# नितेश तिवारी की रामायण के मंगल रंग गाने पर एआर रहमान ने रखी बात, आलोचना को बताया स्वाभाविक

> फिल्म रामायण के ट्रैक मंगल रंग को लेकर मिल रही मिली-जुली प्रतिक्रियाओं के बीच एआर रहमान ने रचनात्मक प्रयोगों और समय के साथ संगीत के गहरे असर पर अपने विचार साझा किए हैं।

**Type:** article · **Category:** बॉलीवुड · **Published:** 2026-11-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bollywood/nitesh-tiwari-ki-ramayana-ke-mangal-rang-gane-para-ar-rahman-ne-rakhi-bata-alochana-ko-bataya-svabhavika-54489 · **Language:** Hindi
**Tags:** एआर रहमान, रामायण, नितेश तिवारी, रणबीर कपूर, मंगल रंग, साई पल्लवी, यश, बॉलीवुड संगीत

फिल्म निर्देशक नितेश तिवारी की आगामी भव्य गाथा रामायण: राइज ऑफ ए लेजेंड के नए गीत मंगल रंग के सार्वजनिक होते ही दर्शकों और संगीत प्रेमियों के बीच व्यापक चर्चा छिड़ गई है। जहां एक बड़े वर्ग ने इसके कर्णप्रिय सुरों की तारीफ की, वहीं कुछ श्रोताओं ने इसके विशेष अंदाज को लेकर सवाल खड़े किए। अब इस महाकाव्य परियोजना के प्रतिष्ठित संगीतकार एआर रहमान ने इन प्रतिक्रियाओं पर खुलकर अपना नजरिया सामने रखा है। उनका स्पष्ट मानना है कि किसी भी नए संगीतमय प्रयोग को पहली ही बार में हर व्यक्ति द्वारा स्वीकार कर लिया जाए, यह अनिवार्य नहीं है, क्योंकि किसी भी कलाकार के लिए हर एक श्रोता को एक साथ संतुष्ट कर पाना पूरी तरह असंभव होता है।

## संगीत के प्रयोग और कव्वाली शैली पर उठे सवालों का जवाब
ट्रैक मंगल रंग के सामने आते ही सोशल मीडिया और चर्चाओं में श्रोताओं के विचार दो स्पष्ट हिस्सों में बंटे दिखाई दिए थे। कुछ लोगों ने रामायण जैसे पौराणिक और सांस्कृतिक संदर्भ वाले विषय में गीत के भीतर कव्वाली जैसी शैली की झलक पर असहमति जताई थी। इस तरह की आपत्तियों पर बात करते हुए एआर रहमान ने स्पष्ट किया कि इतने विशाल फलक वाले प्रोजेक्ट की धुनें किसी जल्दबाजी या तात्कालिक प्रभाव में तैयार नहीं होती हैं। संगीत निर्माण से जुड़ी टीम अंतिम निर्णय तक पहुंचने से पूर्व विभिन्न विचारों और धुनों पर महीनों तक अत्यंत बारीकी से काम करती है। हर रचना को परिपक्व होने और उसके वास्तविक भाव को सामने आने के लिए पर्याप्त समय दिया जाता है।

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## रचनात्मक प्रक्रिया और खुद के सबसे कड़े आलोचक
अपनी रचनात्मक प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए एआर रहमान ने बताया कि वह बाहरी दुनिया की राय से पहले खुद अपने सबसे बड़े और सख्त आलोचक बनते हैं। उन्होंने साफ किया कि ऐसा कभी नहीं होता कि उनका अपना तैयार किया हुआ हर गाना उन्हें खुद पहली ही बार में मुकम्मल या पूरी तरह पसंद आ जाए। कई बार किसी विशेष धुन की असली मिठास और गहराई को श्रोताओं के दिल में उतरने के लिए लंबे समय की दरकार होती है।

इस स्थिति को एक बेहद व्यावहारिक मिसाल के जरिए स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह आचार जितना पुराना होता जाता है, उसका स्वाद उतना ही परिपक्व और बेहतर बनता है, ठीक वही बात संगीत के कुछ खास प्रयोगों के साथ भी लागू होती है। ऐसे गानों को अपनी पहचान और जगह बनाने के लिए थोड़ा वक्त दिया जाना जरूरी होता है।

## रिएक्शन के हिसाब से दिशा बदलने के खिलाफ संदेश
संगीतकार का मानना है कि प्रत्येक श्रोता तुरंत इस बात की तह तक नहीं पहुंच सकता कि किसी गीत को एक विशिष्ट शैली या सांचे में क्यों ढाला गया है। लेकिन एक समर्पित संगीतकार के नाते आप हर किसी की व्यक्तिगत प्रतिक्रिया या पसंद के मुताबिक अपनी रचनात्मक दृष्टि से समझौता नहीं कर सकते। इसी संदर्भ में स्टीव जॉब्स के एक प्रसिद्ध विचार का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति हर किसी को खुश रखने की इच्छा रखता है, तो उसे आइसक्रीम बेचनी चाहिए। मिश्रित समीक्षाओं के बावजूद गीत की लोकप्रियता पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा और रिलीज के तुरंत बाद यह यूट्यूब के ट्रेंडिंग म्यूजिक चार्ट में शीर्ष स्थान यानी नंबर 1 पर पहुंच गया।

