# मुंबई के अंडरवर्ल्ड से निकलीं ये 3 फिल्में: एक ने रचा इतिहास, दूसरी बनी हिट, तीसरी ने दिलों पर किया राज

> दीवार, अंगार और वास्तव, तीन ऐसी फिल्में जिन्होंने मुंबई के असली डॉन हाजी मस्तान, करीम लाला और छोटा राजन की जिंदगी को पर्दे पर उतारा और बॉक्स ऑफिस से लेकर दर्शकों के दिल तक अलग छाप छोड़ी.

**Type:** article · **Category:** बॉलीवुड · **Published:** 2026-06-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bollywood/munbai-ke-andaravarlda-se-nikalin-ye-3-philmen-eka-ne-racha-itihasa-dusari-bani--1141 · **Language:** Hindi
**Tags:** दीवार फिल्म, अंगार फिल्म, वास्तव फिल्म, मुंबई अंडरवर्ल्ड, अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, हाजी मस्तान, छोटा राजन

हिंदी सिनेमा का मुंबई के अंडरवर्ल्ड से रिश्ता पुराना है. इसकी नींव 1970 के दशक में पड़ी, जब स्क्रीनप्ले की जोड़ी सलीम-जावेद ने अपराध की दुनिया से जुड़े किरदारों को अपनी कहानियों के बीचोंबीच ले आए. इससे फिल्मों में एक नई धार और रोमांच जुड़ गया. 1973 की 'जंजीर' इसी सोच की देन थी, जिसने अमिताभ बच्चन को रातोंरात 'एंग्री यंगमैन' की पहचान दे दी. इसी फिल्म में प्राण साहब 'शेर खान' के रूप में दिखे, और माना जाता है कि यह किरदार मुंबई के पहले डॉन करीम लाला से प्रेरित था. 60 के दशक में मुंबई पर करीम लाला की धाक ऐसी थी कि वो जहां पहुंच जाते, लोग डर के मारे कांपने लगते थे. इसके बाद तीन फिल्में ऐसी आईं जिन्होंने असल जिंदगी के गैंगस्टरों की कहानी को सीधे पर्दे पर उतार दिया, दीवार, अंगार और वास्तव.

## दीवार: जिसे फ्लॉप समझा गया, उसने इतिहास रच दिया
1975 को बॉलीवुड के सबसे यादगार सालों में गिना जाता है. इस एक साल में अलग-अलग जॉनर की फिल्में आईं और बॉक्स ऑफिस पर अपना डंका बजा गईं. 'शोले' के साथ-साथ इसी साल एक और आइकॉनिक फिल्म पर्दे पर आई, 'दीवार', जो 24 जनवरी 1975 को रिलीज हुई. यह फिल्म आज हिंदी सिनेमा की 100 मस्ट वॉच लिस्ट का हिस्सा है. इसके कई संवाद आज भी जुबान पर चढ़े हुए हैं, खासकर 'मैं आज भी फेंके हुए पैसे नहीं उठाता' और 'मेरे पास मां है', जो शायद ही किसी ने न सुने हों.

फिल्म में अमिताभ बच्चन के अलावा शशि कपूर, नीतू सिंह, परवीन बॉबी, निरूपा रॉय, इफ्तिखार खान और मदन पुरी जैसे चेहरे मौजूद थे, लेकिन असल में यह कहानी अमिताभ की थी. इसी फिल्म ने उन्हें सुपरस्टार के तख्त पर बैठा दिया. निर्देशन की कमान यश चोपड़ा के हाथ में थी.

'दीवार' के इतिहास रचने की असली वजह उसकी कहानी थी. इसमें मुंबई के अंडरवर्ल्ड डॉन हाजी मस्तान की जिंदगी की झलक साफ नजर आती है, और फिल्म के कई दृश्य उनकी असल जिंदगी से मेल खाते हैं. हाजी मस्तान ने भी अपनी जिंदगी की शुरुआत मझगांव डाकयार्ड में कुली के तौर पर की थी और बाद में पठान गैंग के खिलाफ खड़े हुए थे. फिल्म में विजय वर्मा यानी अमिताभ बच्चन भी ठीक यही करता है, वो हफ्ता देने से साफ इनकार कर देता है, और यहीं से दर्शकों की हमदर्दी विजय के साथ जुड़ जाती है. दिलचस्प बात यह रही कि फिल्म के प्रीमियर के वक्त इंडस्ट्री के ज्यादातर लोग इसे फ्लॉप मान बैठे थे, मगर हुआ इसके बिल्कुल उलट. रिलीज होते ही फिल्म ने इतिहास लिख डाला और 4.25 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया. 1975 में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में यह चौथे पायदान पर रही.

## अंगार: करीम लाला और अमर नाइक की दो कहानियां
1975 में ही गैंगस्टर पर आधारित एक और फिल्म 'धर्मात्मा' सिनेमाघरों में खूब चली थी. इसके बाद 1992 में क्राइम एक्शन ड्रामा 'अंगार' रिलीज हुई. इस मल्टी स्टारर में जैकी श्रॉफ, कादर खान, मजहर खान और नाना पाटेकर लीड रोल में थे, जबकि डिंपल कपाड़िया भी एक अहम किरदार में नजर आईं. संगीतकार आदेश श्रीवास्तव एक छोटे से रोल में दिखे थे. फिल्म का निर्देशन शशिलाल के. नायर ने किया, कहानी और स्क्रीनप्ले सुजीत सेन ने लिखा, संवाद कादर खान की कलम से निकले और इसे शशिलाल के. नायर और एसएम आरिफ ने प्रोड्यूस किया.

