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  "title": "मुंबई में मल्टीप्लेक्स और सिनेमा का मनोरंजन कर 570 प्रतिशत तक बढ़ाने की तैयारी, सुहैल नैयर ने टिकट की कीमतों पर जताई चिंता",
  "summary": "मुंबई में बीएमसी ने सिनेमाघरों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर मनोरंजन कर में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है, जिस पर अभिनेता सुहैल नैयर ने टिकट और स्नैक्स के बढ़ते खर्च को लेकर प्रतिक्रिया दी है।",
  "content": "मुंबई के सिनेमाघरों में फिल्में देखना जल्द ही दर्शकों के लिए पहले से कहीं अधिक खर्चीला साबित हो सकता है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने महानगर के भीतर संचालित होने वाले सिनेमा हॉलों और विभिन्न परफॉर्मिंग आर्ट्स केंद्रों पर मनोरंजन कर में 570 प्रतिशत तक की जबर्दस्त वृद्धि करने की योजना बनाई है। नागरिक निकाय के इस कदम का सीधा असर आम लोगों के मनोरंजन बजट पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। अपनी आने वाली फिल्म 'उड़ता तीर' के प्रचार में जुटे अभिनेता सुहैल नैयर ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी राय रखी है। उनका मानना है कि यदि प्रशासन की यह योजना वास्तविक रूप में लागू होती है, तो सिनेमाघरों में टिकटों के दाम बढ़ना तय है, यद्यपि उन्होंने यह स्पष्ट भी किया कि मामला अभी केवल विचाराधीन स्तर पर ही है।\n\nटिकट और स्नैक्स के खर्च पर सुहैल नैयर की दो टूक\nआगामी फिल्म के प्रचार अभियानों में व्यस्त सुहैल नैयर ने बातचीत के दौरान सिनेमा प्रेमियों की जेब पर पड़ने वाले भार का उल्लेख किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, \n \"मुझे लगता है कि फिल्म की टिकटें महंगी होने वाली हैं।\"\n अपने बयान को विस्तार देते हुए उन्होंने थियेटरों के भीतर खानपान के अत्यधिक खर्च की ओर भी ध्यान दिलाया और कहा कि आज के दौर में तो पॉपकॉर्न का मूल्य खुद फिल्म की टिकट से कहीं अधिक महंगा हो चुका है।\n\nअभिनेता ने आगे रेखांकित किया कि बाजार की परिस्थितियां बदलती रहती हैं और इस प्रस्ताव के अंतिम स्वरूप को लेकर अभी से पूरी तरह निश्चिंत नहीं हुआ जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने अभी केवल टैक्स बढ़ाने का मसौदा तैयार किया है, और यह भी मुमकिन है कि सरकार इसे अंतिम रूप से मंजूरी देने से इनकार कर दे। उनका कहना था कि इस पूरे मामले पर कोई भी ठोस निष्कर्ष तभी निकाला जाना चाहिए जब संबंधित विभाग से इस पर अंतिम स्थिति साफ हो जाए।\n\nबीएमसी के नए टैक्स ढांचे में क्या हैं प्रस्तावित दरें\nनागरिक निकाय की ओर से तैयार की गई नई रूपरेखा के अनुसार, मल्टीप्लेक्स परिसरों के लिए प्रति शो मनोरंजन कर को 60 रुपए से सीधे बढ़ाकर 400 रुपए करने की सिफारिश की गई है। बड़े आधुनिक थियेटरों के अतिरिक्त अन्य श्रेणियों के लिए भी अलग-अलग स्लैब तय किए गए हैं। वातानुकूलित (एसी) सिंगल-स्क्रीन सिनेमाघरों पर प्रत्येक शो के लिए 200 रुपए का कर निर्धारित करने की बात कही गई है। केवल बड़े पर्दे की फिल्में ही नहीं, बल्कि मंच पर होने वाले नाटकों, पारंपरिक जलसों और अन्य सार्वजनिक सांस्कृतिक एवं मनोरंजन कार्यक्रमों के लिए भी 100 रुपए प्रति शो के हिसाब से टैक्स वसूलने का मसौदा तैयार किया गया है।\n\nहालांकि, इस प्रस्ताव को लागू करने से पहले वैधानिक प्रक्रिया से गुजरना होगा। बीएमसी के इस दस्तावेज को फिलहाल महाराष्ट्र सरकार के नगर विकास विभाग के विचारार्थ भेजा गया है। जब तक राज्य सरकार का यह प्रशासनिक विभाग प्रस्ताव की पूरी समीक्षा करके इसे अपनी आधिकारिक संस्तुति नहीं देता और अधिसूचना जारी नहीं करता, तब तक मुंबई में पुरानी कर व्यवस्था ही यथावत प्रभावी रहेगी।\n\nसालाना राजस्व का बड़ा लक्ष्य और कुछ श्रेणियों को राहत\nप्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस कर संशोधन का मुख्य उद्देश्य नागरिक निकाय के राजस्व संसाधनों में ठोस इजाफा करना है। बीएमसी ने मनोरंजन कर में इस बड़े फेरबदल के जरिए सालाना स्तर पर करीब 400 से 500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व एकत्र करने का वित्तीय लक्ष्य निर्धारित किया है। भारी बढ़ोतरी की इस योजना के बीच क्षेत्रीय कला एवं संस्कृति को ध्यान में रखते हुए कुछ विशेष रियायतें भी बरकरार रखी गई हैं। प्रस्तावित नीति में मराठी और गुजराती भाषा की फीचर फिल्मों, पारंपरिक रंगमंच के नाटकों और एकांकी (वन-एक्ट प्ले) प्रस्तुतियों को इस बढ़े हुए टैक्स से पूरी तरह छूट देने का प्रावधान जारी रखा गया है।