मनोज बाजपेयी बोले, हर किरदार प्याज़ जैसा होता है परतों से भरा एक्टर मनोज बाजपेयी ने मुंबई में हुए एक इवेंट में कहा कि स्क्रीन पर उम्र नहीं, बल्कि किरदार की परतें और गहराई ज्यादा मायने रखती हैं। उन्होंने अपनी आने वाली फिल्म 'द लास्ट मैन इन टॉवर' को लेकर भी बात की, जो 11 सितंबर, 2026 को रिलीज होगी। नेशनल अवॉर्ड विजेता अभिनेता मनोज बाजपेयी इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म 'द लास्ट मैन इन टॉवर' के प्रमोशन में व्यस्त हैं और हाल ही में मुंबई में हुए एक प्रमोशनल इवेंट में उन्होंने मीडिया से अभिनय को लेकर अपनी सोच बेबाकी से साझा की। इस मौके पर उनके साथ फिल्म की को-स्टार दिव्या दत्ता और डायरेक्टर बेन रेखी भी मौजूद थे। जब एक पत्रकार ने उनसे स्क्रीन पर बढ़ती उम्र के किरदार निभाने को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने साफ कह दिया कि किसी असली कलाकार के लिए उम्र कभी रुकावट या फिक्र की बात नहीं होती, बल्कि किरदार का असल वजन ही मायने रखता है। उम्र नहीं, किरदार की परतें असली चुनौती मनोज बाजपेयी के मुताबिक, एक्टर्स को किसी तय उम्र वर्ग का किरदार निभाने की उतनी परवाह नहीं होती, जितनी इस बात की होती है कि उस किरदार के भीतर कितनी परतें छुपी हैं और उन तक कैसे पहुंचा जाए। किरदारों की तुलना इंसानों से करते हुए उन्होंने कहा, "सभी किरदार प्याज की तरह होते हैं, बिल्कुल इंसानों की तरह।" उनका कहना था कि इन परतों को खोज पाना बेहद मुश्किल काम है, इसके लिए धैर्य और लगातार मेहनत की जरूरत पड़ती है, और हर किरदार की परतें अलग ढंग से खुलती हैं। स्क्रिप्ट से उभरती है किरदार की बैकस्टोरी अभिनेता ने आगे बताया कि हर किरदार की अपनी एक पृष्ठभूमि और बनावट होती है, जो स्क्रिप्ट पढ़ते समय धीरे-धीरे उभरकर सामने आती है। इस पढ़ाई के दौरान दिमाग में कई विचार अपने आप आते रहते हैं, जिन्हें एक्टर नोट करता जाता है और फिर उन्हीं नोट्स के सहारे किरदार की ऐसी बैकस्टोरी गढ़ने की कोशिश करता है जिसमें भावनाओं के धूसर रंग, बारीकियां और कई भावनात्मक परतें शामिल हों, न कि सिर्फ कहानी को आगे बढ़ाने भर का एक सपाट खाका। शूटिंग शुरू होते ही बदलता है सारा खेल मनोज बाजपेयी ने समझाया कि किसी कलाकार की असली परीक्षा शूटिंग शुरू होने के बाद ही शुरू होती है, क्योंकि सेट पर चीजें उसी वक्त, रियल टाइम में घटती हैं और इन्हें पहले से पूरी तरह भांप पाना मुमकिन नहीं होता। इस दौरान अक्सर छोटे-मोटे बदलाव करने पड़ते हैं, और सीन या फिल्म की मांग के मुताबिक अपने तरीके में फेरबदल करना पड़ता है, क्योंकि कहानी असल में शूटिंग के दौरान ही, पल-पल अपना आकार लेती जाती है, न कि कागज पर पहले से पूरी तरह तय हो चुकी होती है। को-एक्टर्स की ऊर्जा से खुलती हैं नई परतें उन्होंने बताया कि सेट का माहौल, को-एक्टर्स की ऊर्जा और वे जिस अंदाज में अपने किरदार को जी रहे होते हैं, ये सब एक परफॉर्मर को अपने काम में और खुलकर उतरने के लिए प्रेरित करते