देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का लंदन में निधन, हार्ट अटैक के बाद 70 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का 70 वर्ष की आयु में लंदन में निधन हो गया है। परिवार ने उनके हार्ट अटैक से जाने की पुष्टि की है। हिंदी सिनेमा के महान अभिनेता देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का 70 वर्ष की उम्र में लंदन में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। उनके इस अचानक चले जाने से पूरी फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार की ओर से इस दुखद घटना की पुष्टि कर दी गई है। परिवार के सदस्यों के अनुसार, दिल का दौरा पड़ने के फौरन बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। परिवार ने जारी किया आधिकारिक बयान सुनील आनंद की बहन की बेटी और देव आनंद की नातिन जीना नारंग ने उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि करते हुए एक बयान साझा किया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि भारी मन से उनका परिवार सुनील आनंद के निधन की पुष्टि करता है और इस दुख की घड़ी में शोक व्यक्त करता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस मुश्किल वक्त में उन्हें जो भी प्यार, दुआएं और समर्थन मिल रहा है, उसके लिए वे सभी के आभारी हैं और इस दौरान परिवार की प्राइवेसी का सम्मान करने का अनुरोध किया है। सिनेमा जगत से जुड़ाव और शुरुआती सफर सुनील आनंद दिग्गज अभिनेता और फिल्म निर्माता देव आनंद और अभिनेत्री कल्पना कार्तिक के सुपुत्र थे। उनका जन्म स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख शहर में हुआ था। उन्होंने साल 1984 में आई फिल्म 'आनंद और आनंद' के जरिए हिंदी सिनेमा में अभिनय की शुरुआत की थी। इस प्रोजेक्ट की खास बात यह थी कि इसमें उनके साथ उनके पिता देव आनंद भी नजर आए थे और यह दोनों की साथ में पहली ऑन-स्क्रीन फिल्म थी। हालांकि, बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म कोई बड़ा करिश्मा दिखाने में असफल रही। इसके बाद उन्होंने 'कार थीफ' और 'मैं तेरे लिए' जैसी फिल्मों में भी काम किया, लेकिन इनमें से कोई भी फिल्म उनके अभिनय करियर को ऊंचाई पर नहीं ले जा सकी। पिता की विरासत और नवकेतन फिल्म्स की जिम्मेदारी अभिनय की दुनिया में अपनी किस्मत आजमाने के बाद सुनील आनंद लाइमलाइट की चकाचौंध से दूर हो गए और उन्होंने मुंबई में रहकर अपने पिता के बैनर तले बने प्रोडक्शन हाउस 'नवकेतन फिल्म्स' की कमान संभाल ली। हिंदी सिनेमा के इतिहास के सबसे चमकते सितारों में शुमार देव आनंद का साल 2011 में 88 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था, जिससे उनका पूरा परिवार गहरे सदमे में आ गया था। सितंबर 2023 में जब देव आनंद की 100वीं जयंती मनाई गई थी, तब सुनील आनंद ने अपने पिता को याद करते हुए उनके साथ अपने गहरे रिश्ते और उनकी अनमोल विरासत के बारे में खुलकर बातचीत की थी। उस दौरान उन्होंने बताया था कि उन्होंने अपने जीवन के लगभग चार दशक अपने पिता की बनाई विरासत और उनके प्रोडक्शन हाउस की देखभाल करने में ही बिता दिए थे। देव आनंद का ऐतिहासिक योगदान सुनील आनंद के पिता देव आनंद अपने दौर के सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली सितारों में गिने जाते थे। उन्हें हिंदी फिल्म जगत का पहला फैशन आइकन भी कहा जाता है। उन्होंने 'प्रेम पुजारी', 'गाइड', 'मंजिल' और 'हरे कृष्णा हरे रामा' जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों के माध्यम से सिनेमा जगत में अपनी एक अलग और अमिट छाप छोड़ी थी। वह सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेता ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने एक लेखक, निर्देशक और निर्माता के रूप में भी अपनी कला का लोहा मनवाया था। इसका आप पर असर देशभर में: यह खबर हिंदी सिनेमा के स्वर्ण युग के प्रेमियों और देव आनंद के प्रशंसकों के लिए एक बड़ा झटका है। सवाल-जवाब 1. सुनील आनंद कौन थे? सुनील आनंद हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकार देव आनंद और अभिनेत्री कल्पना कार्तिक के बेटे थे। 2. सुनील आनंद का निधन कहाँ और कैसे हुआ? सुनील आनंद का निधन 70 वर्ष की आयु में लंदन में हार्ट अटैक के बाद अस्पताल में हुआ। 3. सुनील आनंद ने किस फिल्म से अभिनय की शुरुआत की थी? उन्होंने साल 1984 में आई फिल्म 'आनंद और आनंद' से बॉलीवुड में कदम रखा था, जिसमें उनके पिता देव आनंद भी साथ थे। 4. सुनील आनंद ने फिल्मों के बाद क्या संभाला? उन्होंने मुंबई में अपने पिता के प्रोडक्शन हाउस 'नवकेतन फिल्म्स' को संभालने की जिम्मेदारी उठाई थी। https://trendkia.com/bollywood/dev-anand-ke-bete-sunil-anand-ka-london-men-nidhana-heart-attack-ke-bada-70-sala-ki-umra-men-duniya-ko-kaha-alavida-11525 TrendKia — Har trend, sabse pehle.