बीएमसी के दिवाली कैंपेन पर मचे सियासी घमासान में दीया मिर्जा के समर्थन में आईं लेखा वॉशिंगटन दिवाली पर पटाखे कम जलाने की अपील वाले वीडियो पर उठे विवाद और बीएमसी द्वारा पोस्ट हटाने के बाद, लेखा वॉशिंगटन ने दीया मिर्जा का पक्ष लेते हुए सवाल खड़े किए हैं। त्योहारी सीजन में पटाखों को लेकर छिड़ी बहस ने एक बार फिर बॉलीवुड और सियासत को आमने-सामने खड़ा कर दिया है। दिवाली के अवसर पर पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बीएमसी ने एक जन-जागरूकता वीडियो जारी किया था, जिसमें अभिनेत्री दीया मिर्जा ने लोगों से त्योहार के दौरान कम पटाखे जलाने का आग्रह किया था। हालांकि, यह सीधी-सादी अपील जल्द ही एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक विवाद में बदल गई। विरोध और सियासी दबाव बढ़ता देखकर नगर निकाय ने उस वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल से हटा लिया, लेकिन इस कदम के बाद भी विवाद पूरी तरह शांत नहीं हो सका। कोएना मित्रा की तीखी प्रतिक्रिया और चौतरफा घिरीं दीया इस अभियान के सामने आते ही कई हस्तियों ने इस पर ऐतराज जताना शुरू कर दिया था। अभिनेत्री कोएना मित्रा जैसे कलाकारों ने भी सार्वजनिक रूप से इस मामले में हस्तक्षेप किया और दीया मिर्जा के इस संदेश पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। धीरे-धीरे यह पूरा मामला राजनीतिक रंग लेने लगा और दीया मिर्जा विभिन्न पक्षों के निशाने पर आ गईं। वीडियो हटाए जाने के बावजूद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर लगातार बयानबाजी का दौर जारी रहा। लेखा वॉशिंगटन ने उठाए प्रशासन और समाज के रुख पर सवाल विवाद के बीच बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान की पार्टनर लेखा वॉशिंगटन ने खुलकर दीया मिर्जा का बचाव किया। लेखा ने अपना एक वीडियो साझा करते हुए इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने याद दिलाया कि दीया मिर्जा अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि बीएमसी के आधिकारिक निमंत्रण पर ही इस अभियान का हिस्सा बनी थीं। लेखा का कहना था कि प्रशासन ने पहले खुद दीया को एक संदेश देने के लिए बुलाया और जब विरोध के स्वर उठे, तो उन्हें पूरी तरह खामोश कर दिया गया। लेखा ने अपने वीडियो में सवाल किया कि दीया मिर्जा की बात में ऐसा क्या गलत था, जिसके कारण इतना बड़ा बखेड़ा खड़ा किया गया। उन्होंने कहा कि दीया ने केवल इतना अनुरोध किया था कि लोग इस दिवाली पर थोड़े कम पटाखे फोड़ें। उन्होंने दीया के स्वभाव का जिक्र करते हुए कहा कि वह बेहद सौम्य हैं और हमेशा सभी से आत्मीयता से बात करती हैं। इतने प्यार से की गई अपील के बावजूद समाज और व्यवस्था ने मिलकर उन्हें चुप करा दिया और अब लोग परंपरा और संस्कृति की दुहाई देकर उन पर हावी होने की कोशिश कर रहे हैं। विवाद पर खुद दीया मिर्जा ने दी अपनी सफाई मामले को तूल पकड़ता देखकर दीया मिर्जा ने भी सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। आईएएनएस के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि इस वीडियो के निर्माण के पीछे उनका एकमात्र उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना था। उन्होंने विस्तार से बताया कि त्योहार के दौरान भारी तादाद में आतिशबाजी होने से वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ जाता है, जिसका सीधा और गंभीर प्रभाव आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। अभिनेत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका मकसद किसी भी व्यक्ति या समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करना कतई नहीं था, बल्कि वह केवल सेहत और पर्यावरण को लेकर चिंतित थीं। इसका आप पर असर इस विवाद ने यह साफ कर दिया है कि सार्वजनिक