एंटीलिया में भव्य जन्माष्टमी का जश्न, चांदी के पालने में झूले बाल गोपाल और परिवार ने किया गरबा मुंबई स्थित एंटीलिया में अंबानी परिवार ने जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाया। इस दौरान चांदी के पालने में बाल गोपाल विराजे, छप्पन भोग का प्रसाद चढ़ा और परिवार ने गरबा, दांडिया तथा गौसेवा में हिस्सा लिया। देश के सबसे प्रतिष्ठित और बड़े उद्योगपति घरानों में शुमार अंबानी परिवार हमेशा से अपने पारंपरिक और भव्य आयोजनों के लिए जाना जाता है। इस बार भी मुंबई स्थित उनके आलीशान आवास एंटीलिया में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को बेहद खास और भव्य तरीके से सेलिब्रेट किया गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों से इस बात का पता चलता है कि जन्माष्टमी के इस पावन अवसर पर पूरा परिवार कृष्ण भक्ति के रंग में रंगा हुआ नजर आया। इस खास मौके पर धार्मिक अनुष्ठान से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक की कई खूबसूरत झलकियां देखने को मिलीं। चांदी के पालने में विराजे बाल गोपाल जन्माष्टमी के इस खास अवसर पर बाल गोपाल के लिए एक विशेष चांदी का पालना तैयार किया गया था, जो बेहद आकर्षक लग रहा था। इस पालने पर अत्यंत बारीक नक्काशी की गई थी और इसे लाल रंग के ताजे फूलों तथा सजावटी रस्सियों से सजाया गया था। पालने के ठीक पास भगवान श्रीनाथजी की एक सुंदर प्रतिमा भी स्थापित की गई थी, जिसे चांदी के आभूषणों से अलंकृत किया गया था। पूजा के दौरान भगवान कृष्ण को पारंपरिक विधि-विधान से भोग अर्पित किया गया। उनके लिए चांदी के बर्तनों में भव्य छप्पन भोग की विशेष व्यवस्था की गई थी, जिससे उत्सव की दिव्यता और अधिक बढ़ गई थी। मोतियों और स्टोन्स से सजी बाल गोपाल की कलात्मक तस्वीर पूजा स्थल की सजावट में एक और कलाकृति ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। चांदी के पालने के ठीक पीछे भगवान श्रीकृष्ण की एक मनमोहक तस्वीर लगाई गई थी, जिसे साधारण रंगों से न बनाकर विभिन्न रंगों के मोतियों, बीड्स और चमकदार स्टोन्स की मदद से तैयार किया गया था। इस अनोखी कलाकृति में श्याम, नीले, गुलाबी, हरे और सुनहरे रंगों का बेहद सुंदर संयोजन दिखाई दे रहा था। बाल गोपाल के इस चित्र के साथ बनाए गए गुलाबी कमल के डिजाइन ने सजावट को और अधिक भव्य बना दिया। इन सभी व्यवस्थाओं में पारंपरिक भारतीय कला और गहरी धार्मिक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। नीता अंबानी का पारंपरिक गुजराती लुक रहा चर्चा में इस भव्य जन्माष्टमी समारोह के दौरान नीता अंबानी के पारंपरिक पहनावे ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। उन्होंने इस खास मौके पर एक्वा ब्लू रंग की खूबसूरत बांधणी साड़ी पहनी थी, जिस पर गुलाबी रंग के हाइलाइट्स और सुनहरी जरी का बेहतरीन काम किया गया था। साड़ी के चौड़े बॉर्डर पर सुनहरे धागों से बेहद बारीक कढ़ाई की गई थी और इसमें गुलाबी, नीले तथा हरे रंग के फुंदने भी लगाए गए थे। उन्होंने इस साड़ी को पारंपरिक गुजराती अंदाज में ड्रेप किया था। उनके इस लुक को पूरा करने वाले ब्लाउज में स्कूप नेकलाइन, हाफ लेंथ स्लीव्स और सीक्विन डिटेलिंग थी। इसके साथ ही उन्होंने हीरे, पन्ने और माणिक से जड़े हुए शानदार आभूषण पहने थे। परिवार के साथ गरबा और दांडिया की रौनक गुजराती संस्कृति में किसी भी बड़े