# कुछ कुछ होता है के नन्हे सरदार परजान दस्तूर अब पर्दे के पीछे संभाल रहे हैं कमान

> शाहरुख खान की फिल्म कुछ कुछ होता है में अपने यादगार डायलॉग से मशहूर हुए बाल कलाकार परजान दस्तूर अब एक्टिंग छोड़ फिल्म निर्माण और लेखन से जुड़ चुके हैं।

**Type:** article · **Category:** बॉलीवुड · **Published:** 2026-10-14 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bollywood/kuch-kuch-hota-hai-ke-nanhe-saradara-parzaan-dastur-aba-parde-ke-pichhe-snbhala-rahe-hain-kamana-47556 · **Language:** Hindi
**Tags:** परजान दस्तूर, कुछ कुछ होता है, शाहरुख खान, बॉलीवुड चाइल्ड आर्टिस्ट, परजानिया, सिकंदर, असिस्टेंट डायरेक्टर

सिनेमा के इतिहास में कुछ किरदार ऐसे होते हैं जो स्क्रीन पर बहुत कम समय के लिए आते हैं, लेकिन दर्शकों के दिलों पर अपनी अमिट छाप छोड़ जाते हैं। साल 1998 में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म कुछ कुछ होता है का वह खामोश, तारों को निहारने वाला छोटा सरदार बच्चा आज भी लोगों की यादों में ताजा है। उस मासूम किरदार को परजान दस्तूर ने निभाया था, जिनकी उम्र उस समय महज 6 साल थी। पूरी फिल्म में लगभग शांत रहने वाले इस बच्चे का एक छोटा सा संवाद, 'तुस्सी जा रहे हो? तुस्सी ना जाओ', भारतीय पॉप कल्चर का ऐसा हिस्सा बना कि दशकों बाद भी लोग इसे रोजमर्रा की बातचीत में दोहराते हैं। बाल कलाकार के तौर पर रातोंरात शोहरत हासिल करने के बाद परजान ने कई दिग्गज सितारों के साथ काम किया, मगर बड़े होने पर उन्होंने मुख्यधारा के अभिनय से दूरी बना ली।

## शाहरुख खान और काजोल के साथ शूटिंग के शुरुआती अनुभव
कम उम्र में बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों के साथ स्क्रीन साझा करना किसी भी बाल कलाकार के लिए असाधारण अनुभव होता है। साल 2021 में दिए गए एक साक्षात्कार में परजान दस्तूर ने फिल्म के सेट से जुड़ी पुरानी यादें ताजा की थीं। उन्होंने बताया कि लोग अक्सर उनसे कहते थे कि वह बेहद भाग्यशाली रहे, जिन्हें बचपन में ही शाहरुख खान जैसे बड़े अभिनेता के साथ काम करने का अवसर मिला। इसके अलावा उन्होंने अभिनेत्री काजोल के साथ बिताए खुशनुमा पलों का भी जिक्र किया था। परजान के अनुसार, शूटिंग के दौरान काजोल उन्हें बेहद स्नेह देती थीं और वह उनके साथ बाहर घूमने भी जाया करते थे। इस फिल्म की अपार सफलता ने उन्हें घर-घर में एक जाना-पहचाना चेहरा बना दिया था।

## अमिताभ बच्चन और करिश्मा कपूर के साथ चुनिंदा फिल्में
अपनी पहली ही बड़ी फिल्म से पहचान बनाने के बाद परजान दस्तूर ने कई प्रतिष्ठित बैनरों और बड़े कलाकारों के साथ काम जारी रखा। उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ सुपरहिट फिल्म मोहब्बतें और कभी खुशी कभी गम में स्क्रीन साझा की। इसके साथ ही वह करिश्मा कपूर अभिनीत फिल्म जुबैदा में भी नजर आए। उनके फिल्मी सफर में हाथी का अंडा, हम तुम और ब्रेक के बाद जैसी फिल्में भी शामिल रहीं। समय बीतने के साथ परजान केवल हल्की-फुल्की भूमिकाओं तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने बेहद गंभीर और संवेदनशील विषयों पर आधारित सिनेमा का रुख भी किया।