'अंगार' को मुंबई के पहले अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला की जिंदगी पर आधारित माना जाता है. फिल्म में कादर खान ने जहांगीर खान का किरदार निभाया, जो करीम लाला से प्रेरित बताया जाता है. कहानी का दूसरा सिरा मुंबई के स्लम इलाके में रहने वाले बेरोजगार युवक जयकिशन यानी जैकी श्रॉफ से जुड़ता है. वो अपनी बस्ती में हफ्ता देने से इनकार करता है और इसी वजह से उसका टकराव जहांगीर खान की गैंग से हो जाता है.

माना जाता है कि जैकी श्रॉफ का यह किरदार मुंबई के गैंगस्टर अमर नाइक से प्रेरित था. अमर नाइक का परिवार कभी सड़क पर सब्जी का ठेला लगाया करता था. उसने भी हफ्ता देने से इनकार कर गुंडों की सरेआम पिटाई कर दी थी, और उसी दिन से वह मांटुका इलाके का सरगना बन बैठा. लोग उसे 'मुंबई का रावण' कहकर बुलाते थे. अरुण गवली गैंग से उसकी पुरानी अदावत थी. 10 जुलाई 1996 को मुंबई के एगीपाड़ा में अमर नाइक का एनकाउंटर कर दिया गया. इस फिल्म में नाना पाटेकर विलेन की भूमिका में थे.

कमाई और इनाम, दोनों के लिहाज से 'अंगार' सफल रही. इसे 3 फिल्मफेयर अवॉर्ड और एक नेशनल अवॉर्ड मिला, जबकि बेस्ट डायलॉग का खिताब कादर खान के नाम रहा. 2 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने करीब 7.5 करोड़ रुपये बटोरे और बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई.

## वास्तव: छोटा राजन की जिंदगी और संजय दत्त का जलवा
असल गैंगस्टर पर आधारित तीसरी फिल्म 'वास्तव, द रियल्टी' 1999 में आई. 7 अक्टूबर 1999 को रिलीज हुई यह एक्शन-क्राइम फिल्म महेश मांजरेकर के निर्देशन में बनी, जिन्होंने कहानी और स्क्रीनप्ले भी खुद लिखा. बतौर निर्देशक यह उनकी पहली फिल्म थी. संवाद इम्तियाज हुसैन ने लिखे थे.

फिल्म में संजय दत्त, नम्रता शिरोडकर, दीपक तिजोरी, मोहन जोशी, शिवाजी सटाम, रीमा लागू, परेश रावल और संजय नारवेकर जैसे कलाकारों ने अपनी अदाकारी का रंग जमाया. संजय दत्त ने रघुनाथ उर्फ रघु नामदेव शिवालकर का किरदार निभाया, तो संजय नारवेकर डेढ़ फुटिया के रूप में दिखे. इस भूमिका के लिए संजय दत्त को बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला. संगीत जतिन-ललित का था और गीत समीर ने लिखे थे. फिल्म का गाना 'मेरी दुनिया है तुझमें कहीं' खासा लोकप्रिय हुआ.

'वास्तव, द रियलटी' की कहानी मुंबई के अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन की जिंदगी पर आधारित थी. फिल्म दिखाती है कि कैसे एक साधारण परिवार का लड़का हालात के दबाव में अपराध की दुनिया में खिंचता चला जाता है. छोटा राजन का असली नाम राजेंद्र सदाशिव निखिल्जे था और वह अपने परिवार के साथ मुंबई के चेंबूर के तिलक नगर में रहता था. राजेंद्र सदाशिव शंकर सिनेमा के बाहर ब्लैक में टिकट बेचा करता था. एक बार पुलिस ने पकड़ा तो उसने पुलिसकर्मी से लाठी छीनकर उसी की पिटाई कर दी. इस कारनामे से वह रातोंरात चर्चा में आ गया, और जेल से लौटने के बाद उसने गैंगस्टर की दुनिया में कदम रख दिया.

## इसका आप पर असर
**अगर आप बॉलीवुड और क्राइम सिनेमा के शौकीन हैं, तो यह जानकारी सीधे आपके वॉचलिस्ट से जुड़ती है.**

- ये तीनों फिल्में, दीवार, अंगार और वास्तव, असली डॉन की जिंदगी पर आधारित हैं, इसलिए इन्हें देखते वक्त आप कहानी के पीछे की हकीकत भी समझ पाएंगे.
- संजय दत्त, अमिताभ बच्चन और कादर खान के दमदार अभिनय और मशहूर संवादों की वजह से ये फिल्में आज भी रीवॉच के लायक मानी जाती हैं.

## सवाल-जवाब

### 1. दीवार, अंगार और वास्तव किन असली गैंगस्टरों पर आधारित हैं?
दीवार हाजी मस्तान, अंगार करीम लाला और अमर नाइक, तथा वास्तव छोटा राजन की जिंदगी पर आधारित मानी जाती है.

### 2. दीवार फिल्म ने कितनी कमाई की थी?
दीवार ने 4.25 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया और 1975 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में चौथे नंबर पर रही.

### 3. अंगार फिल्म को कौन-कौन से अवॉर्ड मिले?
अंगार को 3 फिल्मफेयर अवॉर्ड और एक नेशनल अवॉर्ड मिला, और बेस्ट डायलॉग का अवॉर्ड कादर खान को मिला.

### 4. वास्तव में संजय दत्त ने कौन सा किरदार निभाया था?
संजय दत्त ने रघुनाथ उर्फ रघु नामदेव शिवालकर का किरदार निभाया और इसके लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला.

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