त्योहार का जश्न गरबा और दांडिया के बिना अधूरा माना जाता है। अंबानी परिवार के इस जन्मोत्सव में भी इस परंपरा का पूरा उत्साह देखने को मिला। नीता अंबानी अपनी बहुओं श्लोका मेहता और राधिका अंबानी के साथ पारंपरिक अंदाज में गरबा करती हुई नजर आईं। श्लोका की मां मोना मेहता के साथ भी नीता अंबानी ने उत्साह के साथ नृत्य किया। इसके अलावा आकाश अंबानी, राधिका अंबानी, ईशा अंबानी और परिवार के अन्य सदस्यों ने भी इस सांस्कृतिक उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मुकेश अंबानी और नीता अंबानी ने भी परिवार के साथ मिलकर दांडिया रास में भाग लिया। बच्चों ने निभाई मटकी फोड़ने की रस्म कृष्ण जन्मोत्सव के बाद परंपरा के अनुसार मटकी फोड़ने का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान आकाश अंबानी और श्लोका मेहता के बच्चों पृथ्वी और वेदा ने मिलकर उत्साह के साथ मटकी फोड़ी। बच्चों के इस आनंदित पल में उनकी मां श्लोका भी उनके साथ मौजूद थीं। दही-हांडी और मटकी फोड़ने की यह परंपरा भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप और माखन के प्रति उनके प्रेम की याद दिलाती है, जिसे परिवार ने बड़े ही हर्षोल्लास के साथ निभाया। अनंत अंबानी ने की विशेष गौसेवा सनातन परंपरा और भगवान कृष्ण की कथाओं में गायों का बहुत बड़ा और विशेष महत्व माना जाता है। इसी आस्था को आगे बढ़ाते हुए अंबानी परिवार ने जन्माष्टमी के इस पावन पर्व पर गौसेवा भी की। सामने आए वीडियो फुटेज में अनंत अंबानी अपने हाथों से गाय को चारा खिलाते और उनकी सेवा करते हुए दिखाई दिए। एंटीलिया में हुआ यह जन्मोत्सव केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें पारंपरिक वेशभूषा, पारिवारिक मेल-मिलाप, गरबा-दांडिया, मटकी फोड़ और गौसेवा जैसे कई सांस्कृतिक और धार्मिक आयाम शामिल रहे, जिनकी झलक सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आई है। इसका आप पर असर अंबानी परिवार के इस निजी उत्सव का आम नागरिकों के दैनिक जीवन, वित्त या कामकाजी दिनचर्या पर सीधा कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। - देशभर में: यह उत्सव केवल एक सांस्कृतिक और पारिवारिक आयोजन है, जिसका आर्थिक या नीतिगत स्तर पर कोई असर नहीं होता है। - मुंबई में: स्थानीय निवासियों या शहर की व्यवस्था पर इस निजी घर के भीतर हुए धार्मिक समारोह का कोई व्यावहारिक प्रभाव नहीं पड़ा है। सवाल-जवाब 1. अंबानी परिवार ने जन्माष्टमी कहां मनाई? अंबानी परिवार ने जन्माष्टमी का यह उत्सव मुंबई स्थित अपने घर एंटीलिया में मनाया। 2. जन्माष्टमी के दौरान बाल गोपाल को किस पालने में बिठाया गया? बाल गोपाल के लिए एक विशेष रूप से तैयार किया गया चांदी का पालना उपयोग किया गया था। 3. समारोह में नीता अंबानी ने किस तरह की पोशाक पहनी थी? नीता अंबानी ने गुलाबी हाइलाइट्स और सुनहरी जरी के काम वाली एक्वा ब्लू रंग की बांधणी साड़ी पहनी थी। 4. मटकी फोड़ने की रस्म किसने निभाई? आकाश अंबानी और श्लोका मेहता के बच्चों पृथ्वी और वेदा ने मटकी फोड़ने की रस्म निभाई। 5. गौसेवा किसने की? अनंत अंबानी ने जन्माष्टमी के अवसर पर अपने हाथों से गाय को भोजन कराया। https://trendkia.com/bollywood/inside-antilia-janmashtami-celebration-ambani-family-welcomes-bal-gopal-in-silver-cradle-and-plays-garba-29160 TrendKia — Har trend, sabse pehle.