आईआईटी बॉम्बे के मेटलर्जी इंजीनियर से 835 करोड़ की रामायण के निर्देशक बनने तक नितेश तिवारी की पूरी कहानी आईआईटी बॉम्बे से इंजीनियरिंग करने के बाद विज्ञापन और सिनेमा जगत में कदम रखने वाले नितेश तिवारी अब 835 करोड़ रुपये के विशाल बजट वाली फिल्म रामायण का निर्देशन कर रहे हैं। भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ ही ऐसे निर्देशक हुए हैं जिन्होंने बॉक्स ऑफिस की अपार सफलता के साथ-साथ दर्शकों के दिलों में गहरी भावनात्मक जगह बनाई है। नितेश तिवारी एक ऐसा ही नाम बन चुके हैं, जिनकी फिल्मों के संवाद और कहानियां हर वर्ग के दर्शकों को गहराई से जोड़ती हैं। दोस्तों के साथ हॉस्टल के दिन हों, कुश्ती के अखाड़े में बेटियों का संघर्ष हो या बच्चों की निश्छल दुनिया, उन्होंने हमेशा पर्दे पर असल जिंदगी के जज्बात उकेरे हैं। अब वही निर्देशक भारतीय सिनेमा के सबसे भव्य और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'रामायण' की कमान संभाल रहे हैं। मध्य प्रदेश के एक छोटे शहर से निकलकर देश के शीर्ष तकनीकी संस्थान से पढ़ाई करने और फिर बॉलीवुड के सबसे भरोसेमंद निर्देशकों में शामिल होने तक का उनका सफर प्रेरणा से भरा है। आईआईटी बॉम्बे की पढ़ाई से विज्ञापन की दुनिया तक का सफर नितेश तिवारी का जन्म 22 मई 1973 को मध्य प्रदेश के इटारसी में हुआ था। बचपन से ही मेधावी रहे नितेश ने शुरुआती पढ़ाई के बाद देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक पास की और प्रतिष्ठित आईआईटी बॉम्बे में प्रवेश लिया। वर्ष 1996 में उन्होंने मेटलर्जी एंड मैटेरियल साइंस इंजीनियरिंग में अपनी स्नातक की डिग्री पूरी की। इंजीनियरिंग की पढ़ाई खत्म करने के बावजूद उनका मन तकनीकी क्षेत्र से अधिक रचनात्मकता में रमता था। इसी वजह से उन्होंने कॉर्पोरेट इंजीनियरिंग की जगह विज्ञापन क्षेत्र को अपने करियर के रूप में चुना। कई वर्षों तक विज्ञापन जगत में काम करते हुए उन्होंने ब्रांड्स के लिए आकर्षक विज्ञापन बनाए। विज्ञापन की इसी दुनिया ने उनकी कहानी कहने की क्षमता, चुस्त संवाद लेखन और जनमानस की नब्ज पकड़ने की समझ को निखारने का काम किया। चिल्लर पार्टी से शुरुआत और राष्ट्रीय पुरस्कार की उपलब्धि विज्ञापन जगत में अपनी रचनात्मक पहचान बनाने के बाद नितेश तिवारी ने वर्ष 2011 में फिल्म निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखा। उन्होंने बच्चों पर केंद्रित फिल्म 'चिल्लर पार्टी' का सह-निर्देशन किया। बच्चों की निर्दोष मासूमियत, उनकी अटूट दोस्ती और सामाजिक संदेश को बयां करती इस फिल्म को समीक्षकों और दर्शकों दोनों की ओर से भरपूर सराहना मिली। अपनी पहली ही फिल्म के जरिए उन्होंने यह साबित कर दिया कि वह संवेदनशील मानवीय भावनाओं को बड़े पर्दे पर प्रभावशाली ढंग से पेश कर सकते हैं। फिल्म 'चिल्लर पार्टी' की इस अपार सफलता को राष्ट्रीय स्तर पर तब मान्यता मिली जब इसने सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता। इसके बाद वर्ष 2014 में उन्होंने महानायक अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म 'भूतनाथ रिटर्न्स' का निर्देशन किया, जिसमें राजनीति और आम इंसान के सरोकारों को एक अनोखी कहानी के साथ पेश किया गया था। दंगल और छिछोरे से रचा इतिहास नितेश तिवारी के करियर में सबसे बड़ा ऐतिहासिक मोड़ वर्ष 2016 में आया, जब उन्होंने आमिर खान, फातिमा सना शब्द और सान्या मल्होत्रा अभिनीत फिल्म 'दंगल' का निर्देशन किया। हरियाणा के पहलवान महावीर सिंह फोगाट और उनकी बेटियों गीता एवं बबीता के वास्तविक जीवन के संघर्षों पर आधारित इस फिल्म ने सफलता के नए आयाम गढ़े। 'दंगल' ने न केवल भारत में कमाई के तमाम रिकॉर्ड तोड़े, बल्कि चीन के साथ-साथ दुनिया भर के सिनेमाघरों में अभूतपूर्व सफलता हासिल की। यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म बनी और इस शानदार काम के लिए नितेश तिवारी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का फिल्मफेयर पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके बाद वर्ष 2019 में उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत अभिनीत फिल्म 'छिछोरे' बनाई। इस फिल्म ने हॉस्टल लाइफ की मस्ती, विफलता के डर और मानसिक स्वास्थ्य जैसे अति संवेदनशील मुद्दों को बेहद सरल और प्रभावी अंदाज में उठाया। 