# जमाना दीवाना रिव्यू (1995): शाहरुख-रवीना की फ्लॉप फिल्म का यह दर्दभरा गाना आज भी है लोगों की पसंद

> साल 1995 में आई रमेश सिप्पी की फिल्म 'जमाना दीवाना' बॉक्स ऑफिस पर असफल रही थी, लेकिन इसके गाने आज भी याद किए जाते हैं।

**Type:** article · **Category:** बॉलीवुड · **Published:** 2026-08-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bollywood/jamana-divana-rivyu-1995-shaharukha-ravina-ki-phlopa-philma-ka-yaha-dardabhara-gana-aja-bhi-hai-logon-ki-pasnda-24497 · **Language:** Hindi
**Tags:** बॉलीवुड, 90 के दशक के गाने, शाहरुख खान, रवीना टंडन, नदीम श्रवण

सिनेमा प्रेमियों के बीच नब्बे के दशक के रोमांटिक गानों का एक अलग ही दौर था, जब संगीत निर्देशकों की जोड़ी नदीम-श्रवण अपनी धुनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देती थी। साल 1995 में रिलीज हुई रमेश सिप्पी निर्देशित फिल्म 'जमाना दीवाना' पर्दे पर बड़ी व्यावसायिक सफलता हासिल नहीं कर पाई थी। हालांकि इस मूवी का एक खास ट्रैक 'अब है नींद किसे अब है चैन कहां' आज भी प्रेमियों के बीच अपने दर्दभरे बोल और बेहतरीन संगीत के लिए खासे तौर पर याद किया जाता है।

## फिल्म की स्टारकास्ट और बॉक्स ऑफिस का हाल
इस ड्रामा फिल्म के मुख्य कलाकारों में शाहरुख खान और रवीना टंडन की जोड़ी को पर्दे पर उतारा गया था। इनके अलावा अभिनय की दुनिया के दिग्गज कलाकार जैसे अनुपम खेर, शत्रुघ्न सिन्हा, प्रेम चोपड़ा और टीनू आनंद भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बने थे। यह मूवी 22 जुलाई 1995 को सिनेमाघरों में उतारी गई थी, लेकिन यह दर्शकों को थिएटर्स तक लाने में असफल रही। आंकड़ों के अनुसार इस रोमांटिक ड्रामा ने भारत के भीतर 4.67 करोड़ रुपये का कारोबार किया था, जबकि वैश्विक स्तर पर इसकी कुल कमाई 6.98 करोड़ रुपये तक ही पहुंच पाई थी।

## दोस्ती की दुश्मनी और बच्चों की प्रेम कहानी
इस पूरी पटकथा के केंद्र में दो पुराने दोस्तों शत्रुघ्न सिन्हा यानी सूरज प्रताप सिंह और जितेंद्र यानी मदनलाल मल्होत्रा की कहानी चलती है, जो कभी गहरे मित्र हुआ करते थे। टीनू आनंद द्वारा निभाए गए किरदार सुंदर की चालबाजियों और साजिशों के कारण इन दोनों की दोस्ती में दरार आ गई और वे एक-दूसरे के जानी दुश्मन बन गए। असली रोमांच तब शुरू होता है जब इन दोनों दुश्मनों के युवा बच्चे राहुल और प्रिया आपस में इश्क कर बैठते हैं, जिसे शाहरुख खान और रवीना टंडन ने पर्दे पर जिया है।

## संगीत और गानों की लोकप्रियता
भले ही यह सिनेमाई प्रस्तुति दर्शकों को टिकट खिड़की पर आकर्षित करने में कामयाब नहीं रही, लेकिन इसका साउंडट्रैक अपने दौर में काफी लोकप्रिय साबित हुआ। इस सदाबहार गाने को गीतकार समीर ने अपने शब्दों से पिरोया था, जिसे कुमार सानू और अलका याग्निक ने अपनी आवाज दी थी। वीडियो क्लिप में मुख्य कलाकारों की तड़प और उनकी सिहरन भरी केमिस्ट्री साफ झलकती है, जो आज भी दर्शकों के दिलों को झकझोर देती है। नदीम-श्रवण की जोड़ी ने इस एल्बम को अपनी बेहतरीन धुनों से सजाया था जो आज भी लोगों की जुबान पर रहता है।

## इसका आप पर असर
इस पुरानी फिल्म और इसके गानों से जुड़ी जानकारी पाठकों को नब्बे के दशक के भारतीय सिनेमा के इतिहास और उस दौर के संगीत की याद दिलाती है।

- **संगीत प्रेमियों के लिए:** यह जानकारी उन श्रोताओं को पुराने संगीत की जड़ों से जोड़ती है जो आज भी नब्बे के दशक के दर्दभरे गीतों को सुनना पसंद करते हैं।
- यह पाठकों को उस दौर के संगीतकारों और गायकों के योगदान को याद करने का अवसर देती है।

- **फिल्म दर्शकों के लिए:** यह उन लोगों के लिए एक सिनेमाई इतिहास है जो पुरानी और फ्लॉप रही फिल्मों के बॉक्स ऑफिस आंकड़ों और कहानियों में रुचि रखते हैं।
- यह दर्शकों को यह समझने में मदद करती है कि कैसे कई बार खराब प्रदर्शन करने वाली फिल्मों के गाने सुपरहिट साबित हो जाते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. फिल्म जमाना दीवाना कब रिलीज हुई थी?
यह फिल्म 22 जुलाई 1995 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।

### 2. फिल्म जमाना दीवाना का निर्देशन किसने किया था?
इस फिल्म का निर्देशन रमेश सिप्पी ने किया था।

### 3. क्या जमाना दीवाना देखने लायक है?
यह फिल्म अपनी रोमांटिक और पुरानी कहानी के साथ-साथ नदीम-श्रवण के बेहतरीन संगीत और गानों के लिए देखी जा सकती है।

### 4. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कुल कितना बिजनेस किया था?
इस फिल्म ने भारत में 4.67 करोड़ रुपये और वर्ल्डवाइड कुल 6.98 करोड़ रुपये का कारोबार किया था।

### 5. इस फिल्म के लोकप्रिय गाने को किन कलाकारों ने अपनी आवाज दी थी?
इस दर्दभरे गाने को कुमार सानू और अलका याग्निक ने अपनी सुरीली आवाज से सजाया था।

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