'दिल चाहता है' में अक्षय खन्ना संग काम करने से क्यों डर रही थीं डिंपल कपाड़िया? 25 साल बाद हुआ खुलासा फरहान अख्तर के निर्देशन में बनी फिल्म 'दिल चाहता है' में डिंपल कपाड़िया ने अक्षय खन्ना के साथ काम किया था, लेकिन शुरुआत में उन्होंने उम्र में 18 साल के अंतर के कारण यह रोल ठुकरा दिया था। सन 2001 में सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई फरहान अख्तर के निर्देशन में बनी पहली फिल्म 'दिल चाहता है' ने भारतीय सिनेमा में शहरी युवाओं की दोस्ती और उनके रिश्तों को पेश करने का एक नया दृष्टिकोण तैयार किया था। आमिर खान, सैफ अली खान, अक्षय खन्ना, प्रीति जिंटा, सोनाली कुलकर्णी और डिंपल कपाड़िया के शानदार अभिनय से सजी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डतोड़ कमाई की और आज भी यह एक कल्ट क्लासिक के रूप में लोगों के दिलों में बसी हुई है। हालांकि, इस फिल्म के सबसे चर्चित और संवेदनशील किरदारों में से एक, यानी तारा की भूमिका में नजर आईं डिंपल कपाड़िया ने शुरुआत में इस प्रोजेक्ट को करने से पूरी तरह इनकार कर दिया था। इसकी मुख्य वजह अपने से 18 साल छोटे अभिनेता अक्षय खन्ना के साथ स्क्रीन पर दिखने को लेकर उनकी झिझक थी। 18 साल छोटे अभिनेता संग काम करने पर संकोच जब डिंपल कपाड़िया के पास तारा के किरदार का प्रस्ताव आया, तो वह एक अजीब असमंजस में पड़ गईं। सबसे बड़ा कारण था कि अक्षय खन्ना उम्र में उनसे 18 साल छोटे थे। इसके अतिरिक्त, डिंपल कपाड़िया इससे पहले अक्षय खन्ना के पिता विनोद खन्ना के साथ कई फिल्मों में रोमांटिक किरदार निभा चुकी थीं। इस पारिवारिक और पेशेवर समीकरण की वजह से वह विनोद खन्ना के बेटे अक्षय खन्ना के साथ स्क्रीन पर रोमांस करने में संकोच महसूस कर रही थीं। पहली बार जब उन्होंने इस फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ी, तो उन्होंने इसे तुरंत खारिज कर दिया। डिंपल कपाड़िया के मन में यह आशंका थी कि उस दौर में दर्शक पर्दे पर इस उम्र के अंतर वाली जोड़ी को स्वीकार कर पाएंगे या नहीं। इसी संकोच और डर के कारण वह शुरुआत में इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट से दूर भागने की कोशिश कर रही थीं। दूसरी अभिनेत्रियों के नाम सुझाने की कोशिश तारा का किरदार खुद निभाने के बजाय डिंपल कपाड़िया ने फिल्म निर्माताओं को सलाह दी कि वे किसी अन्य अभिनेत्री को इस रोल के लिए चुन लें। वह लगातार दूसरी अभिनेत्रियों के नाम की सिफारिश कर रही थीं, ताकि उन्हें यह रोल न करना पड़े। डिंपल कपाड़िया का मानना था कि शायद कोई अन्य अदाकारा इस भूमिका को उनसे बेहतर तरीके से निभा सकती है। उन्हें इस बात का काफी डर था कि वह तारा के संवेदनशील और जटिल किरदार के साथ न्याय कर पाएंगी या नहीं। अपने संकोच को स्वीकार करते हुए उन्होंने बाद में कहा कि उस समय उनमें यह किरदार निभाने की हिम्मत ही नहीं थी और वह पूरी तरह से खुद को इस प्रोजेक्ट से दूर करने का प्रयास कर रही थीं। कहानी की मजबूती और वी आर युवा मंच पर चर्चा प्रारंभिक झिझक के बावजूद, फिल्म की बेजोड़ कहानी और किरदार की गहराई ने आखिरकार डिंपल कपाड़िया का मन बदल दिया। 