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  "title": "बॉडी शेमिंग पर खुलकर बोलीं माधुरी दीक्षित: '80 के दशक में लोग कहते थे, इसे कुछ खिलाओ-पिलाओ'",
  "summary": "नेटफ्लिक्स की डार्क कॉमेडी 'मां बहन' की चर्चा के बीच माधुरी दीक्षित ने बताया कि करियर की शुरुआत में दुबले शरीर को लेकर उन्हें कैसे तानों का सामना करना पड़ा था, और सेल्फ लव को उन्होंने इसका सबसे बड़ा जवाब बताया।",
  "content": "नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई फिल्म 'मां बहन' इन दिनों खूब चर्चा बटोर रही है और इसी के साथ माधुरी दीक्षित एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस डार्क कॉमेडी को दर्शक और आलोचक दोनों पसंद कर रहे हैं, खासकर इसकी तीखी और मजेदार कहानी की वजह से। फिल्म में तृप्ति डिमरी ने भी एक अहम किरदार निभाया है।\n\nफिल्म जो उठाती है एक कड़वा सवाल\n'मां बहन' सिर्फ हंसाने वाली फिल्म नहीं है। कॉमेडी की चाशनी में लिपटकर यह समाज की उस सच्चाई पर चोट करती है, जहां महिलाओं को उनके पहनावे, उनकी पसंद और यहां तक कि उनके अपने वजूद के लिए कठघरे में खड़ा कर दिया जाता है और उन पर फब्तियां कसी जाती हैं। इसी विषय से जुड़ते हुए माधुरी ने माना कि यह बीमारी फिल्म इंडस्ट्री में भी कम नहीं है — और इसकी गवाह वह खुद रही हैं।\n\nशुरुआती दिनों के ताने\nइंडस्ट्री में अभिनेत्रियों को उनके लुक्स, उनकी चॉइस और उनकी अपीयरेंस के पैमाने पर हमेशा तौला जाता रहा है। TrendKia को दिए एक खास इंटरव्यू में माधुरी ने इसी पहलू पर एक चौंकाने वाली बात साझा की। उन्होंने बताया कि 80 के दशक में जब उन्होंने कदम रखा था, तब उन्हें भी इसी तरह के तानों और जजमेंटल कमेंट्स झेलने पड़े थे।\n\nअपने अनुभव के बारे में उन्होंने कहा, 'आप एक पब्लिक फिगर हैं और सबके सामने हैं, तो जाहिर है लोग आपके बारे में तरह-तरह की बातें करेंगे ही कि ये ऐसी है या वो वैसी है। जब मैंने करियर की शुरुआत की थी, तब लोगों को लगता था कि मैं बहुत दुबली-पतली हूं। वे अक्सर कहते थे कि अरे, इसे कुछ खिलाओ-पिलाओ। सच तो ये है कि जब ऐसी बातें होती हैं तो लोग जज करने में जरा भी देर नहीं लगाते।'\n\n'वजन बढ़े या घटे, जज तो होना ही है'\nमाधुरी ने इस सोच की दोहरी मार की ओर इशारा करते हुए कहा, 'अगर आपका वजन बढ़ जाए तो लोग जज करते हैं, और अगर घट जाए तो भी। वैसे भी इंडिया में तो ये आम बात है — जैसे ही आप किसी से मिलते हैं, उनका पहला जुमला यही होता है कि अरे, ये कितनी मोटी हो गई है या ये तो कितनी सूख गई है। हमारे यहां लोग बोलने से पहले कोई फिल्टर नहीं लगाते।'\n\nउस दौर और आज के दौर का फर्क\nमाधुरी का मानना है कि उनके जमाने में ऐसे तानों से उबरना थोड़ा आसान था, क्योंकि तब सोशल मीडिया और ट्रोलिंग जैसा कुछ नहीं था। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि आपको इन बातों को एक कान से सुनकर दूसरे से निकाल देना चाहिए और ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। उस जमाने में भी लोग जज तो आज की तरह ही करते थे, लेकिन हमें पता नहीं चल पाता था क्योंकि तब सोशल मीडिया जैसी कोई चीज नहीं थी।'\n\nसेल्फ लव ही असली हथियार\nहर वक्त होने वाली इस मीन-मेख और भेदभाव से निपटने का रास्ता माधुरी खुद से प्यार करने में देखती हैं। उन्होंने कहा, 'आज के समय में सोशल मीडिया की वजह से लोग अपनी पहचान छिपाकर कुछ भी बोल देते हैं। लेकिन हमारा पूरा फोकस इस बात पर होना चाहिए कि हम क्या कर रहे हैं, हमारा पैशन क्या है और हमें क्या करने में खुशी मिलती है। सीधा सा फंडा यही है कि सबसे पहले खुद से प्यार करना सीखो।'\n\nसुरेश वाडकर वाले किस्से का सच\nमाधुरी के दुबलेपन से जुड़ा एक पुराना किस्सा गॉसिप गलियारों में अक्सर तैरता रहा है — कि मशहूर सिंगर सुरेश वाडकर ने कभी माधुरी के परिवार की ओर से आया शादी का प्रस्ताव सिर्फ इसलिए ठुकरा दिया था, क्योंकि उन्हें माधुरी बहुत दुबली लगी थीं। हाल ही में एक इंटरव्यू में खुद सुरेश वाडकर ने इस अफवाह को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, 'वह उस वक्त वाकई काफी पतली थीं। अगर आप उनकी पहली फिल्म 'अबोध' देखेंगे, तो समझ आएगा कि वह कितनी स्लिम थीं। लेकिन सच तो यह है कि वह प्रपोजल कभी मुझ तक पहुंचा ही नहीं, तो मेरे रिजेक्ट करने का सवाल ही पैदा नहीं होता।'\n\nइसका आप पर असर\nआपके लिए इसका क्या मतलब है:\n\n• अगर आप माधुरी दीक्षित के फैन हैं, तो उनकी नई डार्क कॉमेडी 'मां बहन' अभी Netflix पर देखी जा सकती है।\n• बॉडी शेमिंग पर उनका अनुभव और सेल्फ लव वाली सलाह उन लोगों के लिए सीधा संदेश है जो वजन या लुक को लेकर तानों और ट्रोलिंग से जूझते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. माधुरी दीक्षित की नई फिल्म कौन सी है और कहां रिलीज हुई है?\nउनकी नई फिल्म 'मां बहन' है, जो एक डार्क कॉमेडी है और Netflix पर रिलीज हुई है। इसमें तृप्ति डिमरी ने भी अहम भूमिका निभाई है।\n\n2. माधुरी ने अपने करियर की शुरुआत में किस तरह के तानों का सामना किया?\n80 के दशक में लोग उन्हें बहुत दुबली-पतली मानते थे और अक्सर कहते थे कि 'इसे कुछ खिलाओ-पिलाओ'।\n\n3. बॉडी शेमिंग से निपटने का माधुरी का तरीका क्या है?\nवह सेल्फ लव यानी खुद से प्यार करने को सबसे बड़ा हथियार मानती हैं और कहती हैं कि ऐसी बातों को एक कान से सुनकर दूसरे से निकाल देना चाहिए।\n\n4. सुरेश वाडकर वाली अफवाह क्या थी और उन्होंने क्या कहा?\nअफवाह थी कि सुरेश वाडकर ने माधुरी के परिवार का शादी प्रस्ताव उनके दुबलेपन की वजह से ठुकराया था। वाडकर ने इसे खारिज करते हुए कहा कि वह प्रस्ताव कभी उन तक पहुंचा ही नहीं।",
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  "category": "बॉलीवुड",
  "publishedAt": "2026-06-15",
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