# पैतृक संपत्ति धोखाधड़ी मामले में अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह ने चाची और चचेरे भाइयों पर दर्ज कराई एफआईआर

> अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह ने अपने दादा ठाकुर हरेंद्र पाल सिंह की वसीयत में फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए अलीगढ़ के रोरावर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी चाची गायत्री देवी, दो चचेरे भाइयों और अन्य परिजनों पर पैतृक संपत्ति के अधिकार छीनने का दावा किया है।

**Type:** article · **Category:** बॉलीवुड · **Published:** 2026-08-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bollywood/paitrika-snpatti-dhokhadhari-mamale-men-abhineta-chandrachur-singh-ne-chachi-aura-chachere-bhaiyon-para-darja-karai-ephaaiara-24554 · **Language:** Hindi
**Tags:** चंद्रचूड़ सिंह, अलीगढ़, पैतृक संपत्ति, रोरावर थाना, कैप्टन बलदेव सिंह, गायत्री देवी

बॉलीवुड अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह ने अपने परिवार के सदस्यों के खिलाफ पैतृक जायदाद की धोखाधड़ी को लेकर कानूनी कदम उठाया है। उन्होंने शनिवार को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित रोरावर थाने में शिकायत देकर अपनी चाची गायत्री देवी, दो चचेरे भाइयों समेत कुल सात लोगों पर धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज कराया। अभिनेता का दावा है कि उनके दादा ठाकुर हरेंद्र पाल सिंह की 1997 की वसीयत में फर्जी दस्तखत करके उनके पिता कैप्टन बलदेव सिंह का हक छीना गया था।

## 1997 की वसीयत पर फर्जी हस्ताक्षर का आरोप
दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, चंद्रचूड़ सिंह के दादा ठाकुर हरेंद्र पाल सिंह अलीगढ़ के बाहरी इलाके जलालपुर गांव के एक बड़े जमींदार थे। वर्ष 1997 में जब यह विवादित वसीयत तैयार की गई थी, उस समय वह बेहद गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और किसी भी सरकारी अथवा कानूनी दस्तावेज पर दस्तखत करने की स्थिति में बिल्कुल नहीं थे। आरोप है कि उनके चाचा गंगा सिंह तथा अन्य संबंधियों ने बीमारी का अनुचित लाभ उठाते हुए फर्जी हस्ताक्षर तैयार किए।

## पिता को अधिकार से वंचित करने का दावा
अभिनेता का कहना है कि वसीयत तैयार किए जाने के दौरान उनके पिता कैप्टन बलदेव सिंह अलीगढ़ शहर में मौजूद नहीं थे। इसके अलावा, उनके एक अन्य चाचा का इंतकाल हरेंद्र पाल सिंह के निधन से पहले ही हो चुका था। शिकायत पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कैप्टन बलदेव सिंह को पारिवारिक जायदाद के वैध अधिकारों से अलग कर दिया गया। बाद में इस फर्जी वसीयत का इस्तेमाल करके कई मूल्यवान संपत्तियों को गैर-कानूनी तरीके से बेच दिया गया।

## पुलिस जांच और परिजनों का पुराना पक्ष
शनिवार की शाम संवाददाताओं से बातचीत करते हुए चंद्रचूड़ सिंह ने कहा कि उनके पास इन गंभीर आरोपों को अदालत में साबित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के सामने उपस्थित होकर अपना विस्तृत बयान भी दर्ज कराया है। दूसरी ओर, यह पारिवारिक विवाद बीते वर्ष भी सुर्खियों में आया था जब चाची गायत्री देवी ने आरोपों को मनगढ़ंत बताया था। उस समय उन्होंने दावा किया था कि वसीयत पूरी तरह असली है और अभिनेता उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने का प्रयास कर रहे हैं।

## पारिवारिक पृष्ठभूमि और आगे की कानूनी कार्रवाई
चंद्रचूड़ सिंह के दिवंगत पिता कैप्टन बलदेव सिंह अलीगढ़ शहर सीट से कांग्रेस पार्टी के विधायक रह चुके थे और कुछ वर्ष पूर्व उनका देहांत हो गया था। पुलिस ने इस पूरे मामले में केस दर्ज कर लिया है और कागजातों की छानबीन के साथ जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

## इसका आप पर असर
यह मामला पारिवारिक वसीयत, फर्जीवाड़े और पैतृक संपत्ति के कानूनी अधिकारों के प्रति सतर्कता का संदेश देता है।

- **भारत में:** पैतृक संपत्ति में वसीयत के दुरुपयोग और फर्जी दस्तखत के मामलों में पुलिस तथा अदालती प्रक्रिया की स्पष्टता को रेखांकित करता है। इससे नागरिकों को पुराने संपत्ति रिकॉर्ड की जांच करने की प्रेरणा मिलती है।
- **उत्तर प्रदेश में:** अलीगढ़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भूमि व संपत्ति हस्तांतरण से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं में सतर्कता बढ़ाने पर बल देता है।

## सवाल-जवाब

### 1. चंद्रचूड़ सिंह ने किसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है?
उन्होंने अपनी चाची गायत्री देवी, दो चचेरे भाइयों और चार अन्य परिजनों सहित कुल 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

### 2. यह मामला किस पुलिस थाने में दर्ज हुआ है?
यह प्राथमिकी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित रोरावर थाने में दर्ज कराई गई है।

### 3. शिकायत में मुख्य आरोप क्या लगाया गया है?
शिकायत में 1997 की वसीयत पर फर्जी हस्ताक्षर करके पैतृक संपत्ति हड़पने और अभिनेता के पिता को अधिकारों से वंचित करने का आरोप है।

### 4. चंद्रचूड़ सिंह के पिता कौन थे?
उनके पिता दिवंगत कैप्टन बलदेव सिंह थे, जो अलीगढ़ शहर सीट से कांग्रेस के विधायक रह चुके थे।

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