# नई पीढ़ी के बदलते रिश्तों पर फिल्ममेकर किरण राव का बड़ा बयान, बोलीं शादी अब किसी रिश्ते की मजबूरी नहीं

> फिल्ममेकर किरण राव ने आज के युवाओं के रिश्तों, भावनात्मक जुड़ाव और शादी को लेकर अपनी राय रखी है। उनका मानना है कि युवा अब बिना झिझक अपनी भावनाएं जाहिर करने और आजादी से फैसले लेने में यकीन रखते हैं।

**Type:** article · **Category:** बॉलीवुड · **Published:** 2026-10-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bollywood/nai-pirhi-ke-badalate-rishton-para-philmamekara-kiran-rao-ka-bara-bayana-bolin-shadi-aba-kisi-rishte-ki-majaburi-nahin-42707 · **Language:** Hindi
**Tags:** किरण राव, लस्ट स्टोरीज 3, रिश्ते, आधुनिक प्रेम, शादी, बॉलीवुड

फिल्ममेकर किरण राव अपने सिनेमाई सफर में सामाजिक बदलावों और मानवीय संबंधों के बदलते स्वरूप को संजीदगी से पर्दे पर उतारने के लिए जानी जाती हैं। उनकी कहानियों में मौजूदा दौर की सोच, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और संबंधों की नई परिभाषाएं साफ तौर पर झलकती हैं। अपनी आने वाली पेशकश ‘लस्ट स्टोरीज 3’ के प्रचार कार्यक्रम के दौरान उन्होंने समकालीन युवाओं के प्रेम संबंधों और उनकी जीवनशैली पर गहराई से बातचीत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस दौर में उनकी पीढ़ी पली-बढ़ी और आज के नौजवान जिस माहौल में जी रहे हैं, उन दोनों के बीच रिश्तों को देखने के नजरिए में एक बड़ा फासला आ चुका है।

## युवाओं की बेपरवाही नहीं, यह उनकी अपनी आजादी है
प्रचार के दौरान जब उनसे सवाल किया गया कि उनके किरदारों में दिखने वाले युवा रिश्तों को लेकर कुछ बेपरवाह या लापरवाह नजर आते हैं, तो एक निर्देशक और संवेदनशील इंसान के तौर पर वह इसे कैसे देखती हैं। इस पर किरण राव ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को बेपरवाह कहना सही नहीं होगा। उनके मुताबिक यह बेपरवाही नहीं, बल्कि अपनी भावनाओं को बिना किसी संकोच के साझा करने का खुलापन और आंतरिक आजादी है।

किरण राव ने अपनी बात समझाते हुए कहा, “हमारी पीढ़ी के दौर में समाज लोगों से एक तयशुदा ढर्रे पर बने रिश्तों में बंधे रहने की उम्मीद करता था। मगर आज दुनिया काफी आगे निकल चुकी है और लोगों के सोचने का तरीका पहले जैसा नहीं रहा।” उन्होंने आगे जोड़ा कि आज का युवा वर्ग अपनी पसंद के हिसाब से संबंध चुनने और खुद को पूरी स्पष्टता से अभिव्यक्त करने को लेकर कहीं अधिक खुला नजरिया रखता है।

## स्वतंत्र फैसले और कहानी का ताना-बाना
किरण राव ने रेखांकित किया कि मौजूदा दौर के युवा अपनी इच्छाओं, चाहतों और भावनाओं को लेकर पिछली पीढ़ियों की तुलना में कहीं अधिक मुखर हैं। यही सामाजिक बदलाव उनकी नई कहानी की मुख्य धुरी बना है। उन्होंने अपनी कहानी के संदर्भ में बताया कि इसमें दो ऐसे युवा दिखाए गए हैं जो पहले से किसी पारंपरिक रिश्ते के बंधन में नहीं हैं, लेकिन उनके बीच एक गहरा आकर्षण पैदा होता है।

जब दो आजाद ख्याल युवा अपनी मर्जी से कदम आगे बढ़ाते हैं, तो उसके परिणाम क्या होते हैं और उनके आपसी फैसले किस मोड़ पर ले जाते हैं, इसी द्वंद्व को पर्दे पर उतारा गया है। किरण राव के अनुसार, जब युवा अपनी प्राथमिकताओं के आधार पर निर्णय लेते हैं, तभी मानवीय संबंधों के नए पहलू सामने आते हैं और कहानी में वास्तविक रोमांच पैदा होता है।

## शादी की अनिवार्यता और बदलते सामाजिक मूल्य
अपने पुराने दौर और मौजूदा समय की तुलना करते हुए किरण राव ने रिश्तों के एक बेहद अहम पहलू पर बात की। उन्होंने याद दिलाया कि पहले के समय में केवल शादी के बंधन में बंधने के बाद ही पति-पत्नी के बीच शारीरिक और भावनात्मक नजदीकी को स्वाभाविक और सामाजिक रूप से स्वीकार्य समझा जाता था। हालांकि आज के समय में यह स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और विवाह अब किसी भी जुड़ाव की अनिवार्य शर्त नहीं रह गया है।

किरण राव ने कहा, “आज लोग शादी से पहले भी किसी के साथ गहरे और मजबूत रिश्ते में रह सकते हैं।” उनका कहना है कि आज के दौर में दो लोगों के बीच शादी के बिना भी गहरा भावनात्मक लगाव और शारीरिक संबंध संभव है, और इसे अनुचित नहीं माना जाता। यह बदलाव ही आज की आधुनिक दुनिया को उनके समय के पारंपरिक सामाजिक परिवेश से पूरी तरह अलग करता है।

