मुंबई छोड़ने का मन बना लिया था रमणदीप यादव ने, 'राख' में रज्जो बनकर पलटी किस्मत वेब सीरीज 'CAT' के बाद चार साल की मशक्कत और निराशा के बीच रमणदीप यादव मुंबई छोड़ने का मन बना चुके थे, लेकिन प्राइम वीडियो की 'राख' में रज्जो का किरदार उनकी जिंदगी बदल गया। एक क्रिकेटर जो भारत के लिए खेलने का सपना देखता था, आज एक जाने-माने अभिनेता बन चुका है, लेकिन इस बदलाव की कीमत कम नहीं थी। रमणदीप यादव ने TrendKia से हुई बातचीत में बताया कि वेब सीरीज 'CAT' के बाद अगला बड़ा मौका मिलने में उन्हें पूरे चार साल लग गए। इस बीच ऐसा वक्त भी आया जब उन्होंने मुंबई को अलविदा कहने का फैसला लगभग कर ही लिया था। उसी मोड़ पर प्राइम वीडियो की 'राख' ने उनकी जिंदगी में दस्तक दी और रज्जो का किरदार दर्शकों के दिलों में जगह बना गया। चार साल का लंबा और अनिश्चित सफर 'CAT' के बाद रमणदीप के हाथ कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं आया और यह खालीपन चार साल तक खिंचता रहा। फिल्मी दुनिया में टिके रहना आसान नहीं और काम भी गारंटी के साथ नहीं आता, यह सच उन्हें इन सालों में बार-बार महसूस हुआ। रमणदीप ने बताया कि वे उस मुकाम तक पहुंच गए थे जहां मुंबई छोड़कर आगे बढ़ना ही एकमात्र रास्ता नजर आने लगा था। लेकिन ठीक उसी वक्त 'राख' का मौका सामने आया और पूरी तस्वीर बदल गई। रज्जो बनकर जीता दर्शकों का दिल प्राइम वीडियो की 'राख' सीरीज में रमणदीप यादव ने रज्जो का किरदार निभाया। इस किरदार ने दर्शकों के बीच खूब पहचान बनाई और रमणदीप की एक्टिंग की हर तरफ तारीफ हुई। इस सीरीज ने उन्हें सोनाली बेंद्रे, दिव्येंदु, राकेश बेदी और अली फजल जैसे मंझे हुए कलाकारों के साथ काम करने का मौका दिया, जो उनके करियर का एक बेहद अहम पड़ाव बना। चमक के पीछे की असली दुनिया नए कलाकारों को संबोधित करते हुए रमणदीप ने साफ शब्दों में कहा कि बॉलीवुड की जो चकाचौंध बाहर से दिखती है, वो सिर्फ एक पहलू है। उन्होंने कहा, "चार्म देखकर मत सोचो कि एक्टर बनना आसान है, वो सिर्फ फेम नजर आता है, लेकिन बीच के दौर में कैसे हाल में एक्टर होता है, ये किसी को नहीं पता, मुझे CAT के बाद चार साल लग गए ये प्रोजेक्ट क्रैक करने में, वो भी उस मोड़ पर जब मुझे लगा कि अब मुंबई छोड़ देना पड़ेगा। ऐसे मोड़ पर आकर मुझे ये काम मिला। आपको कुछ नहीं पता कि कब क्या हो जाएगा, होपफुल रहो, ग्रेटफुल रहो, भगवान पर भरोसा रखो, चीजें अच्छी होतीं हैं और दुनिया में अच्छे लोग होते हैं जो टैलेंट को मौका देते हैं।" उनका यह संदेश उन सभी के लिए है जो इस फील्ड की सिर्फ चमक देखकर यहां आने का ख्याल रखते हैं। क्रिकेट के मैदान से कैमरे तक रमणदीप का असली जुनून क्रिकेट था और वे भारत की राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का सपना देखते थे। एक्टिंग की दुनिया में आना उनके सबसे बड़े सपनों में भी नहीं था। उन्होंने अपनी इस यात्रा को 'स्ट्रगल' नहीं बल्कि 'प्रोसेस' कहा और माना कि उतार-चढ़ाव सभी की राह का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, "मैं तो क्रिकेट खेलना चाहता था, इंडिया को रिप्रेसेंट करना चाहता था और वहां से यहां तक आना, वो फील्ड स्विच करके, ये मेरे वाइल्डेस्ट ड्रीम में था।" उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने कई बेहद सीनियर कलाकारों के इंटरव्यू देखे हैं जिन्होंने बताया कि मार्टेक में शानदार फिल्म देने के बावजूद उनके पास 3 साल काम नहीं था, यानी अनिश्चितता इस फील्ड की असलियत है और यह सिर्फ नए लोगों के साथ नहीं होता। भाई का त्याग, रमणदीप की उड़ान अपनी इस पूरी यात्रा में रमणदीप जिस एक इंसान को सबसे ज्यादा याद करते हैं, वो हैं उनके बड़े भाई। उन्होंने बताया कि परिवार में सबसे बड़े होने की वजह से उनके भाई को बहुत कुछ कुर्बान करना पड़ा। सारी जिम्मेदारियां उन पर आ गईं और उन्होंने खुद को पीछे रखकर रमणदीप को अपना पैशन जीने का मौका दिया। उन्होंने