# केबीसी 18 में राजकुमार राव ने याद किए पुराने दिन, अमिताभ बच्चन ने की शाहरुख खान के हौसले की सराहना

> कौन बनेगा करोड़पति 18 के मंच पर राजकुमार राव ने शाहरुख खान के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया, जिस पर अमिताभ बच्चन ने किंग खान के कभी न झुकने वाले जज्बे की खुलकर तारीफ की।

**Type:** article · **Category:** बॉलीवुड · **Published:** 2026-09-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bollywood/kbc-18-men-rajkummar-rao-ne-yada-kie-purane-dina-amitabh-bachchan-ne-ki-shah-rukh-khan-ke-hausale-ki-sarahana-38644 · **Language:** Hindi
**Tags:** राजकुमार राव, अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, केबीसी 18, प्रहार, उज्ज्वल निकम, सौरव गांगुली बायोपिक

टेलीविजन के लोकप्रिय क्विज शो 'कौन बनेगा करोड़पति 18' के विशेष एपिसोड में अभिनेता राजकुमार राव ने शिरकत की। शो के होस्ट अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने सुपरस्टार शाहरुख खान के प्रति अपने लंबे समय से चले आ रहे जुड़ाव और सम्मान पर विस्तार से चर्चा की। जब अमिताभ बच्चन ने दिल्ली और शाहरुख खान से जुड़े संदर्भ पर सवाल उठाया, तो राजकुमार राव ने बताया कि दिल्ली से आने वाले कलाकारों के लिए शाहरुख खान का पूरा जीवन सफर कितना गहरा प्रभाव छोड़ता है। उन्होंने शुरुआती दिनों का एक संस्मरण साझा करते हुए बताया कि मुंबई पहुंचने पर वह शाहरुख खान के आवास 'मन्नत' के बाहर घंटों खड़े रहकर सिर्फ एक झलक पाने की प्रतीक्षा किया करते थे। इस पर अमिताभ बच्चन ने भी शाहरुख खान के साथ अपने काम के अनुभव साझा करते हुए उनके अटूट हौसले की प्रशंसा की।

## दिल्ली से सुपरस्टार बनने की प्रेरणा और मन्नत के बाहर बिताए घंटे
राजकुमार राव ने बातचीत में अपने शुरुआती दौर को याद करते हुए कहा कि अभिनय के क्षेत्र में करियर बनाने का निर्णय उन्होंने बहुत कम उम्र में ही ले लिया था। अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि उनकी मां के कमरे में अमिताभ बच्चन का पोस्टर हमेशा लगा रहता था, क्योंकि वह हमेशा से शीर्ष स्थान पर रहे हैं और पूरी पीढ़ी ने उनसे अभिनय की प्रेरणा हासिल की है। इसके साथ ही उन्होंने विशेष तौर पर रेखांकित किया कि शाहरुख खान के सफर ने उन्हें मानसिक तौर पर सबसे ज्यादा प्रेरित किया। दिल्ली के एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार से निकलकर पहले थिएटर करना, उसके बाद टेलीविजन धारावाहिकों में काम तलाशना और अंततः दुनिया के सबसे बड़े सुपरस्टार के मुकाम तक पहुंचना किसी भी नए कलाकार के लिए एक मिसाल है।

राजकुमार राव ने अपने पहले मुंबई दौरे का किस्सा बताते हुए कहा कि वह एक शो के सिलसिले में पहली बार मायानगरी आए थे। उस ऑडिशन में उनका चयन नहीं हो सका था, लेकिन निराशा के उस दौर में भी वह शाहरुख खान के बंगले मन्नत के बाहर घंटों खड़े रहे थे ताकि अपने आदर्श कलाकार के करीब होने का अहसास पा सकें।

## मुश्किलों में कभी हार नहीं मानने का शाहरुख खान का जज्बा
राजकुमार राव के विचारों को सुनकर अमिताभ बच्चन ने भी शाहरुख खान के व्यक्तित्व और पेशेवर दृष्टिकोण पर खुलकर बात की। दोनों दिग्गज अभिनेताओं ने 'कभी खुशी कभी गम' और 'मोहब्बतें' जैसी कई बड़ी फिल्मों में एक साथ स्क्रीन साझा की है। साथ काम करने के अपने व्यक्तिगत अनुभवों को सामने रखते हुए अमिताभ बच्चन ने स्पष्ट किया कि शाहरुख खान किसी भी विषम परिस्थिति में कभी हार नहीं मानते हैं।

