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  "type": "article",
  "title": "कोलकाता के पंडालों से बॉलीवुड तक, अमित कुमार ने पिता किशोर कुमार को हराकर जीता था बड़ा अवॉर्ड",
  "summary": "गायक अमित कुमार के जन्मदिन पर जानिए वो दिलचस्प किस्सा, जब उन्होंने 1982 के फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में अपने पिता किशोर कुमार को हराकर बेस्ट प्लेबैक सिंगर का खिताब जीता था और कैसे उन्होंने कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडालों से बॉलीवुड तक का सफर तय किया.",
  "content": "3 जुलाई को गायक अमित कुमार का जन्मदिन है और इस मौके पर उनकी जिंदगी से जुड़ा एक दिलचस्प और भावुक किस्सा याद किया जा रहा है, जो साल 1975 का है. उस वक्त बॉम्बे के एक छोटे से म्यूजिक रूम में 23 साल का एक लड़का बुरी तरह घबराया हुआ खड़ा था. उसके सामने संगीत के जादूगर आरडी बर्मन यानी पंचम दा बैठे थे और उनके साथ मन्ना डे और किशोर कुमार जैसे दिग्गज कलाकार मौजूद थे. पंचम दा ने उस लड़के से गाना सुनाने को कहा और उसने बेहद संकोच के साथ, कांपती आवाज में एक गाना गाया. यह लड़का कोई और नहीं बल्कि खुद किशोर कुमार के बड़े बेटे अमित कुमार थे, जो आगे चलकर अपने पिता की तरह ही बेहतरीन गायक साबित हुए.\n\nकोलकाता के दुर्गा पूजा पंडालों से शुरू हुआ सफर\nअमित कुमार का जन्म 3 जुलाई 1952 को कोलकाता में हुआ था. उन्हें संगीत और कला विरासत में मिली थी, क्योंकि उनकी मां रूमा गुहा ठाकुरता एक जानी-मानी बंगाली अभिनेत्री थीं. अमित कुमार का बचपन कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडालों में गाते हुए बीता, जहां महान बंगाली अभिनेता उत्तम कुमार ने भी उनकी गायकी की तारीफ की थी. एक बार जब मां रूमा गुहा ठाकुरता ने शिकायत की कि लड़का सिर्फ फिल्मी गाने ही गाता है, तो पिता किशोर कुमार उन्हें अपने साथ बॉम्बे ले आए. यहीं से अमित कुमार की किस्मत का नया अध्याय शुरू हुआ.\n\nजब पंचम दा के सामने कांप गई थी आवाज\nबॉम्बे आने के बाद अमित कुमार को दिग्गजों के बीच रहने और सीखने का मौका मिला. वही 1975 वाला ऑडिशन उनकी जिंदगी का एक अहम पड़ाव था, जब आरडी बर्मन, मन्ना डे और किशोर कुमार जैसे कलाकारों के सामने उन्होंने बेहद घबराते हुए अपनी गायकी पेश की थी. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और धीरे-धीरे अपनी काबिलियत के दम पर बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनानी शुरू की.\n\nपिता को हराकर जीता फिल्मफेयर अवॉर्ड\nसाल 1981 में आई फिल्म 'लव स्टोरी' के गाने 'याद आ रही है' ने अमित कुमार को रातों-रात बड़ा स्टार बना दिया. इसके बाद साल 1982 के फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में उनकी कामयाबी का सबसे यादगार और ऐतिहासिक पल आया, जब बेस्ट प्लेबैक सिंगर की कैटेगरी में पिता किशोर कुमार और बेटे अमित कुमार आमने-सामने थे. कड़े मुकाबले के बाद विजेता के तौर पर अमित कुमार का नाम पुकारा गया और यह देखकर किशोर कुमार का सीना गर्व से चौड़ा हो गया. उन्होंने मुस्कुराते हुए अपने बेटे को गले से लगा लिया. इस जीत के बाद अमित कुमार अनिल कपूर, कुमार गौरव और संजय दत्त जैसे उस दौर के युवा हीरो की सिग्नेचर आवाज बन गए. उन्होंने 'बड़े अच्छे लगते हैं', 'रोज रोज आंखों तले', 'तिरछी टोपीवाले' और 'टिप टिप बारिश' जैसे कई ब्लॉकबस्टर गाने गाए, जो आज भी लोगों की जुबान पर चढ़े रहते हैं.