जब सिनेमाघर खाली रहे फिर भी ये 7 फिल्में बॉलीवुड की सबसे बड़ी हिट बन गईं गाइड, दीवार, शोले, हीरो, मासूम और बाजीगर जैसी फिल्मों को रिलीज के शुरुआती दिनों में फ्लॉप मान लिया गया था, लेकिन माउथ पब्लिसिटी के दम पर ये सभी बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुईं. बॉलीवुड के इतिहास में कई ऐसी फिल्में रही हैं जिन्हें रिलीज के शुरुआती दिनों में दर्शकों ने नकार दिया और सिनेमाघर मालिकों से लेकर खुद डायरेक्टर-प्रोड्यूसर तक ने मान लिया कि फिल्म पिट गई है. लेकिन कुछ ही दिनों बाद माउथ पब्लिसिटी के दम पर यही फिल्में ऐसा उलटफेर करती हैं कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड टूटने लगते हैं. पिछले करीब 36 सालों में गाइड, शोले, दीवार, हीरो, मासूम, बाजीगर और तुम बिन जैसी सात फिल्मों के साथ यही कहानी दोहराई गई. शुरुआत में सुस्त कलेक्शन के चलते इन्हें फ्लॉप की श्रेणी में डाल दिया गया था, मगर आगे चलकर यही फिल्में हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार और कमाऊ फिल्मों में गिनी जाने लगीं. गाइड (1965): बारिश के लिए अखबार में विज्ञापन बना टर्निंग पॉइंट 2 अप्रैल 1965 को रिलीज हुई देवानंद की फिल्म गाइड इस लिस्ट की सबसे पुरानी मिसाल है. इसका निर्देशन देवानंद के भाई विजय आनंद यानी गोल्डी ने किया था और स्क्रीनप्ले भी उन्हीं की कलम से लिखा गया. फिल्म की कहानी आरके नारायण के नॉवेल गाइड पर आधारित थी, जिस किताब को साहित्य अकादमी पुरस्कार खुद पंडित नेहरू ने दिया था. देवानंद ने यह उपन्यास तब पढ़ा था जब वे अपनी फिल्म हम दोनों के सिलसिले में बर्लिन फिल्म फेस्टिवल गए थे. गोल्डी ने मुंबई के खंडाला के एक होटल में 18 दिन रुककर गाइड की स्क्रिप्ट लिखी और कहानी में कई बदलाव किए. आगे चलकर यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महान फिल्मों में शुमार हुई. रिलीज के 10 दिन बाद तक हालात ऐसे थे कि सब मान चुके थे कि फिल्म फ्लॉप हो गई है. उस दौर में भीषण गर्मी पड़ रही थी और बारिश नहीं हो रही थी, तो देवानंद ने अखबारों में गाइड, प्रे फॉर रेन का विज्ञापन छपवा दिया. इत्तेफाक से बारिश हुई और धीरे-धीरे दर्शकों को फिल्म की कहानी पसंद आने लगी. एक शादीशुदा महिला के लिव-इन रिलेशन को दिखाने वाली यह फिल्म अपने दौर से बहुत आगे की सोच रखती थी, जो उस जमाने में बेहद असामान्य बात मानी जाती थी. यह देवानंद की पहली रंगीन फिल्म भी थी. एसडी बर्मन के संगीत से सजा गाना आज फिर जीने की तमन्ना है, जो चित्तौड़गढ़ के किले में फिल्माया गया था, आज भी उतना ही लोकप्रिय है. महज 85 लाख रुपये के बजट में बनी गाइड ने 1.75 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया, उस साल की पांचवीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी और इसे 7 फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले. दीवार (1975): प्रीमियर में फ्लॉप, फिर 100 हफ्तों तक हाउसफुल गाइड की रिलीज के पूरे 10 साल बाद, 1975 में दो और फिल्मों के साथ बिल्कुल ऐसा ही हुआ, जिन्हें फ्लॉप समझा गया लेकिन आगे चलकर वे हिंदी सिनेमा की 100 मस्ट वॉच फिल्मों में शामिल हो गईं. इनमें से पहली थी