\n\nदूसरी ओर, अभिनेता सुहैल नैयर अपनी नई फिल्म 'उड़ता तीर' को दर्शकों के बीच ले जाने की तैयारियों में पूरी तरह जुटे हैं। इस परियोजना को लेकर सिनेमा प्रेमियों के बीच काफी समय से उत्सुकता देखी जा रही है। यह बहुचर्चित फिल्म आगामी 9 अक्टूबर को देशभर के सिनेमाघरों में आधिकारिक तौर पर रिलीज होने जा रही है।\n\nइसका आप पर असर\nयदि नगर विकास विभाग इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगाता है, तो मुंबई के दर्शकों के लिए सप्ताहांत पर सिनेमा देखना काफी महंगा हो जाएगा।\n\n• मुंबई में: मल्टीप्लेक्स और एसी सिंगल-स्क्रीन थियेटरों में प्रति शो टैक्स बढ़ने से टिकटों के बेस प्राइस में इजाफा हो सकता है। सिनेमाघरों में जाने वाले आम दर्शकों को अपनी पसंदीदा फिल्मों के लिए अधिक भुगतान करना होगा।\n• भारत में: यदि देश की वित्तीय और मनोरंजन राजधानी में यह मॉडल अपनाया जाता है, तो अन्य राज्य और नगर निकाय भी सिनेमा कर बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं। राष्ट्रीय स्तर की मल्टीप्लेक्स चेन अपने टिकट मूल्य निर्धारण की समीक्षा कर सकती हैं।\n• थियेटर मालिकों पर: सिनेमाघर संचालकों पर प्रति शो तय टैक्स देने का अतिरिक्त वित्तीय दबाव बनेगा। दर्शकों की संख्या कम होने की स्थिति में भी उन्हें यह निश्चित कर प्रशासन को चुकाना होगा।\n• क्षेत्रीय सिनेमा को राहत: गुजराती और मराठी भाषा की फिल्मों तथा नाटकों को प्रस्तावित कर वृद्धि से पूरी तरह बाहर रखा गया है। इससे स्थानीय भाषा की फिल्मों और नाटकों के टिकट की कीमतें प्रभावित नहीं होंगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nबीएमसी ने अपने नागरिक संसाधनों और बजट को मजबूत करने के लिए यह कर वृद्धि प्रस्तावित की है, हालांकि अंतिम निर्णय राज्य सरकार पर निर्भर करता है।\n\n• राजस्व बढ़ाने की आवश्यकता: नागरिक निकाय ने इस पुनर्गठन के जरिए प्रति वर्ष 400 से 500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है। नगर निगम की बढ़ती ढांचागत और विकास योजनाओं के लिए नए वित्तीय स्रोतों की जरूरत बताई जा रही है।\n• लंबे समय से दरों में स्थिरता: मल्टीप्लेक्स पर वर्तमान में केवल 60 रुपए प्रति शो का कर लागू है, जिसे प्रशासनिक स्तर पर बाजार की मौजूदा स्थिति के हिसाब से अपर्याप्त माना जा रहा था। इसी विषमता को दूर करने के लिए दरों को बढ़ाकर 400 रुपए तक करने का मसौदा तैयार हुआ।\n• राज्य सरकार की समीक्षा प्रक्रिया: किसी भी नगर निगम के कराधान प्रस्ताव को प्रभावी होने के लिए राज्य के नगर विकास विभाग की मंजूरी अनिवार्य होती है। विभाग फिलहाल सभी पक्षों और आर्थिक प्रभावों का आकलन कर रहा है, जिसके बाद ही अंतिम अधिसूचना जारी होगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. बीएमसी ने मनोरंजन कर में कितने प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव दिया है?\nबीएमसी ने मुंबई के सिनेमाघरों और सांस्कृतिक केंद्रों पर मनोरंजन कर में 570 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है।\n\n2. मल्टीप्लेक्स और सिंगल-स्क्रीन सिनेमाघरों के लिए प्रस्तावित नई दरें क्या हैं?\nप्रस्ताव के तहत मल्टीप्लेक्स में प्रति शो टैक्स 60 से बढ़ाकर 400 रुपए और एसी सिंगल-स्क्रीन के लिए 200 रुपए प्रति शो तय किया गया है।\n\n3. क्या नाटकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी यह कर लगेगा?\nहां, ड्रामा, जलसा और अन्य मनोरंजन कार्यक्रमों के लिए प्रति शो 100 रुपए का कर लगाने का प्रस्ताव है।\n\n4. किन फिल्मों और प्रस्तुतियों को इस कर वृद्धि से छूट दी गई है?\nमराठी और गुजराती भाषा की फिल्मों, नाटकों तथा वन-एक्ट प्ले को नए सिस्टम में भी टैक्स से पूरी छूट दी गई है।\n\n5. अभिनेता सुहैल नैयर ने टिकट और स्नैक्स के दामों पर क्या कहा?\nसुहैल नैयर ने कहा कि टिकटें महंगी हो सकती हैं और आज सिनेमाघरों में पॉपकॉर्न का दाम खुद फिल्म की टिकट से भी अधिक है।\n\n6. सुहैल नैयर की फिल्म 'उड़ता तीर' सिनेमाघरों में कब रिलीज होगी?\nफिल्म 'उड़ता तीर' 9 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।\n\n7. क्या यह नया टैक्स मुंबई में लागू हो चुका है?\nनहीं, अभी यह सिर्फ प्रस्ताव है और महाराष्ट्र सरकार के नगर विकास विभाग की मंजूरी मिलने के बाद ही लागू होगा।",
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  "category": "बॉलीवुड",
  "publishedAt": "2026-10-01",
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