' के बड़े हिस्से का फिल्मांकन बिहार के तीन प्रमुख जिलों, पटना, छपरा और आरा में संपन्न हुआ है। राजधानी पटना की कई ऐतिहासिक, धार्मिक और आधुनिक लोकेशंस को कैमरे के जरिए पर्दे पर बेहद खूबसूरती से उकेरा गया है। फिल्म में दर्शकों को पटना का भव्य सुल्तान पैलेस, व्यस्ततम चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर, ऐतिहासिक पंचरूपी हनुमान मंदिर, विश्वप्रसिद्ध गोलघर, स्थानीय संस्कृति का केंद्र मुसल्लहपुर हाट, गंगा किनारे बसा मनमोहक मरीन ड्राइव और पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख स्थल अपनी पूरी भव्यता के साथ देखने को मिलेंगे। इन वास्तविक लोकेशंस के चुनाव ने फिल्म को एक ऐसा जीवंत आधार दिया है, जिससे दर्शक खुद को सीधे तौर पर इस कहानी से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। स्थानीय प्रतिभाओं का हुनर और सरकारी सहयोग की सराहना निर्देशक अमित राय ने पटना और छपरा के स्थानीय निवासियों के प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शूटिंग के दौरान क्षेत्रीय लोगों द्वारा दिया गया स्नेह और सहयोग बेहद अभूतपूर्व था। उन्होंने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि बिहार में अभिनय प्रतिभा का इतना समृद्ध भंडार मौजूद था कि उन्हें मुंबई से किसी भी सहायक कलाकार को बुलाने की आवश्यकता ही महसूस नहीं हुई। फिल्म के लगभग सभी महत्वपूर्ण किरदार बिहार के ही स्थानीय कलाकारों द्वारा निभाए गए हैं। अमित राय ने बिहार सरकार की प्रगतिशील फिल्म नीति, प्रशासनिक तंत्र की तत्परता और सिंगल विंडो परमिशन व्यवस्था की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन और आम जनता के पूर्ण सहयोग के कारण शूटिंग के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं हुई और पूरा प्रोजेक्ट निर्विघ्न संपन्न हुआ। वरिष्ठ अभिनेता राजेश कुमार का पुलिस अधिकारी का अवतार भारतीय सिनेमा और टेलीविजन जगत में पिछले कई दशकों से सक्रिय और मूल रूप से बिहार के निवासी वरिष्ठ अभिनेता राजेश कुमार ने फिल्म के विषय पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में इंसान और जानवर के प्रेम पर केंद्रित संवेदनशील फिल्में बनना लगभग बंद हो गई हैं। ऐसे दौर में 'ओह माय डॉग' उस पवित्र और अनोखे संबंध को बेहद मार्मिक ढंग से बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करती है। राजेश कुमार ने फिल्म के तकनीकी पक्षों की खुले दिल से तारीफ की और कहा कि इसका बेहतरीन कैमरा वर्क, सटीक निर्देशन, बैकग्राउंड म्यूजिक और सभी कलाकारों की लाजवाब एक्टिंग इस प्रोजेक्ट को एक नया आयाम देती है। लंबे अंतराल के बाद किसी प्रोजेक्ट में अपनी जड़ों की ओर लौटते हुए राजेश कुमार इस फिल्म में एक खांटी बिहारी दारोगा अर्थात पुलिस इंस्पेक्टर की दमदार भूमिका निभाते नज़र आएंगे। कलाकार बुलू कुमार का थिएटर संघर्ष से वैनिटी वैन तक का सफर मशहूर वेब सीरीज 'पंचायत' में माधव के अपने यादगार किरदार से लोकप्रियता हासिल करने वाले अभिनेता बुलू कुमार पटना स्क्रीनिंग के दौरान बेहद भावुक दिखाई दिए। अपने पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि