पंकज त्रिपाठी के ये 8 किरदार आज भी याद हैं, एक रोल पर मिला था नेशनल अवॉर्ड मिर्जापुर: द मूवी में कालीन भैया के तौर पर वापसी करने वाले पंकज त्रिपाठी की अदाकारी का जलवा हमेशा से रहा है, यहां जानिए उनके 8 सबसे यादगार किरदार और वह फिल्म जिसके लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला था। कालीन भैया एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौट आए हैं, बस इस बार वेब सीरीज की जगह उन्होंने सिनेमाघर चुना है। मिर्जापुर: द मूवी अभी थिएटरों में चल रही है और पंकज त्रिपाठी का यह जाना-पहचाना किरदार एक बार फिर सुर्खियों में है, उनकी ठहरी हुई खतरनाक अदाकारी को लगातार तारीफें मिल रही हैं। यही सही मौका है यह याद करने का कि यह छवि आखिर बनी कैसे, यानी वो आठ किरदार जिन्होंने फिल्मों और एक सीरीज में पूरी महफिल अपने नाम कर ली, और इनमें से एक किरदार के लिए तो उन्हें देश का सबसे बड़ा फिल्म सम्मान भी मिल चुका है। मिर्जापुर का कालीन भैया सुपरहिट सीरीज मिर्जापुर में अखंडानंद त्रिपाठी यानी कालीन भैया के रूप में पंकज त्रिपाठी ने ओटीटी की दुनिया का सबसे पहचाना जाने वाला विलेन गढ़ा है। धीमी आवाज, ठंडा चेहरा और हर लफ्ज़ को तौल कर बोलने का उनका अंदाज इस क्राइम थ्रिलर की जान बन गया। कालीन के धंधे से जुड़े एक कारोबारी से लेकर पूरब के सबसे रसूखदार बाहुबली बनने तक का यह सफर आज भी सोशल मीडिया पर मीम्स और चर्चाओं में छाया रहता है। वो किरदार जिसने करियर बदल दिया गैंग्स ऑफ वासेपुर में कसाई से खतरनाक शूटर बने सुल्तान कुरैशी का किरदार पंकज त्रिपाठी के करियर की दिशा ही बदल गया। स्क्रीन पर भले ही उनका समय कम रहा हो, लेकिन डायलॉग बोलने के अंदाज और आंखों की खामोश धमक ने अनुराग कश्यप की इस क्राइम फिल्म को और असरदार बना दिया। इसी एक भूमिका ने इंडस्ट्री को पहली बार गंभीरता से उनकी तरफ देखने पर मजबूर किया। बेटी का दोस्त बना पिता बरेली की बर्फी में नरोत्तम मिश्रा का किरदार निभाते हुए पंकज त्रिपाठी ने एक ऐसे पिता को जिंदा किया, जो बेटी के साथ हुक्म चलाने की बजाय दोस्ती निभाता है। उनकी बेबाक बातें, सहज कॉमिक टाइमिंग और चुटीले जवाब इस रोमांटिक कॉमेडी को एक अलग गर्माहट देते हैं। परदे पर उनका यह हल्का-फुल्का लेकिन प्यारा रिश्ता दर्शकों के दिल में सीधे उतर गया। भूतों का जानकार किताब वाला स्त्री 2 की हॉरर कॉमेडी दुनिया में पंकज त्रिपाठी रूद्र भैया नाम के उस किताब बेचने वाले के रूप में सामने आए, जिसे भूत-प्रेत की हर बात मालूम है। सबसे अजीब और डरावने हालात में भी सीरियस चेहरा बनाए रखने की उनकी अदा हर सीन को हल्का-फुल्का बना देती है। उनके कई डायलॉग तो आज भी लोगों की जुबान पर चढ़े हुए हैं। टैक्सी ड्राइवर, जिसने नेशनल अवॉर्ड दिलाया मिमी में टैक्सी ड्राइवर भानु प्रताप पांडे का किरदार निभाने के लिए पंकज त्रिपाठी को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। सरोगेसी जैसे संवेदनशील विषय पर बनी इस फिल्म में उनकी वफादारी, आंखों और चेहरे से झलकती भावनाएं तथा मुश्किल घड़ी में दिखाया गया ठहराव इस कहानी की असली ताकत बना। उनकी सादगी ने पूरी फिल्म को एक मजबूत कंधा दिया। रेलवे में काम करने वाला सीधा-सादा इंसान मसान में पंकज त्रिपाठी साध्या जी के किरदार में नजर आए, एक रेलवे