\n\nपिता की अधूरी फिल्म पूरी की, फिर बदली जिंदगी\nअमित कुमार की जिंदगी में सबसे बड़ा झटका 13 अक्टूबर 1987 को आया, जब उनके पिता किशोर कुमार का अचानक निधन हो गया. इस दुख की घड़ी में उन्होंने खुद को संभाला और अपने पिता की अधूरी फिल्म 'ममता की छांव में' के निर्देशन की जिम्मेदारी संभालकर उसे पूरा किया. इसके कुछ समय बाद 4 जनवरी 1994 को उनके गॉडफादर आरडी बर्मन भी दुनिया छोड़ गए, जिसके बाद अमित कुमार खुद को बेहद अकेला महसूस करने लगे. पिता और गॉडफादर, दोनों को खोने के इन बड़े झटकों के बाद उन्होंने बॉलीवुड की प्लेबैक सिंगिंग से धीरे-धीरे दूरी बना ली.\n\nआज भी जिंदा है किशोर कुमार की विरासत\nफिल्मों से दूरी बनाने के बाद अमित कुमार ने 'कुमार ब्रदर्स म्यूजिक' नाम से अपनी खुद की म्यूजिक कंपनी शुरू की. आज वे बॉलीवुड की चकाचौंध से दूर रहकर इंडिपेंडेंट म्यूजिक बनाने में व्यस्त हैं और दुनिया भर में शानदार लाइव कॉन्सर्ट करते नजर आते हैं. अपने पिता किशोर कुमार और गॉडफादर आरडी बर्मन को खोने के बावजूद अमित कुमार ने संगीत की उस विरासत को आज तक जिंदा रखा है, जो उन्हें बचपन से विरासत में मिली थी.\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अमित कुमार कौन हैं?\nअमित कुमार दिग्गज गायक किशोर कुमार के बड़े बेटे हैं और खुद भी एक जाने-माने पार्श्वगायक हैं.\n\n2. अमित कुमार का जन्म कब हुआ था?\nउनका जन्म 3 जुलाई 1952 को कोलकाता में हुआ था.\n\n3. अमित कुमार ने अपने पिता को कब हराया था?\nसाल 1982 के फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में बेस्ट प्लेबैक सिंगर की कैटेगरी में उन्होंने अपने पिता किशोर कुमार को हराकर अवॉर्ड जीता था.\n\n4. अमित कुमार की मां कौन थीं?\nउनकी मां रूमा गुहा ठाकुरता एक बंगाली अभिनेत्री थीं.\n\n5. किशोर कुमार का निधन कब हुआ था?\nकिशोर कुमार का निधन 13 अक्टूबर 1987 को हुआ था.\n\n6. आरडी बर्मन का निधन कब हुआ था?\nआरडी बर्मन का निधन 4 जनवरी 1994 को हुआ था.\n\n7. किशोर कुमार के निधन के बाद अमित कुमार ने कौन सी फिल्म पूरी की?\nउन्होंने अपने पिता की अधूरी फिल्म 'ममता की छांव में' का निर्देशन पूरा किया.\n\n8. अमित कुमार की म्यूजिक कंपनी का नाम क्या है?\nउनकी म्यूजिक कंपनी का नाम 'कुमार ब्रदर्स म्यूजिक' है.\n\n9. अमित कुमार के मशहूर गाने कौन से हैं?\nउनके मशहूर गानों में 'बड़े अच्छे लगते हैं', 'रोज रोज आंखों तले', 'तिरछी टोपीवाले' और 'टिप टिप बारिश' शामिल हैं.\n\n10. अमित कुमार आजकल क्या करते हैं?\nवे बॉलीवुड से दूर रहकर इंडिपेंडेंट म्यूजिक बनाते हैं और दुनिया भर में लाइव कॉन्सर्ट करते हैं.\n\nप्रेरणा और सबक\nअमित कुमार का सफर बताता है कि बड़ा नाम विरासत में मिलने के बावजूद पहचान मेहनत से ही बनती है.\n\n• घबराहट को रोक न बनने दें: दिग्गजों के सामने कांपती आवाज में ऑडिशन देने के बावजूद अमित कुमार ने हार नहीं मानी और अपनी काबिलियत साबित की.\n• अपने दम पर पहचान बनाएं: पिता किशोर कुमार का बेटा होने के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत से अलग पहचान बनाई.\n• मुश्किल घड़ी में जिम्मेदारी उठाएं: पिता के निधन के बाद टूटने के बजाय उन्होंने उनकी अधूरी फिल्म 'ममता की छांव में' पूरी की.\n• बड़े झटकों के बाद भी नया रास्ता चुनें: पिता और गॉडफादर दोनों को खोने के बाद उन्होंने अपनी खुद की म्यूजिक कंपनी शुरू कर नई राह पकड़ी.\n• विरासत को अपने तरीके से जिंदा रखें: बॉलीवुड से दूर रहकर भी वे इंडिपेंडेंट म्यूजिक और लाइव कॉन्सर्ट के जरिए अपने पिता की विरासत आगे बढ़ा रहे हैं.",
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  "category": "बॉलीवुड",
  "publishedAt": "2026-07-02",
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