मां सोनी राजदान की फिल्म देखकर आलिया भट्ट को याद आए पिता, महेश भट्ट से जुड़ा किस्सा किया साझा फिल्म ‘ओम का हरि’ की विशेष स्क्रीनिंग में पहुंचीं अभिनेत्री आलिया भट्ट ने पिता महेश भट्ट के साथ बचपन की मजेदार यादें साझा कीं। पारिवारिक रिश्तों और बाप-बेटे के खट्टे-मीठे अनुभवों को पर्दे पर पेश करने वाली आगामी फिल्म ‘ओम का हरि’ की एक विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया। इस मौके पर बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट अपनी मां सोनी राजदान की हौसलाअफजाई करने पहुंचीं। फिल्म देखने के बाद आलिया भट्ट भावुक और खुश नजर आईं, साथ ही उन्होंने अपने पिता महेश भट्ट के साथ बचपन के दिनों की एक बहुत ही दिलचस्प और मजेदार याद ताजा की। हरीश व्यास के निर्देशन में बनी यह फिल्म अपने नाम के उलट एक गहरी पारिवारिक और सामाजिक कहानी समेटे हुए है। पिता महेश भट्ट का मजेदार ड्रामा और बचपन का डर आलिया भट्ट ने बताया कि उनके पिता स्वभाव से बेहद मजाकिया इंसान हैं, जिसके चलते उनके साथ बिताए गए पलों की ढेरों खूबसूरत यादें हमेशा उनके जेहन में रहती हैं। अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए आलिया भट्ट ने कहा, “जब मैं फर्स्ट क्लास में थी, तब मेरा स्पेलिंग टेस्ट था और मुझे डर लगता था कि मैं ‘द’ शब्द की स्पेलिंग कहीं भूल न जाऊं।” उन्होंने आगे बताया कि उनके पिता ने इस डर को भगाने और स्पेलिंग को हमेशा के लिए दिमाग में बैठाने के लिए घर में एक जबरदस्त ड्रामा रचा। आलिया के मुताबिक, उनके पिता उस वक्त एक बड़े भालू की तरह बहुत ही नाटकीय और मनोरंजक अंदाज में पेश आए, ताकि वह पढ़ाई के तनाव से बाहर निकल सकें और शब्द को कभी न भूलें। शीर्षक भक्तिमय, लेकिन कहानी बाप-बेटे के रिश्ते की ‘ओम का हरि’ नाम सुनने पर पहली नजर में किसी को भी यह लग सकता है कि यह कोई धार्मिक या भक्ति से जुड़ी फिल्म होगी। हालांकि, इसकी वास्तविक कहानी पिता और पुत्र के बीच के जटिल समीकरणों, भावनात्मक खिंचाव और दोनों पीढ़ियों के बीच के फासले पर केंद्रित है। कई बार परिवारों में ऐसी अनकही बातें और उलझनें होती हैं, जिन्हें शब्दों में बयां करना बेहद मुश्किल हो जाता है। फिल्म इसी नाजुक पहलू को कॉमेडी और हल्के-फुल्के ड्रामे के माध्यम से बड़े पर्दे पर जीवंत करती है। कहानी की मुख्य धुरी यह दिखाती है कि कैसे पिता और बेटे के बीच अगाध प्रेम होने के बावजूद सोच और नजरिए का भारी अंतर आ जाता है। दोनों एक-दूसरे को समझने और करीब आने की पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन इसी प्रयास के बीच कई बार विचारों का टकराव भी देखने को मिलता है। यही उतार-चढ़ाव इस फिल्म की कहानी को खास बनाता है। फिल्म की स्टारकास्ट और निर्देशक के साथ अंशुमान झा की हैट्रिक इस फिल्म में केंद्रीय किरदारों यानी ओम और हरि की भूमिकाओं में अभिनेता अंशुमान झा और अनुभवी कलाकार रघुबीर यादव नजर आने वाले हैं। इन दोनों के अलावा कहानी में सोनी राजदान, आयशा कपूर और समता सुदीक्षा ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। फर्स्ट रे फिल्म्स के बैनर तले तैयार हुई इस परियोजना की कमान निर्देशक हरीश व्यास ने संभाली है। यह फिल्म निर्देशक हरीश व्यास और अंशुमान झा के बीच सहयोग की हैट्रिक भी पूरी करती है। इससे पहले यह जोड़ी ‘अंग्रेजी में कहते हैं’ और ‘हम भी अकेले-तुम भी अकेले’ जैसी फिल्मों में एक साथ बेहतरीन काम कर चुकी है। बाप-बेटे के अनूठे रिश्ते को बयां करती यह फिल्म