हैं। सामने वाले कलाकार उनके किरदार के साथ जिस तरह पेश आते हैं, उससे उन्हें अपने रोल में और नई परतें जोड़ने के आइडिया मिलते रहते हैं। उनका मानना है कि अभिनय एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है और शूटिंग से पहले की तैयारी आखिरी शॉट तक कभी पूरी तरह नहीं रुकती। अनजान राह पर चलने का रोमांच मनोज बाजपेयी ने स्वीकार किया कि कहानी अक्सर शूटिंग के साथ-साथ ही आगे बढ़ती रहती है, और कई बार वह पूरी तरह एक नई दिशा पकड़ लेती है, जिसका पहले से कोई अंदाजा तक नहीं होता। इस अनजान रास्ते पर चलना शुरुआत में डरावना लगता है, मानो किसी अंधेरी और अनजान गुफा में छलांग लगानी हो, लेकिन एक बार उस प्रक्रिया के भीतर पहुंचने के बाद यह सफर सच में आनंददायक और रोमांचक लगने लगता है। 11 सितंबर को सिनेमाघरों में आएगी फिल्म दिव्या दत्ता और बेन रेखी की मौजूदगी वाले इसी इवेंट में मनोज बाजपेयी की आने वाली फिल्म 'द लास्ट मैन इन टॉवर' को लेकर भी खासी चर्चा हुई। यह फिल्म 11 सितंबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। इसका आप पर असर यह खबर मुख्य रूप से सिनेमाप्रेमियों और मनोज बाजपेयी के फैंस के लिए मायने रखती है। • रिलीज डेट नोट करें: फिल्म 'द लास्ट मैन इन टॉवर' 11 सितंबर, 2026 को सिनेमाघरों में आ रही है। जो दर्शक इसे देखना चाहते हैं, वे टिकट बुकिंग और शो टाइमिंग पहले से प्लान कर सकते हैं। • कास्ट और टीम पर नजर: इस फिल्म में मनोज बाजपेयी के साथ दिव्या दत्ता नजर आएंगी और इसे बेन रेखी डायरेक्ट कर रहे हैं। इनके पुराने काम को देखते हुए दर्शक फिल्म को लेकर अपनी उम्मीदें तय कर सकते हैं। • एक्टिंग को समझने का नजरिया: मनोज बाजपेयी का किरदार की परतों वाला नजरिया एक्टिंग सीखने वाले या फिल्मों में दिलचस्पी रखने वाले पाठकों के लिए एक उपयोगी सोच है। इससे यह भी समझ आता है कि किरदार पर्दे पर आने से पहले कैसे तैयार होता है। सवाल-जवाब 1. मनोज बाजपेयी की आने वाली फिल्म का नाम क्या है? उनकी आने वाली फिल्म का नाम 'द लास्ट मैन इन टॉवर' है। 2. यह फिल्म कब रिलीज होगी? यह फिल्म 11 सितंबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। 3. इवेंट में मनोज बाजपेयी के साथ और कौन मौजूद था? इवेंट में उनकी को-स्टार दिव्या दत्ता और डायरेक्टर बेन रेखी भी मौजूद थे। 4. मनोज बाजपेयी ने स्क्रीन पर उम्र को लेकर क्या कहा? उन्होंने कहा कि किसी असली एक्टर के लिए उम्र कभी रुकावट नहीं होती, असली मायने किरदार की परतों और गहराई के होते हैं। 5. मनोज बाजपेयी ने किरदारों की तुलना किससे की? उन्होंने किरदारों की तुलना प्याज से की और कहा कि सभी किरदार इंसानों की तरह परतों से भरे होते हैं। 6. मनोज बाजपेयी के मुताबिक कहानी अपना आकार कब लेती है? उनके मुताबिक कहानी असल में शूटिंग के दौरान ही अपना आकार लेती है। https://trendkia.com/bollywood/manoj-bajpayee-bole-hara-kiradara-pyaza-jaisa-hota-hai-paraton-se-bhara-28479 TrendKia — Har trend, sabse pehle.