जब राजकुमार की एक तारीफ ने गोविंदा से गंवा दी उनकी फेवरेट शर्ट, फिर बना दिया रूमाल फिल्म 'जंगबाज' की शूटिंग के दौरान राजकुमार ने गोविंदा की चमकीली शर्ट की तारीफ की, गोविंदा ने वह शर्ट गिफ्ट कर दी, लेकिन राजकुमार ने उसे काटकर पॉकेट रूमाल बना लिया। बॉलीवुड के दमदार एक्टर राजकुमार अपनी कड़क आवाज और रॉयल अंदाज के लिए तो मशहूर थे ही, उनके अजीबोगरीब किस्से भी आज तक फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बनते हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प वाकया सुपरस्टार गोविंदा के साथ जुड़ा है, जो फिल्म 'जंगबाज' की शूटिंग के दौरान पेश आया था। चमकीली शर्ट की तारीफ और फिर बना पॉकेट रूमाल शूटिंग के दिनों में गोविंदा एक बेहद खूबसूरत और चमकदार शर्ट पहनकर सेट पर पहुंचे थे। राजकुमार की नजर उस शर्ट पर पड़ी और उन्हें वह इतनी पसंद आई कि उन्होंने खुलकर गोविंदा की तारीफ कर दी। अपने सीनियर एक्टर के मुंह से तारीफ सुनकर गोविंदा इतने खुश हुए कि उन्होंने वही शर्ट तुरंत उतारकर राजकुमार को गिफ्ट कर दी। गोविंदा को उम्मीद थी कि राजकुमार इस शर्ट को किसी खास मौके पर पहनेंगे। लेकिन कुछ दिन बाद जब उन्होंने देखा कि राजकुमार उसी शर्ट के कपड़े का एक टुकड़ा जेब से निकालकर अपनी नाक साफ कर रहे हैं, तो वे हैरान रह गए। दरअसल राजकुमार ने उस महंगी शर्ट को काटकर अपना पॉकेट रूमाल बना लिया था। सब-इंस्पेक्टर की नौकरी छोड़कर पकड़ी फिल्मी दुनिया की राह राजकुमार के फिल्मी सफर की कहानी भी किसी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। उनका असली नाम कुलभूषण पंडित था और फिल्मों में आने से पहले वे मुंबई के माहिम पुलिस स्टेशन में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। उनकी कड़क आवाज और बेबाक अंदाज की चर्चा पुलिस महकमे में भी होती थी। एक बार फिल्म निर्माता बलदेव दुबे किसी काम से उसी पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। राजकुमार की दमदार बातचीत, शानदार पर्सनैलिटी और गजब के कॉन्फिडेंस ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने मौके पर ही राजकुमार को फिल्म 'शाही बाजार' का ऑफर दे दिया। एक्टिंग की चाहत तो राजकुमार के मन में भी कहीं दबी थी, इसलिए उन्होंने बिना देर किए पुलिस की नौकरी से इस्तीफा दे दिया और मायानगरी मुंबई की तरफ रुख कर लिया। 'रंगीली' से डेब्यू, शुरुआती फ्लॉप के बाद बनाई अलग पहचान राजकुमार ने साल 1952 में फिल्म 'रंगीली' से अपने करियर की शुरुआत की थी। शुरुआती दौर में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा और उनकी कुछ फिल्में फ्लॉप भी साबित हुईं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी दमदार एक्टिंग के दम पर धीरे-धीरे इंडस्ट्री में मजबूत जगह बना ली। उन्होंने 'मदर इंडिया', 'पाकीजा', 'वक्त', 'हीर रांझा', 'सौदागर' और 'तिरंगा' जैसी कई सदाबहार फिल्मों में काम किया, जिनके डायलॉग्स आज भी लोगों की जुबान पर रहते हैं। अपने पूरे करियर