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  "title": "दो बड़ी फिल्मों से बाहर हुए राज बब्बर, अमिताभ बच्चन ने ली थी 'शक्ति' में जगह, फिर भी बनाई अपनी अलग पहचान",
  "summary": "राज बब्बर को 'शक्ति' और 'नमक हलाल' जैसी बड़ी फिल्मों से हटाया गया, जिनमें से एक में उनकी जगह अमिताभ बच्चन को लिया गया. इसके बावजूद उन्होंने श्रीदेवी के साथ काम किया और 1989 में राजनीति में कदम रखा.",
  "content": "23 जून 1952 को उत्तर प्रदेश के टूंडला में जन्मे राज बब्बर के लिए एक्टिंग बचपन से ही दिल की आवाज़ थी. स्कूल के दिनों से मंच पर परफॉर्म करते हुए उन्होंने इसे बाकायदा पेशा बनाने का फैसला किया और दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में दाखिला लिया. वहां से मिली तालीम ने उन्हें फिल्मों की दुनिया में कदम रखने की पूरी तैयारी करा दी.\n\nडेब्यू और पहली बड़ी कामयाबी\n1977 में फिल्म 'किस्सा कुर्सी का' से बॉलीवुड में एंट्री करने वाले राज बब्बर के लिए शुरुआती साल खास सफलता नहीं ला सके. असली पहचान मिली 1980 में, जब 'इंसाफ का तराजू' रिलीज हुई. इस फिल्म में उनके नकारात्मक किरदार को दर्शकों ने इतना पसंद किया कि वह रातोंरात चर्चा में आ गए और उनका नाम इंडस्ट्री में स्थापित होने लगा.\n\nजब 'शक्ति' का मौका हाथ से निकल गया\nकरियर के इसी दौर में राज बब्बर को एक ऐसा झटका लगा जो उन्हें आज भी याद है. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि फिल्म 'शक्ति' के लिए उनका स्क्रीन टेस्ट हो चुका था और उन्हें पूरा यकीन था कि रोल उनका ही है. लेकिन आखिरी वक्त पर मेकर्स ने फैसला बदला और उनकी जगह अमिताभ बच्चन को साइन कर लिया. राज बब्बर के मुताबिक, उस दौर में अमिताभ बच्चन इंडस्ट्री के सबसे बड़े सितारों में से एक थे, इसलिए निर्माताओं को लगा कि उनके नाम से फिल्म को ज़्यादा फायदा होगा.\n\n'नमक हलाल' में भी मिला दोहरा झटका\nयह सिलसिला यहीं नहीं रुका. राज बब्बर के मुताबिक फिल्म 'नमक हलाल' के लिए भी उन्हें साइन किया गया था, लेकिन वहां भी उनकी जगह एक बड़े स्टार को ले लिया गया. उस वक्त उन्हें बार-बार यह अहसास हुआ कि जो मौके उनके दरवाज़े तक आते थे, वे किसी और के हाथ चले जाते थे. बावजूद इसके राज बब्बर ने इसे कभी निजी तौर पर नहीं लिया. उन्होंने इसे इंडस्ट्री का स्वभाव मानकर आगे बढ़ने का रास्ता चुना.\n\nउन्हीं अमिताभ बच्चन के साथ आई 'याराना'\nदिलचस्प पहलू यह है कि जिन अमिताभ बच्चन ने 'शक्ति' में उनकी जगह ली थी, उन्हीं के साथ राज बब्बर ने बाद में फिल्म 'याराना' में स्क्रीन शेयर किया. दोनों ने मिलकर दर्शकों को अपनी अदाकारी से प्रभावित किया.\n\nश्रीदेवी से 'बॉडीगार्ड' तक, फिल्मी सफर रहा विविध\nराज बब्बर का फिल्मी करियर काफी विविध और लंबा रहा. उन्होंने 'निकाह', 'उमराव जान', 'प्रेम गीत', 'अगर तुम न होते', 'आज की आवाज', 'संसार', 'फैशन', 'बॉडीगार्ड' और 'सुहागन' जैसी तमाम फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं. 'सुहागन' में उनकी सह-कलाकार श्रीदेवी थीं. फिल्मों के अलावा उन्होंने टीवी और वेब सीरीज में भी काम किया.\n\nराजनीति में भी रखा कदम\nपरदे की दुनिया से परे, राज बब्बर ने 1989 में राजनीति में प्रवेश किया और लोकसभा व राज्यसभा दोनों के सदस्य रहे. आज भी हिंदी सिनेमा में उनका नाम उन कलाकारों में गिना जाता है जिन्होंने तमाम रुकावटों के बावजूद अपने दम पर एक खास मुकाम हासिल किया.