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  "title": "पटना में 'बंटवारा 1947' के प्रमोशन के दौरान सनी देओल ने भारत-पाकिस्तान संबंधों पर पिता धर्मेंद्र का बयान दोहराया",
  "summary": "फिल्म 'बंटवारा 1947' के प्रचार में पटना पहुंचे अभिनेता सनी देओल ने पाकिस्तान पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए पिता धर्मेंद्र की बात दोहराई और खुद को राजनीति से अलग बताया।",
  "content": "अपनी आने वाली फीचर फिल्म 'बंटवारा 1947' के सिलसिले में बिहार की राजधानी पटना पहुंचे हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता सनी देओल ने एक मीडिया बातचीत के दौरान भारत और पाकिस्तान के रिश्तों पर अपनी राय रखी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछे गए एक सवाल के उत्तर में उन्होंने राजनीतिक विवादों से दूरी बनाए रखने की बात कही और अपने पिता धर्मेंद्र के एक बहुचर्चित विचार को याद किया। सनी देओल का कहना था कि दोनों मुल्कों का इतिहास और विरासत आपस में गहराई से जुड़ी हुई है, इसलिए इसे केवल राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।\n\nधर्मेंद्र के विचारों का दिया हवाला\nप्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब एक पत्रकार ने सनी देओल से पूछा कि क्या इस फिल्म की शूटिंग पाकिस्तान की वास्तविक लोकेशन पर की गई है, तो अभिनेता ने मुस्कुराते हुए इस बात का खंडन किया। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा, \"ये वहां पर नहीं शूट की गई है, ये हिंदुस्तान में शूट की गई है।\"\n\n \nइसके बाद जब बातचीत दोनों देशों के बीच के भावनात्मक और ऐतिहासिक संबंधों की तरफ मुड़ी, तो सनी देओल ने बंटवारे से पहले के दौर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 से पूर्व पूरा उपमहाद्वीप एक ही मुल्क का हिस्सा था। इसी संदर्भ को विस्तार देते हुए उन्होंने अपने पिता धर्मेंद्र की एक पुरानी उक्ति को याद किया। सनी ने कहा, \"जैसे पापा ने कहा था कि ये मेरी मां है और वो मेरी मौसी है।\" उन्होंने आगे जोड़ा कि दोनों देशों के लोग किसी न किसी रूप में एक दूसरे से सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धागों से बंधे हुए हैं।\n\nसनी देओल ने इस दौरान यह भी साफ कर दिया कि उनका मकसद किसी राजनीतिक बहस को जन्म देना नहीं है। उन्होंने एक कलाकार की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि एक अभिनेता के तौर पर उनका मुख्य दायित्व कहानियों को चुनना और उन्हें सिनेमा के पर्दे पर उतारना है। उन्होंने कहा, \"हम एक्टर्स हैं, हम कहानियां चुनते हैं और उन्हें पर्दे पर लाते हैं।\" उन्होंने कहा कि वे फिल्मों या बयानों को राजनीतिक रंग देने के पक्ष में नहीं हैं और इसी वजह से वे इस मुद्दे पर अधिक बयानबाजी से बचना चाहते हैं।\n\n'बंटवारा 1947' की कहानी और निर्माण की पृष्ठभूमि\n'बंटवारा 1947' ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित एक बड़ी फिल्म है। यह फिल्म प्रसिद्ध साहित्यकार असगर वजाहत द्वारा वर्ष 1989 में लिखे गए ऐतिहासिक नाटक 'जिस लाहौर नईं वेख्या, ओ जम्या ई नईं' पर बनाई गई है। फिल्म की पटकथा एक ऐसे शादीशुदा जोड़े के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी भूमिकाएं सनी देओल और प्रीति जिंटा ने निभाई हैं।