## रोमांस से परे आधुनिक समाज का यथार्थ
अपनी रचना के व्यापक उद्देश्य को साझा करते हुए किरण राव ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी कहानी को इसी परिवर्तित सामाजिक ताने-बाने के बीच गढ़ा है। उनका लक्ष्य सिर्फ एक साधारण प्रेम कहानी प्रस्तुत करना नहीं था, बल्कि नई पीढ़ी की ताजगी, उनकी स्वच्छंदता और संबंधों को देखने के उनके बेबाक दृष्टिकोण को ईमानदारी से सामने लाना था।

उनके अनुसार यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक काल्पनिक रोमांटिक कथानक नहीं है, बल्कि उस समकालीन दौर का एक सजीव दस्तावेज है जिसमें आज के लड़के-लड़कियां अपनी प्राथमिकताओं, व्यक्तिगत पसंद और प्रेम संबंधों को पहले से कहीं ज्यादा खुलकर और बिना सामाजिक दबाव के जी रहे हैं।

## इसका आप पर असर
यह विमर्श दर्शाता है कि आज का समाज विवाह और व्यक्तिगत संबंधों को लेकर पारंपरिक बंधनों से बाहर निकलकर व्यक्तिगत पसंद को प्राथमिकता दे रहा है।

- **पारिवारिक संवाद:** परिवारों में पुरानी और नई पीढ़ी के बीच प्रेम, विवाह और करियर की प्राथमिकताओं पर संवाद का तरीका बदल रहा है। माता-पिता और युवाओं को एक-दूसरे के दृष्टिकोण को समझने के लिए बातचीत के नए रास्ते तलाशने पड़ रहे हैं।
- **रिश्तों में स्पष्टता:** युवा साथी अब प्रतिबद्धता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर पहले से अधिक मुखर हो रहे हैं। इससे संबंधों में आपसी सहमति और स्पष्ट अपेक्षाएं तय करना अधिक सामान्य हो गया है।
- **सामाजिक दृष्टिकोण:** विवाह पूर्व संबंधों और बिना विवाह के भावनात्मक जुड़ाव को लेकर सामाजिक वर्जनाएं धीरे-धीरे कम हो रही हैं। समाज में व्यक्ति के निजी निर्णयों के प्रति स्वीकार्यता बढ़ रही है।
- **सिनेमा और जीवन:** फिल्मों और सीरीज में दिखाए जाने वाले आधुनिक संबंध वास्तविक जीवन की बातचीत और फैसलों को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहे हैं। दर्शक पर्दे पर अपनी असल जिंदगी की उलझनों और आजादी का अक्स देख रहे हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
किरण राव का यह बयान उनके आगामी प्रोजेक्ट ‘लस्ट स्टोरीज 3’ के प्रचार के दौरान मीडिया के सवालों के जवाब में सामने आया। फिल्म में आधुनिक युवाओं के प्रेम संबंधों को केंद्र में रखने के कारण उनसे इस विषय पर राय मांगी गई थी।

- **फिल्म का कथानक:** निर्देशक ने अपनी नई कहानी में ऐसे किरदारों को चुना है जो पारंपरिक बंधनों से मुक्त होकर अपनी पसंद से रिश्ते बनाते हैं। इसी रचनात्मक प्रक्रिया को स्पष्ट करने के लिए उन्होंने युवा मानसिकता का विश्लेषण किया।
- **पीढ़ियों का अंतर:** अपनी पीढ़ी के सामाजिक बंधनों और आज के युवाओं के खुलेपन के सीधे अनुभव ने उन्हें इस तुलना के लिए प्रेरित किया। उन्होंने रेखांकित किया कि कैसे पहले विवाह ही भावनात्मक और शारीरिक निकटता की एकमात्र शर्त माना जाता था।
- **आधुनिक समाज की वास्तविकता:** समाज में तेजी से बढ़ते खुलेपन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की मांग ने इस विमर्श को जन्म दिया। युवा अब समाज के तय मानकों के बजाय अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार जीवन जीने पर जोर दे रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. किरण राव ने युवाओं के रिश्तों को लेकर क्या मुख्य बात कही?
किरण राव ने कहा कि आज के युवा बेपरवाह नहीं हैं, बल्कि उनमें अपनी भावनाओं को खुलकर जाहिर करने और स्वतंत्र निर्णय लेने की आजादी है।

### 2. शादी को लेकर किरण राव की क्या राय है?
उन्होंने कहा कि अब गहरे भावनात्मक और शारीरिक जुड़ाव के लिए शादी होना अनिवार्य नहीं माना जाता, जबकि पहले के दौर में ऐसा नहीं था।

### 3. किरण राव ने यह बयान किस मौके पर दिया?
उन्होंने यह बयान अपनी आने वाली रचना ‘लस्ट स्टोरीज 3’ के प्रमोशन के दौरान दिया।

### 4. किरण राव की कहानी के मुख्य किरदार कैसे हैं?
उनकी कहानी में दो ऐसे युवा हैं जो किसी पारंपरिक बंधन में नहीं हैं, लेकिन एक-दूसरे की ओर आकर्षित होकर अपनी पसंद के फैसले लेते हैं।

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