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  "title": "अमिताभ बच्चन के कान के पास से गुजरी थी असली गोली, रमेश सिप्पी की फिल्म के सेट पर हुआ था भयानक हादसा",
  "summary": "क्लासिक फिल्म 'शोले' की शूटिंग के दौरान एक शॉट बार-बार रीटेक होने से गुस्साए धर्मेंद्र ने असली गोली चला दी थी, जो अमिताभ बच्चन के कान के बेहद करीब से निकल गई थी।",
  "content": "सिनेमा जगत में फिल्म 'शोले' को सबसे बड़ी और वास्तविक एक्शन फिल्मों में शुमार किया जाता है। निर्देशक रमेश सिप्पी की यह कोशिश थी कि फिल्म के हर दृश्य का दृश्य और माहौल पूरी तरह से असली नजर आए। इसी सोच के तहत उन्होंने शूटिंग के दौरान नकली बंदूकों या खिलौनों वाले हथियारों के बजाय असली हथियारों और बारूद का इस्तेमाल करने का एक साहसी निर्णय लिया था। फिल्म के क्लाइमैक्स की शूटिंग चल रही थी, जिसमें जय यानी अमिताभ बच्चन एक पहाड़ी की ऊंचाई पर खड़े होकर अपने दुश्मनों पर नजर रख रहे थे, जबकि वीरू यानी धर्मेंद्र गोला-बारूद के एक बक्से से कारतूस निकालकर अपनी राइफल में भर रहे थे। सेट पर उस समय का माहौल बेहद तनावपूर्ण और रोमांच से भरपूर था।\n\nशूटिंग के दौरान बार-बार रीटेक से बढ़ा तनाव\nफिल्म निर्माण के दौरान छोटी-बड़ी तकनीकी बाधाओं या अभिनय की खामियों की वजह से कई बार एक ही शॉट के लिए कई रीटेक लेने पड़ जाते हैं। उस दिन भी कुछ ऐसा ही हुआ जब निर्देशक रमेश सिप्पी ने शॉट के लिए 'एक्शन' बोला, तो धर्मेंद्र को नीचे रखे बक्से को खोलकर तुरंत कारतूस उठाने थे। लेकिन दुर्भाग्यवश, पहली ही बार में गोलियां धर्मेंद्र के हाथों से फिसल गईं। इसके बाद दूसरा और तीसरा टेक भी फिल्माया गया, परंतु बार-बार कोशिश करने के बावजूद गोलियों के फिसलने का सिलसिला थमा नहीं और शॉट ओके नहीं हो पाया।\n\nगुस्से में उठाया गया खतरनाक कदम\nजब लगातार चार बार ऐसा ही हुआ, तो अभिनेता धर्मेंद्र भारी झुंझलाहट और गुस्से की स्थिति में आ गए। शॉट को सही ढंग से पूरा न कर पाने की निराशा इतनी बढ़ गई कि उन्होंने गुस्से में आकर अपने हाथ में मौजूद बंदूक में असली कारतूस लोड कर लिया। उस क्षण उनका गुस्सा सातवें आसमान पर था और बिना किसी दूर की सोचे उन्होंने आवेश में आकर ट्रिगर दबा दिया और हवा में गोली दाग दी। उस वक्त अमिताभ बच्चन बिल्कुल सामने एक पहाड़ी की चोटी पर खड़े होकर अपना हिस्सा शूट कर रहे थे और इस जानलेवा खतरे से पूरी तरह अनजान थे।\n\nकान के पास से गुजरी मौत\nधर्मेंद्र की बंदूक से जैसे ही असली गोली छूटी, वह हवा को चीरती हुई सीधे अमिताभ बच्चन की दिशा में बढ़ गई। बाद में इस वाकये को याद करते हुए अमिताभ बच्चन ने बताया था कि उन्होंने हवा में एक बहुत तेज 'हूश' जैसी आवाज सुनी थी और वह गोली उनके कान के बिल्कुल पास से निकल गई थी। उस एक सेकंड के लिए पूरे शूटिंग सेट पर भयानक सन्नाटा पसर गया था, क्योंकि जरा सी भी चूक या इंच भर का अंतर अमिताभ बच्चन की जान के लिए घातक साबित हो सकता था और एक बड़ा हादसा हो सकता था।