\n\nइसका आप पर असर\n• बॉलीवुड फैन्स के लिए: राज बब्बर की यह कहानी बताती है कि स्क्रीन टेस्ट पास कर लेने के बाद भी बड़े स्टार की वजह से रोल जा सकता है, लेकिन धैर्य और हुनर से एक लंबा और सम्मानजनक करियर बनाना मुमकिन है.\n\nसवाल-जवाब\n\n1. राज बब्बर का जन्म कब और कहां हुआ था?\nराज बब्बर का जन्म 23 जून 1952 को उत्तर प्रदेश के टूंडला में हुआ था.\n\n2. राज बब्बर ने अभिनय की विधिवत पढ़ाई कहां से की?\nउन्होंने दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से अभिनय की पढ़ाई की.\n\n3. बॉलीवुड में राज बब्बर का डेब्यू किस फिल्म से हुआ?\nउन्होंने 1977 में फिल्म 'किस्सा कुर्सी का' से बॉलीवुड में कदम रखा.\n\n4. किस फिल्म ने राज बब्बर को असली पहचान दिलाई?\n1980 में आई 'इंसाफ का तराजू' में उनके नकारात्मक किरदार को दर्शकों ने खूब सराहा, जिसने उन्हें बड़ी पहचान दिलाई.\n\n5. राज बब्बर को किस फिल्म से अमिताभ बच्चन की वजह से बाहर किया गया?\nफिल्म 'शक्ति' के लिए राज बब्बर का स्क्रीन टेस्ट हो चुका था, लेकिन बाद में मेकर्स ने उनकी जगह अमिताभ बच्चन को कास्ट किया.\n\n6. किस दूसरी बड़ी फिल्म से भी राज बब्बर को हटाया गया?\n'नमक हलाल' के लिए भी उन्हें साइन किया गया था, लेकिन वहां भी उनकी जगह एक बड़े स्टार को ले लिया गया.\n\n7. राज बब्बर और अमिताभ बच्चन ने किस फिल्म में साथ काम किया?\nदोनों ने फिल्म 'याराना' में एक साथ स्क्रीन शेयर किया.\n\n8. राज बब्बर ने श्रीदेवी के साथ किस फिल्म में काम किया?\nउन्होंने फिल्म 'सुहागन' में श्रीदेवी के साथ काम किया.\n\n9. राज बब्बर ने राजनीति में कब प्रवेश किया?\nउन्होंने 1989 में राजनीति में कदम रखा और लोकसभा व राज्यसभा दोनों के सदस्य रहे.\n\nप्रेरणा और सबक\nराज बब्बर का सफर उन लोगों के लिए एक ज़रूरी सबक है जो बार-बार की रुकावटों के बाद थककर हार मान लेते हैं.\n\n• स्क्रीन टेस्ट पास होने के बाद भी मौका जा सकता है, पर जवाब आपके हाथ में है: 'शक्ति' के लिए सब कुछ तय हो चुका था, फिर भी राज बब्बर को बाहर किया गया. हालात उनके बस में नहीं थे, लेकिन उनका जवाब देने का तरीका उनके बस में था. उन्होंने हिम्मत नहीं हारी.\n• दोहरी नाकामी भी इंसान को तोड़ नहीं सकती: 'नमक हलाल' में भी वही दोहराया गया. दो बड़ी फिल्मों से बाहर होने के बाद भी उन्होंने इसे इंडस्ट्री का स्वभाव मानकर आगे बढ़ने का रास्ता चुना.\n• प्रतिद्वंद्वियों से दुश्मनी नहीं बनाई: जिस अमिताभ बच्चन की वजह से 'शक्ति' का मौका गया, बाद में उन्हीं के साथ 'याराना' में काम किया. बड़े दिल से आगे बढ़ना नए रास्ते खोलता है.\n• बुनियादी हुनर में निवेश करें: NSD की तालीम ने उन्हें दशकों तक इंडस्ट्री में टिके रहने की ताकत दी. पेशेवर कौशल पर किया गया निवेश कभी बेकार नहीं जाता.\n• एक ही मैदान तक सीमित न रहें: फिल्मों से आगे बढ़कर उन्होंने टीवी, वेब सीरीज और राजनीति में भी अपनी जगह बनाई. एक दरवाज़ा बंद हो तो दूसरे खोलने की हिम्मत रखना ज़रूरी है.",
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  "category": "बॉलीवुड",
  "publishedAt": "2026-06-22",
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