कहा, "वो हैं इसलिए ही मैं एक्टिंग कर पा रहा हूं नहीं तो भी किसी नौकरी में लैपटॉप के आगे बैठकर काम कर रहा होता, टूटा हुआ कि मैं करना कुछ और चाहता था और कर कुछ और रहा हूं। मैं किसी के काम को कम नहीं आंक रहा, लेकिन अपना पैशन फॉलो कर पाने में भी सिर्फ अकेले आप नहीं होते, बल्कि आपके पीछे भी बहुत से लोग होते हैं।" रमणदीप के लिए यह कामयाबी सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि उन सभी की है जिन्होंने उनका साथ दिया। इसका आप पर असर यह कहानी उन सभी के लिए एक जरूरी संदेश लेकर आती है जो मनोरंजन की दुनिया में कदम रखने का सपना देख रहे हैं। • आकांक्षी कलाकारों के लिए: रमणदीप की यात्रा बताती है कि बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सफलता सालों की प्रतीक्षा और निरंतर प्रयास के बाद ही मिलती है, फेम की चमक के पीछे लंबी और अनिश्चित राह छुपी होती है। • दर्शकों के लिए: 'राख' में रज्जो का किरदार प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है और रमणदीप की यह संघर्ष-भरी कहानी उन लोगों को सीरीज देखने के लिए प्रेरित कर सकती है जो अब तक इसे मिस कर चुके हैं। सवाल-जवाब 1. रमणदीप यादव ने 'राख' में कौन सा किरदार निभाया? रमणदीप यादव ने प्राइम वीडियो की सीरीज 'राख' में रज्जो का किरदार निभाया, जो दर्शकों को खूब पसंद आया। 2. 'CAT' के बाद अगला बड़ा प्रोजेक्ट मिलने में रमणदीप को कितना वक्त लगा? 'CAT' के बाद 'राख' जैसा बड़ा प्रोजेक्ट क्रैक करने में उन्हें पूरे चार साल लग गए। 3. क्या रमणदीप सच में मुंबई छोड़ने वाले थे? हां, रमणदीप ने खुद बताया कि एक दौर ऐसा आया जब उन्होंने मुंबई छोड़ने का मन बना लिया था, लेकिन ठीक उसी वक्त 'राख' का मौका आया। 4. 'राख' में रमणदीप के साथ कौन-कौन से बड़े कलाकार थे? इस सीरीज में सोनाली बेंद्रे, दिव्येंदु, राकेश बेदी और अली फजल जैसे अनुभवी कलाकार शामिल थे। 5. रमणदीप यादव पहले क्या करते थे? रमणदीप मूल रूप से क्रिकेटर थे और भारत की राष्ट्रीय टीम में खेलने का सपना देखते थे। 6. रमणदीप अपनी सफलता का श्रेय किसे देते हैं? वे अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय अपने बड़े भाई को देते हैं जिन्होंने परिवार की जिम्मेदारियां उठाकर रमणदीप के लिए रास्ता आसान किया। 7. रमणदीप नए एक्टर्स को क्या सलाह देते हैं? वे कहते हैं कि बॉलीवुड की चमक देखकर न आएं, होपफुल और ग्रेटफुल रहें और भगवान पर भरोसा रखें क्योंकि अच्छे लोग टैलेंट को मौका देते हैं। 8. रमणदीप अपने सफर को क्या कहते हैं? वे इसे 'स्ट्रगल' नहीं बल्कि 'प्रोसेस' कहते हैं और मानते हैं कि उतार-चढ़ाव इस फील्ड का स्वाभाविक हिस्सा हैं। प्रेरणा और सबक रमणदीप यादव की कहानी में कुछ ठोस सबक छुपे हैं जो हर उस इंसान के काम आ सकते हैं जो किसी मुश्किल राह पर टिके रहने की कोशिश कर रहा है। • जुनून की राह पर डरकर मत रुकें: क्रिकेटर से अभिनेता बनने का फैसला रमणदीप के वाइल्डेस्ट ड्रीम में था, लेकिन उन्होंने छलांग लगाई और उसका नतीजा आज सबके सामने है। • सबसे मुश्किल मोड़ पर भी उम्मीद मत छोड़ें: जब वे मुंबई छोड़ने का मन बना चुके थे, ठीक तभी 'राख' मिली। जल्दी हार मानना सबसे बड़ी गलती हो सकती है। • संघर्ष को प्रोसेस कहें, बोझ नहीं: रमणदीप ने खुद कहा कि वे अपनी राह को 'स्ट्रगल' नहीं 'प्रोसेस' कहते हैं। नजरिया बदलने से मुश्किलें हल्की लगती हैं। • चमक के पीछे की असलियत जानें: CAT के बाद चार साल की खामोशी बताती है कि सफल दिखने वाले कलाकार भी लंबे और अदृश्य दौरों से गुजरते हैं। • सफलता अकेले की नहीं होती: रमणदीप का मानना है कि उनके बड़े भाई की कुर्बानी उनकी नींव है। अपने पीछे खड़े लोगों को पहचानें और उनका शुक्रिया अदा करें। https://trendkia.com/bollywood/mumbai-chhorane-ka-mana-bana-liya-tha-ramandeep-yadav-ne-raakh-men-rajjo-banakara-palati-kismata-2310 TrendKia — Har trend, sabse pehle.