अमिताभ बच्चन ने शाहरुख खान की बातचीत करने की अनोखी कला का उल्लेख करते हुए बताया कि सामने चाहे जितनी भी गंभीर चुनौती खड़ी हो, वह सिर्फ संवाद के दम पर दूसरे इंसान का आत्मविश्वास और हौसला इतना बढ़ा देते हैं कि आधी उलझन वहीं खत्म महसूस होने लगती है। उनके अनुसार, विपरीत परिस्थितियों में सकारात्मक बने रहना शाहरुख खान की सबसे बड़ी ताकत रही है।

## फिल्म 'प्रहार' के प्रचार के लिए पहुंचे और दिखा खास बदलाव
राजकुमार राव इस शो के मंच पर अपनी आगामी फीचर फिल्म 'प्रहार' के प्रचार के सिलसिले में पहुंचे थे। यह सिनेमाई प्रोजेक्ट देश के विख्यात वकील उज्ज्वल निकम के जीवन और कानूनी संघर्षों पर केंद्रित है। इस फिल्म में राजकुमार राव मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, जबकि उनके साथ वामिका गब्बी, जयदीप अहलावत और सिकंदर खेर भी प्रमुख किरदारों में नजर आने वाले हैं।

इस भूमिका को प्रामाणिक बनाने के लिए राजकुमार राव ने जो शारीरिक और रूप-रंग संबंधी बदलाव किए हैं, उसकी वर्तमान में सबसे ज्यादा चर्चा देखने को मिल रही है। उज्ज्वल निकम के व्यक्तित्व में पूरी तरह ढलने के मकसद से उन्होंने लगभग 9 से 10 किलो तक अपना शारीरिक वजन बढ़ाया है। इसके अतिरिक्त स्क्रीन पर वास्तविक दिखने के लिए उन्होंने हल्की दाढ़ी रखी है, विशेष चश्मा पहना है और मराठी भाषा के उच्चारण तथा संवाद अदायगी पर महीनों कड़ा अभ्यास किया है।

## सौरव गांगुली की बायोपिक को लेकर भी चल रही तैयारी
फिल्म 'प्रहार' के अलावा राजकुमार राव भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के जीवन पर बनने जा रही आधिकारिक बायोपिक में भी मुख्य भूमिका निभाने वाले हैं। इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट का शीर्षक 'दादा- द सौरव गांगुली स्टोरी' तय किया गया है। खेल जगत और सिनेमा प्रेमियों के बीच चर्चित यह फिल्म 14 मई 2027 को बड़े पर्दे पर रिलीज होने वाली है।

## इसका आप पर असर
फिल्म और मनोरंजन जगत के प्रशंसकों के लिए यह खबर आगामी सिनेमाई रिलीज और प्रमुख कलाकारों की नई भूमिकाओं से जुड़ी जरूरी जानकारी देती है।

- **सिनेमा प्रेमियों के लिए:** राजकुमार राव की नई फिल्म 'प्रहार' वकील उज्ज्वल निकम के जीवन पर आधारित है। इस फिल्म में वामिका गब्बी, जयदीप अहलावत और सिकंदर खेर के साथ उनका गंभीर रूपांतरण देखने को मिलेगा।
- **खेल और बायोपिक के दर्शकों के लिए:** सौरव गांगुली के जीवन पर बन रही फिल्म 'दादा- द सौरव गांगुली स्टोरी' का इंतजार कर रहे दर्शक अब अपनी डायरी में तारीख दर्ज कर सकते हैं। यह फिल्म 14 मई 2027 को सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी।
- **टेलीविजन दर्शकों के लिए:** 'कौन बनेगा करोड़पति 18' के इस एपिसोड में दिग्गज कलाकारों के अनछुए संस्मरण देखने को मिलेंगे। दर्शक जान सकेंगे कि बड़े सितारे अपने शुरुआती संघर्षों और साथी कलाकारों के बारे में क्या राय रखते हैं।
- **कला क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए:** यह प्रसंग दिखाता है कि बड़े किरदारों में प्रामाणिकता लाने के लिए अभिनेता कैसे अपनी शारीरिक बनावट और भाषा पर महीनों मेहनत करते हैं। अभिनय के इच्छुक युवाओं को इससे कार्यशैली और समर्पण समझने में मदद मिलती है।

## ऐसा क्यों हुआ
राजकुमार राव अपनी नई फिल्म 'प्रहार' के प्रचार के लिए 'कौन बनेगा करोड़पति 18' के मंच पर पहुंचे थे, जहां पुरानी यादों और प्रेरणास्रोतों का जिक्र छिड़ गया।