कर्मचारी जो स्वभाव से बेहद सीधा और संवेदनशील है। गम और सामाजिक बंदिशों से घिरी देवी की जिंदगी में उनका शांत साथ थोड़ी राहत की तरह आता है। उनकी सहज अदाकारी फिल्म के भारी माहौल में भी एक हल्की गर्माहट भर देती है। आदर्शवादी अफसर के सामने खड़ा सिपाही न्यूटन में असिस्टेंट कमांडेंट आत्मा सिंह की भूमिका में पंकज त्रिपाठी ने राजकुमार राव के आदर्शवादी किरदार के आगे एक बेहतरीन काउंटर खड़ा किया। उनका सख्त लेकिन व्यावहारिक नजरिया फिल्म के गंभीर मुद्दे को बेहद असली और वाजिब अंदाज में दर्शकों तक पहुंचाता है, बिना किसी नाटकीयता के। टूटे पैर वाला रंगीन गैंगस्टर लूडो में सत्येंद्र उर्फ सत्तू भैया बनकर पंकज त्रिपाठी ने एक रौबदार लेकिन पूरी तरह अलग मिजाज का गैंगस्टर पेश किया। टूटे पैर के साथ अजीबोगरीब हालात से जूझते हुए उनका बेफिक्र और मजेदार अंदाज फिल्म की सबसे बड़ी खासियत बन गया। चार अलग-अलग कहानियों को आपस में जोड़ने वाली सबसे मजबूत कड़ी भी यही किरदार साबित हुआ। इसका आप पर असर अगर आप पंकज त्रिपाठी की अदाकारी के फैन हैं, तो यह उनकी नई फिल्म देखने के साथ-साथ पुराने काम को भी दोबारा देखने का सही मौका है। • सिनेमाघरों में मौजूदगी: मिर्जापुर: द मूवी फिलहाल थिएटर में चल रही है, यानी कालीन भैया को बड़े पर्दे पर देखना है तो यह मौका थिएटर रिलीज के दौरान ही उठाना होगा। • घर बैठे रीवॉच का मौका: गैंग्स ऑफ वासेपुर, बरेली की बर्फी, स्त्री 2, मिमी, मसान, न्यूटन और लूडो जैसी फिल्में अपना थिएटर रन पूरा कर चुकी हैं, यानी इन्हें अपनी पसंदीदा स्ट्रीमिंग ऐप पर ढूंढकर घर बैठे दोबारा देखा जा सकता है। • एक्टिंग सीखने वालों के लिए काम की लिस्ट: इन आठ किरदारों में खतरनाक ठंडापन, कॉमेडी, संजीदगी और भावुकता, हर तरह की अदाकारी की झलक मिलती है, जो फिल्म पढ़ने-सीखने वालों के लिए एक तैयार रेफरेंस बन सकती है। • क्विज और बातचीत के काम आएगी जानकारी: अगर कभी पूछा जाए कि पंकज त्रिपाठी को नेशनल अवॉर्ड किस फिल्म के लिए मिला, तो जवाब मिमी होगा, यह जानकारी आम फिल्मी चर्चाओं में काम आएगी। सवाल-जवाब 1. पंकज त्रिपाठी को नेशनल अवॉर्ड किस फिल्म के लिए मिला था? मिमी में टैक्सी ड्राइवर भानु प्रताप पांडे का किरदार निभाने के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला था। 2. मिर्जापुर में पंकज त्रिपाठी किस किरदार में नजर आते हैं? वे अखंडानंद त्रिपाठी उर्फ कालीन भैया के किरदार में नजर आते हैं। 3. क्या पंकज त्रिपाठी की नई फिल्म रिलीज हो चुकी है? हां, मिर्जापुर: द मूवी थिएटरों में आ चुकी है, जिसमें वे फिर से कालीन भैया के किरदार में लौटे हैं। 4. गैंग्स ऑफ वासेपुर में उनका किरदार कैसा था? उन्होंने सुल्तान कुरैशी का किरदार निभाया था, जो कसाई से खूंखार शूटर बन जाता है। 5. स्त्री 2 में पंकज त्रिपाठी किस भूमिका में हैं? वे रूद्र भैया नाम के किताब बेचने वाले की भूमिका में हैं, जिसे भूतों की गहरी जानकारी है। 6. लूडो में उनके किरदार का नाम क्या है? वे सत्येंद्र उर्फ सत्तू भैया नाम के गैंगस्टर का किरदार निभाते हैं, जो टूटे पैर के साथ नजर आता है। https://trendkia.com/bollywood/pankaj-tripathi-ke-ye-8-kiradara-aja-bhi-yada-hain-eka-rola-para-mila-tha-national-award-28335 TrendKia — Har trend, sabse pehle.