# गोरखपुर सांसद रवि किशन ने साझा किए अपने शुरुआती संघर्ष के किस्से, 7-स्टार होटल की आदतों पर सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

> भारतीय जनता पार्टी के सांसद और अभिनेता रवि किशन का एक इंटरव्यू वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने 7-स्टार होटल में सादी खिचड़ी खाने और लॉन्ड्री का इस्तेमाल न करने की बात कही। अपने शुरुआती दिनों के बेहद कठिन दौर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि बचपन की गरीबी आज भी उनके मन से नहीं निकली है।

**Type:** article · **Category:** बॉलीवुड · **Published:** 2026-08-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bollywood/gorakhpur-sansada-ravi-kishan-ne-sajha-kie-apane-shuruati-sngharsha-ke-kisse-7-star-hotala-ki-adaton-para-social-media-para-chhiri-12768 · **Language:** Hindi
**Tags:** रवि किशन, गोरखपुर सांसद, शुभंकर मिश्रा इंटरव्यू, धमाल 4, मिर्जापुर द फिल्म, बॉलीवुड न्यूज, वायरल वीडियो

भारतीय जनता पार्टी के सांसद और जाने-माने अभिनेता रवि किशन अपने एक हालिया साक्षात्कार को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। वरिष्ठ पत्रकार शुभंकर मिश्रा के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी जिंदगी के शुरुआती दौर के अभावों और संघर्षों को याद किया। अपनी वर्तमान स्थिति और 7-स्टार होटल में ठहरने की आदतों का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जीवन में बड़ी सफलता और मुकाम हासिल करने के बाद भी उनके मन से बचपन की कंगाली की यादें ओझल नहीं हुई हैं। लग्जरी होटलों में रुकने के बावजूद वे आज भी महंगे व्यंजनों से दूरी बनाए रखते हैं।

## 7-स्टार होटल में सादी खिचड़ी और लॉन्ड्री का परहेज
साक्षात्कार के दौरान रवि किशन ने अपनी दिनचर्या और व्यक्तिगत आदतों से जुड़े कई दिलचस्प पहलू उजागर किए। उन्होंने बताया कि किसी 7-स्टार होटल में प्रवास के दौरान वे कभी भी महंगे खान-पान का ऑर्डर नहीं देते हैं। रवि किशन ने कहा, "आज भी जब मैं किसी 7-स्टार होटल में जाता हूं, तो सिर्फ एक सादी खिचड़ी ही ऑर्डर करता हूं।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह आदत चाहे फिल्म निर्माण कंपनी के बजट से मिलने वाली सुविधाओं की हो, उनके अपने निजी खर्च की हो या फिर किसी राजनीतिक दल के चुनावी दौरे की, वे हर परिस्थिति में सादा भोजन ही चुनते हैं।

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खान-पान के अलावा वे महंगे होटलों की लॉन्ड्री सेवाओं का उपयोग करने से भी बचते हैं। कपड़ों की धुलाई पर होने वाले अतिरिक्त खर्च को बचाना उनकी आदत का हिस्सा बन चुका है। उनका मानना है कि जब वे गोरखपुर, दिल्ली या मुंबई स्थित अपने आवास लौटेंगे, तब अपने कपड़े स्वयं धो लेंगे। उनका कहना है कि पुराने दिनों का अभाव और आर्थिक तंगी आज भी उनके मन-मस्तिष्क पर हावी है, जो उन्हें फिजूलखर्ची करने से रोकती है।

## मिट्टी की झोपड़ी से वड़ा पाव तक का लंबा संघर्ष
अपने बचपन के दिनों का स्मरण करते हुए रवि किशन ने अपनी बेहद कठिन पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में विस्तार से बताया। वे एक समय में मिट्टी की झोपड़ी में रहा करते थे और उनके परिवार की कृषि भूमि गिरवी रखी हुई थी। आर्थिक स्थिति इतनी विषम थी कि एक प्लेट खिचड़ी में पानी मिलाकर उसे परिवार के 12 सदस्यों के बीच बांटना पड़ता था। इस प्रकार की गंभीर तंगी के बीच उनका शुरुआती जीवन बीता।

सपनों की नगरी मुंबई आने के बाद भी उनका संघर्ष समाप्त नहीं हुआ। मनोरंजन उद्योग में पैर जमाने के लिए उन्हें लगभग 15 वर्षों तक लगातार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। इस लंबी अवधि के दौरान उन्होंने अक्सर चाय और वड़ा पाव खाकर अपना गुजारा किया। शुरुआती दिनों में उन्हें अभिनय कार्य के लिए उचित पारिश्रमिक भी नहीं मिलता था और करियर के उस दौर में उन्हें अनगिनत बार उपेक्षा और बेइज्जती सहनी पड़ी थी।

## सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और जनमानस की प्रतिक्रिया
31 जुलाई 2026 को इस साक्षात्कार की एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुई, जिसके बाद इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की ओर से तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई यूजर्स ने उनके बयान पर चुटकी लेते हुए अपनी राय व्यक्त की। एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए लिखा कि उन्होंने गरीबी का नया संस्करण देख लिया है, जबकि एक अन्य यूजर ने कहा कि उन्होंने सिर्फ गरीबी देखी है पर आम लोगों ने उसे जीया है। वहीं एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि ऐसी गरीबी ईश्वर सभी को प्रदान करे, जबकि दूसरे ने 7-स्टार होटल में खिचड़ी खाने की बात पर चुटकी ली।

हालांकि, सोशल मीडिया पर चर्चा का रुख केवल तंज कसने तक ही सीमित नहीं रहा। कई अन्य उपयोगकर्ताओं ने रवि किशन के पक्ष में तर्क देते हुए कहा कि बचपन में झेली गई विषम परिस्थितियां और आर्थिक अभाव इंसान के मनोविज्ञान पर स्थायी छाप छोड़ते हैं। ऐसे में इतने बड़े मुकाम पर पहुंचने के बाद भी सादगी पसंद करना अथवा पुरानी आदतों को बनाए रखना पूरी तरह से स्वाभाविक और व्यावहारिक है।

## हालिया और आने वाली प्रमुख फिल्में
रवि किशन के अभिनय करियर की बात करें तो वे हाल ही में बड़े पर्दे पर प्रदर्शित हुई बहुचर्चित फिल्म 'धमाल 4' में नजर आए हैं, जिसमें उन्होंने 'अधूरा' नामक पात्र का अभिनय किया है। इसके अतिरिक्त आने वाले समय में वे कई महत्वपूर्ण सिनेमाई परियोजनाओं में दिखाई देने वाले हैं। वे जल्द ही 'आर्यभट्ट का जीरो' और बहुप्रतीक्षित फिल्म 'मिर्जापुर: द फिल्म' में मुख्य भूमिकाओं में अभिनय करते हुए दिखाई देंगे।

## इसका आप पर असर
**पाठकों के लिए संदेश:**

- **मानसिक प्रभाव:** यह कहानी दर्शाती है कि बचपन की गंभीर तंगी इंसान के खान-पान और खर्च करने की आदतों को जीवनभर प्रभावित कर सकती है।
- **सार्वजनिक जीवन में सतर्कता:** सेलिब्रिटीज और जन प्रतिनिधियों के सादगी से जुड़े बयानों की सोशल मीडिया पर बारीकी से समीक्षा की जाती है।

## सवाल-जवाब

### 1. रवि किशन ने 7-स्टार होटल में ठहरने के दौरान अपनी किस आदत के बारे में बताया?
रवि किशन ने बताया कि 7-स्टार होटल में ठहरने के बावजूद वह केवल सादी खिचड़ी ही ऑर्डर करते हैं और अपने कपड़े लॉन्ड्री में देने के बजाय खुद धोने के लिए घर ले जाते हैं।

### 2. रवि किशन का बचपन कैसा बीता था?
उनका बचपन मिट्टी की झोपड़ी में बीता और उनके परिवार का खेत गिरवी रखा हुआ था। वे इतने गरीब थे कि एक प्लेट खिचड़ी में पानी डालकर 12 लोगों में बांटनी पड़ती थी।

### 3. मुंबई आने के बाद रवि किशन को कितने समय तक संघर्ष करना पड़ा?
मुंबई आने के बाद रवि किशन ने लगभग 15 सालों तक चाय और वड़ा पाव खाकर गुजारा किया तथा फिल्म इंडस्ट्री में काम के दौरान कई बार अपमान सहन किया।

### 4. सोशल मीडिया पर रवि किशन के इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया आई?
सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ यूजर्स ने मजाकिया तंज कसे, जबकि कुछ अन्य लोगों ने माना कि बचपन का संघर्ष इंसान की जीवनशैली पर गहरा असर छोड़ता है।

### 5. रवि किशन हाल ही में किस फिल्म में नजर आए हैं और उनकी कौन सी फिल्में आने वाली हैं?
रवि किशन हाल ही में फिल्म 'धमाल 4' में 'अधूरा' किरदार में दिखे हैं और जल्द ही 'आर्यभट्ट का जीरो' तथा 'मिर्जापुर: द फिल्म' में नजर आएंगे।

## प्रेरणा और सबक
**जीवन के सबक:**

- **अथक संघर्ष और धैर्य:** 15 वर्षों तक मुंबई में चाय और वड़ा पाव पर गुजर-बसर करने के बावजूद अपने लक्ष्य से पीछे न हटना दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
- **अपमान से न हारना:** करियर की शुरुआत में बार-बार बेइज्जती झेलने के बाद भी हिम्मत न हारना और काम करते रहना ही सफलता की कुंजी है।
- **जड़ों और सादगी से जुड़ाव:** बड़ी कामयाबी हासिल करने और 7-स्टार सुविधाओं तक पहुंचने के बाद भी अपनी जड़ों और पुरानी आदतों को न भूलना।

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