- **प्रचार अभियान की शुरुआत:** अभिनेता अपनी आगामी कानूनी बायोपिक 'प्रहार' का प्रचार करने टीवी मंच पर आए थे। इस दौरान मेजबान अमिताभ बच्चन ने दोनों के साझा संदर्भों पर अनौपचारिक बातचीत शुरू की।
- **दिल्ली और मध्यमवर्गीय पृष्ठभूमि का साझा जुड़ाव:** राजकुमार राव और शाहरुख खान दोनों ही दिल्ली के मध्यमवर्गीय परिवारों से निकलकर बॉलीवुड पहुंचे हैं। इसी पृष्ठभूमि के कारण अमिताभ बच्चन ने राव से शाहरुख खान के प्रभाव को लेकर सवाल पूछा।
- **साथ काम करने का साझा अनुभव:** अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान ने कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में सह-कलाकार के रूप में काम किया है। इस नाते बच्चन ने शाहरुख के साथ अपने काम के व्यावहारिक अनुभव और उनके संकट प्रबंधन कौशल को दर्शकों के सामने साझा किया।

## सवाल-जवाब

### 1. राजकुमार राव कौन बनेगा करोड़पति 18 के मंच पर क्यों आए थे?
राजकुमार राव अपनी आगामी फिल्म 'प्रहार' के प्रचार के सिलसिले में कौन बनेगा करोड़पति 18 के विशेष एपिसोड में पहुंचे थे।

### 2. शाहरुख खान के बारे में अमिताभ बच्चन ने क्या अनुभव साझा किया?
अमिताभ बच्चन ने बताया कि शाहरुख खान किसी भी स्थिति में कभी हार नहीं मानते और बातचीत के जरिए सामने वाले का हौसला बढ़ाकर समस्याओं को आसान बना देते हैं।

### 3. मुंबई के शुरुआती दिनों को लेकर राजकुमार राव ने क्या किस्सा सुनाया?
राजकुमार राव ने बताया कि जब वह पहली बार एक शो के लिए मुंबई आए थे और उनका चयन नहीं हुआ था, तब वह शाहरुख खान के बंगले मन्नत के बाहर घंटों खड़े रहते थे।

### 4. फिल्म 'प्रहार' किस शख्सियत के जीवन पर आधारित है?
फिल्म 'प्रहार' देश के जाने-माने वकील उज्ज्वल निकम के जीवन और उनके कानूनी सफर पर आधारित है।

### 5. फिल्म 'प्रहार' में राजकुमार राव के अलावा कौन से अन्य कलाकार नजर आएंगे?
इस फिल्म में राजकुमार राव के साथ वामिका गब्बी, जयदीप अहलावत और सिकंदर खेर अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

### 6. उज्ज्वल निकम का किरदार निभाने के लिए राजकुमार राव ने क्या तैयारी की है?
इस भूमिका के लिए उन्होंने करीब 9 से 10 किलो वजन बढ़ाया है, हल्की दाढ़ी व चश्मा अपनाया है और मराठी भाषा के उच्चारण पर विशेष अभ्यास किया है।

### 7. सौरव गांगुली की बायोपिक का नाम क्या है और यह कब रिलीज होगी?
सौरव गांगुली के जीवन पर बन रही फिल्म का नाम 'दादा- द सौरव गांगुली स्टोरी' है और यह 14 मई 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

## प्रेरणा और सबक
साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर शीर्ष स्तर पर पहचान बनाने वाले कलाकारों का यह संवाद नए रचनाकारों के लिए प्रेरणादायक सबक पेश करता है।

- **धैर्य और निष्ठा बनाए रखना:** शुरुआती दौर में असफल ऑडिशन के बावजूद राजकुमार राव ने अपनी आस्था नहीं खोई और मन्नत के बाहर खड़े होकर प्रेरणा लेते रहे। लगातार प्रयास करते रहने से अंततः नए अवसर खुलते हैं।
- **कठिन हालात में सकारात्मक संवाद:** अमिताभ बच्चन के अनुसार शाहरुख खान संकट के क्षणों में कभी घबराते नहीं और बातचीत से आत्मविश्वास लौटाते हैं। संवाद और धैर्य से सबसे विकट समस्याओं का हल ढूंढा जा सकता है।
- **किरदार के प्रति संपूर्ण समर्पण:** एक वकील की भूमिका निभाने के लिए 9 से 10 किलो वजन बढ़ाने और भाषा सीखने जैसी मेहनत यह सिखाती है कि अपने काम में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए अतिरिक्त परिश्रम जरूरी है।

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