\n\nसालों बाद खुला इस राज का पर्दा\nइस खौफनाक और हैरान करने वाली घटना का खुलासा खुद अमिताभ बच्चन ने कई साल बाद लोकप्रिय टेलीविजन गेम शो कौन बनेगा करोड़पति (KBC) के मंच पर किया था। शो की शूटिंग के दौरान जब एक प्रतिभागी जो कि एक सीआरपीएफ ऑफिसर थे, ने उनसे 'शोले' के क्लाइमैक्स और ऑन-स्क्रीन जय-वीरू की जोड़ी के बारे में बातचीत की, तो बिग बी ने मुस्कुराते हुए इस पुराने किस्से से पर्दा उठाया। उन्होंने बड़े सहज अंदाज में दर्शकों को बताया कि उस दिन धरम जी शूटिंग से इतने तंग आ गए थे कि उन्होंने सचमुच गोली ही चला दी थी, लेकिन गनीमत रही कि वह बाल-बाल बच गए। उनके मुंह से इस डरावनी दास्तान को सुनकर स्टूडियो में बैठे सभी दर्शक और उनके चाहने वाले अक्के-बक्के रह गए थे।\n\nऐतिहासिक फिल्म और अटूट रिश्ता\nपंद्रह अगस्त 1975 को सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई 'शोले' महज एक साधारण फिल्म नहीं है, बल्कि भारतीय पॉप संस्कृति का एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुकी है। फिल्म के मुख्य पात्र जैसे जय और वीरू की गहरी दोस्ती, गब्बर सिंह का खौफ, ठाकुर का प्रतिशोध और बसंती की चुलबुली हरकतें आज भी दर्शकों के दिलों-दिमाग में पूरी तरह ताजा हैं। पर्दे पर दिखने वाली धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन की वह जोड़ी उनकी असल जिंदगी की दोस्ती जितनी ही मजबूत थी। सेट पर घटी इतनी बड़ी और खतरनाक दुर्घटना के बावजूद उनके निजी संबंधों में कभी कोई खटास नहीं आई। आज भी जब इस महान फिल्म के निर्माण के अनसुने किस्से बाहर आते हैं, तो यह गोलीबारी की घटना सबसे रोमांचक और रोंगटे खड़े कर देने वाली मानी जाती है।\n\nइसका आप पर असर\nफिल्म जगत की ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़े ये किस्से यह दर्शाते हैं कि पुराने समय में फिल्में बनाने के दौरान सुरक्षा मानकों और जोखिमों का स्तर आज के मुकाबले कितना अलग और खतरनाक हुआ करता था।\n\n• भारत में: फिल्म प्रेमियों और कलाकारों के लिए यह वाकया सेट पर सुरक्षा प्रोटोकॉल के महत्व को रेखांकित करता है, ताकि मनोरंजन उद्योग में काम करने वाले हर व्यक्ति की शारीरिक सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे।\n• मनोरंजन उद्योग में: आधुनिक फिल्म निर्माण इकाइयों और स्टंट कोऑर्डिनेटरों को इस तरह की वास्तविक घटनाओं से सीख मिलती है कि लाइव हथियारों या जोखिम भरे दृश्यों के फिल्मांकन के दौरान अत्यधिक सावधानी बरती जाए।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. फिल्म शोले के सेट पर कौन सा खतरनाक हादसा हुआ था?\nशूटिंग के दौरान बार-बार रीटेक होने से गुस्साए धर्मेंद्र ने आवेश में आकर असली गोली चला दी थी, जो अमिताभ बच्चन के कान के पास से गुजरी थी।\n\n2. इस घटना के समय अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र क्या कर रहे थे?\nअमिताभ बच्चन पहाड़ी की चोटी पर खड़े होकर अपना सीन शूट कर रहे थे, जबकि धर्मेंद्र नीचे गोला-बारूद के बक्से से कारतूस निकालकर राइफल में लोड कर रहे थे।\n\n3. इस भयानक घटना का खुलासा कब और किसने किया था?\nइस घटना का खुलासा खुद अमिताभ बच्चन ने सालों बाद कौन बनेगा करोड़पति के सेट पर एक कंटेस्टेंट से बातचीत के दौरान किया था।\n\n4. फिल्म शोले कब रिलीज हुई थी?\nक्लासिक फिल्म शोले 15 अगस्त 1975 को रिलीज हुई थी।",
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  "category": "बॉलीवुड",
  "publishedAt": "2026-09-01",
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    "बॉलीवुड इतिहास"
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