# गरीबी से जूझते बचपन के बाद सरोज खान कैसे बनीं बॉलीवुड की दिग्गज कोरियोग्राफर

> बचपन में गरीबी, महज 13 साल की उम्र में खुद से 30 साल बड़े मास्टर सोहनलाल से शादी और बैकग्राउंड डांसर के तौर पर दोबारा शुरुआत के बाद सरोज खान बॉलीवुड की सबसे बड़ी कोरियोग्राफर बनीं। 3 जुलाई 2020 को उनका निधन हो गया था।

**Type:** article · **Category:** बॉलीवुड · **Published:** 2026-07-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bollywood/garibi-se-jujhate-bachapana-ke-bada-saroj-khan-kaise-banin-bollywood-ki-diggaja-koriyographara-4231 · **Language:** Hindi
**Tags:** सरोज खान, बॉलीवुड कोरियोग्राफर, श्रीदेवी, माधुरी दीक्षित, एक दो तीन, डोला रे डोला, नच बलिए

सरोज खान की जिंदगी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं रही। महज तीन साल की उम्र में कैमरे के सामने आ चुकीं यह लड़की आगे चलकर हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी कोरियोग्राफर बनी। गरीबी, बचपन में ही रुका करियर और कम उम्र में शादी जैसी मुश्किलों को पार करते हुए सरोज खान ने वह मुकाम हासिल किया, जिसकी मिसाल आज भी दी जाती है।

## बचपन में ही झेलनी पड़ी तंगहाली
घर के आर्थिक हालात इतने खराब थे कि सरोज खान को महज 3 साल की उम्र में ही बाल कलाकार के तौर पर काम करना पड़ा। जैसे ही वे थोड़ी बड़ी हुईं, उन्हें काम मिलना बंद हो गया और इंडस्ट्री से बाहर का रास्ता देखना पड़ा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने फिल्मों में बैकग्राउंड डांसर के तौर पर दोबारा शुरुआत की और कैमरे के पीछे रहते हुए हर स्टेप को बहुत बारीकी से सीखा। यही मेहनत आगे चलकर उनके करियर की नींव बनी।

## 13 साल की उम्र में शादी, रिश्ता नहीं टिका
सरोज खान का निजी जीवन भी उतार-चढ़ाव से भरा रहा। सिर्फ 13 साल की उम्र में उन्होंने अपने से 30 साल बड़े मास्टर सोहनलाल से शादी कर ली थी, जो उस वक्त पहले से शादीशुदा थे। यह रिश्ता ज्यादा दिन नहीं चल पाया। इसके बाद उन्होंने सरदार रोशन खान से दूसरी शादी की।

## कोरियोग्राफर के तौर पर शुरुआत और डांस की नई परिभाषा
साल 1974 में आई फिल्म गीता मेरा नाम से सरोज खान ने कोरियोग्राफर के तौर पर अपना सफर शुरू किया। उन्होंने बॉलीवुड में डांस देखने और समझने का नजरिया ही बदल दिया। उनके लिए डांस सिर्फ हाथ-पैर हिलाने की कला नहीं थी, बल्कि चेहरे के भाव से कहानी कहने का जरिया था। उन्होंने एक से बढ़कर एक आइकॉनिक गाने कोरियोग्राफ किए, जो आज भी याद किए जाते हैं। मिस्टर इंडिया का हवा हवाई, तेजाब का एक दो तीन, बेटा का धक धक करने लगा और देवदास का डोला रे डोला जैसे गानों ने उन्हें इंडस्ट्री का सबसे बड़ा नाम बना दिया। वे हर एक्ट्रेस के हुनर को बारीकी से पहचानकर उसे स्क्रीन पर जादू की तरह उतार देती थीं। श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित जैसी सुपरस्टार्स के करियर को निखारने में सरोज खान का बहुत बड़ा योगदान रहा।

## 40 साल का करियर, अवॉर्ड्स और टीवी पर सख्त जज
सरोज खान ने अपने 40 साल से लंबे शानदार करियर में सैकड़ों फिल्मों के गाने कोरियोग्राफ किए और कई नेशनल और फिल्मफेयर अवॉर्ड्स अपने नाम किए। उन्होंने नच बलिए और झलक दिखला जा जैसे टीवी रियलिटी शो में जज बनकर भी खूब सुर्खियां बटोरीं, जहां फैंस उनके सीधे और कड़क अंदाज को बेहद पसंद करते थे।

## 3 जुलाई 2020 को थम गया सफर
3 जुलाई 2020 को इस महान कलाकार ने दुनिया को अलविदा कह दिया। सरोज खान भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका काम और उनकी विरासत हमेशा बॉलीवुड की शान बनी रहेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. सरोज खान का निधन कब हुआ था?
सरोज खान का निधन 3 जुलाई 2020 को हुआ था।

### 2. सरोज खान ने करियर की शुरुआत किस उम्र में की थी?
उन्होंने महज 3 साल की उम्र में बाल कलाकार के तौर पर काम करना शुरू किया था।

### 3. सरोज खान की पहली शादी किससे हुई थी?
13 साल की उम्र में उनकी शादी मास्टर सोहनलाल से हुई थी, जो उनसे 30 साल बड़े और पहले से शादीशुदा थे।

### 4. उनकी दूसरी शादी किससे हुई?
उन्होंने सरदार रोशन खान से दूसरी शादी की थी।

### 5. बतौर कोरियोग्राफर उनकी पहली फिल्म कौन सी थी?
साल 1974 में आई फिल्म गीता मेरा नाम से उन्होंने कोरियोग्राफर के तौर पर शुरुआत की थी।

### 6. सरोज खान के मशहूर कोरियोग्राफ किए गाने कौन-कौन से हैं?
हवा हवाई, एक दो तीन, धक धक करने लगा और डोला रे डोला जैसे गाने उनकी पहचान बने।

### 7. सरोज खान ने किन टीवी शो में जज के तौर पर काम किया?
उन्होंने नच बलिए और झलक दिखला जा में जज के तौर पर काम किया था।

### 8. किन एक्ट्रेसेस के करियर को सरोज खान ने खासतौर पर निखारा?
श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित जैसी सुपरस्टार्स के करियर को निखारने में उनका बड़ा हाथ रहा।

## प्रेरणा और सबक
सरोज खान की जिंदगी हमें कई अहम सबक सिखाती है।

- **दोबारा शुरुआत करने का हौसला:** काम छिनने के बाद भी उन्होंने बैकग्राउंड डांसर के तौर पर नए सिरे से शुरुआत की, बड़े मुकाम तक पहुंचने के लिए छोटे कदम से शुरुआत करने से न घबराएं।
- **हर मौके को सीखने का जरिया बनाएं:** कैमरे के पीछे रहते हुए भी उन्होंने हर स्टेप बारीकी से सीखा, जो आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।
- **अपने हुनर में नयापन लाएं:** उन्होंने डांस को सिर्फ हरकत नहीं, बल्कि भाव और कहानी कहने का माध्यम बनाकर पूरी परिभाषा ही बदल दी।
- **दूसरों की खूबी पहचानना भी एक हुनर है:** श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित जैसी एक्ट्रेसेस के हुनर को पहचानकर उसे निखारने में उनका बड़ा योगदान रहा।
- **निजी मुश्किलों के बावजूद डटे रहना:** कम उम्र में शादी और टूटे रिश्ते जैसी चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने करियर पर फोकस बनाए रखा।

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