# कभी कभी मेरे दिल में कैसे बना ब्लॉकबस्टर नग्मा, 1950 की पुरानी धुन पर 1976 में क्यों भेजा गया कानूनी नोटिस

> साल 1976 की फिल्म कभी कभी का क्लासिक गाना असल में 1950 में चेतन आनंद की फिल्म काफिर के लिए बना था। गाना हिट होने पर खय्याम और साहिर लुधियानवी को लीगल नोटिस भेजा गया था।

**Type:** article · **Category:** बॉलीवुड · **Published:** 2026-07-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bollywood/kabhi-kabhie-mere-dila-men-kaise-bana-blokabastara-nagma-1950-ki-purani-dhuna-para-1976-men-kyon-bheja-gaya-kanuni-notisa-11944 · **Language:** Hindi
**Tags:** कभी कभी मेरे दिल में, साहिर लुधियानवी, संगीतकार खय्याम, चेतन आनंद, लता मंगेशकर, मुकेश, बॉलीवुड क्लासिक

बॉलीवुड का सबसे लोकप्रिय रोमांटिक नग्मा **कभी कभी मेरे दिल में** भारतीय सिनेमा के इतिहास का एक बेहद दिलचस्प अध्याय है। साल 1976 में रिलीज हुई फिल्म _कभी कभी_ से हर दिल अजीज बने इस गाने की धुन असल में फिल्म के पर्दे पर आने से 26 साल पहले ही तैयार कर ली गई थी। एक मशहूर नज्म से शुरू होकर सुपरहिट गाना बनने तक का यह सफर आगे चलकर एक बड़े कानूनी विवाद का कारण भी बना था।

## 1950 में तैयार हुई थी नग्मे की धुन
इस गाने की कहानी साल 1950 से शुरू होती है, जब मशहूर गीतकार साहिर लुधियानवी ने अपनी प्रसिद्ध किताब _तलखियां_ में इसे एक नज्म के रूप में शामिल किया था। उसी दौर में जाने-माने संगीत निर्देशक खय्याम ने फिल्म निर्माता चेतन आनंद की फिल्म _काफिर_ के लिए इस नज्म को एक धुन में पिरोया था। साल 1950 के उस शुरुआती वर्जन में इस गाने को मशहूर पार्श्व गायिका गीता दत्त और सुधा मल्होत्रा ने अपनी आवाज दी थी।

## मुकेश और लता मंगेशकर की आवाज में मिला नया जीवन
भले ही वह पुरानी फिल्म _काफिर_ आगे नहीं बढ़ सकी, लेकिन खय्याम के पास वह धुन सुरक्षित रही। करीब ढाई दशक बाद जब 1976 में फिल्म _कभी कभी_ का निर्माण शुरू हुआ, तब इस खूबसूरत धुन का दोबारा इस्तेमाल किया गया। मुकेश और लता मंगेशकर की सुरीली आवाज में रिकॉर्ड हुआ यह गाना रिलीज होते ही पूरे देश में छा गया और भारतीय संगीत जगत का एक शाहकार नग्मा बन गया।

## कॉपीराइट विवाद और कोर्ट के बाहर समझौता
साल 1976 में जब यह गाना संगीत प्रेमियों के बीच जबरदस्त हिट साबित हुआ, तब निर्देशक चेतन आनंद ने अपनी 1950 की फिल्म के लिए बनी धुन के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई। चेतन आनंद ने कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाते हुए गीतकार साहिर लुधियानवी और संगीतकार खय्याम को लीगल नोटिस भेज दिया। हालांकि, यह कानूनी मामला अदालती कार्रवाई में लंबा नहीं खिंचा और दोनों पक्षों के बीच कोर्ट के बाहर ही सहमति से मामला सुलझा लिया गया।

## इसका आप पर असर
**संगीत प्रेमियों और कलाकारों के लिए:**

- **गानों के इतिहास की समझ:** यह मामला दर्शाता है कि हिंदी सिनेमा के कई लोकप्रिय क्लासिक नग्मों के पीछे दशकों पुराना इतिहास छिपा हुआ है।
- **कॉपीराइट और बौद्धिक संपदा:** संगीत उद्योग में पुरानी धुनों और रचनाओं के व्यावसायिक उपयोग पर अधिकार से जुड़े नियमों के महत्व को रेखांकित करता है।

## सवाल-जवाब

### 1. 'कभी कभी मेरे दिल में' गाना किस फिल्म का है?
यह गाना साल 1976 में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'कभी कभी' का मशहूर रोमांटिक नग्मा है।

### 2. इस गाने की धुन सबसे पहले कब तैयार की गई थी?
संगीत निर्देशक खय्याम ने इस गाने की धुन सबसे पहले साल 1950 में चेतन आनंद की फिल्म 'काफिर' के लिए बनाई थी।

### 3. 1976 की फिल्म में इसे किन गायकों ने गाया था?
साल 1976 में आए इस सुपरहिट गाने को मुकेश और लता मंगेशकर ने मिलकर गाया था।

### 4. चेतन आनंद ने साहिर लुधियानवी और खय्याम को लीगल नोटिस क्यों भेजा था?
चेतन आनंद ने अपनी 1950 की फिल्म के लिए बनी धुन के इस्तेमाल पर कॉपीराइट उल्लंघन का दावा करते हुए लीगल नोटिस भेजा था, जिसे बाद में कोर्ट के बाहर सुलझा लिया गया।

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