मंचों पर पर्यावरण और परंपरा से जुड़े संदेशों को लेकर समाज में गहरा विभाजन बना हुआ है। • नागरिक पहलों पर असर: किसी भी सार्वजनिक जागरूकता अभियान से पहले स्थानीय प्रशासन अब मशहूर हस्तियों के संदेशों को लेकर अत्यधिक सतर्कता बरतेगा। इसके चलते आने वाले दिनों में त्योहारों पर प्रदूषण विरोधी अभियानों की संख्या या उनकी पहुंच सीमित हो सकती है। • कलाकारों और प्रभावितों के लिए सबक: सेलिब्रिटीज सामाजिक मुद्दों पर बोलने से पहले संभावित विवादों का आकलन करेंगे। कई हस्तियां अब ऐसे किसी भी अभियान का हिस्सा बनने से बच सकती हैं जहां प्रशासन बाद में पीछे हट जाए। • सार्वजनिक बहस का दायरा: त्योहारों के दौरान स्वास्थ्य और धार्मिक परंपराओं के बीच का संतुलन अधिक संवेदनशील मुद्दा बन गया है। आम नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक मान्यताओं के बीच अपनी निजी प्राथमिकताओं को लेकर सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा। • सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं: नागरिक प्रशासन के यू-टर्न लेने से ऑनलाइन ट्रोलिंग और दबाव बनाने की रणनीति को बल मिलता दिखता है। इससे भविष्य में भी जनभावनाओं के नाम पर अभियानों को वापस लेने का दबाव बढ़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह विवाद तब उत्पन्न हुआ जब मुंबई के नगर निकाय ने त्योहार से पूर्व प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक जानी-मानी अभिनेत्री के साथ मिलकर जन-जागरूकता वीडियो जारी किया। • जागरूकता अभियान की शुरुआत: बीएमसी ने दीया मिर्जा को लेकर दिवाली पर कम पटाखे फोड़ने की अपील वाला वीडियो तैयार किया था। इसका घोषित उद्देश्य त्योहार के दौरान बिगड़ने वाली हवा की गुणवत्ता और जनस्वास्थ्य को लेकर लोगों को सचेत करना था। • परंपरा बनाम अपील का टकराव: वीडियो जारी होते ही आलोचकों और अन्य कलाकारों ने इसे त्योहारों की परंपरा पर अनावश्यक टिप्पणी मान लिया। इस वजह से संदेश स्वास्थ्य जागरूकता के दायरे से बाहर निकलकर सांस्कृतिक अस्मिता और राजनीति का मुद्दा बन गया। • प्रशासन का पीछे हटना: राजनीतिक खींचतान और ऑनलाइन नाराजगी बढ़ते देख नगर निकाय ने वीडियो हटा लिया, जिससे यह बहस छिड़ गई कि दीया को पहले शामिल करके फिर अकेले छोड़ दिया गया। सवाल-जवाब 1. दीया मिर्जा से जुड़ा दिवाली विवाद क्या है? बीएमसी के एक दिवाली अभियान वीडियो में दीया मिर्जा ने लोगों से कम पटाखे जलाने का अनुरोध किया था, जिस पर लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई और मामला राजनीतिक विवाद में बदल गया। 2. इस विवाद पर बीएमसी ने क्या कार्रवाई की? बढ़ते राजनीतिक हंगामे और विरोध को देखते हुए बीएमसी ने दीया मिर्जा वाले जागरूकता वीडियो को अपने मंच से हटा दिया। 3. लेखा वॉशिंगटन ने दीया मिर्जा के समर्थन में क्या कहा? लेखा ने कहा कि बीएमसी ने खुद दीया को बोलने के लिए आमंत्रित किया था और बाद में उन्हें खामोश कर दिया, जबकि दीया ने बहुत ही शालीनता से कम पटाखे फोड़ने की अपील की थी। 4. दीया मिर्जा ने इस पूरे मामले पर क्या स्पष्टीकरण दिया? दीया मिर्जा ने आईएएनएस को बताया कि उनका उद्देश्य सिर्फ बढ़ते वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याओं पर जागरूकता लाना था, किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। 5. इस विवाद में किस अन्य अभिनेत्री ने दीया मिर्जा की आलोचना की थी? अभिनेत्री कोएना मित्रा ने इस अभियान के सामने आने के बाद सार्वजनिक तौर पर दीया मिर्जा के बयान पर आपत्ति जताते हुए उन्हें खरी-खोटी सुनाई थी। https://trendkia.com/bollywood/bmc-ke-diwali-kainpena-para-mache-siyasi-ghamasana-men-dia-mirza-ke-samarthana-men-ain-lekha-washington-55412 TrendKia — Har trend, sabse pehle.