में राजकुमार ने करीब 70 फिल्मों में अभिनय किया। उन्हें 'दिल एक मंदिर' और 'वक्त' जैसी फिल्मों के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड से भी नवाजा गया। गले के कैंसर से जूझते हुए 69 साल की उम्र में निधन राजकुमार अपने अनोखे और बिंदास मिजाज की वजह से इंडस्ट्री में सबको सहमा कर रखते थे। जिंदगी के आखिरी दिनों में वे गले के कैंसर जैसी बेहद दर्दनाक बीमारी से जूझ रहे थे और इस खतरनाक बीमारी का असर उनकी उस बुलंद आवाज पर भी साफ दिखने लगा था। आखिरकार 3 जुलाई 1996 को 69 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। राजकुमार भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी जिंदगी और फिल्मों से जुड़े ऐसे किस्से आज भी फैंस के दिलों में जिंदा हैं। सवाल-जवाब 1. गोविंदा ने राजकुमार को शर्ट क्यों गिफ्ट की थी? राजकुमार ने गोविंदा की चमकीली शर्ट की तारीफ की, जिससे खुश होकर गोविंदा ने वह शर्ट तुरंत उन्हें गिफ्ट कर दी। 2. राजकुमार ने उस महंगी शर्ट का क्या किया? राजकुमार ने उस शर्ट को काटकर अपना पॉकेट रूमाल बना लिया था। 3. यह किस्सा किस फिल्म की शूटिंग के दौरान हुआ था? यह किस्सा फिल्म 'जंगबाज' की शूटिंग के दौरान हुआ था। 4. राजकुमार का असली नाम क्या था? राजकुमार का असली नाम कुलभूषण पंडित था। 5. फिल्मों में आने से पहले राजकुमार क्या काम करते थे? वे मुंबई के माहिम पुलिस स्टेशन में सब-इंस्पेक्टर की नौकरी करते थे। 6. राजकुमार को फिल्मों में मौका किसने और कैसे दिया? फिल्म निर्माता बलदेव दुबे उनकी दमदार पर्सनैलिटी से प्रभावित हुए और उन्हें फिल्म 'शाही बाजार' का ऑफर दे दिया। 7. राजकुमार ने अपने करियर की शुरुआत किस फिल्म से की? उन्होंने साल 1952 में फिल्म 'रंगीली' से अपने करियर की शुरुआत की थी। 8. राजकुमार का निधन कब और कैसे हुआ? गले के कैंसर से जूझते हुए 3 जुलाई 1996 को 69 साल की उम्र में उनका निधन हुआ था। प्रेरणा और सबक राजकुमार का सफर बताता है कि पक्की नौकरी छोड़कर भी अनजान राह पर चलने की हिम्मत बड़ी कामयाबी दिला सकती है। • अपने अंदर की चाहत को पहचानें: पुलिस की स्थायी नौकरी में रहते हुए भी राजकुमार ने एक्टिंग की अपनी छिपी चाहत को नजरअंदाज नहीं किया। • मौका मिलते ही फैसला लें: फिल्म का ऑफर मिलते ही उन्होंने बिना देर किए नौकरी छोड़ दी और नई राह पकड़ ली। • शुरुआती नाकामी से न घबराएं: करियर की शुरुआत में मिली फ्लॉप फिल्मों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। • अपनी असली ताकत पर भरोसा रखें: उनकी दमदार आवाज और बेबाक अंदाज ही आगे चलकर उनकी पहचान बना, जिसे उन्होंने कभी बदलने की कोशिश नहीं की। • निरंतरता का फल मिलता है: लगभग 70 फिल्मों और कई फिल्मफेयर अवॉर्ड तक पहुंचने में उनकी लगातार मेहनत का बड़ा हाथ रहा। https://trendkia.com/bollywood/jaba-rajkumar-ki-eka-taripha-ne-govinda-se-gnva-di-unaki-phevareta-sharta-phira-bana-diya-rumala-4200 TrendKia — Har trend, sabse pehle.