# बांद्रा स्थित 'रफी मेंशन' पहुंचे सोनू निगम, सचिन तेंदुलकर और सलीम मर्चेंट, हारमोनियम पर गाया 'दीवाना हुआ बादल'

> मशहूर गायक सोनू निगम, क्रिकेट दिग्गज सचिन तेंदुलकर और संगीतकार सलीम मर्चेंट ने बांद्रा स्थित 'रफी मेंशन' का दौरा किया। इस दौरान सोनू निगम ने मोहम्मद रफी के ऐतिहासिक हारमोनियम पर 1964 का सदाबहार गाना 'दीवाना हुआ बादल' गाया।

**Type:** article · **Category:** बॉलीवुड · **Published:** 2026-09-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bollywood/bandra-sthita-rafi-mansion-pahunche-sonu-nigam-sachin-tendulkar-aura-salim-merchant-haramoniyama-para-gaya-deewana-hua-badal-27162 · **Language:** Hindi
**Tags:** सोनू निगम, सचिन तेंदुलकर, सलीम मर्चेंट, मोहम्मद रफी, रफी मेंशन, कश्मीर की कली, दीवाना हुआ बादल, बांद्रा

संगीत जगत के महान गायक मोहम्मद रफी की यादें आज भी उनके प्रशंसकों के दिलों में तरोताजा हैं। हाल ही में मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित उनके ऐतिहासिक घर 'रफी मेंशन' में एक खास सांस्कृतिक संगम देखने को मिला। भारतीय संगीत और खेल जगत की तीन प्रमुख हस्तियों, पार्श्व गायक सोनू निगम, क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर और संगीतकार सलीम मर्चेंट ने एक साथ इस यादगार स्थान का दौरा किया। इस विजिट के दौरान तीनों हस्तियों ने रफी साहब के जीवन और उनकी संगीतमय यात्रा से जुड़े दुर्लभ क्षणों को करीब से महसूस किया।

## मोहम्मद रफी के हारमोनियम पर सोनू निगम की सुरीली प्रस्तुति
गायक सोनू निगम हमेशा से ही मोहम्मद रफी की गायकी के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा और लगाव व्यक्त करते रहे हैं। 'रफी मेंशन' के दौरे के दौरान एक अत्यंत भावुक और सुरीला पल तब आया जब सोनू निगम ने रफी साहब के मूल हारमोनियम को बजाते हुए उनका अमर गाना 'दीवाना हुआ बादल' गुनगुनाया। यह मशहूर गीत साल 1964 में प्रदर्शित हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'कश्मीर की कली' का है। ओ.पी. नैयर के संगीत निर्देशन में बने इस कालजयी गीत को मूल रूप से मोहम्मद रफी और आशा भोसले ने अपनी सुरीली आवाजों से सजाया था। जब सोनू निगम हारमोनियम पर इस धुन को छेड़ रहे थे, तो पास खड़े सचिन तेंदुलकर बेहद तन्मयता और ध्यान के साथ इस सुरीली प्रस्तुति को सुनते दिखे। इस पूरी संगीतमय शाम में सलीम मर्चेंट भी उनके साथ मौजूद रहे।

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## सोशल मीडिया पर साझा कीं खास यादें
इस अद्भुत और यादगार लम्हे को सोनू निगम ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो के माध्यम से प्रशंसकों के साथ साझा किया। इस वीडियो को पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि रफी मेंशन में यह विजिट उनके लिए संगीत से भरी एक बेहद खास और यादगार यात्रा रही। वीडियो में तीनों हस्तियों के चेहरे पर संगीत के प्रति गहरा सम्मान और रफी साहब की विरासत को नमन करने का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। इस सोशल मीडिया पोस्ट को प्रशंसकों द्वारा बेहद पसंद किया जा रहा है और लोग इसे भारतीय संगीत इतिहास का एक खूबसूरत क्षण बता रहे हैं।

## शाहिद रफी से मुलाकात और विरासत को संजोने का प्रयास
अपनी इस यात्रा के दौरान सोनू निगम, सचिन तेंदुलकर और सलीम मर्चेंट ने मोहम्मद रफी के सुपुत्र शाहिद रफी से भी विस्तृत मुलाकात की। शाहिद रफी अपने पिता की विशाल संगीत विरासत को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने और उसे आगे बढ़ाने के कार्य में निरंतर समर्पित हैं। वह मोहम्मद रफी के सात बच्चों में सबसे छोटे हैं और स्वयं भी एक गायक हैं। शाहिद रफी अक्सर सार्वजनिक मंचों पर अपने पिता के व्यक्तिगत जीवन, उनकी अनुशासित जीवनशैली और संगीत साधना से जुड़े अनसुने किस्सों को साझा करते रहते हैं।

