अमिताभ बच्चन से आमिर खान तक, बॉलीवुड की इन 7 फिल्मों ने पर्दे पर अमर किया पिता-पुत्री का रिश्ता फादर्स डे के अवसर पर जानिए बॉलीवुड की उन 7 चुनिंदा फिल्मों के बारे में, जिन्होंने पिता और बेटी के बीच के प्यार, तकरार और गहरे भरोसे को बड़े पर्दे पर बेहद खूबसूरती से दर्शाया है। एक बेटी के जीवन में उसके पिता की भूमिका बेहद खास होती है। वह केवल परिवार का मुखिया नहीं होता, बल्कि अपनी बेटी का पहला रक्षक, उसका सुपरहीरो और उसके सपनों को उड़ान देने वाला खुला आसमान भी होता है। पिता और बेटी का यह पवित्र रिश्ता दुनिया के सबसे अनूठे संबंधों में से एक है। इस रिश्ते में जहां शब्दों के बिना ही दिल की बात समझ लेने वाला मौन होता है, वहीं भरपूर लाड़-प्यार और खट्टी-मीठी तकरार की मिठास भी घुली होती है। हर साल जून के महीने में जब हम फादर्स डे मनाते हैं, तो इस निस्वार्थ प्रेम को याद करने और उसका आभार व्यक्त करने का इससे बेहतर मौका कोई नहीं हो सकता। भारतीय सिनेमा ने भी इस संवेदनशील और मजबूत रिश्ते को हमेशा अपने अनूठे ढंग से पर्दे पर उतारा है। बॉलीवुड के निर्देशकों ने कई ऐसी उत्कृष्ट फिल्मों का निर्माण किया है, जिन्होंने कभी दर्शकों को हंसाया, कभी उनकी आंखें नम कीं, तो कभी एक पिता के अटूट विश्वास से उनके दिलों को गर्व से भर दिया। आइए, फादर्स डे के इस विशेष अवसर पर नजर डालते हैं सिनेमा की ऐसी ही 7 बेहतरीन फिल्मों पर, जिन्होंने पिता-पुत्री के अमर प्रेम की दास्तां बयां की है। हे बेबी: नन्हीं जान के लिए बदल गई तीन दोस्तों की दुनिया साजिद खान के निर्देशन में बनी फिल्म हे बेबी ने पिता के स्नेह को एक बेहद ही मनोरंजक और अनोखे अंदाज में दर्शकों के सामने पेश किया। इस फिल्म की कहानी तीन ऐसे कुंवारे दोस्तों (अक्षय कुमार, रितेश देशमुख और फरदीन खान) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी बेलगाम जिंदगी में तब बड़ा मोड़ आता है जब उनके दरवाजे पर एक लावारिस बच्ची (एंजेल) मिलती है। शुरुआत में इस नन्हीं बच्ची से पीछा छुड़ाने का प्रयास करने वाले ये तीनों दोस्त धीरे-धीरे उसके प्रेम के जाल में इस कदर बंध जाते हैं कि अपनी पूरी जीवनशैली ही बदल डालते हैं। फिल्म में अक्षय कुमार और उस छोटी सी बच्ची के बीच के भावनात्मक दृश्य आज भी दर्शकों को भावुक कर देते हैं। इस फिल्म का बेहद लोकप्रिय गीत मेरी दुनिया तू ही रे आज भी हर पिता की अपनी बेटी के प्रति सच्ची भावनाओं को खूबसूरती से जाहिर करता है। पीकू: जब बूढ़े पिता की मां बन जाती है बेटी शूजित सरकार द्वारा निर्देशित फिल्म पीकू ने समाज के सामने पिता और बेटी के रिश्ते का एक बिल्कुल नया और वास्तविक नजरिया प्रस्तुत किया। फिल्म में महान अभिनेता अमिताभ बच्चन ने एक उम्रदराज, जिद्दी और पेट की बीमारी से परेशान पिता (भास्कर बनर्जी) की भूमिका निभाई है। वहीं, दीपिका पादुकोण ने उनकी कामकाजी और आत्मनिर्भर बेटी (पीकू) का किरदार निभाया है। यह फिल्म दर्शाती है कि जीवन के एक पड़ाव पर आकर पिता किस तरह एक बच्चे के समान हो जाता है और बेटी एक मां की तरह उसकी देखभाल करने लगती है। भास्कर बनर्जी और पीकू के बीच की नोकझोंक, तकरार और उनके भीतर का गहरा छुपा हुआ प्यार ही इस पूरी फिल्म की आत्मा है। दृश्यम: बेटी की सुरक्षा के लिए चट्टान बनकर खड़ा पिता निशिकांत कामत के निर्देशन में बनी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म दृश्यम में अजय देवगन ने विजय सालगांवकर के रूप में एक ऐसा यादगार किरदार निभाया, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। विजय एक ऐसा साधारण पिता है, जो अपनी बेटी और परिवार की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। वह पुलिस और कानून की ताकत के सामने एक अभेद्य दीवार बनकर खड़ा हो जाता है। अपनी बड़ी बेटी को एक अनपेक्षित हादसे और सामाजिक बदनामी से बचाने के लिए केवल चौथी पास विजय जिस चतुर चक्रव्यूह की रचना करता है, वह दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर देता है। यह फिल्म इस शाश्वत सत्य को रेखांकित करती है कि अपनी संतान पर आई किसी भी आंच को रोकने के लिए एक पिता पूरी दुनिया से टकराने का हौसला रखता है। दंगल: बेटियों को सुल्तान बनाने वाले एक जिद्दी पिता का सपना वास्तविक जीवन और सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्म दंगल का निर्देशन नितेश तिवारी ने किया था। इस फिल्म में पिता के एक बेहद सख्त लेकिन दूरदर्शी गुरु वाले रूप को दिखाया गया