इंदौर कॉन्सर्ट से पहले दिलजीत दोसांझ की बढ़ी मुश्किलें, महिला एवं बाल विकास विभाग ने चार गाने न गाने का दिया निर्देश गायक दिलजीत दोसांझ के इंदौर में होने वाले लाइव कॉन्सर्ट से पहले महिला एवं बाल विकास विभाग ने आयोजकों को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में बच्चों पर पड़ने वाले बुरे असर का हवाला देते हुए चार विवादित गाने न गाने के निर्देश दिए गए हैं। लोकप्रिय पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ एक बार फिर अपने नए लाइव कॉन्सर्ट टूर के कारण चर्चा में हैं। अपने 'ऑरा इंडिया टूर 2026' के सिलसिले में वह देश के विभिन्न शहरों में प्रस्तुतियां दे रहे हैं। इसी क्रम में उनका अगला बड़ा कॉन्सर्ट 15 नवंबर को इंदौर के C-21 मॉल परिसर में आयोजित होने वाला है। हालांकि इस आयोजन से ठीक पहले स्थानीय प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से आयोजकों पर सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं। विभाग ने एक आधिकारिक पत्र जारी करते हुए कॉन्सर्ट के दौरान कुछ चुनिंदा गानों की प्रस्तुति पर रोक लगाने की मांग की है। चार प्रमुख गानों पर रोक लगाने के निर्देश जिला बाल संरक्षण अधिकारी की तरफ से C-21 मॉल के मैनेजर को एक औपचारिक पत्र भेजा गया है। इस निर्देश के मुताबिक, गायक को अपने मंच पर 'पटियाला पेग', '5 तारा ठीके', 'जीभ विचों लब्बिया' और 'जट्ट उठे फिर करदा' जैसे लोकप्रिय गीत गाने की अनुमति नहीं होगी। अधिकारियों का तर्क है कि इस तरह के गीत, जो शराब, नशे और हथियार संस्कृति को बढ़ावा देते हैं, कॉन्सर्ट में मौजूद छोटे बच्चों की मानसिकता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। इस नोटिस में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 2019 के एक पुराने आदेश का हवाला दिया गया है, जिसमें इस तरह की विषय वस्तु वाले गानों पर नियंत्रण रखने की बात कही गई थी। चंडीगढ़ के प्रोफेसर की शिकायत पर हुई कार्रवाई इंदौर में जारी इस नोटिस के पीछे चंडीगढ़ के प्रोफेसर डॉ. पंडितराव धारेनावर की एक शिकायत मुख्य वजह रही है। चूंकि इस लाइव कॉन्सर्ट में पांच वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को भी प्रवेश की अनुमति दी गई है, इसलिए शिकायतकर्ता ने बच्चों की सुरक्षा और उनके मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए कड़े कदम उठाने की मांग की थी। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कलाकार को मंच पर बच्चों को नहीं बुलाना चाहिए और न ही कॉन्सर्ट के दौरान बुलेट बेल्ट जैसी कोई वस्तु पहननी चाहिए। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इंदौर के इस कार्यक्रम पर पूरी तरह कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, बल्कि केवल उन विशिष्ट गानों को प्रतिबंधित किया गया है जो मदिरापान या गन कल्चर का महिमामंडन करते हैं। इस पत्र की प्रतियां इंदौर के जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर को भी भेज दी गई हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कार्यक्रम के दौरान इन नियमों का सख्ती से पालन हो। दिल्ली में सामने आ चुकी है बड़ी साजिश इससे पहले दिलजीत दोसांझ ने अपने इस बहुप्रतीक्षित 'ऑरा इंडिया टूर 2026' की शुरुआत 30 अक्टूबर को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में एक भव्य लाइव शो के साथ की थी। हालांकि दिल्ली के उस कार्यक्रम को लेकर भी शुरुआत में असमंजस और सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी हुई थीं। बाद में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े