'वी आर युवा' प्लेटफॉर्म के साथ एक विशेष बातचीत के दौरान डिंपल कपाड़िया ने इस अनुभव को याद किया। उन्होंने बताया कि उन्हें फिल्म की कहानी से बेहद लगाव हो गया था और एक युवा पुरुष का उनके किरदार से प्रेम करना उनके लिए काफी सुखद अनुभव था, हालांकि मजाकिया लहजे में उन्होंने कहा कि वह ऐसी परिस्थितियों की सलाह नहीं देती हैं। फरहान अख्तर की बेहतरीन पटकथा और तारा के किरदार में छिपी गहराई ने उन्हें यह भूमिका स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया। डिंपल कपाड़िया ने ईश्वर का धन्यवाद करते हुए कहा कि अंततः सही समझ ने काम किया और वह इस कल्ट फिल्म का हिस्सा बन सकीं, जिससे दर्शकों को उनका एक यादगार अभिनय देखने को मिला। मुंबई में 25वीं सालगिरह का भव्य रीयूनियन फिल्म की रिलीज के 25 साल पूरे होने के अवसर पर 28 अगस्त को मुंबई में एक विशेष रीयूनियन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस खास मौके पर निर्देशक फरहान अख्तर, निर्माता रितेश सिधवानी के साथ आमिर खान, सैफ अली खान, डिंपल कपाड़िया और सोनाली कुलकर्णी एक मंच पर एकत्र हुए और उन्होंने शूटिंग के दिनों की यादें साझा कीं। वर्ष 2001 में रिलीज हुई 'दिल चाहता है' ने न केवल सिनेमाघरों में भारी सफलता पाई, बल्कि आधुनिक भारतीय युवा संस्कृति और रिश्तों को देखने के नजरिए को भी बदल दिया। आज 25 साल बीत जाने के बाद भी इस फिल्म के गीत, संवाद और डिंपल कपाड़िया तथा अक्षय खन्ना के बीच का भावनात्मक बंधन दर्शकों को बेहद पसंद आता है। इसका आप पर असर फिल्म प्रेमियों और सिनेमा के छात्रों के लिए 'दिल चाहता है' से जुड़ी यह जानकारी भारतीय सिनेमा के विकास और किरदार चयन की प्रक्रिया को समझने का एक नया दृष्टिकोण प्रदान करती है। • सिनेमा प्रेमियों के लिए: यह कहानी दिखाती है कि कैसे लीक से हटकर बनाए गए किरदार दर्शकों के दिलों में लंबे समय तक जगह बनाते हैं। फिल्म निर्माण के दौरान अभिनेताओं की हिचकिचाहट और अंततः उनका साहसी निर्णय एक क्लासिक फिल्म का निर्माण करता है। • कलाकारों और पटकथा लेखकों के लिए: स्क्रीनप्ले की मजबूती किसी भी कलाकार को अपनी झिझक से बाहर निकलने में मदद कर सकती है। एक अच्छी कहानी की बदौलत ही डिंपल कपाड़िया ने अपनी शुरुआती झिझक को त्यागकर इस रोल को स्वीकार किया था। सवाल-जवाब 1. डिंपल कपाड़िया ने शुरुआत में 'दिल चाहता है' में काम करने से मना क्यों किया था? उन्होंने अक्षय खन्ना के साथ 18 साल की उम्र के अंतर और उनके पिता विनोद खन्ना के साथ पहले काम कर चुके होने के कारण संकोच में फिल्म का ऑफर खारिज कर दिया था। 2. अक्षय खन्ना और डिंपल कपाड़िया की उम्र में कितना अंतर था? अक्षय खन्ना उम्र में डिंपल कपाड़िया से 18 साल छोटे थे। 3. फिल्म 'दिल चाहता है' का निर्देशन किसने किया था और यह कब रिलीज हुई थी? इस फिल्म का निर्देशन फरहान अख्तर ने किया था और यह वर्ष 2001 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। 4. मुंबई में आयोजित 25वीं सालगिरह के रीयूनियन में कौन-कौन शामिल हुआ? रीयूनियन में फरहान अख्तर, रितेश सिधवानी, आमिर खान, सैफ अली खान, डिंपल कपाड़िया और सोनाली कुलकर्णी उपस्थित थे। 5. डिंपल कपाड़िया ने किस चैट शो में इस वाकये का जिक्र किया? डिंपल कपाड़िया ने 'वी आर युवा' के साथ बातचीत के दौरान अपने संकोच और बाद में फिल्म स्वीकार करने के अनुभव को साझा किया। https://trendkia.com/bollywood/dil-chahta-hai-men-akshaye-khanna-snga-kama-karane-se-kyon-dara-rahi-thin-dimple-kapadia-25-sala-bada-hua-khulasa-28106 TrendKia — Har trend, sabse pehle.