सितंबर के महीने में सिनेमाघरों में दर्शकों के बीच दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसका आप पर असर फिल्म ‘ओम का हरि’ की रिलीज और पारिवारिक सिनेमा के प्रति दर्शकों के रुझान का सीधा असर देखने को मिलेगा। • सिनेमा प्रेमियों के लिए: दर्शक सितंबर के महीने में बड़े पर्दे पर बाप-बेटे के रिश्ते पर आधारित एक वास्तविक और संवेदनशील कहानी देख सकेंगे। यदि आप पारिवारिक ड्रामा और कॉमेडी के शौकीन हैं तो यह फिल्म आपके नजदीकी सिनेमाघरों में उपलब्ध होगी। • पारिवारिक संवाद पर असर: यह कहानी माता-पिता और बच्चों के बीच सोच के अंतर और संवादहीनता के अहम मुद्दे को उठाती है। परिवार के सदस्य मिलकर इस फिल्म को देखकर अपने आपसी रिश्तों की उलझनों को समझने की प्रेरणा ले सकते हैं। • कलाकारों के प्रशंसकों के लिए: रघुबीर यादव और अंशुमान झा की अदाकारी को पसंद करने वाले दर्शकों को दोनों कलाकारों का जुगलबंदी भरा अभिनय देखने को मिलेगा। साथ ही सोनी राजदान का सशक्त किरदार भी पर्दे पर दिखाई देगा। • स्वतंत्र सिनेमा को बढ़ावा: फर्स्ट रे फिल्म्स जैसी प्रस्तुतियों को सिनेमाघरों में समर्थन मिलने से कंटेंट आधारित फिल्मों के निर्माण को प्रोत्साहन मिलता है। दर्शक टिकट बुक करके वास्तविक मानवीय कहानियों को प्रोत्साहित कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ फिल्म ‘ओम का हरि’ की विशेष स्क्रीनिंग के दौरान आलिया भट्ट ने अपने पिता के साथ बचपन की यादें साझा कीं, जो फिल्म के मूल विषय से गहराई से जुड़ी थीं। • पारिवारिक समर्थन की वजह: आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान इस फिल्म का अहम हिस्सा हैं। मां के अभिनय और प्रोजेक्ट का समर्थन करने के लिए आलिया स्क्रीनिंग में शामिल हुईं। • फिल्म के विषय से जुड़ाव: फिल्म की कहानी मुख्य रूप से बाप और बेटे के संबंधों, उनके बीच के प्यार और मतभेदों पर आधारित है। यही वजह रही कि फिल्म देखकर आलिया को अपने पिता महेश भट्ट और उनके साथ बिताए बचपन के दिन याद आ गए। • निर्देशक और अभिनेता की निरंतर साझेदारी: निर्देशक हरीश व्यास और अभिनेता अंशुमान झा की यह साथ में तीसरी फिल्म है। पूर्व में ‘अंग्रेजी में कहते हैं’ और ‘हम भी अकेले-तुम भी अकेले’ के सफल समन्वय के बाद दोनों ने इस नए विषय पर काम करना तय किया। सवाल-जवाब 1. फिल्म ‘ओम का हरि’ की कहानी किस विषय पर आधारित है? यह फिल्म पिता और बेटे के जटिल रिश्तों, उनके बीच के प्रेम, सोच के अंतर और पारिवारिक संवाद की उलझनों को ड्रामा और कॉमेडी के जरिए दर्शाती है। 2. आलिया भट्ट ने पिता महेश भट्ट के बारे में क्या किस्सा सुनाया? आलिया ने बताया कि पहली कक्षा में स्पेलिंग टेस्ट के दौरान उन्हें ‘द’ शब्द की स्पेलिंग भूलने का डर था, जिसे भगाने के लिए उनके पिता ने घर में एक भालू की तरह बहुत मनोरंजक ड्रामा किया था। 3. फिल्म ‘ओम का हरि’ में मुख्य भूमिकाएं कौन निभा रहे हैं? फिल्म में मुख्य रूप से अंशुमान झा, रघुबीर यादव, सोनी राजदान, आयशा कपूर और समता सुदीक्षा अहम किरदारों में दिखाई देंगे। 4. फिल्म के निर्देशक कौन हैं और यह सिनेमाघरों में कब रिलीज होगी? फिल्म का निर्देशन हरीश व्यास ने किया है और यह सितंबर के महीने में सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए निर्धारित है। https://trendkia.com/bollywood/man-soni-razdan-ki-philma-dekhakara-alia-bhatt-ko-yada-ae-pita-mahesh-bhatt-se-jura-kissa-kiya-sajha-34828 TrendKia — Har trend, sabse pehle.