षड्यंत्र का खुलासा किया था। जांच के दौरान पुलिस ने जहांगीरपुरी और शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशनों की दीवारों पर खालिस्तान समर्थक भित्तिचित्र या नारे लिखने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, जिसमें एक महिला भी शामिल थी। पुलिस के शुरुआती खुलासों के अनुसार इन आरोपियों के तार प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस से जुड़े तत्वों से पाए गए थे, जो इस बड़े संगीत कार्यक्रम को बाधित करने की नीयत से सक्रिय थे। इसका आप पर असर यह प्रशासनिक फैसला उन सभी संगीत प्रेमियों और परिवारों के लिए सीधा महत्व रखता है जो इस लाइव संगीत कार्यक्रम में शामिल होने की योजना बना रहे हैं। • इंदौर में: स्थानीय दर्शकों को कॉन्सर्ट के दौरान 'पटियाला पेग' और '5 तारा ठीके' जैसे उनके पसंदीदा लोकप्रिय गाने सुनने को नहीं मिलेंगे। आयोजकों को प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा और मंच पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। • भारत में: देश के अन्य शहरों में होने वाले आगामी लाइव आयोजनों के आयोजकों के लिए भी ऐसे प्रशासनिक कदम एक कड़ा संदेश बनते हैं। इससे कलाकारों और आयोजकों पर बच्चों की उपस्थिति वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों में आपत्तिजनक सामग्री से बचने का दबाव बढ़ जाता है। ऐसा क्यों हुआ यह विवादित स्थिति मुख्य रूप से सार्वजनिक आयोजनों में बच्चों की सुरक्षा और उनके मानसिक विकास पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर खड़े हुए प्रशासनिक सवालों के कारण उत्पन्न हुई है। • शिकायत का आधार: चंडीगढ़ के प्रोफेसर डॉ. पंडितराव धारेनावर द्वारा दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत ने स्थानीय अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। • हाईकोर्ट के निर्देश: वर्ष 2019 का पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश इस प्रकार की कानूनी कार्रवाई का मुख्य आधार बना, जो शराब और हिंसा को बढ़ावा देने वाले गीतों पर रोक लगाता है। • बाल संरक्षण की चिंता: कॉन्सर्ट में पांच वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को प्रवेश मिलने के कारण प्रशासन ने गन कल्चर और नशे से जुड़े गानों पर आपत्ति जताई ताकि कम उम्र के दर्शकों पर बुरा असर न पड़े। सवाल-जवाब 1. दिलजीत दोसांझ का इंदौर कॉन्सर्ट कब और कहां आयोजित होना है? यह कॉन्सर्ट 15 नवंबर को इंदौर के C-21 मॉल परिसर में आयोजित किया जाएगा। 2. महिला एवं बाल विकास विभाग ने किन गानों पर रोक लगाई है? विभाग ने 'पटियाला पेग', '5 तारा ठीके', 'जीभ विचों लब्बिया' और 'जट्ट उठे फिर करदा' गानों को न गाने के निर्देश दिए हैं। 3. यह नोटिस किस शिकायत के आधार पर जारी किया गया है? यह कार्रवाई चंडीगढ़ के प्रोफेसर डॉ. पंडितराव धारेनावर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई है। 4. क्या इंदौर में दिलजीत दोसांझ का पूरा कॉन्सर्ट रद्द कर दिया गया है? नहीं, कॉन्सर्ट रद्द नहीं किया गया है, बल्कि केवल चार विशिष्ट गानों और कुछ गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। 5. दिलजीत के दिल्ली कॉन्सर्ट के दौरान कौन सी सुरक्षा घटना सामने आई थी? दिल्ली पुलिस ने मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। https://trendkia.com/bollywood/indore-konsarta-se-pahale-diljit-dosanjh-ki-barhi-mushkilen-women-and-child-development-department-ne-chara-gane-na-gane-ka-diya-n-57664 TrendKia — Har trend, sabse pehle.