दीवार. इसका निर्देशन यश चोपड़ा ने किया था और गुलशन राय इसके प्रोड्यूसर थे, जबकि कहानी सलीम-जावेद की जोड़ी ने लिखी थी. अमिताभ बच्चन, शशि कपूर, नीतू सिंह और परवीन बॉबी इसके लीड कलाकार थे. असल मायनों में अमिताभ बच्चन को स्टारडम इसी फिल्म से मिला और उन्होंने जो लंबी शर्ट पहनी थी, वह आगे चलकर एक फैशन ट्रेंड बन गई. प्रीमियर के वक्त दीवार को फ्लॉप घोषित कर दिया गया था, लेकिन रिलीज के बाद इस फिल्म ने इतिहास रच दिया. यह सिनेमाघरों में लगातार 100 हफ्तों तक चली, 4.25 करोड़ रुपये की कमाई की और 1975 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की लिस्ट में चौथे नंबर पर रही. शोले (1975): जिस गब्बर ने बदली किस्मत, वो रोल पहले किसी और को मिलने वाला था इसी साल आई दूसरी फिल्म शोले का निर्देशन रमेश सिप्पी ने किया था, जबकि कहानी फिर सलीम-जावेद की ही थी. आज यह फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे आइकॉनिक फिल्मों में गिनी जाती है. दिलचस्प बात यह है कि गब्बर के किरदार के लिए पहले डैनी को फाइनल किया गया था, लेकिन वे उस वक्त धर्मात्मा फिल्म की शूटिंग में व्यस्त थे, जिसके चलते यह रोल अमजद खान को मिला और इसी किरदार ने उन्हें हमेशा के लिए अमर पहचान दे दी. 15 अगस्त 1975 को जब शोले रिलीज हुई तो पहले हफ्ते तक थिएटरों में दर्शकों का रिस्पांस बेहद फीका रहा और सबको लगने लगा था कि फिल्म फ्लॉप साबित होगी. मगर सात दिन बाद अचानक हालात पूरी तरह बदल गए और सिनेमाघरों में दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी. महज 3 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड 50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया. हीरो (1983): जैकी श्रॉफ को स्टार बनाने वाली फिल्म शुरुआत में खाली हॉल में चली 1983 में सुभाष घई के निर्देशन में बनी हीरो के साथ भी कमोबेश वैसी ही कहानी दोहराई गई. इस फिल्म से जैकी श्रॉफ और मीनाक्षी शेषाद्रि ने बॉलीवुड में डेब्यू किया था. रिलीज के शुरुआती दिनों में दर्शक थिएटरों तक पहुंचे ही नहीं, लेकिन बाद में माउथ पब्लिसिटी बढ़ने के साथ सिनेमाघरों में भीड़ जुटने लगी. जिस फिल्म को फ्लॉप माना जा रहा था, वही बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई और जैकी श्रॉफ रातों-रात स्टार बन गए. 16 करोड़ रुपये के बजट में बनी हीरो ने वर्ल्डवाइड 46 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन किया. मासूम (1983): गुलजार की कलम और गुरु दत्त के भाई की पहली प्रोडक्शन फिल्म शेखर कपूर के निर्देशन में बनी नसीरुद्दीन शाह और शबाना आजमी की फिल्म मासूम के साथ भी ऐसा ही हुआ. 21 अक्टूबर 1983 को रिलीज हुई इस फिल्म का हिंदी सिनेमा और समाज दोनों पर गहरा असर पड़ा. यह फिल्म एरिक सहगल के 1980 में आए नॉवेल मैन, वुमन एंड चाइल्ड पर आधारित थी और अपने समय से बहुत आगे की सोच रखती थी. इसका स्क्रीनप्ले गुलजार ने लिखा था, जबकि चंदन दत्त और देवी दत्त इसके प्रोड्यूसर थे. चंदन दत्त बॉलीवुड के दिग्गज गुरु दत्त के भाई थे और यह उनके प्रोडक्शन हाउस की पहली फिल्म थी. आरडी बर्मन के संगीत से सजी इस फिल्म का सबसे लोकप्रिय गाना तुझसे नाराज नहीं