\n\nकहानी में यह दंपती भारत की स्वतंत्रता का उत्सव मनाता है, लेकिन देश विभाजन के बाद पैदा हुई विपरीत परिस्थितियों के कारण उन्हें अपना घर छोड़कर पाकिस्तान जाना पड़ता है। आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले तैयार की गई यह फिल्म स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 14 अगस्त 2026 को वैश्विक स्तर पर सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी।\n\nराजकुमार संतोषी संग तीन दशकों बाद पुनर्मिलन\nइस फिल्म के जरिए भारतीय सिनेमा की एक बेहद सफल निर्देशक-अभिनेता जोड़ी की वापसी हो रही है। निर्देशक राजकुमार संतोषी और सनी देओल लगभग तीन दशक के लंबे अंतराल के बाद किसी प्रोजेक्ट में एक साथ काम कर रहे हैं। इससे पहले दोनों की जोड़ी ने 'घायल', 'दामिनी' और 'घातक' जैसी कालजयी और व्यावसायिक रूप से बेहद सफल फिल्में दी थीं। इस वजह से दर्शकों और समीक्षकों के बीच 'बंटवारा 1947' को लेकर पहले से ही काफी उत्सुकता बनी हुई है।\n\nसोशल मीडिया पर बंटी राय और तीखी प्रतिक्रियाएं\nसनी देओल का यह बयान सामने आते ही इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया। 3 अगस्त 2026 को सैफरन चार्जर्स नामक हैंडल से साझा की गई वीडियो क्लिप के बाद विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।\n\nसोशल मीडिया के एक वर्ग ने सनी देओल के बयान पर सवाल उठाए और इसे फिल्म के प्रचार से जुड़ा रुख बताया। एक यूजर ने लिखा, \"अगर अवसरवाद भी एक कला है तो सनी देओल उसके सबसे बड़े कलाकार हैं।\" वहीं एक अन्य टिप्पणी में परेश रावल के हालिया साक्षात्कारों का हवाला देते हुए पूरी फिल्म इंडस्ट्री के रवैये पर सवाल खड़े किए गए।\n\nइसके अलावा, एक यूजर ने हाल की अन्य फिल्मों का जिक्र करते हुए लिखा कि 'इक्कीस' में धर्मेंद्र के संवाद, 'अल्फा' में बॉबी देओल के जासूस वाले किरदार और अब 'लाहौर 1947' या 'बंटवारा 1947' के प्रमोशन के दौरान सनी देओल के इस बयान से फिल्म के प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है। इन तमाम बहसों के बीच फिल्म की रिलीज को लेकर लोगों का ध्यान लगातार बना हुआ है।\n\nइसका आप पर असर\nसिनेमा दर्शकों के लिए: यह विवाद और बयानबाजी स्वतंत्रता दिवस 2026 पर रिलीज हो रही फिल्म 'बंटवारा 1947' की ओपनिंग और दर्शकों की प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. 'बंटवारा 1947' किस तारीख को सिनेमाघरों में रिलीज होगी?\nयह फिल्म 14 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।\n\n2. 'बंटवारा 1947' के निर्देशक कौन हैं?\nइस फिल्म का निर्देशन प्रसिद्ध फिल्ममेकर राजकुमार संतोषी ने किया है।\n\n3. क्या फिल्म 'बंटवारा 1947' की शूटिंग पाकिस्तान में हुई है?\nनहीं, अभिनेता सनी देओल ने स्पष्ट किया कि फिल्म की पूरी शूटिंग हिंदुस्तान (भारत) में की गई है।\n\n4. 'बंटवारा 1947' किस प्रसिद्ध नाटक पर आधारित है?\nयह फिल्म असगर वजाहत के 1989 के चर्चित नाटक 'जिस लाहौर नईं वेख्या, ओ जम्या ई नईं' पर आधारित है।\n\n5. 'बंटवारा 1947' में मुख्य कलाकार कौन-कौन हैं?\nफिल्म में सनी देओल और प्रीति जिंटा मुख्य भूमिकाओं में एक शादीशुदा जोड़े का किरदार निभा रहे हैं।",
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  "category": "बॉलीवुड",
  "publishedAt": "2026-08-04",
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