बेटे की बीमारी और आर्थिक तंगी के बीच शेखर सुमन ने बयां किया अपने जीवन का सबसे कठिन दौर अभिनेता शेखर सुमन ने अपने करियर के उस दर्दनाक दौर को याद किया जब उनके बड़े बेटे आयुष की गंभीर बीमारी और इलाज के खर्च के कारण उन्हें समझौतावादी फिल्में चुननी पड़ी थीं। मनोरंजन की दुनिया में अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता शेखर सुमन का जीवन सफलता और गहरी व्यक्तिगत चुनौतियों से भरा रहा है। उन्होंने वर्ष 1987 में प्रसिद्ध निर्देशक गिरीश कर्नाड की फिल्म 'उत्सव' से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की थी। इस फिल्म से उन्हें बॉलीवुड में एक शानदार शुरुआत तो मिली, लेकिन आगे चलकर उनके फिल्मी करियर ने वह गति नहीं पकड़ी जिसकी उन्होंने उम्मीद की थी। इसी दौरान उनके जीवन में एक ऐसा समय भी आया जब उनके बड़े बेटे आयुष की तबीयत अत्यधिक खराब हो गई और वे अपने करियर तथा निजी जीवन के सबसे मुश्किल दौर से गुजरने लगे। करियर की शुरुआती चुनौतियां और आर्थिक दबाव फिल्म 'उत्सव' के साथ करियर शुरू करने के बाद शेखर सुमन को अपनी व्यावसायिक प्राथमिकताओं में बड़े बदलाव करने पड़े। जब उनके बड़े बेटे आयुष की बीमारी गंभीर रूप ले रही थी, तब उनके सामने इलाज के भारी खर्च को पूरा करने की बड़ी जिम्मेदारी थी। ऐसे समय में आर्थिक आवश्यकताओं के कारण उन्हें कई ऐसे प्रोजेक्ट्स का चयन करना पड़ा जो उनके करियर के लिहाज से बेहतर साबित नहीं हुए। शेखर सुमन का मानना है कि जीवन में कुछ फैसले परिस्थितियों के दबाव में लेने पड़ते हैं, और उसी तंगी की वजह से उन्होंने कुछ गलत फिल्में चुनीं। इन गलत प्रोजेक्ट्स के चुनाव का सीधा असर उनके फिल्मी करियर पर पड़ा और फिल्म उद्योग के बड़े निर्माताओं ने उनसे दूरी बनानी शुरू कर दी। हालांकि, इस स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने यह भी व्यक्त किया है कि इंसान को जिंदगी को बहुत ज्यादा गंभीरता से लेने के बजाय सामने आने वाले रास्तों का मजबूती से सामना करना चाहिए। बड़े निर्माताओं के दूर होने के बावजूद उन्होंने काम करना जारी रखा ताकि बेटे के इलाज के लिए आवश्यक धनराशि जुटाई जा सके। 'देख भाई देख' की सफलता और सेट पर संघर्ष जब फिल्मों में शेखर सुमन का सफर कठिन दौर से गुजर रहा था, तब टीवी उद्योग ने उनके करियर को एक नई दिशा दी। वर्ष 1993 से 1994 के दौरान प्रसारित आनंद महेंद्रू का धारावाहिक 'देख भाई देख' उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। लगभग 65 एपिसोड वाले इस आइकॉनिक पारिवारिक कॉमेडी शो में उन्होंने समीर दीवान का किरदार निभाया, जिसने उन्हें देश के हर घर में अपार लोकप्रियता दिलाई। हालांकि, जिस समय यह शो सफलता की ऊंचाइयों को छू रहा था, उसी समय उनके बेटे आयुष का स्वास्थ्य सबसे अधिक नाजुक स्थिति में था। उस गंभीर दौर को याद करते हुए उन्होंने कहा, "वो बेहद कठिन दौर था, लेकिन 'शो मस्ट गो ऑन'." एक तरफ उनकी पत्नी अस्पताल में दिन-रात बेटे की देखभाल में लगी रहती थीं, तो दूसरी तरफ शेखर सुमन को सेट पर शूटिंग के लिए मौजूद रहना पड़ता था। सेट पर काम करते समय भी उनका मन और ध्यान लगातार अस्पताल और घर की चिंताओं में ही लगा रहता था। कॉमेडी शो की शूटिंग के दौरान उन्हें कैमरे के सामने खड़े होकर दर्शकों को हंसाना पड़ता था, जबकि घर में उनका मासूम बच्चा जिंदगी और मौत के बीच लड़ाई लड़ रहा था। सेट पर जब भी कोई फोन बजता था, तो उनके दिल की धड़कनें तेज हो जाती थीं और वे ईश्वर से प्रार्थना करते थे कि अस्पताल से कोई बुरी खबर न आए। ऐसी मानसिक स्थिति में अभिनय करना और लोगों का मनोरंजन करना उनके जीवन का सबसे कठिन अनुभव था। 