## 'रफी मेंशन' म्यूजियम में संजोई गई दुर्लभ वस्तुएं
मुंबई के बांद्रा स्थित 'रफी मेंशन' के एक विशेष हिस्से को एक व्यक्तिगत म्यूजियम के रूप में बेहद खूबसूरती से सजाया और सुरक्षित रखा गया है। इस म्यूजियम में मोहम्मद रफी द्वारा उपयोग किए जाने वाले प्रमुख वाद्य यंत्र, जैसे कि उनका पसंदीदा हारमोनियम और तानपुरा, विशेष रूप से प्रदर्शित हैं। इसके अलावा, यहाँ उनके करियर के दौरान मिले प्रतिष्ठित पुरस्कार, ऐतिहासिक तस्वीरें और उनके कई व्यक्तिगत सामान रखे गए हैं। प्रशंसक यहाँ उनके दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाली क्रॉकरी, उनका पुराना लैंडलाइन टेलीफोन और यहाँ तक कि वह ग्लास भी देख सकते हैं जिसमें रफी साहब अपनी पसंदीदा कोल्ड ड्रिंक पिया करते थे। 31 जुलाई 1980 को दुनिया को अलविदा कहने वाले मोहम्मद रफी की रोजमर्रा की जिंदगी की ये छोटी-छोटी झलकियाँ आज भी उनके चाहने वालों को उनसे भावनात्मक रूप से जोड़ती हैं।

## इसका आप पर असर
यह समाचार संगीत प्रेमियों और ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत में रुचि रखने वाले लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है।

- **भारत में:** मोहम्मद रफी के गानों और संगीत विरासत का भारतीय सिनेमा पर गहरा प्रभाव है, जिसे सोनू निगम और सचिन तेंदुलकर जैसी हस्तियों का समर्थन नया प्रोत्साहन देता है। यह युवाओं को पुराने शास्त्रीय और सुगम संगीत की ओर आकर्षित करता है।
- **मुंबई में:** बांद्रा स्थित 'रफी मेंशन' का यह म्यूजियम संगीत प्रशंसकों के लिए एक प्रमुख सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में स्थापित हो रहा है। प्रशंसक और पर्यटक मोहम्मद रफी के जीवन से जुड़ी दुर्लभ वस्तुओं और उनके वाद्य यंत्रों को करीब से देखने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. सोनू निगम, सचिन तेंदुलकर और सलीम मर्चेंट कहां गए थे?
वे तीनों मुंबई के बांद्रा में स्थित स्वर्गीय मोहम्मद रफी के ऐतिहासिक निवास 'रफी मेंशन' गए थे।

### 2. सोनू निगम ने 'रफी मेंशन' में कौन सा गाना गाया?
सोनू निगम ने मोहम्मद रफी के मूल हारमोनियम पर 1964 की फिल्म 'कश्मीर की कली' का गाना 'दीवाना हुआ बादल' गाया।

### 3. 'दीवाना हुआ बादल' गाना मूल रूप से किसने गाया था और संगीत किसका था?
यह गाना मोहम्मद रफी और आशा भोसले ने गाया था, और इसका संगीत ओ.पी. नैयर ने दिया था।

### 4. 'रफी मेंशन' म्यूजियम में क्या-क्या रखा गया है?
म्यूजियम में मोहम्मद रफी के वाद्य यंत्र (हारमोनियम, तानपुरा), पुरस्कार, तस्वीरें, बर्तन, पुराना फोन और उनका पसंदीदा कोल्ड ड्रिंक का गिलास रखा गया है।

### 5. शाहिद रफी कौन हैं?
शाहिद रफी महान गायक मोहम्मद रफी के सबसे छोटे बेटे हैं, जो स्वयं एक गायक हैं और अपने पिता की संगीत विरासत को संभालते हैं।

## प्रेरणा और सबक
यह प्रसंग हमें अपनी जड़ों, वरिष्ठ कलाकारों और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करने की सीख देता है।

- **कला का सम्मान:** अपनी सफलता के शिखर पर पहुंचकर भी सोनू निगम और सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गजों का मोहम्मद रफी की कला के प्रति समर्पित होना विनम्रता और सम्मान को दर्शाता है।
- **पारिवारिक और सांस्कृतिक विरासत:** शाहिद रफी का अपने पिता की यादों को संजोना यह सिखाता है कि महान उपलब्धियों को आने वाली पीढ़ियों के लिए संभालकर रखना कितना आवश्यक है।

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