## भव्य बजट और पांच भाषाओं में रिलीज की तैयारी
नितेश तिवारी के निर्देशन में आकार ले रही रामायण: राइज ऑफ ए लेजेंड भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे चर्चित और प्रतीक्षित परियोजनाओं में शामिल हो चुकी है। करीब 4,000 करोड़ रुपये के विशाल बजट से तैयार हो रही इस फिल्म में मुख्य पात्रों के चयन को लेकर भी भारी उत्साह है। फिल्म में रणबीर कपूर ने प्रभु राम और साई पल्लवी ने सीता का किरदार निभाया है, जबकि यश रावण की भूमिका में दिखाई देंगे। यह महत्वाकांक्षी सिनेमाई गाथा अपनी पहली कड़ी के रूप में इसी वर्ष 5 नवंबर को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम सहित पांच भाषाओं में एक साथ बड़े पर्दे पर रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है।

## इसका आप पर असर
फिल्म रामायण के संगीत और रिलीज से जुड़े इस घटनाक्रम का सिनेमा प्रेमियों और श्रोताओं पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

- **श्रोताओं पर प्रभाव:** नए संगीत प्रयोगों को समझने के लिए श्रोताओं को थोड़ा धैर्य रखने का अवसर मिलता है। इससे दर्शक किसी गीत को तुरंत खारिज करने के बजाय उसकी बारीक धुन और रचनात्मक पृष्ठभूमि को समझने की कोशिश करेंगे।
- **फिल्म प्रेमियों पर प्रभाव:** फिल्म के कलाकारों और रिलीज तारीख को लेकर स्पष्टता मिल चुकी है। 5 नवंबर को दर्शक इस 4,000 करोड़ रुपये की भव्य प्रस्तुति को पांच अलग-अलग भारतीय भाषाओं में सिनेमाघरों में देख सकेंगे।
- **संगीत के रुझान पर:** सोशल मीडिया पर बहस के बावजूद गीत चार्ट में शीर्ष पर रहा है। इसका अर्थ है कि दर्शक अलग-अलग शैलियों के अनूठे मिश्रण को सुनने में खासी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
- **रचनात्मक दृष्टिकोण:** नए संगीतकारों और कलाकारों के लिए यह स्पष्ट संदेश है कि आलोचना से विचलित हुए बिना काम करना चाहिए। रचनाकारों को अपनी मूल दृष्टि पर भरोसा रखने की प्रेरणा मिलती है।

## ऐसा क्यों हुआ
मंगल रंग गीत को लेकर विवाद और एआर रहमान की प्रतिक्रिया सांस्कृतिक अपेक्षाओं तथा रचनात्मक प्रयोगों के बीच के टकराव के कारण सामने आई है।

- **सीधा कारण:** रामायण के गीत में कव्वाली जैसी गायकी शैली और अंदाज के मिश्रण से कुछ श्रोता असहज महसूस करने लगे थे। इसी वजह से गीत के रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर इसके शास्त्रीय और पौराणिक औचित्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
- **रचनात्मक समय और जटिलता:** संगीत निर्माण टीम महीनों तक कई विकल्पों पर गहराई से विचार करती है और एक नए रूप में संगीत पेश करने का प्रयास करती है। व्यापक प्रयोगों के कारण पारंपरिक सोच रखने वाले श्रोताओं की प्रतिक्रियाएं अक्सर विभाजित हो जाती हैं।
- **कलाकार की प्रतिक्रिया:** रहमान ने इस असंतोष पर सफाई देने के बजाय कला की समझ और समय के साथ पसंद बनने के प्राकृतिक नियम को समझाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कला हर व्यक्ति को एक साथ खुश करने के लिए नहीं बनाई जा सकती।

## सवाल-जवाब

### 1. एआर रहमान ने मंगल रंग गाने की आलोचना पर क्या कहा?
रहमान ने कहा कि वह खुद अपने सबसे बड़े आलोचक हैं और कोई भी नया प्रयोग पहली बार में सबको पसंद नहीं आ सकता क्योंकि हर किसी को संतुष्ट करना असंभव है।

### 2. मंगल रंग गाने को लेकर कुछ श्रोताओं को क्या आपत्ति थी?
कुछ श्रोताओं ने रामायण की पृष्ठभूमि वाले इस गीत में कव्वाली जैसे अंदाज और गायकी शैली को लेकर सवाल उठाए थे।

### 3. रहमान ने संगीत की समझ को समझाने के लिए किसका उदाहरण दिया?
उन्होंने आचार का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे आचार पुराना होने पर और बेहतर स्वाद देता है, वैसे ही कुछ धुनों की असली खूबसूरती समझने में भी समय लगता है।

### 4. फिल्म रामायण का बजट कितना है और यह कब रिलीज होगी?
नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी यह फिल्म लगभग 4,000 करोड़ रुपये के बजट पर तैयार हुई है और इसका पहला पार्ट 5 नवंबर को रिलीज होगा।

### 5. फिल्म रामायण में मुख्य भूमिकाएं कौन से अभिनेता निभा रहे हैं?
फिल्म में रणबीर कपूर प्रभु राम, साई पल्लवी सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं।

### 6. यूट्यूब म्यूजिक चार्ट में मंगल रंग का प्रदर्शन कैसा रहा?
विवादों और अलग-अलग राय के बावजूद रिलीज होते ही यह गीत यूट्यूब के ट्रेंडिंग म्यूजिक चार्ट में नंबर 1 पर पहुंच गया।

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