है। यह कहानी प्रसिद्ध पहलवान महावीर सिंह फोगाट और उनकी बेटियों गीता फोगाट व बबीता फोगाट के संघर्षों पर आधारित है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक पिता रूढ़िवादी समाज के तानों की परवाह किए बिना अपनी बेटियों को कुश्ती की दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बनाता है। फिल्म का कालजयी संवाद म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के? एक पिता के अपनी बेटियों की क्षमता पर अटूट विश्वास को बयां करता है। आमिर खान द्वारा निभाया गया एक कड़क मगर अंदर से बेहद संवेदनशील पिता का किरदार दर्शकों के दिलों में हमेशा के लिए बस गया। गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल और प्रगतिशील पिता की प्रेरणा यह फिल्म कारगिल युद्ध की साहसी पायलट गुंजन सक्सेना की बायोपिक है, लेकिन इसके केंद्र में पूरी तरह से पिता-पुत्री का बेहद संवेदनशील रिश्ता धड़कता है। फिल्म में पंकज त्रिपाठी ने गुंजन (जाह्नवी कपूर) के पिता अनूप सक्सेना का अद्भुत किरदार निभाया है। जब पूरा समाज गुंजन के लड़ाकू विमान उड़ाने के सपने को यह कहकर खारिज कर देता है कि यह लड़कियों का काम नहीं है, तब उसके पिता उसके हौसले को नए पंख देते हुए कहते हैं, प्लेन लड़का उड़ाए या लड़की, दोनों को पायलट ही कहलाते हैं। पंकज त्रिपाठी द्वारा निभाया गया यह शांत, समझदार और प्रगतिशील पिता का रूप समाज की हर बेटी को अपने सपने पूरे करने की प्रेरणा देता है। अंग्रेजी मीडियम: बेटी के सपनों के लिए पिता का निस्वार्थ त्याग महान अभिनेता इरफान खान की आखिरी फिल्म अंग्रेजी मीडियम का निर्देशन होमी अदजानिया ने किया था। इस फिल्म में इरफान खान ने चंपक बंसल नाम के एक साधारण हलवाई की भूमिका निभाई थी, जिसकी बेटी (राधिका मदान) का सपना लंदन जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने का है। अपनी बेटी की इस जिद और सपने को साकार करने के लिए चंपक अपनी जिंदगी भर की सारी जमा-पूंजी दांव पर लगा देता है और रास्ते में आने वाली हर मुश्किल से डटकर मुकाबला करता है। यह फिल्म पिता के उस असीम और निस्वार्थ त्याग को सलाम करती है, जो वह केवल अपनी बेटी के चेहरे पर एक मुस्कान देखने के लिए खुशी-खुशी कर जाता है। द इंडिया स्टोरी: संकट के दौर में एकजुटता की नई कहानी जल्द ही दर्शकों के बीच आने वाली फिल्म द इंडिया स्टोरी भी एक पिता और बेटी के सुंदर रिश्ते पर आधारित है। यह फिल्म खाद्य पदार्थों में मिलावट और उससे पैदा होने वाले बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट की गंभीर पृष्ठभूमि पर तैयार की गई है। एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे को उठाने के साथ-साथ इस फिल्म का मुख्य भावनात्मक आधार वह पिता-पुत्री का अटूट संबंध है, जो हर विपरीत परिस्थिति का सामना एक-दूसरे के कंधे से कंधा मिलाकर करते हैं। इसका आप पर असर • फिल्म प्रेमियों के लिए: यह विशेष सूची पाठकों को अपने पिताओं के साथ बैठकर कुछ बेहद भावुक और मनोरंजक फिल्में देखने तथा इस फादर्स डे पर अपने पारिवारिक रिश्तों को और मजबूत बनाने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करती है। सवाल-जवाब 1. Who played the father's role in the movie 'Gunjan Saxena'? इस फिल्म में जाह्नवी कपूर के पिता का किरदार अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने निभाया था, जो एक बेहद प्रगतिशील और सहायक पिता के रूप में नजर आए। 2. What does Ajay Devgn's character do to save his daughter in 'Drishyam'? इस फिल्म में विजय सालगांवकर (अजय देवगन) अपनी बेटी और परिवार को एक अनपेक्षित संकट से सुरक्षित रखने के लिए पुलिस और कानून के खिलाफ एक बेहद शातिर चक्रव्यूह तैयार करता है। 3. What is the central relationship in the movie 'Piku'? यह फिल्म एक उम्रदराज और सनकी पिता (अमिताभ बच्चन) और उनकी कामकाजी बेटी (दीपिका पादुकोण) के बीच की मीठी नोंक-झोंक और गहरे जुड़ाव को दिखाती है। 4. What is the main theme of the upcoming film 'The India Story'? यह फिल्म मिलावटी खाद्य पदार्थों और सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट के माहौल में एक पिता और बेटी के बीच के अटूट और भावनात्मक रिश्ते को दर्शाती है। https://trendkia.com/bollywood/amitabh-bachchan-se-aamir-khan-taka-bollywood-ki-ina-7-philmon-ne-parde-para-amara-kiya-pita-putri-ka-rishta-2104 TrendKia — Har trend, sabse pehle.