करण जौहर ने याद किए 'कभी अलविदा ना कहना' के 20 साल, थिएटर में छिपकर देखने पर जनता ने दिखाई थी नफरत फिल्म 'कभी अलविदा ना कहना' के 20 साल पूरे होने पर करण जौहर ने सिनेमाघरों से जुड़ा एक दिलचस्प और हैरान करने वाला किस्सा शेयर किया है। फिल्ममेकर करण जौहर की चर्चित फिल्म ‘कभी अलविदा ना कहना’ को रिलीज हुए दो दशक पूरे हो चुके हैं। इस खास अवसर पर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट लिखकर फिल्म से जुड़ी कई अनकही बातें और पुरानी यादें साझा की हैं। इस रोमांटिक ड्रामा फिल्म में मुख्य रूप से शादी, प्यार, बेवफाई और मानवीय रिश्तों के बीच पैदा होने वाली पेचीदगियों को बेहद संवेदनशीलता के साथ पर्दे पर उतारा गया था। करण जौहर ने खुद इस बात को स्वीकार किया है कि उनकी इस फिल्म में कुछ खामियां थीं और इसके कुछ गाने ऐसे थे, जिन्हें कहानी में शामिल करने की कोई खास आवश्यकता नहीं थी। जब सिनेमाघर में मची खलबली दो दशक पहले जब यह फिल्म सिनेमाघरों में उतरी थी, तब इसे दर्शकों और फिल्म समीक्षकों की तरफ से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी। समाज के एक वर्ग ने जहां इसे एक बेहतरीन और साहसिक काम बताया, वहीं दूसरे वर्ग ने इसे रूढ़िवादी परंपराओं के खिलाफ बताते हुए ‘एंटी-संस्कारी’ करार दिया था। इस मल्टीस्टारर फिल्म में शाहरुख खान, रानी मुखर्जी, अभिषेक बच्चन, प्रीति जिंटा और अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गज कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म की रिलीज के दो दशक पूरे होने के मौके पर करण जौहर ने इसके पर्दे के पीछे के तमाम किस्से दुनिया के सामने रखे हैं। पेड प्रीव्यू के दौरान दर्शकों के बीच छिपे थे निर्देशक करण जौहर ने अपने पोस्ट में खुलासा किया कि ‘कभी अलविदा ना कहना’ की आधिकारिक रिलीज से ठीक एक रात पहले एक सिनेमाघर में पेड प्रीव्यू का आयोजन किया गया था। वह किसी को बिना बताए चुपचाप आम दर्शकों के बीच हॉल की एक सीट पर जाकर बैठ गए ताकि वे खुद लोगों की प्रतिक्रिया देख सकें। उन्होंने बताया कि वह हॉल में एक अधेड़ उम्र के कपल के ठीक पीछे बैठे हुए थे। वे दोनों पारंपरिक लिबास में थे और किसी बात को लेकर पहले से ही थोड़े चिंतेत या नाराज दिखाई दे रहे थे। जब लिफ्ट वाले सीन पर भड़क गए दर्शक फिल्म के दौरान एक ऐसा दौर आया जब देव और माया होटल की लिफ्ट में जाते हैं और अपनी भावनाओं के आगे मजबूर होकर एक-दूसरे के करीब आ जाते हैं। इस दृश्य को देखकर वह महिला तुरंत हैरान होकर अपने पति की तरफ देखती है और उसके हाथ से पॉपकॉर्न का डिब्बा नीचे गिर जाता है। करण के अनुसार, पति ने अपनी पत्नी को समझाने के लिए गुजराती में कहा कि यह कोई सपना यानी ड्रीम सीक्वेंस होगा। लेकिन जब उन्हें यह अहसास हुआ कि यह कोई कल्पना नहीं बल्कि हकीकत है, तो पति गुस्से से अपनी पत्नी को घूरने लगा और दोनों फिल्म बीच में ही छोड़कर सिनेमाघर से बाहर निकल गए। करण ने बताया कि इस घटना को देखकर उनका दिल बैठ गया था और उन्हें बहुत बुरा लगा था। तलाक के बाद बेटी को फिल्म दिखाने आई थी महिला सिनेमाघर के अंदर का यह कड़वा अनुभव झेलने के बाद जब करण जौहर बाहर आए, तो उनका सामना एक महिला और उसकी फफक-फफक कर रो रही बेटी से हुआ। निर्देशक को पहले लगा कि शायद वे दोनों फिल्म के किसी इमोशनल सीन से भावुक हो गई हैं, लेकिन माजरा बिल्कुल अलग था। उस महिला ने तुरंत करण जौहर को पहचान लिया और सीधा सवाल किया कि क्या वही करण जौहर हैं। करण के हां कहने पर महिला अपना गुस्सा रोक नहीं पाई। उस महिला ने तंज कसते हुए कहा कि वह अपनी बेटी को सिनेमाघर में कोई हल्की-फुल्की, खुशहाल फिल्म दिखाने लाई थी जिसमें गाने, नाच-गाना और पारंपरिक पारिवारिक मूल्य देखने को मिलते। उसे उम्मीद थी कि करण जौहर की फिल्म परिवार के साथ देखने लायक होगी। लेकिन विडंबना यह थी कि उसी दिन उस लड़की का तलाक हुआ था और ऐसे नाजुक वक्त में फिल्म ने उनके घावों पर मरहम लगाने के बजाय रिश्तों के टूटने की एक ऐसी कहानी परोस दी, जिसने उन्हें अंदर से झकझोर कर रख दिया। सवाल-जवाब 1. कभी अलविदा ना कहना को रिलीज हुए कितने साल पूरे हो गए हैं? इस फिल्म को रिलीज हुए 20 साल पूरे हो गए हैं। 2. करण जौहर ने फिल्म के पेड प्रीव्यू के दौरान क्या किया था? करण जौहर चुपचाप आम दर्शकों के बीच छिपकर फिल्म देखने सिनेमाघर गए थे। 3. फिल्म में कौन-कौन से मुख्य कलाकार नजर आए थे? फिल्म में शाहरुख खान, रानी मुखर्जी, अभिषेक बच्चन, प्रीति जिंटा और अमिताभ बच्चन ने अभिनय किया था। 4. सिनेमाघर में दर्शक क्यों भड़क गए थे? लिफ्ट वाले सीन को देखकर एक कपल नाराज हो गया और फिल्म बीच में ही छोड़कर बाहर चला गया। https://trendkia.com/bollywood/karan-johar-recalls-20-years-of-kabhi-alvida-na-kehna-shares-how-viewers-walked-out-in-anger-15802 TrendKia — Har trend, sabse pehle.