## परजानिया और सिकंदर में निभाए चुनौतीपूर्ण किरदार
साल 2007 में निर्देशक राहुल ढोलकिया की चर्चित फिल्म परजानिया रिलीज हुई, जिसमें परजान दस्तूर ने एक बेहद मार्मिक भूमिका निभाई। यह कहानी 2002 के गुजरात दंगों की पृष्ठभूमि पर आधारित थी, जिसमें उनका किरदार दंगों के बीच अचानक लापता हो जाता है। इसके बाद साल 2009 में वह फिल्म सिकंदर में मुख्य भूमिका निभाते दिखे। इस फिल्म में उन्होंने कश्मीर के एक ऐसे स्कूली लड़के का किरदार निभाया था जो फुटबॉलर बनने के सपने देखता है, लेकिन एक दिन लावारिस बंदूक मिलने के बाद उसकी पूरी जिंदगी बदल जाती है। इन फिल्मों ने यह साबित किया कि वह एक परिपक्व और संजीदा अभिनेता के तौर पर जटिल भावनाओं को पर्दे पर उतारने में सक्षम थे।

## वॉइस ओवर, बिजनेस मैनेजमेंट और पर्दे के पीछे का सफर
अभिनय के साथ-साथ परजान दस्तूर ने विज्ञापनों और वॉइस एक्टिंग के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा दिखाई। साल 2004 में आई सैफ अली खान और रानी मुखर्जी की फिल्म हम तुम में उन्होंने एक लोकप्रिय एनिमेटेड किरदार को अपनी आवाज दी थी। हालांकि, जैसे-जैसे वह बड़े हुए, उनका रुझान कैमरे के सामने खड़े होने के बजाय फिल्म निर्माण की बारीकियों को समझने में अधिक होने लगा। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा के तहत बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी की और फिर फिल्म निर्देशन की राह चुनी। उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया। साल 2017 में वह शॉर्ट फिल्म पॉकेट मम्मी से जुड़े, जिसमें उन्होंने एक लेखक के रूप में काम किया था और पर्दे पर भी नजर आए थे। आज वह लाइमलाइट से दूर पर्दे के पीछे रहकर रचनात्मक काम कर रहे हैं।

## इसका आप पर असर
यह कहानी दर्शाती है कि बचपन में मिली बड़ी शोहरत के बाद भी व्यक्ति अपनी रुचि के अनुसार करियर की नई राह चुन सकता है।

- **करियर चयन:** बाल कलाकार के तौर पर मिली पहचान के बावजूद परजान ने कैमरे के पीछे रहकर निर्देशन और लेखन को अपना पेशा बनाया। इससे यह सीख मिलती है कि शुरुआती सफलता के दबाव में आने के बजाय अपनी वास्तविक पसंद को प्राथमिकता देनी चाहिए।
- **मनोरंजन उद्योग:** फिल्म निर्माण में केवल मुख्य कलाकार ही नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे काम करने वाले लेखक और निर्देशक भी अहम भूमिका निभाते हैं। फिल्म उद्योग में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए यह एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
- **दर्शकों की यादें:** दर्शकों के लिए यह खबर उन पुराने यादगार किरदारों की वर्तमान स्थिति से रूबरू कराती है जिन्हें वे आज भी पसंद करते हैं। कई लोग अक्सर सोचते हैं कि 90 के दशक के मशहूर बाल कलाकार आज किस क्षेत्र में सक्रिय हैं।
- **शिक्षा का महत्व:** अभिनय की दुनिया में सक्रिय रहने के बाद भी उन्होंने बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी की। यह दर्शाता है कि रचनात्मक क्षेत्र में काम करने के साथ औपचारिक शिक्षा प्राप्त करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

## ऐसा क्यों हुआ
परजान दस्तूर द्वारा मुख्यधारा के अभिनय से दूरी बनाने और पर्दे के पीछे काम करने का फैसला उनकी निजी रुचि और फिल्म निर्माण की बारीकियों को सीखने की इच्छा से प्रेरित था।