'छिछोरे' को भी दर्शकों का बेपनाह प्यार मिला और इसे हिंदी की सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। आगे चलकर वर्ष 2023 में उन्होंने फिल्म 'बवाल' का निर्देशन करने के साथ कई अन्य प्रोजेक्ट्स में लेखक और निर्माता की भूमिकाएं भी निभाईं। 835 करोड़ के बजट वाली रामायण का भव्य विज़न वर्तमान में नितेश तिवारी अपने करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण और भव्य प्रोजेक्ट 'रामायण' पर काम कर रहे हैं। मीडिया में चल रही जानकारियों के अनुसार इस मेगा बजट प्रोजेक्ट का अनुमानित बजट लगभग 835 करोड़ रुपये है। नितेश तिवारी ने इस पौराणिक गाथा को पर्दे पर उतारने के लिए पिछले 7 वर्षों की कठिन रिसर्च और तैयारी की है। यह सिनेमाई महाकाव्य दो भागों में बनाया जा रहा है, जिसमें अभिनेता रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं, अभिनेत्री साई पल्लवी माता सीता के रूप में नजर आएंगी और दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज स्टार यश रावण का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए ऑस्कर विजेता कंपनी DNEG की सेवाएं ली गई हैं, जबकि संगीत का जिम्मा ऑस्कर विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान और मशहूर हॉलीवुड कंपोजर हांस जिमर संभाल रहे हैं। हाल ही में फिल्म के विजुअल्स और भव्य पैमाने की झलक सामने आने के बाद दर्शकों की उत्सुकता चरम पर पहुंच गई है। नितेश तिवारी पर एक बार फिर भारतीय दर्शकों की विशाल उम्मीदों पर खरा उतरने की बड़ी जिम्मेदारी है। इसका आप पर असर भारतीय सिनेमा प्रेमियों के लिए: दर्शकों को भव्य स्तर पर भारतीय पौराणिक कथाओं का वैश्विक मानकों के साथ अनुभव करने का मौका मिलेगा। फिल्म उद्योग के लिए: 835 करोड़ रुपये के विशाल बजट और ऑस्कर विजेता संगीतकारों के सहयोग से भारतीय सिनेमा का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान बढ़ेगा। सवाल-जवाब 1. नितेश तिवारी ने किस कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी? नितेश तिवारी ने वर्ष 1996 में आईआईटी बॉम्बे से मेटलर्जी एंड मैटेरियल साइंस इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की थी। 2. नितेश तिवारी की पहली निर्देशित फिल्म कौन सी थी और उसे क्या सम्मान मिला? उनकी पहली सह-निर्देशित फिल्म वर्ष 2011 में आई 'चिल्लर पार्टी' थी, जिसे सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। 3. फिल्म दंगल ने बॉक्स ऑफिस पर क्या कीर्तिमान बनाए थे? वर्ष 2016 में रिलीज हुई फिल्म 'दंगल' भारत और चीन सहित दुनिया भर में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बनी और नितेश तिवारी को फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार मिला। 4. सुशांत सिंह राजपूत स्टारर फिल्म छिछोरे की क्या उपलब्धि रही? वर्ष 2019 की फिल्म 'छिछोरे' को हिंदी की सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किया गया। 5. आगामी फिल्म रामायण का बजट कितना है और मुख्य भूमिकाओं में कौन हैं? फिल्म 'रामायण' का बजट लगभग 835 करोड़ रुपये बताया गया है, जिसमें रणबीर कपूर भगवान श्रीराम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। 6. फिल्म रामायण में संगीत और विजुअल इफेक्ट्स का काम किसने किया है? इस दो भागों वाली फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स DNEG ने तैयार किए हैं, जबकि संगीत ऑस्कर विजेता ए.आर. रहमान और हांस जिमर ने दिया है। प्रेरणा और सबक शिक्षा से परे कलात्मक जुनून: नितेश तिवारी ने दर्शाया कि आईआईटी की डिग्री के बावजूद व्यक्ति अपने रचनात्मक सपनों को चुनकर सफलता पा सकता है। विज्ञापनों से कहानी कला सीखना: विज्ञापन क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कम शब्दों में गहरी बात कहने और संवाद शैली को निखारने का अभ्यास किया। संवेदनशील और सामाजिक विषयों को चुनना: उन्होंने हमेशा ऐसी कहानियां चुनीं जो दर्शकों के दिलों को छुएं, चाहे वह बाल मनोविज्ञान हो या मानसिक स्वास्थ्य। धैर्य और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता: रामायण जैसे विशाल प्रोजेक्ट पर 7 साल तक निरंतर मेहनत करना उनके अनुशासन और समर्पण को दर्शाता है। https://trendkia.com/bollywood/iit-bombay-ke-metallurgy-engineer-se-835-crore-ki-ramayana-ke-nirdeshaka-banane-taka-nitesh-tiwari-ki-puri-kahani-12126 TrendKia — Har trend, sabse pehle.