जिंदगी हैरान हूं था. रिलीज के वक्त फिल्म को दर्शक ही नहीं मिले, लेकिन धीरे-धीरे इसकी पब्लिसिटी बढ़ी और यह हिट साबित हुई. बाजीगर (1993): जिस फिल्म को लेकर डिस्ट्रीब्यूटर तक हो गए थे मायूस शाहरुख खान, काजोल और शिल्पा शेट्टी की फिल्म बाजीगर से जुड़ा किस्सा भी कम दिलचस्प नहीं है. अब्बास-मस्तान के निर्देशन में बनी यह फिल्म 1993 में रिलीज हुई थी और रिलीज से पहले ही इसे महाफ्लॉप करार दे दिया गया था. फिल्म में लीड विलेन का किरदार निभाने वाले एक्टर दिलीप ताहिल ने बाद में खुलासा किया था कि शूटिंग के दौरान प्रोड्यूसर्स तक परेशान हो गए थे, क्योंकि सब यही कह रहे थे कि जब हीरो खुद हीरोइन की हत्या करते हुए दिखाया जाएगा, तो यह फिल्म कभी नहीं चलेगी. डिस्ट्रीब्यूटर्स भी इसे लेकर मायूस थे. लेकिन जिस तरह गाइड, दीवार, शोले, हीरो और मासूम को गलत साबित करते हुए दर्शकों ने अपना प्यार लुटाया था, ठीक वैसा ही बाजीगर के साथ भी हुआ और यह फिल्म भी आगे चलकर बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर के तौर पर दर्ज हुई. इसका आप पर असर अगर आप बॉलीवुड की क्लासिक फिल्में देखना पसंद करते हैं तो यह जानकारी आपके लिए दिलचस्प है. • फिल्म प्रेमियों के लिए: गाइड, शोले, दीवार, हीरो, मासूम और बाजीगर जैसी फिल्में आज भी OTT और टीवी पर देखी जा सकती हैं, इनकी असली कहानी जानने के बाद इन्हें दोबारा देखने का मजा और बढ़ सकता है. सवाल-जवाब 1. गाइड फिल्म कब रिलीज हुई थी और इसे किसने डायरेक्ट किया था? गाइड 2 अप्रैल 1965 को रिलीज हुई थी और इसका निर्देशन देवानंद के भाई विजय आनंद उर्फ गोल्डी ने किया था. 2. गाइड फिल्म का बजट और कलेक्शन कितना था? गाइड 85 लाख रुपये के बजट में बनी थी और इसने 1.75 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था. 3. दीवार फिल्म सिनेमाघरों में कितने हफ्तों तक चली? दीवार सिनेमाघरों में लगातार 100 हफ्तों तक चली और इसने 4.25 करोड़ रुपये की कमाई की थी. 4. शोले में गब्बर का रोल शुरुआत में किसे मिलने वाला था? गब्बर के किरदार के लिए पहले डैनी को फाइनल किया गया था, लेकिन वे धर्मात्मा की शूटिंग में व्यस्त होने के कारण यह रोल अमजद खान को मिल गया. 5. हीरो फिल्म से बॉलीवुड में किन कलाकारों ने डेब्यू किया था? 1983 में आई हीरो फिल्म से जैकी श्रॉफ और मीनाक्षी शेषाद्रि ने बॉलीवुड में डेब्यू किया था. 6. मासूम फिल्म किस नॉवेल पर आधारित थी? मासूम फिल्म एरिक सहगल के 1980 में आए नॉवेल मैन, वुमन एंड चाइल्ड पर आधारित थी. 7. बाजीगर को रिलीज से पहले फ्लॉप क्यों माना जा रहा था? फिल्म में हीरो को हीरोइन की हत्या करते दिखाया गया था, जिसके चलते शूटिंग के दौरान ही प्रोड्यूसर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स को लगने लगा था कि यह फिल्म नहीं चलेगी. 8. शोले का बजट और वर्ल्डवाइड कलेक्शन कितना था? शोले महज 3 करोड़ रुपये के बजट में बनी थी और इसने वर्ल्डवाइड 50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. https://trendkia.com/bollywood/jaba-sinemaghara-khali-rahe-phira-bhi-ye-7-philmen-bollywood-ki-sabase-bari-hita-bana-gain-4120 TrendKia — Har trend, sabse pehle.