- **निर्देशन और लेखन में रुचि:** बड़े होने के साथ परजान का आकर्षण केवल अभिनय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वह कहानी कहने और तकनीकी निर्माण की प्रक्रिया से जुड़ना चाहते थे। इसी वजह से उन्होंने बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर और राइटर काम करना चुना।
- **व्यावसायिक शिक्षा की प्राथमिकता:** उन्होंने फिल्मों में लगातार काम करने के बजाय बिजनेस मैनेजमेंट की औपचारिक पढ़ाई पूरी करने पर ध्यान दिया। इस शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उन्हें फिल्म निर्माण के प्रबंधन और संरचनात्मक पहलुओं को समझने में मदद की।
- **गंभीर किरदारों का अनुभव:** बचपन के बाद उन्होंने परजानिया और सिकंदर जैसी गंभीर फिल्मों में काम किया, जिससे सिनेमा के प्रति उनका दृष्टिकोण बदला। इस अनुभव ने उन्हें मात्र स्टारडम के पीछे भागने के बजाय सार्थक सिनेमा से जुड़ने की प्रेरणा दी।

## सवाल-जवाब

### 1. फिल्म कुछ कुछ होता है में परजान दस्तूर की उम्र क्या थी?
साल 1998 में जब फिल्म कुछ कुछ होता है रिलीज हुई थी, उस समय परजान दस्तूर महज 6 साल के थे।

### 2. फिल्म कुछ कुछ होता है में उनका सबसे मशहूर डायलॉग कौन सा था?
इस फिल्म में उनका डायलॉग 'तुस्सी जा रहे हो? तुस्सी ना जाओ' दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ था।

### 3. परजान दस्तूर ने अमिताभ बच्चन के साथ किन फिल्मों में काम किया?
उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ सुपरहिट फिल्मों मोहब्बतें और कभी खुशी कभी गम में काम किया था।

### 4. परजानिया फिल्म में परजान का क्या किरदार था?
साल 2007 में आई फिल्म परजानिया में उन्होंने 2002 के गुजरात दंगों के दौरान लापता होने वाले एक बच्चे का किरदार निभाया था।

### 5. फिल्म सिकंदर में उनकी क्या भूमिका थी?
साल 2009 की फिल्म सिकंदर में उन्होंने एक कश्मीरी लड़के का रोल निभाया था, जो फुटबॉलर बनना चाहता है लेकिन उसे एक लावारिस बंदूक मिल जाती है।

### 6. परजान दस्तूर ने किस एनिमेटेड किरदार को अपनी आवाज दी थी?
उन्होंने साल 2004 में रिलीज हुई सैफ अली खान और रानी मुखर्जी की फिल्म हम तुम में एक एनिमेटेड किरदार के लिए वॉइस एक्टिंग की थी।

### 7. परजान दस्तूर ने उच्च शिक्षा में किस विषय की पढ़ाई की?
उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा के तहत बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी की है।

### 8. परजान दस्तूर अब किस क्षेत्र में सक्रिय हैं?
वह अब कैमरे के पीछे फिल्म निर्माण, निर्देशन और लेखन के क्षेत्र में असिस्टेंट डायरेक्टर और राइटर के तौर पर काम कर रहे हैं।

## प्रेरणा और सबक
बचपन में मिली अपार शोहरत के बाद भी अपने विवेक से शांत जीवन और रचनात्मक काम को चुनना एक बड़ी प्रेरणा है।

- **अपनी पसंद को पहचानना:** रातोंरात स्टार बनने के बावजूद उन्होंने वही काम चुना जो उन्हें सच में पसंद था, यानी कैमरे के पीछे की दुनिया। हमें हमेशा भीड़ के पीछे भागने के बजाय अपनी वास्तविक रुचि को प्राथमिकता देनी चाहिए।
- **शिक्षा को कभी न छोड़ना:** फिल्मों में व्यस्त रहने के बाद भी उन्होंने बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी की। यह सिखाता है कि शोहरत चाहे जितनी भी मिले, बुनियादी शिक्षा हमेशा जीवन में स्थिरता लाती है।
- **निरंतर सीखते रहना:** एक बाल कलाकार के रूप में लोकप्रियता मिलने के बाद उन्होंने निर्देशन सीखने के लिए असिस्टेंट डायरेक्टर बनकर नए सिरे से शुरुआत की। सीखने की लगन इंसान को हर उम्र में आगे बढ़ाती है।

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