पटना शहर उनके दिल के बेहद करीब है, क्योंकि इसी शहर की सड़कों और धूप में वे कभी भूखे-प्यासे रहकर थिएटर और नुक्कड़ नाटक किया करते थे। उन्होंने साझा किया कि जब इसी पटना में 'ओह माय डॉग' की शूटिंग के दौरान उनके ठहरने के लिए उनके नाम की वैनिटी वैन खड़ी हुई, तो वह पल उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा था। बुलू कुमार ने दर्शकों से भावुक अपील करते हुए कहा, "मेरी बात मानकर एक बार यह फिल्म जरूर देखिए, फिल्म देखने के बाद आप मुझे थैंक यू जरूर कहेंगे।" उन्होंने बल देकर कहा कि यह फिल्म हर दर्शक को अपनी मिट्टी और अपने घर की सौंधी महक का अहसास कराने वाली एक अनूठी रचना है। इसका आप पर असर भारत में: यह फिल्म इंसान और पालतू जानवरों के प्रति करुणा का संदेश देती है, जिससे दर्शकों में बेजुबान जीवों के प्रति संवेदनशीलता और पशु प्रेम को बढ़ावा मिलेगा। बिहार (पटना) में: राज्य की नई फिल्म नीति और स्थानीय प्रतिभाओं के सफल उपयोग से स्थानीय कलाकारों को बड़े मंच मिलेंगे और बिहार में फिल्म पर्यटन व शूटिंग को बढ़ावा मिलेगा। सवाल-जवाब 1. फिल्म 'ओह माय डॉग' सिनेमाघरों में कब रिलीज़ होगी? यह फिल्म आगामी 7 अगस्त को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है। 2. फिल्म 'ओह माय डॉग' के निर्देशक कौन हैं और इसमें कौन से मुख्य कलाकार हैं? इस फिल्म का निर्देशन अमित राय ने किया है तथा इसमें पंकज त्रिपाठी, राजेश कुमार और बुलू कुमार मुख्य भूमिकाओं में नज़र आएंगे। 3. फिल्म 'ओह माय डॉग' की कहानी किस विषय पर केंद्रित है? यह फिल्म इंसान और उसके वफादार पालतू कुत्ते के बीच के गहरे भावनात्मक संबंध, वफादारी और एक-दूसरे के प्रति समर्पण पर आधारित है। 4. फिल्म की शूटिंग बिहार की किन मुख्य लोकेशंस पर हुई है? इसकी शूटिंग पटना, छपरा और आरा में हुई है, जिसमें पटना के गोलघर, सुल्तान पैलेस, मरीन ड्राइव और पटना जंक्शन जैसी प्रमुख जगहें दिखाई गई हैं। 5. अभिनेता राजेश कुमार इस फिल्म में किस किरदार में नज़र आएंगे? राजेश कुमार लंबे समय बाद एक स्थानीय बिहारी दारोगा (पुलिस अधिकारी) की भूमिका निभा रहे हैं। प्रेरणा और सबक संघर्ष और निरंतरता का महत्व: अभिनेता बुलू कुमार की यात्रा यह सिखाती है कि शुरुआती तंगी और धूप में किए गए संघर्ष से घबराने के बजाय निरंतर मेहनत करते रहना चाहिए, क्योंकि निष्ठा से किया गया प्रयास एक दिन सफलता दिलाता है। अपनी जड़ों का सम्मान: अपनी मिट्टी और स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव बनाए रखने से कलाकार की कला में यथार्थवाद और प्रामाणिकता आती है, जो दर्शकों के दिलों को सीधे छूती है। क्षेत्रीय प्रतिभा पर विश्वास: मुंबई जैसे बड़े केंद्रों के बजाय स्थानीय प्रतिभाओं पर भरोसा जताने से नए अवसरों के दरवाजे खुलते हैं और अपनी ही भूमि पर ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया जा सकता है। https://trendkia.com/bollywood/amit-rai-ke-nirdeshana-men-bani-oh-my-dog-7-agasta-ko-hogi-riliza-patna-skrininga-men-bhavuka-hue-darshaka-12920 TrendKia — Har trend, sabse pehle.