जब एसडी बर्मन ने खय्याम की धुन से सजाया था आराधना का यह सुपरहिट गाना, ओरिजिनल से ज्यादा मिली थी शोहरत फिल्म ‘आराधना’ के मशहूर गाने ‘गुनगुना रहे हैं भौंरे’ की धुन को लेकर एक दिलचस्प किस्सा जुड़ा है, जिसे दिग्गज संगीतकार एसडी बर्मन ने खय्याम के पुराने गाने से प्रेरित होकर तैयार किया था। सिनेमा जगत के इतिहास में फिल्म ‘आराधना’ ने राजेश खन्ना को सुपरस्टार के पायदान पर ला खड़ा किया था। बड़े पर्दे पर शर्मिला टैगोर के साथ उनकी केमिस्ट्री ने रोमांस की परिभाषा ही बदल दी थी। इस फिल्म के सभी सात गानों ने बॉक्स ऑफिस और जनता के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी थी, जिन्हें दिग्गज संगीतकार एसडी बर्मन और उनके बेटे आरडी बर्मन ने मिलकर सजाया था। मगर इस ब्लॉकबस्टर फिल्म का एक लोकप्रिय गाना तैयार करते वक्त एसडी बर्मन एक वक्त पर रचनात्मक रूप से अटक गए थे, जिसे बाद में राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर पर फिल्माया गया था। पुरानी धुन से मिला नया संगीत दरअसल, उस दौरान एसडी बर्मन के जहन में कोई नई और खास धुन नहीं आ रही थी। तब उन्हें साल 1958 में आई फिल्म ‘फिर सुबह होगी’ का एक पुराना गाना याद आया, जिसका संगीत खय्याम ने तैयार किया था। उन्होंने बरसों पहले जब उस धुन को पहली बार सुना था, तभी वे खय्याम की कलाकारी के कायल हो गए थे। उन्होंने गायक मुकेश की आवाज वाले उस पुराने गीत को गुनगुनाना शुरू किया और उसी प्रेरणा से नया गीत ‘गुनगुना रहे हैं भौंरे’ की रचना की। खय्याम की शैली से प्रभावित थे संगीतकार दोनों गानों का शुरुआती पैटर्न काफी हद तक एक जैसा ही है। खुद खय्याम ने अपने एक इंटरव्यू में इस बात का जिक्र किया था कि एसडी बर्मन ने उनके गाए और रचे गए गीत से प्रेरणा लेकर नया गाना बनाया था, जो उनके लिए बेहद गर्व का क्षण था। हम यहां जिस गीत की चर्चा कर रहे हैं, वह ‘आसमान पे है खुदा और जमीन पे हम’ है। इस पुराने गीत को महान गायक मुकेश ने अपनी आवाज से सजाया था और इसे अभिनेता राज कपूर पर फिल्माया गया था। दोनों ही गाने अपने दौर में शानदार साबित हुए, लेकिन ‘गुनगुना रहे हैं भौंरे’ की लोकप्रियता ओरिजिनल गीत से कहीं ज्यादा आगे निकल गई। दिग्गज गायकों ने दी थी आवाज एसडी बर्मन को ‘आसमान पे है खुदा’ गाने का मीटर और रिद्म बेहद पसंद आया था, जिसका इस्तेमाल उन्होंने ‘गुनगुना रहे हैं भौंरे’ के निर्माण में किया। इस नए गीत को मोहम्मद रफी और आशा भोसले की सुरीली जोड़ ने मिलकर गाया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, जब एसडी बर्मन ‘आराधना’ के संगीत पर काम कर रहे थे, तब उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उनके बेटे आरडी बर्मन ने फिल्म के बाकी बचे गानों को पूरा किया। फिल्म का संगीत ऐसा था कि देश के बच्चे-बच्चे की जुबान पर चढ़ गया। बॉक्स ऑफिस पर गाड़े थे सफलता के झंडे गानों की तरह ही इन दोनों फिल्मों ने भी सिनेमाघरों में जबरदस्त कामयाबी हासिल की थी। राजेश खन्ना के करियर में साल 1969 से 1971 के बीच आई 17 सुपरहिट फिल्मों में ‘आराधना’ भी एक अहम नाम थी। यह फिल्म न सिर्फ भारत बल्कि सोवियत संघ में भी ब्लॉकबस्टर साबित हुई और उस वर्ष सबसे ज्यादा कमाई करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। वहीं दूसरी तरफ, राज कपूर और माला सिन्हा की फिल्म ‘फिर सुबह होगी’ भी बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थी, जिसके खूबसूरत बोल जाने-माने गीतकार साहिर लुधियानवी ने लिखे थे। सवाल-जवाब 1. फिल्म 'आराधना' के संगीतकार कौन थे? फिल्म 'आराधना' का संगीत एसडी बर्मन और उनके बेटे आरडी बर्मन ने मिलकर कंपोज किया था। 2. ‘गुनगुना रहे हैं भौंरे’ गाना किस पुरानी धुन से प्रेरित था? यह गाना 1958 की फिल्म ‘फिर सुबह होगी’ के गाने ‘आसमान पे है खुदा और जमीन पे हम’ से प्रेरित था, जिसे खयyyam ने कंपोज किया था। 3. ‘गुनगुना रहे हैं भौंरे’ गीत को किन गायकों ने गाया था? इस लोकप्रिय गीत को मोहम्मद रफी और आशा भोसले ने अपनी आवाज दी थी। 4. फिल्म ‘आराधना’ बॉक्स ऑफिस पर कैसी रही थी? यह फिल्म भारत और सोवियत संघ दोनों जगहों पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई और उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी। https://trendkia.com/bollywood/jaba-sd-burman-ne-khayyam-ki-dhuna-se-sajaya-tha-aradhana-ka-yaha-suparahita-gana-orijinala-se-jyada-mili-thi-shoharata-25834 TrendKia — Har trend, sabse pehle.