1995 का आघात और छोटे बेटे के साथ रिश्ता लंबी बीमारी से जूझने के बाद वर्ष 1995 में शेखर सुमन के बड़े बेटे आयुष का निधन हो गया। इस अपूरणीय क्षति ने पूरे परिवार को गहरा सदमा दिया। बेटे को खोने के दुख से उबरने के साथ-साथ शेखर सुमन के सामने अपने छोटे बेटे अध्ययन के साथ संबंधों को संभालने की चुनौती भी थी। आयुष के लंबे चले इलाज के दौरान अध्ययन कहीं न कहीं अकेले पड़ गए थे, क्योंकि माता-पिता का पूरा ध्यान बीमार बड़े भाई की देखभाल पर केंद्रित था। अपने बड़े भाई के निधन के समय अध्ययन की उम्र महज 7 वर्ष थी। समय के साथ शेखर सुमन ने अध्ययन के साथ एक मजबूत और खूबसूरत रिश्ता कायम किया। अध्ययन ने भी आगे चलकर अपने पिता की तरह अभिनय और मनोरंजन उद्योग को ही अपना करियर चुना। आज शेखर सुमन अपने बेटे के साथ बने इस गहरे संबंध और उसकी बहुमुखी प्रतिभा पर बहुत गर्व महसूस करते हैं। अध्ययन सुमन का करियर और यूट्यूब शो 'शेखर टुनाइट' अध्ययन सुमन ने मनोरंजन जगत में एक अभिनेता के तौर पर काम करने के अलावा निर्देशन, गायन, संपादन और तकनीकी क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने वर्ष 2014 की फिल्म 'हार्टलेस', वर्ष 2020 की मशहूर वेब सीरीज 'आश्रम' और वर्ष 2024 के प्रोजेक्ट 'हीरामंडी' में अपने अभिनय का हुनर दिखाया है। शेखर सुमन अपने बेटे की प्रतिभा की सराहना करते हुए मानते हैं कि सही मौकों का मिलना बेहद जरूरी होता है और अध्ययन के पास मनोरंजन क्षेत्र के कई विधाओं की गहरी समझ है। वर्तमान में पिता और पुत्र की यह जोड़ी एक साथ काम कर रही है। अध्ययन सुमन अपने पिता के नए यूट्यूब सैटायर टॉक शो 'शेखर टुनाइट' का निर्देशन संभाल रहे हैं। इस शो में अध्ययन पहली बार अपने पिता को डायरेक्ट कर रहे हैं। शेखर सुमन का मानना है कि अध्ययन में बहुमुखी हुनर है और वे स्वयं को अपने बेटे की प्रतिभा पर गर्व महसूस करते हैं। इसका आप पर असर दर्शकों और प्रशंसकों के लिए: • यह संस्मरण कला और मनोरंजन जगत की चकाचौंध के पीछे कलाकारों द्वारा झेले जाने वाले निजी संघर्षों और भावनात्मक दबाव को समझने का अवसर देता है। • यह दर्शाता है कि कठिन से कठिन पारिवारिक व आर्थिक परिस्थितियों में भी व्यक्ति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को निभाते हुए आगे बढ़ सकता है। सवाल-जवाब 1. शेखर सुमन ने किस फिल्म से अपना अभिनय डेब्यू किया था? शेखर सुमन ने वर्ष 1987 में प्रसिद्ध निर्देशक गिरीश कर्नाड की फिल्म 'उत्सव' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। 2. 'देख भाई देख' शो में शेखर सुमन ने कौन सा किरदार निभाया था? उन्होंने वर्ष 1993 से 1994 के दौरान प्रसारित लोकप्रिय पारिवारिक कॉमेडी शो 'देख भाई देख' में समीर दीवान का किरदार निभाया था। 3. शेखर सुमन के बड़े बेटे आयुष का निधन कब हुआ था? लंबी बीमारी से जूझने के बाद वर्ष 1995 में उनके बड़े बेटे आयुष का निधन हो गया था। 4. अध्ययन सुमन ने किन मुख्य फिल्मों और वेब सीरीज में अभिनय किया है? अध्ययन सुमन ने फिल्म 'हार्टलेस' (2014), वेब सीरीज 'आश्रम' (2020) और 'हीरामंडी' (2024) में काम किया है। 5. 'शेखर टुनाइट' शो में अध्ययन सुमन की क्या भूमिका है? 'शेखर टुनाइट' शेखर सुमन का यूट्यूब सैटायर टॉक शो है, जिसका निर्देशन उनके बेटे अध्ययन सुमन कर रहे हैं। प्रेरणा और सबक प्रेरणा और सीख: • जिम्मेदारियों से पीछे न हटना: अत्यधिक दबाव और व्यक्तिगत संकट के बावजूद अपने परिवार के प्रति आर्थिक कर्तव्य निभाते रहना। • पेशेवर प्रतिबद्धता: निजी जीवन के गहरे दुख के बीच भी काम के प्रति निष्ठा बनाए रखना और अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करना। • पारिवारिक रिश्तों को संवारना: त्रासदी के बाद अपने दूसरे बच्चे के साथ बातचीत बढ़ाकर रिश्तों को मजबूती से फिर से स्थापित करना। https://trendkia.com/bollywood/bete-ki-bimari-aura-arthika-tngi-ke-bicha-shekhar-suman-ne-bayan-kiya-apane-jivana-ka-sabase-kathina-daura-21054 TrendKia — Har trend, sabse pehle.